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पुलिसकर्मियों को लेकर चौंकाने वाले इन आंकड़ों का पिछले दिनों खुद राजस्थान पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने खुलासा किया था. वर्ष-2021 की पुलिस की उपलब्धियों को मीडिया से साझा करने के लिये आयोजित की गई प्रेसवार्ता में खुद डीजीपी लाठर ने कहा था कि पुलिस को ग्राउंड लेवल पर अपने डे-टू-डे के व्यवहार में भी बदलाव लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे. इन आंकड़ों से साफ है राजस्थान पुलिस में आलाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना किस कदर हो रही है.
73 पुलिसकर्मियों को विशेष पदोन्नति प्रदान की गई
डीजीपी एमएल लाठर की ओर से जारी किये गये आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 में सराहनीय कार्य करने वाले 73 पुलिसकर्मियों को विशेष पदोन्नति प्रदान की गई. वहीं 294 पुलिसकर्मियों को नकद इनाम और 25 पुलिसकर्मियों को प्रशंसा-पत्र दिया गया. जबकि 251 पुलिसकर्मियों को डीजीपी डिस्क प्रशस्ति रोल दिया गया. इसके साथ ही 14661 पुलिसकर्मियों को आपदा डीजीपी डिस्क दिए गए.
122 पुलिसकर्मियों को 17 सीसीए की चार्जशीट दी गई
डीजीपी बताया कि अनुशासनहीनता करने वाले 67 पुलिसकर्मियों को या तो डिसमिस कर दिया गया या फिर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देकर घर भेज दिया गया. 576 पुलिस कार्मिकों को सस्पेंड किया गया. उन्होंने बताया कि बीते वर्ष 52 पुलिसकर्मियों को 16सीसीए और 122 पुलिसकर्मियों को 17 सीसीए की चार्जशीट दी गई. पुलिस की छवि पर धब्बा लगाने वाला सबसे चर्चित केस वर्ष 2021 में डीएसपी हीरालाल सैनी और महिला कांस्टेबल का स्विमिंग पूल में नहाते हुये का अश्लील वीडियो रहा.
48 डिकॉय ऑपरेशन किए गए
डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2021 में राजस्थान में 48 डिकॉय ऑपरेशन किए गए हैं. उनमें 166-ए में 77 एफआईआर पुलिसकर्मियों के खिलाफ ही दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए राजस्थान पुलिस की ओर से दस्तावेज विजन-2030 तैयार किया गया है. उसमें भविष्य का रोडमैप और एक्शन प्लान शामिल है.
शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि जो बच्चे स्कूल जा रहे हैं वहां कोरोना गाइडलाइन की पूरी पालना हो रही है. सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन किया जा रहा है. छात्र छात्राओं के साथ पूरा स्कूल स्टाफ मास्क पहन रहा है. सेनेटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं. असेम्बली नहीं हो रही है. बच्चों के लंच में एक साथ बैठने पर रोक लगाई हुई है.
सरकार ठोस कदम उठाने से नहीं हिचकेगी
जयपुर और जोधपुर में पहली से आठवीं तक की स्कूल बंद हैं. अन्य जगहों पर जिला कलेक्टर को पावर दे रखे हैं. खतरा हमारे ध्यान में है. अभिभावकों की मांग है कि स्कूल चलनी चाहिए. इसलिए स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर फैसले ले रहे हैं. हालात के मुताबिक फैसले लेंगे. ठोस कदम उठाने से सरकार नहीं हिचकेगी.
केन्द्र ने बच्चों के टीकाकरण में देरी की
शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने बच्चों के टीकाकरण को लेकर केन्द्र सरकार पर हमला बोला. कल्ला ने आरोप लगाया कि बच्चों का टीकाकरण बहुत देरी से हो रहा है. इसके लिए केन्द्र सरकार दोषी है. ये टीके पहले ही लग जाने चाहिए थे. अब भी 15 से 18 साल के बच्चों को ही टीका लग रहा है. छोटे बच्चों को टीके क्यों नहीं लग रहे हैं. हम पूरी सावधानी बरत रहे हैं. रोजाना मॉनिटरिंग कर रहे हैं. मुख्यमंत्री गहलोत रोजाना फीडबैक ले रहे हैं.
गुलाबचंद कटारिया ने किया लॉकडाउन का समर्थन
दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कोरोना ब्लास्ट पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा जिन बच्चों को टीके नहीं लगे हैं उनको स्कूल नहीं बुलाया जाना चाहिए. बकौल कटारिया स्कूल चलाकर संकट मोल लेने से सरकार को बचना चाहिए. शादी ब्याह और अन्य कार्यक्रमों पर जुटने वाली भीड़ पर पाबंदी लगानी होगी. जरूरत पड़ने पर सरकार लॉकडाउन लगाने से भी न हिचके. तभी कोरोना के खतरे को कम किया जा सकता है.
जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा के अनुसार पकड़ा गया आरोपी प्रवीण गुर्जर (25) जयपुर के चंदवाजी का रहने वाला है. उसके खिलाफ 23 अक्टूबर को जयपुर ग्रामीण के विराटनगर के रूपेश गुर्जर ने मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने जब इसकी पड़ताल की सामने आया कि प्रवीण गुर्जर ने पटवारी परीक्षा के डमी पेपर अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपये में सौदा तय किया है. आरोपी प्रवीण गुर्जर पराक्रम डिफेंस एकेडमी के संचालित करता है.
अब तक जांच में सामने आया है कि प्रवीण अभ्यर्थियों से पेपर के नाम पर 4-4 लाख रुपये बताये जा रहे हैं. इसके लिये उसके द्वारा 6 लाख रुपये के चेक लिये जाने की भी बात सामने आ रही है. उसने अभ्यर्थियों को जो ‘डमी पेपर’ दिया था, उसमें से एक भी प्रश्न परीक्षा के पेपर में नहीं आया. प्रवीण ने अभ्यर्थियों को बरगलाकर रुपये ऐंठ लिये.
उल्लेखनीय है कि शनिवार और रविवार को चार चरणों में पटवारी भर्ती परीक्षा संपन्न हुई है. इस परीक्षा में जहां कई मुन्ना भाई पकड़े गये हैं वहीं कई नकल गिरोह को भी पुलिस ने धरदबोचा है. परीक्षा के कारण कई जिलों में दो दिन तक मोबाइल इंटरनेट बंद भी रखा गया था लेकिन फिर भी नकल करने और कराने वाली पूरी तरह से सक्रिय रहे.
गत माह हुई राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा में भी नकल और पेपर ली के कई मामले सामने आये थे। रीट परीक्षा में गड़बड़ी करने और कराने के मामलों को लेकर राज्य सरकार ने एक आरएएस, 2 आरपीएस और शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी समेत 20 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया था.
]]>सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के मुताबिक सहकारी बैंकों से जुड़े किसानों को अधिक मात्रा में अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराने के मकसद से लक्ष्य में बढ़ोतरी की गई है. सीएम गहलोत ने बजट में 16 हजार करोड़ के अल्पकालीन फसली ऋण वितरित करने की घोषणा की थी. सहकारिता मंत्री के अनुसार पिछले साल किसानों को 15 हजार 235 करोड़ की राशि का फसली ऋण उपलब्ध करवाया गया था. इससे करीब 26 लाख 34 हजार किसान लाभान्वित हुए थे.
3 लाख नए किसान जुड़ेंगे ऋण वितरण से
सहकारी बैंकों की ओर से इस साल भी 3 लाख नए किसानों को शून्य ब्याज दर पर फसली ऋण उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है. नए किसानों को फसली ऋण से जोड़े जाने की भी सीएम अशोक गहलोत द्वारा घोषणा की गई थी. चालू वित्त वर्ष में 2 लाख 40 हजार नए किसानों द्वारा फसली ऋण के लिए आवेदन किया गया है. सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के अनुसार इनमें 1.25 लाख किसानों को 248.69 करोड़ की राशि का ऋण शून्य ब्याज दर पर दिया जा चुका है. वहीं खरीफ 2021 सीजन में सहकारी बैंकों द्वारा कुल करीब 9360 करोड़ के फसली ऋण वितरित किए गये हैं. इसमें करीब 25 लाख 68 हजार किसानों को लाभान्वित किया गया है.
अधिसूचना के मुताबिक एनसीआर क्षेत्र में किसी भी तरह की आतिशबाजी बेचने पर पूर्णतया प्रतिबंध लागू हैं. शेष राज्य में केवल ग्रीन आतिशबाजी की बिक्री की जा सकती है. दोनों ही मामलों नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर विक्रेता पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा. इसी तरह से एनसीआर क्षेत्र में किसी भी तरह की आतिशबाजी करने पर पूर्णतया प्रतिबंध है. एनसीआर के अलावा शेष राज्य में ग्रीन आतिशबाजी के अलावा किसी तरह की आतिशबाजी करते हुये पाया जाता है तो उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा.
अन्य पर्वों पर पटाखे चलाने का यह रहेगा समय
उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार ने प्रदेश में दीपावली पर दो घंटे ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति प्रदान की है. इसके तहत राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र को छोड़कर दिवाली पर रात को 8 से 10 बजे तक दो घंटे ग्रीन पटाखों को चलाने की अनुमति प्रदान की गई है. इसके साथ ही क्रिसमस एवं नववर्ष पर रात 11.55 से 12.30 बजे तक, गुरू पर्व पर रात 8 से 10 बजे तक और छठ पर्व पर सुबह 6 से 8 बजे तक ग्रीन पटाखा चलाने की अनुमति दी गई है. गृह विभाग ने इस संबंध में पहले आदेश जारी किये थे. उसके बाद शनिवार को इसके संशोधित आदेश जारी किये गये हैं.
गृह विभाग ने अधिकतम छूट दी है
इस बार जिस शहर में एयर क्वालिटी पूअर या उससे खराब है, वहां पर उस दिन आतिशबाज़ी पर रोक रहेगी. सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने अधिकतम छूट देते हुए ग्रीन पटाखों को चलाने की अनुमति प्रदान की है. ग्रीन पटाखों का प्रमाणन केंद्र सरकार की एजेंसी सीएसआईआर-नीरी की ओर से दिया जाता है. राज्य में 12 पटाखा उत्पादकों को यह प्रमाण-पत्र दिया जा चुका है. इन उत्पादकों को पीईएसओ से पटाखा बनाने के लिए लाइसेंस भी लेना होता है. राज्य के 9 उत्पादकों के पास पीईएसओ से लाइसेंस है.
जानकारी के अनुसार दिल्ली दौरे पर गये सीएम अशोक गहलोत शनिवार देर रात राहुल गांधी के आवास पर पहुंचे. उसके बाद राजस्थान के मुद्दों को लेकर वहां बड़ी बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में गहलोत कैबिनेट विस्तार समेत अहम मुद्दों पर चर्चा हुई बताई जा रही है. इस बैठक के बाद पहले के सी वेणुगोपाल राहुल के आवास से निकले. उसके बाद प्रियंका गांधी वहां से निकलीं. उनके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अजय माकन वहां से निकले. बैठक के बाद सीएम गहलोत विशेष विमान से रात को जयपुर के लिये रवाना हो गये. वे करीब पौने ग्यारह बजे जयपुर पहुंचे.
गहलोत-पायलट विवाद के निपटारे के नये-नये फॉर्मूले सामने आ रहे हैं
उल्लेखनीय है कि सीएम अशोक गहलोत के दिल्ली दौरे पर सभी की निगाहें टिकी है. कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में भाग लेने दिल्ली गये गहलोत के दौरे को राजस्थान के सियासी संकट के समाधान के तौर पर भी देखा जा रहा है. राजस्थान में लंबे समय से अशोक गहलोत और सचिन पायलट में मतभेद चल रहे हैं. पार्टी आलाकमान इस सकंट को समाप्त करने के लिये पुरजोर कोशिश कर रहा है. इसका समाधान गहलोत कैबिनेट के विस्तार और संगठन में फेरबदल के जरिये किये जाने के प्रयास चल रहे हैं. इसके लिये नित नये फॉर्मूलों की चर्चा हो रही है कि लेकिन अभी तक वह फाइलन नहीं हो पाया है.
इस दौरान रातानाड़ा थानाधिकारी लीलाराम अपनी पिस्टल के बट से कांच पर मार रहे हैं। इससे कांच टूट गया। शहर में आगे लवली और पीछे पुलिस की कार तेज रफ्तार के साथ भागती रही। इसका अंत हुआ डिगाड़ी फांटे के पास लवली के एनकाउंटर के साथ।
ऐसे हुई थी शुरुआत
वर्दी पहने हुए लीलाराम सादा कपड़े पहने अपने तीन कॉन्स्टेबल के साथ रातानाडा क्षेत्र में पहुंचे। उनकी कार रुकते ही तीन कॉन्स्टेबल बाहर निकल कर वहां खड़ी एक कार की तरफ बढ़े। दोनों साइड से कार को घेरकर दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन लवली ने अंदर से दरवाजा व विंडो ग्लास बंद कर दिया। उसने कार भगाई, तो हाथ में पिस्तौल थामे लीलाराम अपनी कार से उतरकर लवली की कार की तरफ लपके। तब तक लवली की कार आगे बढ़ चुकी थी। लीलाराम ने अपनी पिस्तौल के बट से विंडो ग्लास पर मारा। लवली वहां से भाग निकला।
…और शुरू हुआ पीछा
लवली के भागते ही लीलाराम अपनी कार की तरफ बढ़े और तेजी से उसका पीछा करना शुरू किया। दोनों कारें शहर के व्यस्त मार्गों से बहुत तेजी से भागी। इस दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज के पास ग्रीन गेट पर लवली की कार डिवाइडर पर चढ़ गई। तब तक लीलाराम की कार पास आ गई, लवली ने कांच खोलकर पुलिस की ओर हवाई फायर किया। पुलिस की कार रुकी। लवली की कार बैक लेती हुई पुलिस की कार को टक्कर मार निकल गई।
2 फायर लवली और 7 एसएचओ लीलाराम ने किए
मिलिट्री अस्पताल से होती हुई डिगाड़ी फांटा पर लवली की कार ने मोटरसाइकिल पर जा रहे दंपती को चपेट में लिया। इतने में लवली की कार रुक जाती है। लीलाराम की गाड़ी भी बगल में पहुंच गई। लीलाराम व लवली अपनी-अपनी गाड़ी में अगल-बगल हो गए और दोनों के हथियार एक-दूसरे के सामने थे। लवली की पहली गोली कार के बंपर पर लगी।
दूसरी गोली का खोल (कवर) दूसरे गेट से होता हुआ लीलाराम के पैरों के पास गिरा। एक और गोली चलानी चाही, लेकिन पिस्टल में फंसी रह गई। दो फायर होने पर लीलाराम ने ताबड़तोड़ 7 राउंड फायर किए। लवली को गोली सीधे नहीं लगी, कार के गेट को छेद कर निकली गोलियां उसके सीने, पसलियों व हाथ में घुस गईं। लवली गाड़ी में ही गिर पड़ा। ड्राइवर गेट खोल कर भागने लगा, तब लीलाराम ने 8वां फायर हवा में किया और उसे पकड़ लिया।
]]>राजधानी जयपुर जिला परिषद के कृषि उप निदेशक राकेश कुमार अटल ने प्रोत्साहन राशि को लेकर मीडिया को जानकारी दी. राकेश कुमार के मुताबिक कृषि की सीनियर सैकण्डरी की छात्राओं को 5000 रुपये दिए जाएंगे. इसके अलावा कृषि स्नातक व स्नातकोत्तर की छात्राओं को 12000 रुपए और शोध अध्ययनरत छात्राओं को 15000 रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जायेगे. इसके लिए तय समय सीमा में आवेदन करना होगा.
फ्री कोचिंग के आवेदन 15 अक्टूबर तक
बता दें कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत शुरू की गई फ्री कोचिंग के लिए आवेदन की आज अंतिम तिथि है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि पात्र अभ्यर्थी कोचिंग किये जाने के लिए अपने आवेदन sso portal (sso.rajasthan.gov.in) द्वारा SJMS SMS APP 15 अक्टूबर 2021 तक ऑनलाइन कर सकते हैं.
फ्री कोचिंग के आवेदन 15 अक्टूबर तक
बता दें कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत शुरू की गई फ्री कोचिंग के लिए आवेदन की आज अंतिम तिथि है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि पात्र अभ्यर्थी कोचिंग किये जाने के लिए अपने आवेदन sso portal (sso.rajasthan.gov.in) द्वारा SJMS SMS APP 15 अक्टूबर 2021 तक ऑनलाइन कर सकते हैं.
गहलोत-पायलट के बीच चल रही सियासी जंग के बीच छह जिलों के उपचुनाव के नतीजे से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक साथ दो निशाने साधे. एक तो पार्टी आलाकमान का ये संदेश कि गहलोत-डोटासरा की जोड़ी विनिंग कॉम्बिनेशन है और बगैर पायलट के भी चुनाव जीत सकते हैं. इस जोड़ी से छेड़छाड़ न की जाए. छह जिलों के पंचायत समिति से लेकर जिला परिषद दोनों के नतीजो में बीजेपी पर कांग्रेस भारी पड़ी. इससे पहले तीन सीटों पर उपचुनाव मे भी दो सीटों पर जीत हासिल की थी.
पंचायत चुनाव के नतीजों के बाद अशोक गहलोत पार्टी नेृत्व को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि कुछ ही महीने में राजस्थान में वल्ल्भनगर व धरियावाद दो सीटों पर उपचुनाव होने है. अभी अगर बदलाव न किया जाए तो जीत का सिलसिला जारी रह सकता है. अगर पार्टी नेतृत्व गहलोत के संदेश से सहमत हुआ तो ये तय माना जा रहा है कि दो सीटों के उपचुनाव से पहले बदलाव मुश्किल है. यानी अगले चार महीने तक बदलाव की गुंजाइश खत्म.
सिर्फ मसला बदलाव का नहीं है. अशोक गहलोत इस कोशिश में है कि बदलाव की चाभी भी हाईकमान उन्हें सौंप दे, जिससे मंत्रीमंडल फेरबदल में भी अपनों को साध सकें. वे बदलाव तब करें जब उन्हें मुफीद लगे. पंचायत चुनाव में जयपुर जिला प्रमुख के पद पर कांग्रेस की हार को गहलोत गुट ट्रंप कार्ड मान रहा है. इसको लेकर सचिन पायलट की घेराबंदी की जा रही है. जयपुर जिला प्रमुख के चुनाव में कांग्रेस के हारने के लिए गहलोत गुट पायलट कैंप को जिम्मेदार ठहरा रहा है. खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर बिना नाम लिए सचिन पायलट पर हमला बोला कि जयपुर में जिला प्रमुख के चुनाव में दगाबाजी करने वाले वही लोग जिन्होने सरकार गिराने की कोशिश की थी
गहलोत के इस हमले के बाद गहलोत सरकार में खेल मंत्री अशोक चांदना ने तो पायलट कैंप के लोगों को जयचंद तक कह डाला. बिना नाम लिए निशाना साधा कि पहले सरकार गिराने की कोशिश करने वाले अब ये कांग्रेस मे रहकर बीजेपी का काम कर रहे हैं. जयपुर जिले के पंचायत चुनाव के कांग्रेस के प्रभारी गोविंद मेघवाल ने तो पायलट कैंप के विधायक वेद प्रकाश सोंलकी पर धोखेबाजी करने और चुनाव हरवाने का आरोप लगाया और पार्टी नेतृत्व को शिकायत कर दी.
दरअसल जयपुर जिला परिषद के चुनाव मे बहुमत कांग्रेस के पास था, लेकिन रमादेवी चौपड़ा समेत कांग्रेस के दो सदस्य बगावत कर बीजेपी में जा मिले. कांग्रेस से ही बगावत करने वाली रमादेवी को बीजेपी ने जिला प्रमुख का प्रत्याशी बना दिया. आखिरी मौके पर इस बगावत को मेघवाल ने सोंलकी की बीजेपी से मिलिभगत और कांग्रेस प्रत्याशी को हराने की साजिश करार दिया. अब पार्टी हाईकमान से शिकायत कर सोंलकी के खिलाफ कार्रवाई की कोशिश की जा रही है. इसके जरिये गहलोट गुट की हाईकमान को ये दिखाने की कोशिश की पायलट कैंप की निष्ठा कांग्रेस में नहीं अब भी बीजेपी से मिलिभगत है. पायलट और उनके गुट पर भरोसा न किया जाए. फिर धोखा दे सकते हैं.
हालांकि सोंलकी सफाई दे चुके कि उनका हाथ नहीं बगावत में. पायलट कैंप के इंद्रराज गुर्जर ने भी कहा कि अगर हरवाना ही होता तो सिर्फ जयपुर में क्यों दूसरी जगहों पर भी कर सकते थे. गहलोत गुट पर निशाना भी साधा कि अगर जयपुर में पायलट कैंप जिम्मेदार तो कई और जगह भी बगावत हुई चुनाव मे वहां किसकी जिम्मेदारी. सचिन पायलट ये बखूबी जानते हैं कि ड्राइंग रूम पॉलिटिक्स में गहलोत माहिर खिलाड़ी हैंं, इसलिए पायलट रूम के अंदर के बजाय गहलोत से उनकी कमजोर पिच यानी भीड़ के मैदान में मुकाबले की तैयारी कर रहे हैं. पायलट ने पहले जन्मदिन के बहाने राजस्थान में अपनी जमीनी जन समर्थन दिखाने की कोशिश की, अब वे ऐसे ही और मौके तलाश रहे हैंं, जब दिखा सके कि लोकप्रियता के मीटर पर वे गहलोत से आगे है.
]]>बीजेपी की अचरज कंवर ने लिया नामांकन वापस
जिला प्रमुख के चुनावों के लिए बीजेपी ने रमा देवी के साथ वार्ड-35 से जीतकर आई अचरज कंवर का भी नामांकन दाखिल करवाया था, लेकिन कुछ देर बाद ही अचरज कंवर ने अपना नाम वापस ले लिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने रणनीति के तहत नामांकन दाखिल किया था. अचरज कंवर के नाम वापस लेने के बाद अब कांग्रेस की सरोज देवी बागड़ा और बीजेपी की रमा देवी के बीच सीधा मुकाबला होगा.
कांग्रेस ने रमा देवी को किया निष्कासित
जयपुर जिला परिषद चुनाव में अपनी जीत पक्की समझ रही कांग्रेस को रमा देवी ने तगड़ा झटका दिया. ऐसे में कांग्रेस ने उन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया है. वहीं पीसीसी प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस घटनाक्रम के बाद ट्वीट करके कहा कि पूरे प्रकरण में कुछ और लोगों के खिलाफ भी शिकायत प्राप्त हुई है. इस पर जल्द जांच करके पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.