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ये है लव जिहाद कानून की खास बातें:-
-केवल धर्मांतरण के उद्देश्य से विवाह या विवाह के उद्देश्य के लिए धर्मांतरण के मामले में विवाह को पारिवारिक न्यायालय या न्यायालय द्वारा रद्द कर दिया जाएगा.
-कोई भी व्यक्ति, प्रत्यक्ष या अन्यथा, बलपूर्वक या जबरदस्ती, या कपटपूर्ण साधनों से, या विवाह द्वारा, या विवाह में सहायता करने के लिए धर्मांतरण करवा नहीं सकेगा.
-इसमें लव जिहाद हुआ है या नही, ये साबित करने का भार (Burden of Proof) अभियुक्त, अभियोगकर्ता और सहायक पर होगा.
-हर कोई जो अपराध करता है, अपराध में मदद करता है, अपराध में सलाह देता है, उसे समान रूप से दोषी माना जाएगा.
-इस प्रावधान का उल्लंघन करने पर कम से कम 3 साल और 5 साल तक की कैद और कम से कम 2 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है.
– महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के संबंध में सजा का प्रावधान 4 से 7 वर्ष के कारावास और 3 लाख रुपये से कम के जुर्माने से दंडनीय होगा.
– इन प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले संगठन का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और ऐसे संगठन को कम से कम 3 साल की कैद और 10 साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.
-ऐसा संगठन आरोप पत्र दाखिल करने की तिथि से राज्य सरकार से वित्तीय सहायता या अनुदान के लिए पात्र नहीं होगा.
– इस अधिनियम के तहत अपराधों को गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध माना जाएगा और पुलिस उपाधीक्षक के पद से नीचे के अधिकारी द्वारा जांच नहीं की जाएगी.
]]>गुजरात में मंगलवार को जिला पंचायत, नगर पालिका और तालुका पंचायत के चुनाव की मतगणना हो रही है. चुनाव परिणामों में आम आदमी पार्टी ने अपना पुराना प्रदर्शन जारी रखा है. समाचार लिखे जाने तक राज्य स्थित सौराष्ट्र, सूरत और साबरकांठा की 40 सीटों पर आम आदमी पार्टी आगे चल रही थी. वहीं जामनगर तहसील पंचायत में आम आदमी पार्टी के एक प्रत्याशी की जीत घोषित हो गई है.
वहीं रुझानों की बात करें तो 12 बजे तक जिलापंचायत की 980 में से 310 सीटों के रुझान आ चुके थे. जिसमें से 240 पर बीजेपी, कांग्रेस 67 और 3 सीट पर अन्य आगे थे. दूसरी ओर तहसील पंचायत की 4774 सीटों में 680 पर बीजेपी, 201 पर कांग्रेस और 25 पर अन्य आगे थे. इसके साथ ही नगर पालिका की 2720 में से 1156 सीटों पर 880 पर बीजेपी, 300 पर कांग्रेस और 24 पर अन्य आगे थे.
आप का दावा- 24 सीटों पर जीते
इन परिणामों से ही उत्साहित आम आदमी पार्टी ने ट्वीट किया. ट्वीट में आप ने दावा किया ‘गुजरात से अच्छी खबर आ रही है! 24 AAP उम्मीदवारों को आधिकारिक तौर पर विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से विजेता घोषित किया गया है. AAP कई और सीटों पर आगे है. शहरी गुजरात में शुरू हुई क्रांति ग्रामीण चुनावों में जारी है.’
बता दें 8235 सीटों पर 8161 पर बीजेपी, कांग्रेस ने 7778, आप के 2090 उम्मीदवार उतरे थे. इस चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM निकाय चुनाव में उतरी थी. 8235 सीटों में 237 पर निर्विरोध चुनाव हुआ तो वहीं तालुका की दो सीटों के लिए कोई पर्चा ही नहीं भरा गया. तालुका पंचायतों में दो और नगर पालिका की 24 सीटों के लिए उपचुनाव के लिए भी मतदान कराये गये थे.
]]>इस दौरान वे खास पगड़ी में नजर आए, जो उन्हें गुजरात के शहर जामनगर के शाही परिवार ने भेंट की है। बता दें कि साल 2015 से लेकर अबतक हर साल गणतंत्र दिवस पर मोदी खास तरह की पगड़ियां पहने दिखाई दे चुके हैं।
पगड़ी की खासियत
जामनगर की यह पगड़ी लगभग 9 मीटर लंबी होती है और इसे बांधने का भी एक विशेष तरीका होता है। इस पगड़ी में जोधपुरी साफा की तरह पीछे का कपड़ा नहीं होता। यह पूरी तरह से सिर पर बांधकर ही तैयार की जाती है। यानी की रेडीमेड तैयार नहीं होती। जामनगर की इस पगड़ी को ‘हलारी’ के नाम से भी जाना जाता है।
पगड़ी का रंग क्या है?
पीएम मोदी द्वारा पहनी गई इस पगड़ी की सबसे खास बात यह है कि इसके कपड़े में जो रंग होता है, वह केवल जामनगर शहर के पानी से ही बनता है। इसी के चलते गुजरात के अन्य शहरों में तैयार होने वाली पगड़ी का रंग भी जामनगर की पगड़ी की तुलना में थोड़ा अलग होता है। गुजरात में यह पगड़ी विशेषकर शाही परिवार और जडेजा राजपूतों द्वारा पहनी जाती है।
पीएम मोदी को पगड़ी भेंट में देने वाला यही शाही परिवार बना था 700 यहूदी महिलाओं-बच्चों का मसीहा
1942 में वर्ल्ड वॉर के दौरान जर्मनी के सैनिक यहूदियों को चुन-चुनकर मार रहे थे। पोलैंड के सैनिकों ने अपने देश के यहूदी परिवारों की 500 महिलाओं और करीब 200 बच्चों को एक समुद्री जहाज में बैठाकर समुद्र में छोड़ दिया था। शिप के कैप्टन से कहा कि इन्हें किसी ऐसे देश में ले जाओ, जहां इन्हें शरण मिल सके। लेकिन इस जहाज को किसी भी देश ने शरण नहीं दी थी। इसके बाद जहाज भटकते-भटकते गुजरात के जामनगर के तट पर पहुंचा। उस वक्त नवानगर के महाराजा थे दिग्विजय सिंह थे। उन्होंने ब्रिटिश शासकों के विरोध के बावजूद न सिर्फ 500 महिलाओं और 200 बच्चों के लिए अपना एक राजमहल रहने के लिए दिया। बल्कि, अपनी रियासत के एक सैनिक स्कूल में उन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के इंतजाम भी करवाए। ये शरणार्थी जामनगर में कुल 9 साल तक रहे।
महाराजा दिग्विजय सिंह को ऐसे याद करते हैं पोलिश लोग
आज भी हर साल उन यहूदी शरणार्थियों के वंशज नवानगर आते हैं और अपने पूर्वजों को याद करते है। पोलैंड की राजधानी वारसा में 4 सड़कों का नाम महाराजा दिग्विजय सिंह रोड रखा गया है। साथ ही उनके नाम पर पोलैंड में कई स्कीम्स भी चलती हैं। हर साल पोलैंड के अखबारों में महाराजा साहब दिग्विजय सिंह के बारे में आर्टिकल्स आज भी पब्लिश किए जाते हैं।
पोलैंड में जामनगर को ‘लिटिल पोलैंड’ के नाम से याद किया जाता है
पोलैंड की संसद ने साल 2016 में महाराजा जाम साहेब के निधन के 50 साल बाद सर्वसम्मति से दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलिश बच्चों की मदद के लिए महाराजा जाम साहेब को सम्मानित करते हुए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया। महाराजा जाम साहेब के नेक कामों के लिए पोलैंड में जामनगर को ‘लिटिल पोलैंड’ के नाम से याद किया जाता है।
]]>निरस्त हुई ट्रेनों में 23 जनवरी को बेंगलुरु से चलने वाली ट्रेन संख्या 06506 केएसआर बेंगलुरु-गांधीधाम स्पेशल तथा 26 26 जनवरी को गांधीधाम से चलने वाली ट्रेन संख्या 06506 गांधीधाम-केएसआर बेंगलुरु रद्द रहेगी। इसके अलावा 23 जनवरी को ही जोधपुर से चलते वाली ट्रेन संख्या 06507 जोधपुर-केएसआर बेंगलुरु और 25 जनवरी को केएसआर बेंगलुरु से चलने वाली ट्रेन संख्या 06508 केएसआर बेंगलुरु-जोधपुर एक्सप्रेस स्पेशल निरस्त रहेगी।
इसके बाद 24 जनवरी को अजमेर से चलने वाली ट्रेन संख्या 06209 अजमेर-मैसूर स्पेशल और 26 जनवरी को मैसूर से चलने वाली ट्रेन संख्या 06210 मैसूर-अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन रद्द रहेंगी।
इसके अलावा कई ट्रेनों का मार्ग भी परिवर्तित किया गया है। इसमें 22 और 24 जनवरी को यशवंतपुर-बीकानेर स्पेशल ट्रेन दावनगेरे, अमरावती, कोटुरू, होसपेट और गडग स्टेशनों से होकर जाएगी। वापसी में भी ट्रेन का यही रूट रहेगा। इसके बाद 25 जनवरी को यशवंतपुर-बाडमेर भी वैकल्पिक रूट से चलेगी।
]]>गिर-सोमनाथ जिले में देर रात 1.15 बजे से भूकंप के झटकों का सिलसिला शुरू हुआ, जो सुबह 9.26 तक बरकरार रहा। इस दौरान 19 झटके महसूस किए गए, जिसमें सबसे ज्यादा तीव्रता यानी की 3.3 का झटका तड़के सुबह 3.53 पर महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र तालाला शहर से 12 किमी दूर नॉर्थ-ईस्ट में था।
रात से सुबह तक महसूस किए झटके
| समय | तीव्रता |
| रात 1:15 | 2 |
| रात 1:42 | 1.7 |
| रात 3:11 | 2.2 |
| रात 3:46 | 3.3 |
| रात 3:55 | 3.2 |
| रात 3:56 | 3.1 |
| रात 3:58 | 1.8 |
| सुबह 4:7 | 2.4 |
| सुबह 4:44 | 2.9 |
| सुबह 5:26 | 2 |
| सुबह 5:27 | 3.1 |
| सुबह 5:28 | 2.5 |
| सुबह 5:35 | 1.8 |
| सुबह 5:40 | 1.4 |
| सुबह 6:09 | 2 |
| सुबह 7:34 | 3.1 |
| सुबह 8:06 | 1.9 |
| सुबह 8:12 | 2.1 |
| सुबह 9: 26 | 3.2 |
130 तक पहुंची स्पीड
वडोदरा डिवीजन द्वारा आज सुबह डभोई से डीजल इंजन की पूजा करने के बाद एक कोच के साथ ट्रायल शुरू हुआ। पहले ट्रायल में 60 किमी की स्पीड से ट्रेन दौड़ाई गई। इसके बाद वापसी में 80 किमी फिर तीसरे ट्रायल में 100 किमी और वापसी में इंजन 130 किमी की स्पीड से दौड़ाई गई। ट्रायल के समय वडोदरा डिवीजन के सीनियर डीसीएम डॉ. जीनिया गुप्ता सहित रेलवे के कई उच्च अधिकारी उपस्थित रहे। अब अगला ट्रायल शनिवार को होगा।
वडोदरा नहीं, अब केवडिया होगा स्टॉप
ट्रायल के बाद अगले महीने से अब वडोदरा से ट्रेनें केवडिया तक चलनी शुरू हो जाएंगी। इसके बाद सैलानी वडोदरा से सीधे ही केवडिया स्टेशन पहुंचकर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का नजारा देख सकेंगे। केवडिया रेलवे स्टेशन भी विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बनाया जा रहा है। मौजूदा समय में जो ट्रेनें वडोदरा आती हैं उन्हें केवडिया तक ले जाने की रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दी है, जिसमें वाराणसी से वडोदरा के बीच दौडऩे वाली महामना एक्सप्रेस, रीवा से वडोदरा और मुंबई से वडोदरा के बीच दौडऩे वाली एक्सप्रेस ट्रेनें अब केवडिया तक दौड़ाई जाएंगी। वहीं, वडोदरा के प्रतापनगर से हररोज सुबह और शाम दो मेमू ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। आगामी समय में अहमदाबाद से भी केवडिया तक ट्रेनें बढ़ाई जा सकती हैं।
सावधानियों के मद्देनजर सिग्नल लगाया गया है और 26 नवंबर तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सूचना दी गई है। यह तूफान यमन की ओर आगे बढ़ने वाला है। अरबी समुद्र में डिप्रेशन का कोई असर देखने को नहीं मिला, लेकिन हवाओं की रफ्तार में बढ़ोत्तरी होने पर सावधानियां बरतने के मद्देनजर जाफराबाद बंदर पर 1 नंबर का सिग्नल लगाया गया है। इसके अलावा मछुआरों को सचेत रहकर दरिया में नहीं जाने की सूचना दी गई है। जानकारी के अनुसार फिलहाल दरिया में सामान्य स्थिति है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक ये तूफान के 25 नवम्बर को तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों को पार करेगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। कई इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना है। एहतियातन मछुआरों को समंदर में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
]]>टरबो फटने से लगी आग
लक्ष्मी प्रसाद नाम की बोट से ये मछुआरे गुरुवार सुबह मछली पकड़ने निकलने थे। इसी दौरान अचानक इंजन में आग भड़क उठी। बोट पर काफी मात्रा में डीजल था, जो आग की चपेट में आ गया और पूरी बोट जल गई। मछुआरों ने बताया कि शायद टरबो (इंजन का एक पार्ट) फटने से आग लग गई थी।
आग की लपटें देख पहुंची दूसरी बोटें
पूरी बोट सुलगते देख उसमें सवार सभी मछुआरे जान बचाने समुद्र में कूद गए। इसी बीच बोट में लगी लपटें देखकर दूसरी बोट के मछुआरे तुरंत यहां आ पहुंचे और सभी की जान बचा ली। बोट जलने से मछुआरों को 50 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हो गया है। इससे सात मछुआरों के घर का गुजर-बसर होता था।
गांधीनगर स्थित सिस्मोलॉजिकल रिसर्च सेंटर का कहना है कि नर्मदा बांध के 12 किमी की परिधि में 6.5 की तीव्रता तक के भूकंप आने से भी बांध को कोई असर नहीं होगा। लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ पर भी कोई असर नहीं हुआ, क्योंकि इसके निर्माण में भूकंपरोधी मापदंड अपनाए गए हैं।
भूकंप के केंद्र बिंदु मोटा मालपोर गांव, भरूच से 36 किमी दूर है। इस क्षेत्र में खदानों में होने वाले धमाके के चलते ग्रामीणों को झटके महसूस नहीं हुए।
]]>घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच मे जुट गई है। दुकानदार शंकर सोनी ने बताया कि रात में दुकान बंद करने के बाद सारे गहने वो अपने घर ले जाता था। फिर सुबह गहने से भरा बैग लेकर दुकान पर आता था। गुरुवार को भी ऐसा ही हुआ।
शंकर सोनी ने दुकान का शटर खोल गहने से भरे बैग को अंदर रखा और पानी लाने के लिए कुछ दूरी पर चला गया। इसी बीच एक युवक दुकान के अंदर घुसा और बैग उठाकर भाग निकला। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवक की तलाश में जुट गई है।
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