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जिम्बॉब्वे की महिला से बरामद ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 60 करोड़ रुपये आंकी जा रही है. महिला ने यह ड्रग्स अपनं ट्राली बैग और फाइल फोल्डर में छिपाकर रखे हुए थे. कस्टम विभाग का कहना है कि मामले में कार्रवाई की जा रही है.
इससे पहले एनसीबी ने शनिवार को जानकारी दी थी कि उसने नौसेना के साथ संयुक्त अभियान में गुजरात तट से दूर अरब सागर में एक जहाज से 800 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए हैं. बरामद किए गए मादक पदार्थों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 2,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
एनसीबी ने एक बयान जारी कर कहा कि जब्त किए गए मादक पदार्थों में 529 किलोग्राम चरस, 234 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन और 15 किलोग्राम हेरोइन भी जब्त की गई है. इस बात की आशंका जताई जा रही है कि यह मादक पदार्थ संभवत: पाकिस्तान में ही जहाजों में भरे गए थे.
]]>उन्होंने कहा, ‘यह 20 मंजिल का इमारत है लेकिन आग इसकी 18वीं मंजिल पर लगी थी. वहीं स्थानीय लोगों ने जब इस घटना के बारे में बताया तो दमकल कर्मी और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. इस घटना में कई लोग घायल हो गए और उन्हें पास के विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया है.’
अधिकारी ने बताया गया कि नायर अस्पताल ले जाए गए 6 में से चार घायलों की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोगों की मौत दो अलग-अलग अस्पतालों- भाटिया अस्पताल और कस्तूरबा अस्पताल- में हुई. अधिकारी ने कहा कि फिलहाल भाटिया अस्पताल में 13, नायर अस्पताल में दो और कस्तूरबा अस्पताल में एक व्यक्ति का इलाज किया जा रहा है.
13 गाड़ियां और पानी के सात टैंकर घटनास्थल पर पहुंचे
उन्होंने कहा कि सूचना मिलने पर आग बुझाने के लिए दमकल की 13 गाड़ियां और पानी के सात टैंकर घटनास्थल पर पहुंचे. इस आग को तीसरे स्तर की (भीषण) आग बताया गया है. राहत की बात ये है कि फिलहाल दमकल कर्मियों ने आग पर चारों तरफ से काबू पा लिया है.
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ’18वीं मंजिल पर आग लगने के तुरंत बाद, निवासी अपने परिवार के सदस्यों के साथ बाहर की ओर भागने लगे. प्रत्येक मंजिल पर कम से कम छह फ्लैट हैं. आग ने 18वीं और 19वीं मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ निवासी वहां फंस गए.’ उन्होंने कहा कि कुछ निवासियों के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत में बिजली की सप्लाई बंद हो गई. आग लगने के समय इमारत के कई निवासी सो रहे थे.
]]>भ्रष्टाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उनके खिलाफ जांच शुरू करने जैसे कई मुद्दों के बीच दोनों नेताओं के बीच यह बैठक हुई है. ईडी ने हाल ही में देशमुख के खिलाफ दर्ज धनशोधन के मामले में पूछताछ के लिए शिवसेना नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब को भी तलब किया था.
राकांपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि इनके अलावा दोनों नेता राज्यपाल के कोटे से राज्य विधान परिषद के लिए 12 सदस्यों के मनोनयन के मुद्दे पर भी चर्चा कर सकते हैं. इस महीने की शुरुआत में, राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार और कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट के साथ मुख्यमंत्री ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर 12 नामों को स्वीकृति देने के लिए अनुरोध किया था.
उन्होंने बताया कि बैठक में स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण बहाल करने की मांग और राज्य के मराठवाड़ा क्षेत्र में कहर बरपा रही भारी बारिश पर भी चर्चा हो सकती है.
]]>सीबीआई की कथित रिपोर्ट के बारे में जो जानकारी मिली है उसमें कहा गया है कि अनिल देशमुख की ओर से कोई संज्ञेय अपराध नहीं किया गया है. अब सवाल उठ रहा है कि अगर सीबीआई ने प्रारंभिक जांच में भी अनिल देशमुख को क्लीन चिट दे दी थी तो फिर उनके खिलाफ बाद में एफआईआर क्यों दर्ज की गई. सीबीआई की वायरल रिपोर्ट को Dy SP आरएस गुंज्याल ने तैयार किया है. इस रिपोर्ट में अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों के कई पहलुओं पर बात की गई है. रिपोर्ट में सचिन वाजे की भूमिका पर भी काफी कुछ बताया गया है.
60 पेज की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि सचिन वाजे सीधे मुंबई सीपी को रिपोर्ट करते थे. रिपोर्ट में साफ तौर पर इस बात का जिक्र किया गया है कि सचिन वाजे और अनिल देशमुख के बीच किसी भी तरह की कोई मीटिंग हुई थी ऐसे कोई सबूत नहीं है. रिपोर्ट में बताया गया है कि हर मीटिंग में वाजे के साथ परमबीर सिंह जरूर होते थे. ये मीटिंग सीएम आवास पर होती थीं. वायरल रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे कोई सबूत नहीं हैं कि सचिन वाजे की तब के गृहमंत्री के साथ कोई मीटिंग हुई थी. कुछ औपचारिक बैठकें जरूर हुई थीं, लेकिन उन सभी बैठकों में दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे.
रिपोर्ट में दावा: वसूली के नहीं मिले कोई सबूत
कथित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले है जिससे पता चले कि गृहमंत्री या फिर उनके पीएस संजीव पलांडे ने किसी हुक्का बार के मालिक से पैसा इकट्ठा करने की बात कही थी. इसके साथ ही रिपोर्ट में एसीपी संजय पाटिल और डीसीपी भुजपाल के बयान को भी शामिल किया गया है जिसमें दोनों ही अधिकारियों ने कहा है कि कोई पैसों की डिमांड नहीं की गई थी.
जानकारी के मुताबिक धारावी के शाहू नगर के कमला नगर में होटल मुबारक के सामने एक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया. धमाका इतना तेज था कि काफी दूर तक उसकी आवाज सुनाई दी. शुरुआती जांच में पता चला है कि एक घर में महिलाएं जैसे ही खाना बनाने जा रही थीं उसी समय सिलेंडर में आग लग गई और देखते ही देखर सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया.
घटना की सूचना पाकर मौके पर दो दमकल की गाडि़यों को भेजा गया और आग पर काबू पाया गया. अभी तक की खबर के मुताबिक इस हादसे में 14 लोग घायल हुए हैं जबकि दो लोग 70 प्रतिशत तक जल चुके हैं. दमकल विभाग के कर्मचारी और पुलिस टीम के सदस्य सिलेंडर में आग लगने का कारण पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.
]]>बता दें कि कोरोना मामलों के कारण अन्य राज्यों की तरह महाराष्ट्र ने भी 12वीं की बोर्ड परीक्षा को रद्द कर दिया था, जिसके नतीजे आज घोषित कर दिए गए. महाराष्ट्र 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए करीब 16 लाख विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था. परीक्षा रद्द होने के बाद इन विद्यार्थियों को रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार था.
Maharashtra Board HSC Result 2021: ऐसे चेक करें रिजल्ट
-सबसे पहले छात्र महाराष्ट्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mahasscboard.in पर जाएं.
-होम पेज पर दिए गए 12वीं रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें.
-अब यहां रोल नंबर आदि दर्ज करें और सबमिट पर दर्ज करें.
-रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा.
-अब रिजल्ट को डाउनलोड करें.
पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और बिहार में बाढ़ की स्थिति बन गई है. कई राज्यों के गांव पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं और खेतों और सड़कों पर पानी भर गया है. महाराष्ट्र में बाढ़, बारिश और भूस्खलन ने इस कदर तबाही मचाई है कि अब तक करीब 112 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 99 लोगों का अभी तक पता नहीं चल सका है.
महाराष्ट्र में 1 लाख 35 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया
राहत और पुनर्वास विभाग विभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि भूस्खलन के कारण हुए हादसे में मलबे से लोगों को निकालने का काम लगातार जारी है. राज्य में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अब तक करीब 1 लाख 35 हजार लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाला गया है. राहत और बचाव कार्य से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ के चलते अब तक 3221 पशुओं की भी मौत हो चुकी है और 53 लोग घायल हुए हैं.
गोवा के सत्तारी और बिचोलिम तहसील में बाढ़ जैसी स्थिति
गोवा के उत्तर में सत्तारी और बिचोलिम तहसील तथा दक्षिण में धारबंदोरा समेत कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहां पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश के बाद कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ जाने से कई घर डूब गए हैं. राहत और बचावकार्य से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के चलते अभी तक किसी की मौत होने की जानकारी नहीं है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, सत्तारी तहसील के कम से कम 100 घर, पिछले एक हफ्ते से हो रही भारी बारिश के बाद महादयी नदी में जलस्तर बढ़ने के चलते बृहस्पतिवार रात से डूबे हुए हैं. उन्होंने बताया, “कोई हताहत नहीं हुआ है लेकिन बाढ़ जैसी स्थिति है. जिन लोगों के घर पूरी तरह पानी में डूब गए हैं, वे खुद से सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं.
कर्नाटक के 131 गांव और 16,213 लोग बाढ़ से प्रभावित
कर्नाटक के तटीय, मालनाड़ एवं उत्तरी आंतरिक इलाकों में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं. मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने शनिवार को जिला प्रभारी मंत्रियों को अपने संबंधित जिलों में रहने और राहत एवं बचाव अभियानों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार कल शाम तक राज्य के 18 तालुकाओं में 131 गांव और 16,213 लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. तीन लोगों की जान जा चुकी है तथा दो लापता हैं. प्राधिकरण के मुताबिक सैकड़ों घर तबाह हो गए तथा 8,733 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. कल शाम तक 80 राहत शिविरों में 4,964 लोगों ने शरण ली थी.
सरकार ने कहा, ‘‘मुंबई में आज और अगले कुछ दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए दो अनुकूल समसामयिक परिस्थितियां हैं. दक्षिण गुजरात तट से कर्नाटक तट तक कम दबाव के क्षेत्र से बारिश की तीव्रता तेज होने की उम्मीद है.’’ उन्होंने कहा कि दूसरी बात मुंबई तथा पड़ोसी क्षेत्र में बनी ‘‘वायु प्रणालियां’’ हैं. कोंकण तथा मध्य महाराष्ट्र में भी व्यापक पैमाने पर बारिश होगी.
सरकार ने बताया कि मराठावाड़ा क्षेत्र में भी गुरुवार तक व्यापक बारिश होने की संभावना है और इसके बाद बारिश की तीव्रता कम हो सकती है. मौसम विज्ञान विभाग कार्यालय के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र तथा कर्नाटक के बीच तट पर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है जिससे अकसर अरब सागर से जमीन पर नमी वाली पश्चिमी हवाएं चलती हैं.
>>आईएमडी ने मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. ठाणे और पालघर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. नवी मुंबई और पालघर के के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है.
>>कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें ऑनलाइन खाना मंगाने में दिक्कत हो रही है. क्योंकि डिलीवरी एजेंट्स या तो मौजूद नहीं हैं या फिर बारिश के चलते उनका सरचार्ज बहुत ज्यादा है.
>>22 जुलाई तक स्थिति में सुधार की संभावना नहीं है क्योंकि मुंबई, ठाणे, पालघर के लिए पहले से ही ऑरेंज अलर्ट जारी किया जा चुका है. इसका मतलब है कि इन जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
>>रायगढ़, पुणे, नासिक, कोल्हापुर, सतारा, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में भी बहुत भारी बारिश की आशंका है.
>>लगातार हो रही बारिश को देखते हुए बीएमसी ने लोगों से किसी आपात स्थिति के अलावा घर पर ही सलाह दी है. मुंबई में रविवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं के चलते 33 लोगों की मौत हो गई थी. इसमें से 19 लोग चेंबूर के माहुल इलाके में भूस्खलन के बाद कई घरों पर एक दीवार के गिरने के चलते मारे गए थे.
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, आईएमडी ने शहर और उपनगरों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है. कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है तथा 45-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है.
]]>TIFR की एनालिसिस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 के जून तक आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना की चपेट में 80 फीसदी लोग आ चुके हैं. इनमें 90 प्रतिशत लोग स्लम में रहने वाले हैं, जबकि 70 प्रतिशत लोग इमारतों में रहने वाले हैं. स्टडी में कहा गया है कि ये लोग हर्ड इम्युनिटी के दायरे में हैं. अगर तीसरी लहर आई तो ये दूसरी लहर से ज्यादा खतरनाक नहीं होगी.
बाकी 20 प्रतिशत आबादी का क्या?
रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग पहली वेब में संक्रमित हुए, वे एंटीबॉडी के घटते स्तर के कारण फिर से संक्रमित हो सकते हैं, पर ये, वेरिएंट की बदली चाल और वैक्सीन की स्पीड के साथ इसकी एफ़िशिएंसी या प्रभावकारी होने के पैमाने पर निर्भर करता है. टीआईएफआर स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड कंप्यूटर साइंस के डीन डॉ. संदीप जुनेजा ने कहा कि अगर शहर के 20 प्रतिशत निवासियों को जो अभी तक वायरस के संपर्क में नहीं आए हैं, उन्हें टीका लगाया जाता है, तो इससे पुन: संक्रमण के मामलों पर नजर रखने में मदद मिलेगी.
रिपोर्ट में अन्य कारकों पर भी विचार किया गया है जो निवासियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं, जैसे कि कोविड -19 टीकों की खराब प्रभावशीलता, या शहर को 60 प्रतिशत के स्तर पर खोलना, लोगों का कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन न करना. TIFR की रिपोर्ट में कहा गया है कि उपरोक्त नकारात्मक कारकों के बावजूद, संभावित तीसरी लहर दूसरी लहर से आगे नहीं बढ़ेगी.
]]>मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिस महिला ने 3 डोज लगने का दावा किया है, उसके पति ने पहचान ना उजागर होने की शर्त पर बताया है, ‘मैं अपनी पत्नी को लेकर शुक्रवार को टीकाकरण केंद्र पर गया था. उसे वैक्सीन लगने थे. जब टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया हो गई तो उसने बाहर आकर बताया कि उस वैक्सीन के तीन डोज लगाए गए हैं.’ हालांकि प्रशासन ने इससे इनकार किया है.
वहीं सोमवार को ठाणे में कोविड-19 के 480 नए मामले सामने आने के बाद जिले में संक्रमण के मामले बढ़कर 5,31,200 हो गए हैं. एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि ये नए मामले रविवार को सामने आए. उन्होंने बताया कि 16 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद जिले में मृतक संख्या बढ़कर 10,645 हो गई. जिले में कोविड-19 से मृत्यु दर दो प्रतिशत है.
वहीं महाराष्ट्र में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के भी अब तक 21 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से एक व्यक्ति वैक्सीन की पहली डोज ले चुका था.
महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना वायरस के 6,727 नए मामले आए और 101 मौतें हुईं, जिसमें राज्य में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 60,43,548 हो गए और मृतक संख्या बढ़कर 1,21,573 हो गई. दिन में कुल 10,812 मरीजों को छुट्टी दे दी गई, जिससे महाराष्ट्र में ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 58,00,925 हो गई, जिससे राज्य में अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,17,874 रह गई है.
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