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लॉन्च के मुकाबले कितनी कम हुई कीमत?
iPhone 17 Pro के 256GB वेरिएंट को भारत में ₹1,34,900 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था. अब यह स्मार्टफोन ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पर कम कीमत में उपलब्ध है. मौजूदा ऑफर के तहत फोन की लिस्टेड कीमत ₹1,22,900 तक पहुंच गई है. इसके अलावा चुनिंदा बैंक कार्ड ऑफर का फायदा लेने पर खरीदारों को अतिरिक्त छूट भी मिल रही है. कुल मिलाकर इस डिवाइस पर करीब ₹18,000 तक की बचत की जा सकती है, जिससे इसकी प्रभावी कीमत लगभग ₹1,16,900 रह जाती है.
डिस्प्ले और डिजाइन में क्या है खास?
iPhone 17 Pro में 6.3 इंच का सुपर रेटिना XDR डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. OLED पैनल के साथ आने वाला यह डिस्प्ले बेहद ब्राइट और शार्प विजुअल एक्सपीरियंस देता है. फोन की पीक ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक पहुंच सकती है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन आसानी से दिखाई देती है.
डिस्प्ले की सुरक्षा के लिए कंपनी ने Ceramic Shield 2 का इस्तेमाल किया है. वहीं इसका प्रीमियम एल्युमिनियम बॉडी डिजाइन इसे मजबूत और आकर्षक लुक देता है.
परफॉर्मेंस के लिए मिला नया A19 Pro Bionic चिप
ऐपल ने इस फोन में अपना लेटेस्ट A19 Pro Bionic प्रॉसेसर दिया है. 3nm तकनीक पर आधारित यह चिपसेट बेहतर स्पीड, पावर एफिशिएंसी और एआई प्रॉसेसिंग ऑफर करता है. फोन में वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो लंबे समय तक गेमिंग या हेवी टास्क के दौरान तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है.
कैमरा लवर्स के लिए शानदार पैकेज
फोटोग्राफी के लिए iPhone 17 Pro में ट्रिपल 48MP कैमरा सेटअप मिलता है. इसमें 48MP का प्राइमरी सेंसर, 48MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 48MP का टेलीफोटो लेंस शामिल है. यह सेटअप अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर फोटो और वीडियो कैप्चर करने में सक्षम है.
सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 18MP सेंटर स्टेज कैमरा दिया गया है, जो ऑटो फ्रेमिंग जैसी सुविधाएं भी सपोर्ट करता है.
क्या यह खरीदने का सही समय है?
प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे यूजर्स के लिए मौजूदा डिस्काउंट ऑफर काफी आकर्षक माना जा सकता है. लॉन्च के कुछ महीनों बाद मिलने वाली यह कीमत उन ग्राहकों को फायदा दे सकती है जो फ्लैगशिप अनुभव चाहते हैं लेकिन थोड़ा कम खर्च करना पसंद करते हैं. मजबूत कैमरा, हाई-एंड प्रॉसेसर और iOS 26 जैसे फीचर्स इसे प्रीमियम सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाते हैं.
अपडेट: आधे घंटे डाउन रहने के बाद अब X वापस आ गया है. ऐप और वेबसाइट दोनों काम कर रहे हैं.
यूजर्स जैसे ही ऐप खोल रहे हैं, उन्हें 'This Page Is Down' का मैसेज दिखाई दे रहा है. डाउनडिटेक्टर और दूसरे वेबसाइट मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म्स ने भी दिखाया है कि X के सर्वर में दिक्कत आ रही है. ट्रैकर्स के मुताबिक कुछ ही मिनटों में 25,000 से ज्यादा रिपोर्ट्स दर्ज की गई हैं.
बार-बार रिफ्रेश करने पर भी होमपेज कुछ समय के लिए खुल रहा है, लेकिन उसके बाद Page Not Found का एरर दिखाई दे रहा है. इस ग्लोबल आउटेज की वजह से दुनिया भर के X यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
इस आउटेज के दौरान ज्यादातर लोगों के लिए ऐप पूरी तरह से बंद दिख रहा है, जबकि कुछ यूजर्स को पुरानी फीड दिखाई दे रही है जो अपडेट नहीं हो रही. साथ ही कोई नया पोस्ट, कमेंट या इंटरैक्शन भी प्रोसेस नहीं हो रहा है. सर्वर डाउन होने पर इस तरह की दिक्कतें आमतौर पर देखने को मिलती हैं.
ऐसे आउटेज की वजह सर्वर पर ज्यादा लोड, तकनीकी खराबी या किसी सिस्टम अपडेट से जुड़ी समस्या हो सकती है. हालांकि, X की तरफ से शुरुआती घंटों में कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है.
इस ग्लोबल आउटेज का असर आम यूजर्स के साथ-साथ कंटेंट क्रिएटर्स, पत्रकारों और बिजनेस अकाउंट्स पर भी पड़ा है, जो अपने काम के लिए X का इस्तेमाल करते हैं. फिलहाल यूजर्स कंपनी की ओर से आधिकारिक अपडेट का इंतजार कर रहे हैं. जैसे ही सर्वर पूरी तरह बहाल होंगे, सभी सेवाएं सामान्य रूप से काम करने लगेंगी.
]]>यह आंकड़ा ग्लोबल मानकों के हिसाब से काफी ज्यादा है। इतना ही नहीं आने वाले सालों में डेटा इस्तेमाल और 5G नेटवर्क के विस्तार के मामले में भी भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल रह सकता है।
रिपोर्ट्स से ये भी पता चलता है कि दुनियाभर में 5G सब्सक्रिप्शन की संख्या पहली बार 300 करोड़ के पास पहुंच गई है। सिर्फ मार्च 2026 तिमाही के दौरान ही 16.2 करोड़ नए 5G यूजर्स जुड़े हैं। इसके साथ ही वर्ल्ड के कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का लगभग आधा हिस्सा अब 5G नेटवर्क पर शिफ्ट हो गया है।
डेटा खपत में सबसे आगे भारत
भारत में आज हर स्मार्टफोन यूजर लगभग 37GB तक हर महीने डेटा यूज कर रहा है, जबकि ग्लोबल एवरेज 22GB है। यानी भारतीय यूजर्स दुनिया के एवरेज यूजर्स की तुलना में लगभग 68 प्रतिशत ज्यादा डेटा यूज कर रहे हैं। ऐसा अनुमान है कि 2031 तक भारत में ये आंकड़ा बढ़कर 70GB पर-मंथ तक पहुंच सकता है, जबकि उस टाइम ग्लोबल एवरेज करीब 42GB तक रहने की उम्मीद है।
5G का तेजी से विस्तार
रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में फिलहाल 43 करोड़ 5G सब्सक्रिप्शन मौजूद हैं, जो कुल मोबाइल कनेक्शनों का लगभग 35 परसेंट हिस्सा है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2031 तक भारत में 5G कनेक्शंस की संख्या 111 करोड़ तक पहुंच सकती है। उस टाइम देश में 5G पेनिट्रेशन 81 परसेंट रहने की संभावना है, जो ग्लोबल एवरेज 67 परसेंट से काफी ज्यादा होगा।
बेहतर कवरेज और ब्रॉडबैंड विस्तार भी
पिछले कुछ वक्त में देश के कई इलाकों में 5G नेटवर्क का विस्तार तेजी से हुआ है और आज देश की लगभग 95 प्रतिशत आबादी 5G कवरेज वाले एरिया में रह रही है। इतना ही नहीं फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस यानी FWA और फाइबर बेस्ड ब्रॉडबैंड सर्विस का भी तेजी से विस्तार हुआ है। आने वाले सालों में भारत इस एरिया में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
6G के लॉन्च की तैयारी भी शुरू
रिपोर्ट्स में ऐसा भी कहा जा रहा है कि दुनिया भर में 6G टेक्नोलॉजी पर काम शुरू हो चुका है और पहला व्यावसायिक 6G नेटवर्क 2030 के आसपास आने की उम्मीद है। 2031 तक ग्लोबल लेवल पर 6G सब्सक्रिप्शन 18 करोड़ तक पहुंच सकते हैं। अमेरिका, चीन, जापान, कोरिया और जर्मनी जैसे देशों के साथ भारत भी इस नेक्स्ट GEN टेक्नोलॉजी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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iPhone 18 और 18 Pro सीरीज को लेकर अब तक कई लीक्स सामने आ चुके हैं, जिनमें डिजाइन, डिस्प्ले, कैमरा से लेकर कीमत तक को लेकर अलग -अलग दावे किए हैं. हालांकि अभी तक कंपनी ने इसको लेकर कोई डिटेल्स शेयर नहीं की है. आइए इनके बारे में जानते हैं.
iPhone 18 Pro का डिजाइन और कलर्स
किसी भी स्मार्टफोन को अगर कोई आम आदमी खरीदता है तो सबसे पहले उसके डिजाइन को देखता है, जिसके बाद उसकी बॉडी कैमरा प्लेसिंग आदि को परखता है. उसके बाद प्रोसेसर, कैमरा क्वालिटी आदि को चेक करता है.
लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईफोन हर साल बेहतर होते जा रहा है. इस साल भी कैमरा और LED लाइट प्लेसिंग में बदलाव हो सकता है. कंपनी बीते दो साल से कैमरे डिजाइनिंग को बदल रही है.
लीक्स के मुताबिक, इस साल कंपनी न्यू कलर को लेकर टेस्टिंग कर रहा है, जिसके तहत डार्क चेरी, लाइट ब्लू, डार्क ग्रे और सिल्वर फिनिश का यूज होगा. कंपनी कॉस्मिक ओरेंज की जगह डार्क चेरी को लॉन्च करेगी.
iPhone 18 Pro का डिस्प्ले
iPhone 18 Pro का डिस्प्ले साइज बीते साल लॉन्च किए गए आईफोन 17 प्रो सीरीज के मॉडल्स के जैसे होंगे. हालांकि डिस्प्ले में कुछ बड़े अपग्रेड्स नजर आएंगे. इस बार कंपनी प्रो सीरीज में न्यू LTPO Plus OLED पैनल के साथ हैंडसेट को लॉन्च करेगी. रिपोर्ट में दावा किया है कि इसकी वजह से ज्यादा पावर सेविंग और बेहतर परफॉर्मेंस मिलेगी.
iPhone 18 Pro का प्रोसेसर
ऐपल इस साल अपनी iPhone 18 Pro सीरीज में नेक्स्ट जनरेशन प्रोसेसर का यूज करेगी. संभवतः कंपनी इस बार A20 प्रो चिपसेट का यूज करेगी, जिसको 2nm पर प्रोसेस करती है. यह प्रोसेसर iPhone 17 Pro की तुलना में 15 परसेंट फास्ट और करीब 30 परसेंट बेहतर एफिसिएंसी देगा.
iPhone 18 Pro का कैमरा
iPhone 18 Pro में बेहतर कैमरा सेंसर देखने को मिलेंगे. प्राइमरी कैमरा के साथ वेरिएबल अपर्चर सिस्टम देखने को मिलेगा, जिसकी मदद से यूजर्स कंट्रोल कर सकेंगे कि कितनी रोशनी की जरूरत है. यह कम रोशनी की फोटोग्राफी को बेहतर कर सकेगा.
iPhone 18 Pro की कीमत
iPhone 18 Pro की कीमत को लेकर कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि कंपनी इस बार दाम में इजाफा करेगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार अमेरिका में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,299 अमेरिका डॉलर (करीब 1,22,500 रुपये) अमेरिका में होगी. वहीं, आईफोन 17 प्रो की शुरुआती कीमत 1099 अमेरिकी डॉलर (करीब 1,03,600 रुपये) थी.
जियो कॉल एजेंट एक तरह का पर्सनल एआई दरबान (AI Concierge) है जो आपकी नॉर्मल वॉयस कॉल्स के भीतर ही मौजूद रहेगा. इसके इस्तेमाल के लिए किसी स्मार्टफोन में किसी थर्ड-पार्टी ऐप को इंस्टॉल करने या किसी अतिरिक्त सेटिंग को ऑन करने की कोई झंझट नहीं होगी. जब आप किसी से फोन पर बात कर रहे होंगे, तो आपको बस अपनी आवाज में “हे जियो” (Hey Jio) कहना होगा. यह कमांड सुनते ही जियो का नेटवर्क-बेस्ड एआई असिस्टेंट आपकी कॉल में एक मददगार की तरह शामिल हो जाएगा. इसके बाद यह कॉल पर हो रही बातचीत को लाइव सुनने और समझने लगेगा. सुरक्षा और प्राइवेसी के लिहाज से यह बेहद जरूरी फीचर है कि यह एआई केवल यूजर की स्पष्ट सहमति और कमांड मिलने के बाद ही कॉल में शामिल होगा, जिससे डेटा सिक्योरिटी से जुड़ा कोई खतरा नहीं रहेगा।
कॉन्फ्रेंस कॉल में 10 लोगों की आवाज पहचानेगा एआई
आकाश अंबानी के अनुसार, इस एआई एजेंट की क्षमताएं बेहद आधुनिक हैं. यह किसी भी चालू कॉल के दौरान कही गई बातों को रियल-टाइम में लिखित रूप में (Transcribe) बदल सकता है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अगर आप एक कॉन्फ्रेंस कॉल पर हैं, तो यह एआई एक साथ 10 अलग-अलग लोगों की अनूठी आवाजों को पहचान सकता है और यह भी रिकॉर्ड रख सकता है कि किस व्यक्ति ने क्या बात कही. बातचीत खत्म होने के बाद, यह जियो कॉल एजेंट पूरी कॉल का एक सटीक सारांश (Summary) तैयार करेगा. इसके साथ ही मीटिंग में तय हुए जरूरी काम (Action Items) और जरूरी रिमाइंडर्स की एक लिस्ट बनाकर कॉल में शामिल सभी सदस्यों के साथ तुरंत शेयर कर देगा, ताकि किसी को अलग से नोट्स बनाने की जरूरत न पड़े।
आम आदमी के एक्सपीरियंस को कैसे बनाएगा खास?
यह एआई असिस्टेंट केवल ऑफिस की मीटिंग्स या नोट्स बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद आसान और स्मार्ट बना देगा. लाइव कॉल के दौरान ही यूजर इस एआई एजेंट को सीधे निर्देश देकर कई तरह के टास्क पूरे करवा सकेंगे।
कैब और फूड बुकिंग: कॉल पर बात करते-करते ही आप एआई से कहकर अपने लिए खाना ऑर्डर कर सकते हैं या कहीं जाने के लिए कैब बुक कर सकते हैं।
टेबल और मीटिंग शेड्यूलिंग: किसी रेस्टोरेंट में टेबल रिजर्व करनी हो या दोस्तों-सहकर्मियों के साथ मीटिंग का समय तय करना हो, एआई कॉल के बैकग्राउंड में ही यह काम संभाल लेगा।
भाषा की दीवार होगी खत्म: सभी भारतीय भाषाओं के सपोर्ट के कारण, यदि कोई व्यक्ति अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी निर्देश देगा, तो यह एआई उसे बखूबी समझकर टास्क पूरा करेगा।
जियो का यह कदम भारत में एआई तकनीक के लोकतंत्रीकरण (Democratization) की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जो महंगे एआई फीचर्स को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के देश के 50 करोड़ से ज्यादा आम स्मार्टफोन और फीचर फोन यूजर्स की पहुंच में ला देगा।
]]>इस नए प्लान की कीमत भारत में 79 रुपये प्रति महीने रखी गई है. हालांकि शुरुआत में यूजर्स को पहला महीना फ्री ट्रायल के तौर पर मिल रहा है. यानी आप पहले इसे इस्तेमाल करके देख सकते हैं और उसके बाद तय कर सकते हैं कि यह आपके लिए जरूरी है या नहीं।
WhatsApp Plus को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि यह कोई बड़ा बदलाव नहीं लाता, बल्कि यह एक तरह का कस्टमाइजेशन पैक है. इसका मतलब यह है कि ऐप के बेसिक फीचर्स जैसे कॉलिंग, स्टेटस, मैसेजिंग और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पहले जैसे ही रहेंगे और सभी यूजर्स के लिए फ्री रहेंगे।
यह सब्सक्रिप्शन सिर्फ उन लोगों के लिए है जो WhatsApp को थोड़ा अलग और पर्सनल तरीके से इस्तेमाल करना चाहते हैं।
इस प्लान के तहत यूजर्स को ऐप के लुक को बदलने का ऑप्शन मिलता है. इसमें करीब 18 नए कलर थीम्स दिए गए हैं, जिनमें अलग-अलग स्टाइल और कलर कॉम्बिनेशन शामिल हैं।
इसके अलावा ऐप का आइकन भी बदला जा सकता है, जिसके लिए 14 नए डिजाइन दिए गए हैं. यानी WhatsApp अब पहले जैसा दिखे, यह जरूरी नहीं है, आप इसे अपनी पसंद के हिसाब से बदल सकते हैं।
सिर्फ लुक ही नहीं, कुछ छोटे लेकिन काम के फीचर्स भी इसमें जोड़े गए हैं. जैसे यूजर्स को एक्सक्लूसिव रिंगटोन मिलती हैं, जो आम यूजर्स के पास नहीं होंगी. इसके साथ ही नए स्टिकर पैक भी दिए जाते हैं. एक और बदलाव यह है कि अब आप अपनी चैट लिस्ट में 20 तक चैट्स को पिन कर सकते हैं, जो पहले लिमिटेड थी।
चैट को मैनेज करने के लिए भी कुछ एडिशनल कंट्रोल दिए गए हैं. यूजर्स अपनी चैट लिस्ट को अपने हिसाब से कस्टमाइज कर सकते हैं, जिससे ऐप का इस्तेमाल थोड़ा ज्यादा आसान और पर्सनल हो जाता है।
अगर सब्सक्राइब करने की बात करें तो प्रोसेस आसान है. WhatsApp की सेटिंग्स में जाकर Subscriptions सेक्शन में WhatsApp Plus का ऑप्शन मिलेगा. वहां से पेमेंट करके इसे एक्टिव किया जा सकता है. पेमेंट Google Play Store के जरिए प्रोसेस होता है और एक्टिवेशन के बाद नोटिफिकेशन भी मिलता है।
हालांकि यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यह फीचर अभी सभी यूजर्स तक नहीं पहुंचा है. अगर आपको Subscriptions में WhatsApp Plus का ऑप्शन नहीं दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि यह अभी आपके अकाउंट के लिए रोलआउट नहीं हुआ है. ऐसे में कुछ दिन इंतजार करना होगा।
अब सवाल यही है कि क्या WhatsApp Plus लेना चाहिए या नहीं. इसका जवाब पूरी तरह यूजर पर निर्भर करता है. अगर आप WhatsApp को सिर्फ मैसेजिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं और आपको उसका मौजूदा लुक और फीचर्स ठीक लगते हैं, तो यह प्लान आपके लिए जरूरी नहीं है।
]]>Samsung Galaxy S25 Ultra को Amazon पर 94,977 रुपये में लिस्ट किया है, जबकि इस हैंडसेट को बीते साल 1,29,999 रुपये में लॉन्च किया था. अब इस हैंडसेट पर 35,022 रुपये का फ्लैट डिस्काउंट मिल रहा है.
Amazon पे आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके यूजर्स को 2849 रुपये का एक्स्ट्रा डिस्काउंट हासिल कर सकते हैं, जिसके बाद ये कीमत घटकर 92,128 रुपये तक हो जाएगी.
सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा को खरीदने के लिए अगर पुराने हैंडसेट एक्सचेंज करेंगो तो मैक्सिमम 22,500 रुपये तक की कीमत को कम किया जा सकता है. इसके बाद सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा की कीमत और कम हो जाएगी, जो 72,477 रुपये तक नीचे जा सकती है. एक्सचेंज वैल्यू पुराने हैंडसेट की कंडिशन पर निर्भर करती है.
Samsung Galaxy S25 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स
Samsung Galaxy S25 Ultra में एक बड़ा डिस्प्ले मिलता है, जो 6.9 इंच का डाइनेमिक LTPO AMOLED 2X डिस्प्ले है, जिसके साथ 120Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलता है. इसमें HDR10+ का सपोर्ट, 2600 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी.
सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा में Snapdragon 8 Elite चिपसेट का यूज किया गया है. इसमें 16GB तक रैम और 1TB तक की स्टोरेज दी गई है. ये ऐप्स को स्मूद परफॉर्मेंस देते हैं
Samsung Galaxy S25 Ultra का कैमरा
Samsung Galaxy S25 Ultra में क्वाड कैमरा सेटअप दिया गया है, जो 200 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा सेंसर के साथ आता है और इसमें OIS का भी सपोर्ट मिलता है. 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल कैमरा, 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस मिलता है, जो 5X ऑप्टिकल जूम के साथ आता है. इसमें 10 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा भी है, जो 3X ऑप्टीकल जूम के साथ आता है.
Samsung Galaxy S25 Ultra की बैटरी
Samsung Galaxy S25 Ultra में 5,000mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W का फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है. यह 30 मिनट में करीब 65 परसेंट बैटरी को चार्ज कर देता है. इसमें 15W वायरलेस चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है. इसमें एस पेन का सपोर्ट मिलता है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सरकारी के पास पावर है. कोर्ट ने कहा है कि आईटी एक्ट सरकार को पूरे प्लेटफॉर्म/ऐप पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है. सरकार के पास यह आदेश जारी करने की शक्ति थी.हाई कोर्ट के इस फैसले के मायने उन सभी मैसेजिंग ऐप के लिए हैं, जो भारत में काम करते हैं.
हाई कोर्ट के फैसले से समझ आता है कि भारत में काम करने वाले सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के प्लेटफॉर्म को भारतीय कानून के बाहर नहीं रखा जा सकता है और उन्हें भारतीय संविधान के तहत काम करना होगा.
21 जून को भारत में NEET एग्जाम
भारत में 21 जून को भारत में NEET 2026 का एग्जाम दोबारा होने जा रहा है, जिसके चलते भारत सरकार ने सावधानी के तौर पर टेलीग्राम पर अस्थाई प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद टेलीग्राम ने सरकार के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और बैन हटाने से इनकार कर दिया है.
टेलीग्राम पर लगते रहे हैं गंभीर आरोप
टेलीग्राम पर अक्सर पेपर लीक और फेक पेपर सर्कुलेट होने के आरोप लगते रहे हैं. दिल्ली हाई कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने दलील देते हुए बताया गया है कि टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कई आतंकवादी गतिविधी में भी हुआ है. ये ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसको कई लोग गैर कानूनी सामान बेचने आदि में भी इस्तेमाल करते हैं.
टेलीग्राम पर ढेरों फीचर्स ऐसे हैं, जिसकी वजह से इसपर अस्थाई बैन लगाने का फैसला लिया गया है. इसपर बिना फोन नंबर के भी अकाउंट तैयार किया जा सकता है. साथ ही एक वर्चुअल ग्रुप में मैक्सिमम 2 लाख तक लोगों को शामिल किया जा सकता है.
व्हाट्सऐप भी जा चुका है कोर्ट
भारत में यह कोई पहला सोशल मीडिया ऐप नहीं है, जो भारतीय न्यायपालिका गया है. इससे पहले मेटा भी वॉट्सऐप पर लगाए गए एक पैनल्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा चुका है. साल 2024 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा व्हाट्सऐप पर 213 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.
टेलीग्राम व्हाट्सऐप से अलग है, क्योंकि यह अपने यूजर्स को चैट और हेवी साइज की फाइल्स शेयरिंग का ऑप्शन देता है. मामला तब और गरमा गया जब टेलीग्राम के CEO पावेल दुरोव ने आरोप लगायाकि रिलायंस कंपनी कुछ विदेशी ऐप्स को ब्लॉक कर रही हैं, ताकि वॉट्सऐप को फायदा हो सके.
आइए जानते हैं वो 5 खास फीचर्स जो अभी भी व्हाट्सऐप पर नहीं मिलते
टेलीग्राम पर लगा बैन सिर्फ कुछ दिनों का है, लेकिन इस बैन की एक बड़ी वजह इसके कुछ ऐसे फीचर्स माने जा रहे हैं जो NEET UG जैसे एग्जाम के दौरान गलत जानकारी या पेपर लीक को तेजी से फैलाने में इस्तेमाल हो सकते हैं.
यूजरनेम फीचर, मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं
टेलीग्राम और व्हाट्सऐप दोनों मैसेजिंग ऐप हैं, लेकिन प्राइवेसी के मामले में टेलीग्राम काफी आगे है. यह यूजर्स को यूजरनेम बनाने की सुविधा देता है. इसकी वजह से ग्रुप में मौजूद लोगों को आपका मोबाइल नंबर नहीं दिखता, बल्कि सिर्फ यूजरनेम दिखाई देता है. यह छोटा सा फीचर प्राइवेसी की एक एक्स्ट्रा लेयर जोड़ देता है.
अपने आप खत्म होने वाले मैसेज
टेलीग्राम की मदद से आप ऐसे मैसेज भेज सकते हैं जो कुछ समय बाद अपने आप गायब हो जाते हैं. हालांकि ऐसा फीचर व्हाट्सऐप में भी डिसअपीयरिंग मैसेजेस के नाम से मौजूद है, लेकिन टेलीग्राम में यह पहले से आया था.
साथ ही व्हाट्सऐप में शेड्यूल मैसेज का ऑप्शन नहीं मिलता, जबकि टेलीग्राम में आप मैसेज भेजने का समय पहले से सेट कर सकते हैं और मैसेज उसी समय डिलीवर होता है.
एडवांस चैट कस्टमाइजेशन
चैट कस्टमाइजेशन के मामले में टेलीग्राम काफी ज्यादा फीचर्स देता है. यूजर अपनी चैट का कस्टम थीम बना सकते हैं, रंग बदल सकते हैं, एनिमेटेड इमोजी और स्टिकर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे चैट को ज्यादा पर्सनल बनाया जा सकता है.
व्हाट्सऐप भी ऐसे कुछ फीचर्स लेकर आ रहा है, लेकिन इनमें से कुछ फीचर्स पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल का हिस्सा हो सकते हैं.
बॉट्स और मिनी ऐप्स
यह फीचर टेलीग्राम को सबसे अलग बनाता है. ऐसे फीचर्स दूसरे ज्यादातर मैसेजिंग ऐप्स में देखने को नहीं मिलते. टेलीग्राम में आप चैट के अंदर बॉट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कई काम अपने आप कर सकते हैं.
जैसे टास्क ऑटोमेट करना, ग्रुप मैनेज करना, पोल बनाना या गेम खेलना. इस वजह से टेलीग्राम सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप नहीं रह जाता, बल्कि कई तरह के काम करने वाला एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन जाता है.
बड़े ग्रुप और मैसेज एडिटिंग फीचर
टेलीग्राम का सबसे बड़ा फीचर इसके बड़े ग्रुप हैं. इस ऐप पर 2 लाख तक मेंबर्स वाला ग्रुप बनाया जा सकता है और एक साथ सभी लोगों तक मैसेज पहुंचाया जा सकता है. वहीं व्हाट्सऐप में ग्रुप की लिमिट काफी कम है. इसी वजह से बड़े स्तर पर जानकारी फैलाने के लिए टेलीग्राम ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है.
मैसेज एडिटिंग फीचर भी काफी फेमस है. इसकी मदद से भेजे गए मैसेज को बाद में एडिट किया जा सकता है, जबकि मैसेज का टाइमस्टैम्प वही रहता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने इस फीचर को लेकर टेलीग्राम से कुछ बदलाव करने की मांग की है.
]]>NTA के हेड के मुताबिक कोई नया पेपर लीक मामला सामने नहीं आया था, लेकिन सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी मैसेज की वजह से स्टूडेंट्स के बीच तनाव बढ़ रहा था. गूगल ने भारत में अपने प्ले स्टोर से टेलीग्राम को हटा दिया है और एप्पल भी जल्द ऐसा कर सकता है.
जानिए इस बैन के बाद टेलीग्राम के CEO का बड़ा बयान
टेलीग्राम के फाउंडर और CEO पावेल दुरोव ने भारत सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि इस बैन की वजह से 15 करोड़ रेगुलर यूजर्स को सजा मिल रही है, जबकि एक्शन उन लोगों पर होनी चाहिए जो पेपर लीक की जानकारी फैला रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि इस बैन का ज्यादा मतलब नहीं बनता, क्योंकि जो लोग पेपर लीक करना चाहते हैं, वे दूसरे ऐप्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
इस पूरे बयान से साफ है कि पावेल दुरोव भारत सरकार के इस फैसले से खुश नहीं हैं. उनका कहना है कि पेपर लीक करने वाले लोग दूसरे प्लेटफॉर्म का भी सहारा ले सकते हैं.
जानिए पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद टेलीग्राम ने क्या एक्शन लिया था
NEET UG पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद टेलीग्राम ने भारत सरकार के साथ पूरा सहयोग किया था. कंपनी ने ऐसे कई चैनल और ग्रुप हटाए थे जो पेपर लीक से जुड़ी जानकारी शेयर कर रहे थे.
पिछले कुछ हफ्तों में इस एक्शन की मदद से कई ऐसे ग्रुप भी सामने आए थे जो फर्जी पेपर लीक रैकेट चला रहे थे.
जानिए NTA ने यह कदम क्यों उठाया
NTA के मुताबिक टेलीग्राम को करीब एक महीने तक मॉनिटर किया गया. इस दौरान पता चला कि टेलीग्राम पर अभी भी Paper Leak NEET जैसे चैनल बनाए जा रहे थे, जिससे स्टूडेंट्स के बीच डर का माहौल बन रहा था.
साथ ही एग्जाम के समय कई पेपर लीक माफिया टेलीग्राम पर एक्टिव रहते हैं और अपने रैकेट चलाते हैं. एजेंसी को आशंका थी कि पेपर लीक की कोशिश की जा सकती है, इसलिए NTA को यह कदम उठाना पड़ा.