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सरेंडर्ड माओवादियों का विवरण :
आइजी बस्तर सुन्दरराज पी ने बताया कि इन नक्सलियों में रामजी उर्फबिच्चे (24) निवासी तडोकी थाना बासागुडा जिला बीजापुर। ये उदंती एलओएस का कमांडर था। इस पर सरकार ने 3 लाख का ईनाम घोषित किया था।
लखमु मोडियाम (32) साकिन कोकरा गायतापारा थाना बीजापुर का निवासी है। ये डिप्टी कमांडर है और इस पर भी 3 लाख रुपए का ईनाम है।
लक्खू तेलाम उर्फ जित्तू (28) साकिन सल्लूर हल्लेर पारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर । ये सदस्य था और इंसास रायफल लेकर चलता था। इस पर 2 लाख का ईनाम था।
संगीता मोडियामी (25) साकिन कोकरा गायतापारा थाना बीजापुर । इस पर 2 लाख का ईनाम घोषित था। ये 12 बोर की बंदूक लेकर चलती थी।
रंजीता ओयाम (23) , ग्राम चिन्नाजोजेर तालाबपारा थाना बीजापुर । ये भी 12 बोर बंदूक लेकर चलती थी। इस पर 1 लाख रुपए का ईनाम था।
राजकुमारी यादव (26) ग्राम नयापारा चेरकंटी थाना बीजापुर। ये एसएलआर रायपफल लेकर चलती थी। इसकेसिर पर 1 लाख का ईनाम था।
.हुंगा पोडियामी (24) निवासी स्कूलपारा गुज्जाकोण्टा थाना तोयनार जिला बीजापुर। ये भरमार लेकर चलती थी इसके सिर पर भी 1 लाख रुपए का ईनाम घोषित था।
इन सभी नक्सलियों को 10 ..10 हजार रुपए की सहायता तत्काल दी गई। इसके अलावा ट्रैक शूट और साड़ी भी दिया गया। शासन की अन्य योजनओं का लाभ भी इनको जल्दी ही दिलाया जाएगा।
क्या है पूरा मामला :
घटना मंगलवार की रात की बताई जा रही है। शाम के वक्त बीजागोंड गांव की गायों के 2 झुंड एक खेत में कोदों की फसल चरने के लिए घुसी थीं। खेत में किसान ने खरपतवार नाशक का छिड़काव किया हुआ था, जिसके चलते चारा विषाक्त हो गया था, और इन गायों ने इस विषैले में चारे को खाया, जिससे रात उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई । रात 10:30 बजे डॉक्टरों की टीम गांव में पहुंची और उसने इलाज भी शुरू किया । यहां से चारे पानी का सैंपल भी इकट्ठा किया जा रहा है। उसे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय भेजा जाएगा । इसके अलावा कामधेनु विश्वविद्यालय की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है, वह भी मौके की जांच कर रही है, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर बार-बार एक ही तरह की लापरवाही क्यों ? जबकि ऐसे खरपतवार नाशक उनके लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पहले से ही ट्राइकोडरमा 17 नामक दवा बना चुका है, जिसे खेत में डालने पर 40 दिन में किसी भी फसल का अवशेष खाद में तब्दील हो जाता है । इसका कोई दुष्प्रभाव भी किसी पर नहीं पड़ता है । दूसरा यह कि अगर खेत में कीटनाशक का प्रयोग किया गया था तो वहां जानवर न जाएं इस बात के क्या प्रबंध किए गए थे ? अगर नहीं किए गए तो इसका जिम्मेदार कौन है ? तीसरा यह कि अगर किसान ने कीटनाशक का छिड़काव किया था , तो क्या उसने पशुपालकों को बताया था कि मैं कीटनाशक छिड़कने जा रहा हूं, मेरे खेत में जानवरों को मत जाने देना? जबकि बीजागोंडी गांव में सिर्फ तीन ही झुंड है गायों के। ऐसे में 3 लोगों को बता देने से इन गायों की जान बचाई जा सकती थी, जबकि ऐसा नहीं किया गया ? अब प्रशासन जागा है । ऐसे में अहम सवाल यह है कि आखिर किसान कब तक लेते रहेंगे अपने ही जानवरों की जान ?
उन्होंने बताया कि डीआरजी और पुलिस (DRG and Police ) का संयुक्त सुरक्षा बल गश्त पर निकला हुआ था । जैसे ही यह लोग गच्चनपल्ली के जंगलों में पहुंचे । पहले से घात लगाए हुए नक्सलियों ने इन पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी । अचानक फायरिंग राय जवानों ने भी मोर्चा संभाला और एक नक्सली को मौके पर ही मार गिराया। बाकी नक्सली घने जंगलों की ओट लेकर फरार होने में कामयाब हो गए । मौका-ए मुठभेड़ की सर्चिंग के दौरान वहां से एक भरमार सहित बड़ी तादाद में विस्फोटक बरामद हुआ है । मारे गए नक्सली की अभी भी शिनाख्त नहीं हो सकी है।
भेजी के गच्चनपल्ली में हुए एनकाउंटर में डीआरजी जवानों ने एक वर्दीधारी नक्सली किया ढेर, एक भरमार बंदूक, विस्फोटक समेत भारी मात्रा में नक्सली सामाग्री बरामद, बुधवार दोपहर 3 बजे हुई मुठभेड़। मारे गए नक्सली का शव बरामद पर शिनाख्त नहीं। एसपी शलभ सिन्हा ने की पुष्टि।
]]>क्या है पूरा मामला :
मिली जानकारी के अनुसार मैनपाट ब्लॉक के ग्राम डुमरपारा कतकालो निवासी शनिराम माँझी (50 ) ने अपनी पत्नी मानमती माँझी (48) की चरित्र पर शंका के चलते (Doubt on character) टाँगी मारकर हत्या (Murder by Axe ) कर दी। इस संबंध में थाना प्रभारी अनूप कुमार एक्का ने बताया कि पति को अपनी पत्नी के चरित्र पर शंका थी। पति का कहना था कि उसकी पत्नी का गाँव के युवक के साथ अवैध संबंध है, जिसको लेकर दोनों के बीच हमेशा विवाद हुआ करता था।
इस संबंध में पति ने पत्नी को कई बार समझाइश भी दिया था। किंतु पत्नी पर इसका कोई असर नही हुआ। घटना के दिन पति शराब के नशे में था और अवैध संबंध को लेकर अपनी पत्नी को समझा रहा था। इसी बात पर दोनों के बीच
विवाद हो गया। और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर पति ने घर मे रखा टाँगी से अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे घटनास्थल पर ही पत्नी की मौत हो गई। घटना पश्चात पुलिस ने आरोपी पति को मय हथियार गिरफ्तार कर लिया है ।
]]>हत्या को छिपाने बना दी फिल्मी कहानी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी रवि शर्मा की पत्नी मंजू को उसके दूसरे शादी के बारे में भनक लग गई थी. इस वजह से आए दिन रवि और मंजू के बीच झगड़े होने लगे. इस बात से परेशान होकर रवि ने पत्नी मंजू को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. वारदात की रात आरोपी भिलाई के सिविक सेंटर इलाके के एक शराब दुकान पहुंचा. यहां से उसने पूरी वारदात की प्लान की.
बेवजह की एक शख्स की हत्या
आरोपी रवि ने शराब दुकान के पास से एक शख्स को शराब पिलाने के बहाने अपने घर ले आया. घर आकर उसने अपनी पत्नी से कहा कि ये शख्स उसे ब्लैकमेल कर रहा है. इसलिए उसकी हत्या करनी होगी. फिर, रवि और उसकी पत्नी मंजू ने मिलकर उस शख्स को नींद की गोली दी. फिर हाथ पैर बांध दिए. मौका देख आरोपी रवि ने पत्नी के भी हाथ पैर बांधे और मुंह में टेप लगाकर दोनों को जिंदा जला दिया. फिर आरोपी ने अपने बच्चे का भी गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी.
ऐसे लगा पुलिस के हत्थे आरोपी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रवि ने पत्नी मंजू के पिता को फोन किया था. फोन पर उसने कहा था कि अगर अपनी बेटी को बचा सकते हो तो बचा लो. पुलिस की पूछताछ में महिला के पिता ने इस बात का जिक्र पुलिस से किया था. उसने ये भी बताया था कि आरोपी ने किसी स्टेशन से फोन किया. इस क्लू के बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू की. आरोपी राउरकेला फरार होना चाहता था. उससे पहले पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
]]>हाईप्रोफाइल है ये मर्डर केस
गौरतलब है कि भिलाई में हुुआ बहुचर्तित अभिषेक मिश्रा हत्याकांड फिल्म दृश्यम की कहानी से मिलता जुलता है. साल 2015 में 9 नवम्बर की शाम पूरे देश में ख्यातिप्राप्त शंकराचार्य इंजीनियरिंग काॅलेज के चेयरमेन आईपी मिश्रा के इकलौते बेटे अभिषेक मिश्रा का अपहरण हुआ था. बेहद ही हाईप्रोफाइल इस मामले ने पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी थी. हाईप्रोफाइल मामले को देखते हुए पुलिस ने भी इसे सुलझाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था. यही वजह थी कि पूरे देश के करीब 1 करोड़ मोबाइल फोन की डिटेल खंगालने के बाद पुलिस की निगाह भिलाई में रहने वाले सेक्टर 10 निवासी विकास जैन के उपर आ टिक गई थी.
]]>पीएम रिपोर्ट के बाद होगा मामले का खुलासा
मामले की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी हरिश राठौर ने बताया कि मृतक की शिनाख्त हो चुकी है. मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच विवेचना के बाद जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.
बहरहाल, एसईसीएल कर्मी की मौत के मामले में भटगांव थाना प्रभारी किशोर केवट, प्रधान आरक्षक राजेश यादव, संजय चौहान, विनोद परिडा, आरक्षक रजनिश पटेल, प्रकाश साहू समेत डॉग स्क्वाड की टीम सक्रिय रूप से जांच में जुटी हुई है. घटनास्थल की जांच की गई है.