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धीरे-धीर मानसून रफ्तार पकड़ रहा है। गत वर्ष की तुलना में वर्षा अभी कम है। दो दिनों से हो रही वर्षा से फसलों को जीवनदान मिला है। शिप्रा नदी में भी मंगलवार सुबह अच्छा पानी आया और नदी के बीच स्थित मंदिर आधे से ज्यादा डूब गए। बताया जा रहा है कि इंदौर व देवास में शिप्रा से लगे इलाकों में हुई वर्षा से शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा। सांवेर क्षेत्र से कान्ह नदी का पानी भी शिप्रा में आया। इस सीजन में पहली बार शिप्रा में इतना पानी आया है। देवास जिले में 15 जुलाई को लगभग 45 मिमी औसत वर्षा हुई। इसी तरह एक जून से अभी तक जिले में 304.22 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है। गत वर्ष इसी अवधि में 314.51 मिमी वर्षा हुई थी।
उज्जैन में फिर उफनी शिप्रा, घाट के मंदिर डूबे
उज्जैन में लंबे इंतजार के बाद मंगलवार तड़के शहर में करीब 50 मिमी वर्षा हुई। इससे एक बार फिर शिप्रा नदी उफनी। रामघाट के मंदिर पानी में डूबे। नाले-नालियां चोक होने से कई सड़कें तालाब बन गईं। इससे आवाजाही में लोगों को परेशानी हुई। घुटनों तक पानी भरता देख नागरिकों ने नगर निगम को कोसा और स्टार्म वाटर प्रबंधन पर प्रश्न खड़े किए। शहर में मंगलवार शाम तक 232 मिलीमीटर बरसात हो चुकी है।
मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर बुधवार को हल्की वर्षा होने का अनुमान जताया है। शाजापुर में आवागमन प्रभावितशाजापुर में दो दिन से हो रही वर्षा से चीलर नदी में जल स्तर बढ़ा और एक घाट जलमग्न हो गया। दोपहर बाद घाट से पानी उतरा। लखुंदर, चीलर, कालीसिंध, पार्वती, नेवज, जमधड़ और अन्य नदियों में पानी का बहाव बढ़ा। इससे जिले में कई जगह आवागमन प्रभावित हुआ। कालापीपल-शुजालपुर क्षेत्र के गांवों में घरों में पानी घुस गया। शाजापुर-बिजाना मार्ग जाईहेड़ा स्थित पुलिया पर पानी आ जाने से बंद रहा। करेड़ी मार्ग स्थित जादमी-भदौनी मार्ग की पुलिया के ऊपर से बह रही लखुंदर नदी में जल स्तर और बढ़ गया। शुजालपुर में पानी की निकासी नहीं होने से वर्षा का पानी फ्रीगंज में गायत्री मंदिर परिसर में घुस गया। जिले में 28.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है।
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 3 बच्चों की मौत
धार में अर्जुन कालोनी क्षेत्र में फड़के स्टूडियो की पहाड़ी पर मंगलवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से तीन बच्चों की मौत हो गई। बच्चों के माता-पिता मजदूरी करने के लिए गए थे। ये बच्चे मैदान में खेल रहे थे, तभी अचानक वर्षा शुरू होने लगी। इससे बचने के लिए वे पेड़ के नीचे पहुंच गए। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरी और 15 वर्षीय पंकज, 10 वर्षीय गणेश तथा 10 वर्षीय विजय की मौत हो गई। शुभम का इलाज जिला चिकित्सालय की गहन चिकित्सा इकाई में चल रहा है।
तीन बड़े नेताओं ने किया फोन
हरियाणा में अगले 2-3 घंटों के दौरान हरियाणा के जिलों में भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। हिसार, झज्जर, जींद, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और सोनीपत में मौसम का पूर्वानुमान गर्म और बहुत असहज मौसम बना हुआ है। आसमान में बादल छाए रहेंगे। अगले 24 घंटों के दौरान सहारनपुर और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। स्कायमेट वेदर के अनुसार मुंबई में मानसूनी बारिश बार-बार हो होगी। 20 से 22 जुलाई के बीच मुंबई और उपनगरों में मध्यम से भारी बारिश का एक और दौर आ सकता है। अनुमान है कि अब अरब सागर से आने वाली पश्चिमी धारा फिर से तेज हो जाएगी। इस सप्ताह गुजरात के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। सौराष्ट्र और कच्छ में मध्य और उत्तरी गुजरात के कुछ हिस्सों की तुलना में अधिक बारिश होगी। दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में बारिश संभव है जिसमें गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद शामिल हैं। गुजरात में मूसलाधार बारिश के आसार है। इससे जनजीवन और यातायात प्रभावित होगा। सुरेंद्रनगर, राजकोट, मोरबी,बोटाद में भारी बारिश होने की संभावना है। अहमदाबाद, गांधीनगर, बड़ौदा आनंद में भी बारिश हो सकती है। दिल्ली में मानसून की छिटपुट बारिश हो रही है। यह बारिश अगले कुछ दिनों तक हल्की रहने की संभावना है और 21-22 जुलाई 2024 तक इसमें तेजी आने की संभावना है।
लौटता मानसून गिराता है बिजलियां
मौसम पूर्वानुमान की निजी एजेंसी स्कायमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा, "मानसून से पहले के महीनों में या जब मानसून वापस जा रहा होता है, तब इतने बड़े पैमाने पर बिजली गिरती है। इसके चलते ही उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाएं देखी जा रही हैं।
जुलाई के अंत में होगी अधिक बारिश
"बारिश की तीव्रता बेहतर होगी। स्कायमेट वेदर के मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन विभाग का अनुमान है कि जुलाई के अंत में अधिक बारिश होने की संभावना है।
पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण हुए भूस्खलन से भारत- चीन अंतर्राष्ट्रीय सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट- लिपुलेख सड़क मार्ग तपोवन, दोबाट, कूलागाड़ आदि जगहों पर बंद है। इसके कारण श्री आदि कैलाश यात्रा से वापस आ रहे 23 यात्री तीन-चार दिनों से तवाघाट में फंसे हुए थे।
यात्रियों के फंसे होने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़, रेखा यादव के आदेशानुसार, शनिवार को पुलिस उपाधीक्षक पिथौरागढ़, परवेज अली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली धारचूला,विजेंद्र शाह एसएसबी व एनडीआरएफ टीम के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाकर मार्ग में फंसे सभी यात्रियों को सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।सभी यात्रियों ने पुलिस, एनडीआरएफ व एसएसबी टीम के इस कार्य की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
]]>ग्वालियर, चंबल, रीवा में मौसम शुष्क
इस दौरान प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 34 से 67 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं भी चली। वहीं, ग्वालियर, चंबल एवं रीवा संभाग में मौसम शुष्क बना हुआ हैं। इन संभागों के जिलों में अभी भी लू जैसे हालत हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अभी दो दिन- सोमवार तक भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में कई स्थानों पर एवं जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है।
विशेषकर इंदौर संभाग के धार, बड़वानी, खरगोन में कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश के अधिकतर शहरों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो रही है। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट भी होने लगी है। हालांकि उत्तरी मध्य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, रीवा संभाग के जिलों में तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस तक बना रहने की संभावना है।
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