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खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खातीपुरा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 'चिंटू मोमो' फैक्ट्री पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद इसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
चिंटू मोमो फैक्ट्री में मिली भारी गंदगी
खातीपुरा में संचालित 'चिंटू मोमो' फैक्ट्री, जिसके प्रोपराइटर दीपक चौरे हैं, शहर के विभिन्न फास्ट फूड संचालकों को मोमोस सप्लाई करती है। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान परिसर में भारी गंदगी मिली। रॉ मटेरियल (कच्चे माल) का भंडारण भी उचित तरीके से नहीं किया गया था।
बच्चों के लिए 'जहर' अजीनोमोटो का जखीरा
टीम को मौके पर बड़ी मात्रा में अजीनोमोटो (Ajinomoto) मिला। प्रभारी वर्षा खराटे ने पुष्टि की कि इस अजीनोमोटो का इस्तेमाल मोमोस बनाने में किया जा रहा था। यह स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों में तय सीमा से अधिक अजीनोमोटो का उपयोग हो रहा था, जो विशेष रूप से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है।
लाइसेंस नहीं, फैक्ट्री सील
सबसे गंभीर बात यह पाई गई कि परिसर में खाद्य पदार्थ निर्माण के लिए आवश्यक वैध अनुज्ञप्ति (फूड लाइसेंस) ही नहीं थी। जन स्वास्थ्य और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए, परिसर में खाद्य कारोबार को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और फैक्ट्री को सील कर दिया गया। टीम ने मौके से 04 प्रकार के मोमोस, मसाला, अजीनोमोटो, तंदूरी मसाला और चीज़ सहित कुल 07 नमूने जांच के लिए भेजे हैं और लगभग 150 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किया है।
बायपास के रेस्टोरेंट भी रडार पर
एक अन्य टीम ने तहसीलदार योगेश मेश्राम के नेतृत्व में इंदौर बायपास स्थित पपाया ट्री रेस्टोरेंट से पनीर और चना दाल के नमूने लिए। वहीं, जुरू रेस्टोरेंट (बायपास) से पनीर, पनीर लबाबदार और सेवइयां के सैंपल लिए गए। इसके अलावा, राउ स्थित यूडब्लयूसी फूड प्राइवेट लिमिटेड, जो चिप्स निर्माण का काम करती है, से चिप्स और आलू पाउडर के नमूने भी लिए गए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी सैंपलों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अजीनोमोटो से बड़ा खतरा
इस मामले पर भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने कहा कि जंक फूड में अजीनोमोटो डाला जाता है, जो सेहत के लिए बहुत खतरनाक होता है. जंक फूड में उन चीजों का इस्तेमाल हो रहा है, जो विकसित देशों में प्रतिबंधित. इसका समर्थन करते हुए सदन में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, '' पिछले दिनों मैंने इंदौर के प्रमुख डॉक्टर्स की एक बैठक बुलाई थी. उनसे पूछा था कि बहुत कम उम्र में हार्ट अटैक आ रहा है, कैंसर हो रहा है. इस पर डॉक्टरों ने बताया कि जंक फूड से बचना चाहिए. कुछ ऐसे जंक फूड हैं, जिनमें अलग-अलग तरह के सॉल्ट, विनेगर वगैरह डाले जाते हैं. जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरे नहीं पाए जाते. ये बच्चों के लिए खतरनाक हैं, ऐसे में मेरी मांग है कि सरकार को इस मामले में जांच करवाना चाहिए.''
विधायक अभिलाष पांडे ने उठाया था सवाल
भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने सदन में स्वास्थ्य मंत्री से जंक फूड में मिलाए जा रहे हानिकारक पदार्थों पर रोक लगाने की मांग उठाई थी. उन्होंने कहा, '' यह प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता से जुड़ा हुआ मामला है. वर्तमान में जिस प्रकार से खाद्यान्न पदार्थ में मिलावट हो रही है. छोटे-छोटे स्ट्रीट वेंडर अनेक स्थानों पर दुकान लगा रहे हैं. इस पर पूरे सिस्टम में अनियमितताएं देखी जा रही हैं. जिस प्रकार अजीनोमोटो, फ्लेवर इनग्रेडिएंट्स और प्रिजर्वेटिव्स समेत अन्य चीज डाली जा रही हैं, इस पर गंभीर कानून बनाए जाने की आवश्यकता है.''
खान पान दुकानों पर सघन जांच की आवश्यकता
विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने आगे कहा, '' जबलपुर जिले में केवल 17 दुकानों की जांच हुई है. जबकि केवल मेरी विधानसभा में ही डेढ़ से 2 हजार खान-पान की छोटी दुकानें हैं. पूरे जिले में केवल 17 ही जांच हो पाएंगी तो इस कार्रवाई को और तेजी से बढ़ाने की जरूरत है. आज जिस प्रकार से बच्चों में फैट और विभिन्न प्रकार की विकृतियां सामने आ रही हैं, वह इन सभी फास्ट फूड के कारण ही है. ऐसे में सख्ती से जांच और कार्रवाई की जरूरत है.''
]]>अजीनोमोटो से बड़ा खतरा
इस मामले पर भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने कहा कि जंक फूड में अजीनोमोटो डाला जाता है, जो सेहत के लिए बहुत खतरनाक होता है. जंक फूड में उन चीजों का इस्तेमाल हो रहा है, जो विकसित देशों में प्रतिबंधित. इसका समर्थन करते हुए सदन में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, '' पिछले दिनों मैंने इंदौर के प्रमुख डॉक्टर्स की एक बैठक बुलाई थी. उनसे पूछा था कि बहुत कम उम्र में हार्ट अटैक आ रहा है, कैंसर हो रहा है. इस पर डॉक्टरों ने बताया कि जंक फूड से बचना चाहिए. कुछ ऐसे जंक फूड हैं, जिनमें अलग-अलग तरह के सॉल्ट, विनेगर वगैरह डाले जाते हैं. जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरे नहीं पाए जाते. ये बच्चों के लिए खतरनाक हैं, ऐसे में मेरी मांग है कि सरकार को इस मामले में जांच करवाना चाहिए.''
विधायक अभिलाष पांडे ने उठाया था सवाल
भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने सदन में स्वास्थ्य मंत्री से जंक फूड में मिलाए जा रहे हानिकारक पदार्थों पर रोक लगाने की मांग उठाई थी. उन्होंने कहा, '' यह प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता से जुड़ा हुआ मामला है. वर्तमान में जिस प्रकार से खाद्यान्न पदार्थ में मिलावट हो रही है. छोटे-छोटे स्ट्रीट वेंडर अनेक स्थानों पर दुकान लगा रहे हैं. इस पर पूरे सिस्टम में अनियमितताएं देखी जा रही हैं. जिस प्रकार अजीनोमोटो, फ्लेवर इनग्रेडिएंट्स और प्रिजर्वेटिव्स समेत अन्य चीज डाली जा रही हैं, इस पर गंभीर कानून बनाए जाने की आवश्यकता है.''
खान पान दुकानों पर सघन जांच की आवश्यकता
विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने आगे कहा, '' जबलपुर जिले में केवल 17 दुकानों की जांच हुई है. जबकि केवल मेरी विधानसभा में ही डेढ़ से 2 हजार खान-पान की छोटी दुकानें हैं. पूरे जिले में केवल 17 ही जांच हो पाएंगी तो इस कार्रवाई को और तेजी से बढ़ाने की जरूरत है. आज जिस प्रकार से बच्चों में फैट और विभिन्न प्रकार की विकृतियां सामने आ रही हैं, वह इन सभी फास्ट फूड के कारण ही है. ऐसे में सख्ती से जांच और कार्रवाई की जरूरत है.''
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