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बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान बाहुबली नेता अनंत सिंह वोट डालने के लिए पहुंचे. मतदान करने के बाद वो फिर से जेल लौट गए. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कई अहम बयान दिए. अनंत सिंह ने ऐलान किया कि अब वे आगे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि अब उनके बच्चे ही राजनीति में आगे बढ़ेंगे और चुनाव लड़ेंगे.
बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बाद ही अनंत सिंह ने यह फैसला लिया है. फिलहाल उनके इस बयान से बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है. अनंत सिंह ने दावा किया कि एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे. उन्होंने कहा कि गठबंधन मजबूत है और सभी प्रत्याशियों की जीत तय मानी जा रही है.
मुख्यमंत्री पद को लेकर भी अनंत सिंह ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि निशांत कुमार में मुख्यमंत्री बनने के सभी गुण मौजूद हैं. हालांकि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फैसला बड़े नेता करेंगे.
पिछले साल मिली थी धमाकेदार जीत
बता दें कि पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह को धमाकेदार जीत मिली थी. उन्होंने मोकामा सीट से 28,206 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. अनंत सिंह ने आरजेडी की उम्मीदवार वीणा देवी को हराया था. अनंत सिंह को 91,416 वोट मिले, जबकि वीणा देवी को 63,210 वोट मिले. जेल में रहने के बावजूद अनंत सिंह ने ये चुनाव जीता था. 3 फरवरी 2026 को उन्हें जेल से पुलिस की गाड़ी में बिहार विधानसभा लाया गया. जहां उन्होंने विधायक पद की शपथ ली. शपथ लेने के बाद उन्हें फिर से जेल वापस ले जाया गया.
अनंत सिंह क्यों हैं जेल में?
अनंत सिंह इस समय जेल में हैं. उन पर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में शामिल होने का आरोप है. 1 नवंबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्हें गिरफ्तार किया गया था. ये गिरफ्तारी उनके समर्थकों और यादव के लोगों के बीच हुई झड़प के बाद हुई, जिसमें दुलार चंद यादव की मौत हो गई थी. पटना की एक अदालत ने उन्हें बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया. नवंबर 2025 में स्पेशल MP-MLA कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब इस फैसले को पटना हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी की जा रही है.
अनंत सिंह का चुनावी सफर
अनंत सिंह ने 2005 में जेडीयू (JD(U)) के टिकट पर मोकामा सीट से पहली बार विधायक का चुनाव जीता था. इसके बाद वह कुल 6 बार विधायक चुने जा चुके हैं. उन्होंने 2005, 2010, 2015, 2020 और 2025 में चुनाव जीता. अलग-अलग चुनावों में उन्होंने कभी किसी पार्टी के टिकट पर तो कभी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की.
2005 – पहली बार मोकामा से विधायक बने (JDU के टिकट पर)
2010 – दूसरी बार जीत हासिल की (JDU)
2015 – तीसरी बार जीत (निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में)
2020- चौथी बार जीत (RJD के टिकट पर)
2022-आर्म्स केस में सजा के बाद उनकी सदस्यता चली गई. इस दौरान उनकी पत्नी नीलम देवी ने उपचुनाव जीतकर सीट बरकरार रखी.
2025- छठी बार मोकामा सीट से जीत (JDU). जबकि वे उस समय जेल में थे और RJD की वीणा देवी को करीब 28,206 वोटों से हराया.
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मिली जानकारी के अनुसार पटना पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए गैंगस्टर सोनू समेत 2 लोगों को अरेस्ट किया है. ग्रामीण एसपी पटना ने गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी है. बताया जा रहा है कि पटना के मोकामा में हुई 60-70 राउंड फायरिंग के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था. ऐसे में पटना पुलिस इस मामले को लेकर तेजी से जांच में जुट गयी है. वहीं इस मामले में अब एक्शन का दौर तेजी से शुरू हो गया है. ग्रामीण एसपी ने बताया कि इलाके में शांति व्यवस्था बहाल है. पुलिस की टीम कैंप कर रही है. जो भी दोषी हैं उन पर कार्रवाई की जाएगी.
जानकारी के अनुसार पटना पुलिस सोनू और रौशन के अलावा इस मामले में अन्य लोगों को भी पकड़ने में जुटी है. बताया जा रहा है कि पटना पुलिस जल्द ही सोनू के भाई मोनू समेत अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर सकती है. वहीं पटना पुलिस की इस कार्रवाई से मोकामा टाल क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. बता दें, मोकामा में बुधवार देर शाम हुए फायरिंग के बाद कल गुरुवार को अनंत सिंह और सोनू दोनों ने अपने घर में मीडिया वालों से बात कर खुलकर एक दूसरे के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली थी. यहां तक की अनंत सिंह और सोनू ने एक दूसरे को देख लेने की चुनौती भी दी थी. अनंत सिंह और सोनू ने एक दूसरे पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं.
क्या है मामला?
बिहार के मोकामा में बुधवार को अनंत सिंह और सोनू-मोनू गैंग के बीच 70 से 80 राउंड गोलियां चलीं थीं, जिसमें अनंत सिंह बाल-बाल बचे थे. वारदात के दौरान अनंत सिंह के एक समर्थक को गोली लग गई थी. इस मामले में पुलिस ने अनंत सिंह और सोनू मोनू को नामजद करते हुए कुल तीन FIR दर्ज की थीं.
जलालपुर नौरंगा गांव में फायरिंग की घटना से थाने की दूरी महज 500 मीटर है. पटना जिला के अंदर आने वाला पंचमहला थाना घटनास्थल के बिल्कुल करीब है. वहीं, डुमरा पंचायत के हेमजा गांव में जो फायरिंग की घटना हुई है, वहां से थाने की दूरी महज एक किलोमीटर है.
गैैंगवार के मामले में तीन केस दर्ज
पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह और कुख्यात सोनू–मोनू के बीच गैंगवार के मामले में अनंत सिंह पर केस दर्ज हुआ है, इससे अनंत सिंह की मुश्किलें भी बढ़ती दिख रही हैं. फायरिंग को लोग लेकर पंचमहाल थाने में तीन अलग-अलग केस दर्ज हुए हैं. ग्रामीण एसपी बिक्रम सिहाग ने बताया था कि फायरिंग मामले में तीन केस दर्ज किए गए हैं.
एक ग्रामीण के आवेदन पर सोनू मोनू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था जबकि सोनू मोनू की मां उर्मिला देवी के बयान पर पूर्व जनप्रतिनिधि अनंत सिंह के खिलाफ केस दर्ज हुआ. तीसरी एफआईआर पुलिस की ओर से दर्ज की गई है, जिसमें पुलिस के काम में बाधा खड़ी करने और फायरिंग से जुड़ा मामला है.
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