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मध्यप्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है – अफसर सुधरें, जनता के काम रुकने नहीं चाहिए, नहीं तो अंजाम ठीक नहीं होगा।”
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के तहत वर्चुअल समीक्षा के दौरान CS जैन ने संभागायुक्त, कलेक्टर, DIG, पुलिस कमिश्नर और SP को दो-टूक निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिलों में किसी भी तरह का अवैध काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, खासकर अवैध खनन पर तत्काल और सख़्त कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी साफ किया कि CM हेल्पलाइन की शिकायतों के निपटारे में लापरवाही मुख्यमंत्री को नाराज़ कर रही है।
अवैध खनन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर फटकार
CS जैन ने समीक्षा में पाया कि कई जिलों में अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। भिंड जिले का उदाहरण देते हुए उन्होंने SP से सीधा सवाल किया – पुलिस का डर कहां है? ऐसे नहीं चलेगा।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को लेकर भी नाराज़गी जताई। भिंड से बड़ी संख्या में नवजातों को ग्वालियर रेफर किए जाने पर कलेक्टर को निर्देश दिए कि जिले में ही बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
एयर एंबुलेंस में भी बड़ा अंतर
समीक्षा में सामने आया कि
रीवा (44), जबलपुर (21), भोपाल (14), छतरपुर (11) और ग्वालियर (5) ने एयर एंबुलेंस सेवा का उपयोग किया
जबकि 32 जिलों ने एक भी बार सेवा नहीं ली, जिसे CS ने गंभीर लापरवाही माना
जिलों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड
ST-SC मामलों में मुआवजा वितरण
अव्वल: जबलपुर, सीहोर, राजगढ़
पिछड़े: विदिशा, मऊगंज, भोपाल शहरी
सड़क हादसों में कमी
आगे: बैतूल, रतलाम, आगर मालवा
पिछड़े: गुना, डिंडौरी, मैहर, मुरैना, श्योपुर, सीधी, अनूपपुर, दमोह, इंदौर, विदिशा, टीकमगढ़
नामांतरण प्रकरण निपटारा
अव्वल: दतिया, हरदा, बड़वानी, बालाघाट, खंडवा
पीछे: दमोह, सीधी
सीमांकन व बंटवारा प्रकरण
आगे: मंडला, बड़वानी, छतरपुर, अशोकनगर
पीछे: मैहर, टीकमगढ़, सीधी
एक बगिया मां के नाम योजना
आगे: खंडवा, सिंगरौली
पीछे: सतना, मुरैना
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम
टॉप: इंदौर, देवास
पिछड़े: भोपाल, ग्वालियर
नर्मदा परिक्रमा पथ सीवरेज योजना
आगे: अनूपपुर, नरसिंहपुर, खंडवा
पीछे: खरगोन, नर्मदापुरम
साफ संदेश: अब बहाने नहीं चलेंगे
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्पष्ट कर दिया कि अब कामकाज में लापरवाही, जनता की अनदेखी और अवैध गतिविधियों पर सीधे एक्शन होगा। अच्छा काम करने वाले अफसरों की पीठ थपथपाई गई, लेकिन पिछड़े जिलों को अंतिम चेतावनी भी दे दी गई।
]]>मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में विधानसभा के आगामी सत्र की तैयारी और लंबित कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में शून्यकाल, अपूर्ण उत्तर, आश्वासन, लोकलेखा समिति की सिफारिशें, विधानसभा में विभागों के प्रशासनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर चर्चा की गयी। मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि सभी विभाग प्रमुख अपने काम समय-सीमा में करें। कार्य की साप्ताहिक समीक्षा भी की जाये।
मुख्य सचिव जैन ने बैठक में 5 वीं राष्ट्रीय मुख्य सचिव कांफ्रेंस की तैयारियों के भी निर्देश दिये। उन्होंने अतिरिक्त कोर्ट केस, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति/ जनजाति आयोग के प्रकरणों में राज्य शासन की ओर से समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये।
बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, जे.एन. कंसोटिया, अशोक वर्णवाल, संजय शुक्ल, मनु श्रीवास्तव, श्रीमती रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, संदीप यादव सहित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं उप सचिव उपस्थित थे।
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पदोन्नति की कार्यवाही समय-सीमा में करें: मुख्य सचिव
लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत पदोन्नति कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये- अनुराग जैन
भोपाल
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत पदोन्नति कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये। यह प्रयास किया जाये कि 31 जुलाई 2025 तक अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नत किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशानुरूप कर्मचारी-कल्याण को प्रमुखता से लें। मुख्य सचिव जैन ने गुरूवार को मंत्रालय में लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025 के परिचर्चा के दौरान यह निर्देश विभाग प्रमुखों को दिये।
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि 9 साल की बड़ी समस्या इस नियम के लागू होने से समाप्त हो सकेगी। नियमों को बनाने में वरिष्ठ सचिव समिति एवं सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बहुत मेहनत एवं गहन चर्चा की। नियमों के लागू होने से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।
कर्मचारी कल्याण को दें प्राथमिकता
मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि अपने विभाग में कर्मचारी-कल्याण को प्राथमिकता दी जाये। विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठकें आयोजित की जाये। कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन, विभागीय जाँच एवं पेंशन प्रकरणों का निराकरण समय से करें।
नियमों की दी गयी विस्तृत जानकारी
परिचर्चा के दौरान अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे एवं उप सचिव अजय कटेसरिया ने मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025 की विस्तृत जानकारी दी। इसमें अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग के लिए आरक्षित पदों की गणना, विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक, अर्हकारी सेवा की गणना, वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन, पदोन्नति हेतु अनुपयुक्तता, पदोन्नति का प्रकार, पदोन्नति के फलस्वरूप वेतन का निर्धारण, सीलबंद लिफाफे की स्थिति में प्रक्रिया सहित प्रतीक्षा सूची से रिक्तियों को भरे जाने की विस्तृत जानकारी दी गयी।
प्रश्नों का समाधान
परिचर्चा में पुलिस, महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन, अनुसूचित जाति विकास, परिवहन, वन सहित अन्य विभाग के अधिकारियों के प्रश्नों का समाधान मुख्य सचिव जैन द्वारा किया गया। मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कर्मचारी-कल्याण से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा की। परिचर्चा में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, आयुक्त एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
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मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकेप) अंतर्गत प्रदेश स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में शहरों की वायु गुणवत्ता सुधार के लिये माइक्रो लेबल एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिये हैं। मुख्य सचिव जैन ने एनकेप अंतर्गत चिन्हित प्रदेश के नॉन अटेनमेंट शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास एवं सागर के कलेक्टर कमिश्नर को आगामी बैठक में स्वच्छ वायु के लिये एक्शन प्लान प्रस्तुत करने को कहा है। बैठक में एनकेप अंतर्गत चिन्हित शहरों के कलेक्टर एवं कमिश्नर वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल हुए। आयुक्त नगरीय निकाय एवं आवास ने एनकेप में चिन्हित प्रदेश के नॉन अटेनमेंट शहरों की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदेश के शहरों की वायु गुणवत्ता सूचकांक (ए.क्यू.आई.) की जानकारी प्रतिदिन प्रस्तुत की जा रही है जिसके अनुसार प्रदेश के 07 नॉन-अटेनमेंट शहरों के अतिरिक्त सिंगरौली, मण्डीदीप एवं पन्ना का वायु गुणवत्ता सूचकांक भी खराब से बहुत खराब श्रेणी का आ रहा है। इनके सुधार के लिये गंभीरतापूर्वक माइक्रो लेबल की प्लानिंग करें। उन्होंने उज्जैन, ग्वालियर, देवास एवं सागर द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिये वर्ष 2023-24 की स्वीकृत राशि का शत-प्रतिशत उपयोग नहीं करने पर अप्रसन्नता जताई।
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि शहरों के आसपास के क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं पर तत्काल रोक के लिये माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पालनार्थ प्रावधानित दण्ड की कार्यवाही विशेष अभियान चलाकर की जाये। इसके साथ-साथ उनको व्यवहारिक समझाईश (कॉउंसलिंग) देने के लिये समय-समय पर कार्यक्रम भी आयोजित करें। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों द्वारा कचरा एकत्रित करने के पश्चात् ना जलाये जाने के संबंध कॉउंसलिंग करें साथ ही निरन्तर निगरानी रखी जाये। की गई कार्रवाई से आगामी बैठक में अवगत करायें।
मुख्य सचिव जैन ने निर्देशित किया कि कृषि विभाग द्वारा वर्तमान में कार्यरत एक्सटेंशन प्रोग्राम में सर्वाधिक फायर इन्सीडेन्स वाले गॉंवों को आवश्यक रूप से शामिल किया जाये तथा इस बावत् विस्तृत कार्ययोजना जिसमें टारगेट एवं एचीवमेंट की जानकारी (संख्यात्मक रूप में) बनाकर आगामी बैठक में प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि एनकेप अन्तर्गत चिन्हित शहरों के लिये वायु गुणवत्ता की विस्तृत जानकारी बावत् प्रतिष्ठित संस्थान से वैज्ञानिक अध्ययन करायें जिससे मुख्य प्रदूषणकारी कारकों की पहचान कर कार्यवाही सुनिश्चित हो सके। मुख्य सचिव जैन ने धूल प्रदूषण नियंत्रण के लिये शहरों में निर्माणाधीन स्थलों पर पानी छिड़काव के लिये स्प्रिक्लर एवं ग्रीन नेट इत्यादि की समुचित व्यवस्था की जाये तथा संबंधितों एजेन्सियों के जागरूकता के लिये समय-समय पर कार्यशालाएं भी आयोजित करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि इन्दौर की तरह शहरों में चिन्हित हाट स्पाट से धूल उडने वाले स्थानों पर नियमित रूप से पानी के छिड़काव के साथ मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का प्रयोग सुनिश्चित करें। वाहनों से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिये तत्काल प्रभाव से पीयूसी नार्मस का पालन कराते हुये प्रथम चरण में पुराने वाहनों (प्रीबीएस एवं बीएस-1) को हटाया जाये तथा द्वितीय चरण में विस्तृत अध्ययन एवं डाटा विश्लेषण पश्चात बीएस-2 वाहनों के लिये यह कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। शहर तथा शहर के बाहर 10 किलोमीटर क्षेत्र एवं प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित इकाईयों द्वारा निर्धारित पर्यावरण संबंधी नियमों का कम्पलाइंस किया जाये, इस बात की सतत् निगरानी की जाये।
मुख्य सचिव जैन ने संचालन समिति की बैठकों का आयोजन निर्धारित समय में करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बैठक मुख्य रूप से शीत ऋतु के पूर्व, शीत ऋतु दौरान एवं शीत ऋतु के बाद अनिवार्य रूप से करें। बैठक में वायु-प्रदूषण नियंत्रण के लिये प्रस्तावित योजनाऍं एवं उनके संबंध में की गई कार्यवाही की समीक्षा की जाये। साथ ही वायु प्रदूषण को कम करने के लिये आगामी योजनओं पर भी गंभीरतापूर्वक चर्चा की जा सके।
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नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम पद की शपथ ले ली है और उनके साथ ही पूरे मंत्री परिषद का भी रविवार को शपथ ग्रहण हो गया है। भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा अब केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। इसके साथ ही पार्टी की नए अध्यक्ष की तलाश तेज हो गई है। जेपी नड्डा का कार्यकाल बीते साल दिसंबर में ही समाप्त हो गया था, लेकिन उन्हें 6 महीने का विस्तार मिला था। अब उनका एक्सटेंशन पीरियड भी 30 जून तक समाप्त हो रहा है। इसलिए भाजपा को नए अध्यक्ष की तलाश है औऱ जिन नामों की चर्चा तेज थी, उनमें से भी को केंद्र सरकार का ही हिस्सा बना लिया गया है।
अब तक चर्चा थी कि मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को पार्टी की कमान मिल सकती है। इसके अलावा मनोहर लाल खट्टर का नम भी चर्चा में था। इन दोनों नेताओं को भी कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई है। वहीं धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव को भी लेकर भी अटकलें तेज थीं। ये दोनों नेता भी फिर से मंत्री बन गए हैं। अब इसके बाद चर्चा जोरों पर है कि संगठन में पहले से ही काम कर रहे किसी नेता को कमान मिल सकती है। इन नेताओं में पार्टी के दो महासचिवों के नाम चर्चा में हैं। एक नाम है सुनील बंसल का। वह यूपी में संगठन महामंत्री रहे हैं और उन्हें जीत का श्रेय दिया जाता है।
विनोद तावड़े का नाम भी अध्यक्ष पद की रेस में
सुनील बंसल को अमित शाह का भरोसेमंद माना जाता है। एक नाम विनोद तावड़े का चर्चा में है। वह पिछड़े समाज से आते हैं और बीते कुछ सालों में तेजी से उनका उभार हुआ है। महाराष्ट्र से आने वाले विनोद तावड़े राज्य सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। फिलहाल वह महासचिव हैं और बिहार के प्रभारी भी हैं। लोकसभा चुनाव कैंपेन में भी उन्हें अहम जिम्मेदारी दी गई थी। तावड़े को कुछ ही समय में काफी महत्व मिला है और वह मोदी सरकार की योजनाओं के प्रचार का कामकाज देखते रहे हैं।
क्यों बंसल का रिपोर्ट कार्ड भी चर्चा में, अध्यक्ष बनने के भी कयास
वहीं सुनील बंसल की बात करें तो वह ओडिशा, बंगाल और तेलंगाना के प्रभारी हैं। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश में अहम रोल अदा कर चुके हैं। यूपी में अच्छे प्रदर्शन का ही उन्हें इनाम मिला था और पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका दी थी। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वह भाजपा के कॉलसेंटर्स को देख रहे थे। फीडबैक ले रहे थे और उसके आधार पर जमीन पर काम करने का प्लान तैयार किया गया था। उन्होंने कम अरसे में ही भाजपा हाईकमान का भरोसा जीता है। फिलहाल यह भी संभावना है कि नए अध्यक्ष की तलाश पूरी होने तक नड्डा ही पद पर बने रहें। एक और नाम अनुराग ठाकुर का भी अचानक से चर्चा में आया है। इसकी वजह यह है कि वह हमीरपुर सीट से जीते हैं और मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं गए हैं।
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