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रामानंद सागर की 'रामायण' में भगवान राम का रोल करने वाले अरुण गोविल ने महाकाव्य को फिर से बनाने के कई आधुनिक प्रयासों पर खुलकर बात की है। एक इंटरव्यू में बोलते हुए अरुण ने बताया कि इस जेनरेशन में कौन सा एत्टर भगवान राम का रोल प्ले कर सकता है।
अरुण गोविल ने कहा, 'तीन-चार लोगों ने इसे फिर से बनाने की कोशिश की है, लेकिन वे सफल नहीं हुए। मुझे नहीं लगता कि हमारे जीवनकाल में किसी को रामायण का रीमेक बनाने का प्रयास करना चाहिए। जब राम की भूमिका निभाने की बात आती है, तो मेरी राय में आज हमारे पास मौजूद कोई भी स्टार इस रोल के लिए उपयुक्त नहीं है। शायद इंडस्ट्री से बाहर का कोई सही ऑप्शन हो।'
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा
उनकी टिप्पणी अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दूसरे चरण के दौरान आई है, जो एक आध्यात्मिक और राजनीतिक गाथा है और रामायण कथा के साथ लंबे समय से जुड़े भक्ति और धार्मिकता के विषयों को दिखाता है।
78 एपिसोड वाली पहली 'रामायण'
1987 से 1988 तक 78 एपिसोड में भगवान राम का किरदार निभाने वाले गोविल किसी महान किरदार से कम नहीं थे, जिसने रविवार की सुबह 9:30 बजे दूरदर्शन पर पूरे भारत के घरों में एक आध्यात्मिक अनुष्ठान में बदल दिया। इस शो ने इतना सांस्कृतिक प्रभाव छोड़ा कि दशकों बाद भी, इसके जादू को फिर से बनाने की सारी कोशिशें फेल हो गईं।
'आदिपुरुष' की भद पिटी
बता दें कि साल 2023 की फिल्म 'आदिपुरुष' में प्रभास को राम के रोल में लिया गया था और इस फिल्म को कई कारणों से आलोचना का सामना करना पड़ा था। यह बॉक्स ऑफिस पर भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी।
नितेश तिवारी की 'रामायण' में रणबीर
दिलचस्प बात यह है कि अरुण गोविल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रणबीर कपूर नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में भगवान राम की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। दो पार्ट वाली यह फिल्म 2026 और 2027 में दिवाली पर रिलीज़ होने वाली है। जहां नितेश तिवारी के वर्जन को लेकर उत्सुकता बढ़ रही है, वहीं अरुण गोविल की बात एक कटाक्ष की तरह सामने आई है।
]]>महाकुंभ 2025 में अरुण गोविल
महाकुंभ में पहुंचकर अरुण गोविल और उनकी पत्नी श्रीलेखा गोविल ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई. दोनों के साथ कई और लोगों को भी देखा गया. अरुण ने सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें शेयर की है. इसके साथ उन्होंने लिखा- सनातन संस्कृति का महोत्सव, आस्था का महायज्ञ, एकता, समता, धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक तथा राष्ट्रीय एकता और समरसता को समर्पित विश्व का सबसे बड़ा महासमागम महाकुंभ 2025, प्रयागराज में आज पवित्र त्रिवेणी संगम में पावन स्नान का सौभाग्य प्राप्त हुआ. मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती सभी का कल्याण करें.
लगे जय श्री राम के नारे
संगम में डुबकी लगाने के साथ-साथ अरुण गोविल ने श्रद्धालुओं की सेवा भी की. उन्होंने महाकुंभ में आए भक्तों में प्रसाद बांटा. इसका वीडियो भी एक्टर ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. वीडियो में प्रसाद वितरण करते हुए अरुण गोविल को देखा जा सकता है. भक्त एक-एक करके उनसे प्रसाद ले रहे हैं. तो वहीं कुछ लोग उनका वीडियो बनाते हुए 'जय श्री राम' के नारे भी लगा रहे हैं. वीडियो के कैप्शन में अरुण ने लिखा- 'प्रसाद वितरण करते हुए… इस्कॉन- महाकुंभ, प्रयागराज.'
अरुण गोविल से पहले बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर, अविनाश तिवारी, ममता कुलकर्णी, सिंगर गुरु रंधावा और कोरियोग्राफर रेमो डीसूजा और उनकी पत्नी लिजेल समेत अन्य महाकुंभ 2025 में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. सभी के फोटोज और वीडियो सोशल मीडिया पर छाए थे.
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मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के चुनाव में प्रत्याशियों की ओर से हुए खर्च का ब्योरा अब फाइनल हो गया है। मेरठ से सांसद बने भाजपा के अरुण गोविल 75 लाख 94 हजार 460 रुपये खर्च कर चुनाव जीतने में सफल रहे। दिलचस्प बात यह है कि चुनाव में अरुण गोविल का एक पैसा नहीं लगा। भाजपा ने ही सारे पैसे खर्च किए। खर्च के मामले में बसपा के देवव्रत त्यागी 62 लाख 43 हजार 334 रुपये खर्च कर दूसरे और 52 लाख 22 हजार 105 रुपये खर्च कर सपा की सुनीता वर्मा तीसरे स्थान पर रहीं।
चुनाव आयोग के नियमों के तहत सभी प्रत्याशियों को मतगणना के एक महीने के अंदर नामांकन से मतगणना तक के खर्च का फाइनल हिसाब शपथ पत्र के साथ देना होता है। मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र में कुल आठ प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। भाजपा के अरुण गोविल ने जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर सपा की सुनीता वर्मा और तीसरे स्थान पर बसपा के देवव्रत कुमार त्यागी रहे। खर्च के मामले में अरुण गोविल नंबर-1, देवव्रत त्यागी नंबर-2 और सुनीता वर्मा नंबर-3 पर रहीं। भाजपा के अरुण गोविल चुनाव में 75 लाख 94 हजार 460 रुपये खर्च कर सांसद निर्वाचित हुए। हालांकि इस खर्च में अरुण गोविल का अपना एक पैसा खर्च नहीं हुआ। भाजपा ने अरुण गोविल को चुनाव लड़ने के लिए 72 लाख 80 हजार रुपये आरटीजीएस से दिए। दो लाख 14 हजार 460 रुपये की प्रचार सामग्री उपलब्ध कराई गई। एक लाख रुपये उन्हें चंदे या उपहार में प्राप्त हुए और चुनाव जीत गए।
62 लाख 43 हजार 334 रुपये खर्च कर भी जमानत गंवा बैठे बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी —
बसपा प्रत्याशी देवव्रत कुमार त्यागी खर्च के मामले में दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने 62 लाख 43 हजार 334 रुपये चुनाव में खर्च किए, लेकिन जमानत तक नहीं बचा सके। उन्होंने 52 लाख 45 हजार 334 रुपये अपना निजी निधि से खर्च दिखाया। वहीं, नौ लाख 98 हजार रुपये उपहार या चंदे आदि से प्राप्त हुए। पार्टी से कोई पैसा नहीं मिला।
52 लाख 22 हजार से अधिक खर्च कर भी जीत नहीं सकीं सपा की सुनीता वर्मा —
लोकसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहीं सपा की सुनीता वर्मा खर्च के मामले में तीसरे स्थान पर रहीं। उन्होंने 52 लाख 22 हजार 105 रुपये का खर्च दिखाया है। सुनीता वर्मा ने 30 हजार पांच हजार रुपये तो चंदे से प्राप्त किए। 10 लाख रुपये सपा की ओर से पार्टी फंड से मिला। वहीं सुनीता वर्मा ने अपने निजी फंड से मात्र 13 हजार रुपये का खर्च दिखाया है। अन्य दूसरे मदों से खर्च दिखाया गया है।
मात्र 90 हजार 784 रुपये में भूपेंद्र ने लड़ा चुनाव —
अन्य पांच प्रत्याशियों में सबसे कम 90 हजार 784 रुपये का खर्च भूपेंद्र पाल उर्फ भुप्पी भाई ने दिखाया है। अन्य चार प्रत्याशी भी लाख, दो लाख रुपये के खर्च में ही चुनाव लड़ लिए।
आठ प्रत्याशियों का चुनाव खर्च —
प्रत्याशी पार्टी कुल खर्च
1. अरुण गोविल भाजपा 75,94,460 रुपये
2. देवव्रत कुमार त्यागी बसपा 62,43,334
3. सुनीता वर्मा सपा 52,22,105
4. लियाकत मजलूम
समाज पार्ट 2,94,030
5. आबिद हुसैन सोशल डेमोक्रेटिक
पार्टी आफ इंडिया 2,91,295
6. अफजाल सबसे अच्छी पार्टी 1,65,483
7. हिमांशु जय हिंद नेशनल
पार्टी 1,00,541
8. भूपेंद्र पाल राष्ट्रीय शोषित
समाज पार्टी 90,784
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