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उत्तर प्रदेश सरकार ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को राज्य अतिथि (State Guest) का दर्जा दिया है. सरकार की ओर से उन्हें न केवल राज्य अतिथि का सम्मान दिया गया है, बल्कि उनकी सुरक्षा और ठहराव से जुड़े सभी इंतजाम भी पुख्ता कर दिए गए हैं. शुभांशु शुक्ला को राजधानी लखनऊ स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में रोका गया और प्रोटोकॉल के तहत उनका पूरा ख्याल रखा गया.
जानकारी के मुताबिक, सरकार ने शुभांशु शुक्ला की ओवरऑल सिक्योरिटी की जिम्मेदारी एक डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी है. यह अधिकारी उनकी हर गतिविधि पर नजर रखेगा और उनकी सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम सुनिश्चित करेगा. साथ ही, ट्रैफिक पुलिस विभाग की ओर से उन्हें एस्कॉर्ट गाड़ी भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि उनके मूवमेंट के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो.
हालांकि, राज्य अतिथि होने के बावजूद शुभांशु शुक्ला पर घर जाने की कोई कानूनी रोक नहीं है. लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि फिलहाल उनके घर जाने के कार्यक्रम को टाल दिया गया है. दरअसल, जहां शुभांशु शुक्ला का घर है, वहां छोटी-छोटी गलियां हैं. ऐसे में वहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने की आशंका है. प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ सकती है, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा. इसलिए सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने उनके घर जाने के कार्यक्रम को ‘एवॉइड’ किया है.
बिना प्रोटोकॉल कहीं नहीं जा सकेंगे शुभांशु
सूत्रों के मुताबिक, शुभांशु शुक्ला को बिना प्रोटोकॉल और जानकारी दिए कहीं जाने की अनुमति नहीं होगी. राज्य अतिथि होने के नाते उनकी हर गतिविधि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में होगी. सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का प्रोग्राम तभी होगा, जब पहले से सूचना दी जाए और सुरक्षा इंतजाम पूरे हों.
सम्मान और सुरक्षा दोनों साथ
राज्य अतिथि का दर्जा मिलना शुभांशु शुक्ला के लिए एक बड़े सम्मान की तरह देखा जा रहा है. साथ ही, यह सरकार की ओर से एक स्पष्ट संदेश भी है कि वह किसी भी तरह की सुरक्षा या व्यवस्था से समझौता नहीं करेगी. अब लखनऊ में शुभांशु शुक्ला के हर कार्यक्रम और मूवमेंट पर सरकार की पैनी नजर रहेगी और उन्हें पूरा प्रोटोकॉल दिया जाएगा.
]]>पहले इस मिशन को 29 मई को प्रक्षेपित किया जाना था. इसकी घोषणा अमेरिका स्थित वाणिज्यिक मानव अंतरिक्ष उड़ान फर्म Axiom Space और NASA द्वारा की गई.
NASA ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि "@Space_Station की उड़ान अनुसूची की समीक्षा करने के बाद, NASA और उसके साझेदार कई आगामी मिशनों के लिए लॉन्च के अवसरों को बदल रहे हैं. नए लक्षित नो-अर्लिअर-देन-लॉन्च अवसर, परिचालन तत्परता के अधीन, ये हैं: Axiom Mission 4: 9:11 पूर्वाह्न EDT, रविवार, 8 जून."
SpaceX के ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर सवार शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा, 1984 में रूस के सोयूज अंतरिक्ष यान पर सवार राकेश शर्मा की प्रतिष्ठित अंतरिक्ष उड़ान के चार दशक बाद हो रही है.
शुक्ला के अलावा, एक्स-4 चालक दल में पोलैंड और हंगरी के सदस्य भी शामिल हैं, जो इतिहास में प्रत्येक देश का अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए पहला मिशन है और 40 वर्षों में दूसरा सरकार प्रायोजित मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है.
शुक्ला अंतरिक्ष में सात प्रयोग करेंगे, जिनका उद्देश्य भारत में सूक्ष्मगुरुत्व अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है. भारत की आशा है कि वह 2035 तक अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन बनाएगा और 2047 तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजेगा.
इसरो ने आईएसएस पर प्रयोग करने के लिए भारत-केंद्रित भोजन पर ध्यान केंद्रित करने की योजना तैयार की है, जिसमें सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण स्थितियों में मेथी और मूंग को अंकुरित करना भी शामिल है.
एक्सिओम-4 (एक्स-4) मिशन में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) परियोजना के अंतरिक्ष यात्री स्लावोज़ उज़्नान्स्की भी शामिल होंगे, जो 1978 के बाद से दूसरे पोलिश अंतरिक्ष यात्री होंगे. टिबोर कापू 1980 के बाद से दूसरे राष्ट्रीय हंगरी अंतरिक्ष यात्री होंगे.
पैगी व्हिटसन अपने दूसरे वाणिज्यिक मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन का नेतृत्व करेंगी, जो किसी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने के उनके मौजूदा रिकॉर्ड में शामिल होगा. एक्स-4 चालक दल स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्षयान पर सवार होकर अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होगा तथा परिक्रमारत प्रयोगशाला में 14 दिन तक का समय व्यतीत करेगा.
Ax-4 मिशन का दल और उद्देश्य
Ax-4 मिशन में चार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। शुक्ला के साथ इस मिशन में अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन (कमांडर), पोलैंड के स्लावोस उज्नांस्की-विस्निव्स्की और हंगरी के तिबोर कपु शामिल होंगे। यह टीम स्पेसएक्स के ड्रैगन यान में फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में जाएगी और लगभग 14 दिनों तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहेगी। इस दौरान वैज्ञानिक रिसर्च, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और शैक्षणिक/सार्वजनिक जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां की जाएंगी।
भारत के ‘गगनयान’ मिशन से जुड़े प्रयोग भी होंगे
शुभांशु शुक्ला इस मिशन के दौरान भारत के आगामी ‘गगनयान’ मानव अंतरिक्ष मिशन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रयोग भी करेंगे। इनमें मांसपेशियों की क्षति, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में शरीर का अनुकूलन और अंतरिक्ष में जैविक खेती जैसे विषयों पर अध्ययन शामिल हैं।
कौन हैं शुभांशु शुक्ला?
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 10 अक्टूबर 1985 को जन्मे शुक्ला भारतीय वायु सेना के एक अनुभवी टेस्ट पायलट हैं, जिन्होंने सु-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एन-32 जैसे विमानों पर 2,000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव हासिल किया है। 2019 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण के लिए चुने गए शुक्ला ने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया। वे भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान (2026 में प्रस्तावित) के लिए भी प्रमुख अंतरिक्ष यात्री हैं। उनका यह मिशन भारत की वैश्विक मानव अंतरिक्ष उड़ान में सक्रिय भागीदारी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
ISRO और Axiom Space का भरोसा
हालांकि लॉन्च में कुछ दिन की देरी हुई है, लेकिन ISRO और Axiom Space दोनों ने मिशन की विश्वसनीयता और तैयारियों पर पूर्ण विश्वास जताया है। अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीकी देरी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और मिशन की सफलता में कोई बाधा नहीं बनेगी।
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