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गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने गुजरात ISIS मॉड्यूल मामले में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में छापेमारी की है. यूपी पुलिस के साथ की गई इस कार्रवाई में लखीमपुर निवासी आतंकी मोहम्मद सुहैल खान के घर से ISIS का फ्लैग बरामद किया गया है.
गुजरात ATS की तहकीकात में खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले दोनों गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद सुहैल खान और आजाद सुलेमान शेख हाल ही में कश्मीर भी गए थे. दोनों आतंकी हथियार और केमिकल की डिलीवरी का रूट देखने के लिए गए थे.
बता दें कि गुजरात ATS ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर 9 नवंबर को ISIS से जुड़े तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक MBBS डॉक्टर भी शामिल था.
ये तीनों आतंकी खतरनाक जहर का इस्तेमाल करके आतंकी हमले की प्लानिंग में जुटे थे. इन्हीं आतंकियों ने लखनऊ स्थित RSS दफ्तर, दिल्ली की आजादपुर मंडी और अहमदाबाद में हमले के लिए रेकी भी की थी.
गिरफ्तार सुहेल के पिता ने कहा, 'किसी याराना-दोस्ताना या कैसे भी उसको फंसाया गया है.'' ये गिरफ्तारियां तब हुईं जब ये संदिग्ध हथियार लेने-देने के लिए इकट्ठा हुए थे. इनके पास से पाकिस्तान से भेजी गईं पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं.
ATS के मुताबिक, ये संदिग्ध दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे और इसके लिए इन्होंने कुछ जगहों की रेकी भी की थी. गिरफ्तार किए गए युवकों में एक लखीमपुर, दूसरा शामली का रहने वाला है, जबकि तीसरा हैदराबाद का है. फिलहाल गुजरात एटीएस और यूपी एटीएस समेत कई एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं.
]]>राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित इंटीग्रल विश्वविद्यालय में शाहीन सईद का छोटा भाई डॉक्टर परवेज सईद असिस्टेंट प्रवक्ता था और एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों की क्लास लिया करता था. हालांकि, दिल्ली ब्लास्ट से ठीक पहले उसने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. एटीएस इस पूरे मामले में गहन जांच कर रही है. जबकि, डॉक्टर परवेज से जुड़ी हर फाइल तथ्य और उसकी पुरानी सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर परवेज के बारे में जानकारी जुटा रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक परवेज एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को पढ़ाता था. जबकि, वो खुद को बहुत रिजर्व रखता था, लेकिन इंटिगरल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों से उसकी नजदीकियां थी. उनके साथ रात में डॉक्टर परवेज घंटों शाम और रात को बैठकर चर्चा करता और उनका ब्रेनवाश करने की कोशिश करता था.
वहीं डॉक्टर परवेज की सीसीटीवी फुटेज में दिख रही हरकतों पर एटीएस को संदेह है कि शायद डॉक्टर परवेज इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में स्लीपर सेल की फौज तैयार कर रहा था. एटीएस इस पूरे मामले में गहन जांच कर रही है. जांच के बाद और कई तथ्य सामने आ सकते हैं.
]]>गुजरात में आतंकी साजिश रचने के आरोप में तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आतंक रोधी दस्ते (ATS) ने हथियार सप्लाई करते समय तीनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। देश में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में पकड़े गए इन लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया
पुलिस की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये पिछले एक साल से गुजरात एटीएस के रडार पर थे। तीनों को हथियार सप्लाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। ये देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमले करने की योजना बना रहे थे।'
बताया जा रहा है कि जिस वक्त जलील खिलजी को एटीएस ने उठाया तब उनके साथ खंडवा के पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। टीम ने शहर की गुलमोहर कॉलोनी और कहारवाड़ी के चार युवकों को पकड़ा था। पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ दिया जबकि एक को अपने साथ ले गए। जलील के साथ जुनेद पुत्र खलील चौहान को भी महाराष्ट्र एटीएस अपने साथ ले गई।
सोमवार-मंगलवार दो दिन रहकर महाराष्ट्र एटीएस ने खंडवा के चार युवकों को उठाया और पूछताछ की। चाराें युवक शहर के गुलमोहर कॉलोनी और कहारवाड़ी क्षेत्र के थे। इस दौरान एटीएस ने जलील खिलजी के साथ जुनेद पिता खलील चौहान को भी उठाया था। जुनेद के पिता खलील ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की कि उन्हें बिना सूचना दिए पुलिस उनके बेटे को उठाकर ले गई हैं। उसे बाजार से बोलेरो वाहन में बैठाया और कहीं गुप्त जगह पर ले गए है। खलील ने कहा कि बेटे जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटना हो सकती है। उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं।
आरोपी जलील के कब्जे से पिस्टल, 7 कारतूस बरामद
इधर, कोतवाली टीआई अशोकसिंह चौहान के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस ने शहर के कुछ युवकों से पूछताछ की थी। इनपुट मिलने के आधार पर एटीएस खंडवा पहुंची थी। एटीएस ने जलील पिता अकील खिलजी (34) निवासी गुलमोहर कॉलोनी से पूछताछ की थी।
एटीएस के जाने के बाद मंगलवार रात 11 बजे सूचना मिली कि सियाराम चौक स्थित मालगोदाम शेड में एक युवक बैठा है, जिसके पास पिस्टल हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो वह युवक जलील खिलजी निकला। तलाशी लेने पर एक पिस्टल, एक मैगजीन और 7 कारतूस मिले।
आरोपी को थाने लेकर आए, आज बुधवार सुबह उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया हैं। आरोपी का पूर्व का भी आपराधिक रिकॉर्ड है। जिसमें आर्म्स एक्ट सहित विस्फोटक सामग्री मिलने जैसे केस हैं। आरोपी जलील खिलजी को आज न्यायालय में पेश करेंगे।
बिना कोई सूचना दिए बेटे को ले गए
घटना के बाद जुनेद के पिता खलील ने कोतवाली पुलिस व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित सूचना देकर उसके पुत्र को बिना किसी कारण व सूचना दिए बाजार से बोलेरा वाहन में बैठाकर गुप्त स्थान पर पुलिस ले जाने की शिकायत की है। खलील ने कहा कि मुझे आशंका है कि मेरे पुत्र मोहम्मद जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटना, कारित कर सकते है या उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं।
मैंने शहर के थाना सिटी कोतवाली, थाना मोघट और थाना पदमनगर खंडवा व अन्य स्थानो पर भी अपने पुत्र की जानकारी प्राप्त करना चाही, लेकिन उनके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। मेरे बेटे का अपहरण किया गया है। यदि उसके साथ कोई भी घटना या दुर्घटना घटित होती है तो उसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। हालांकि इस मामले को लेकर खंडवा पुलिस कोई जानकारी देने या युवकों को उठाने की पुष्टि नहीं कर रही है।
]]>बताया जा रहा है कि जिस वक्त जलील खिलजी को एटीएस ने उठाया तब उनके साथ खंडवा के पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। टीम ने शहर की गुलमोहर कॉलोनी और कहारवाड़ी के चार युवकों को पकड़ा था। पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ दिया जबकि एक को अपने साथ ले गए। जलील के साथ जुनेद पुत्र खलील चौहान को भी महाराष्ट्र एटीएस अपने साथ ले गई।
सोमवार-मंगलवार दो दिन रहकर महाराष्ट्र एटीएस ने खंडवा के चार युवकों को उठाया और पूछताछ की। चाराें युवक शहर के गुलमोहर कॉलोनी और कहारवाड़ी क्षेत्र के थे। इस दौरान एटीएस ने जलील खिलजी के साथ जुनेद पिता खलील चौहान को भी उठाया था। जुनेद के पिता खलील ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की कि उन्हें बिना सूचना दिए पुलिस उनके बेटे को उठाकर ले गई हैं। उसे बाजार से बोलेरो वाहन में बैठाया और कहीं गुप्त जगह पर ले गए है। खलील ने कहा कि बेटे जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटना हो सकती है। उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं।
आरोपी जलील के कब्जे से पिस्टल, 7 कारतूस बरामद
इधर, कोतवाली टीआई अशोकसिंह चौहान के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस ने शहर के कुछ युवकों से पूछताछ की थी। इनपुट मिलने के आधार पर एटीएस खंडवा पहुंची थी। एटीएस ने जलील पिता अकील खिलजी (34) निवासी गुलमोहर कॉलोनी से पूछताछ की थी।
एटीएस के जाने के बाद मंगलवार रात 11 बजे सूचना मिली कि सियाराम चौक स्थित मालगोदाम शेड में एक युवक बैठा है, जिसके पास पिस्टल हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो वह युवक जलील खिलजी निकला। तलाशी लेने पर एक पिस्टल, एक मैगजीन और 7 कारतूस मिले।
आरोपी को थाने लेकर आए, आज बुधवार सुबह उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया हैं। आरोपी का पूर्व का भी आपराधिक रिकॉर्ड है। जिसमें आर्म्स एक्ट सहित विस्फोटक सामग्री मिलने जैसे केस हैं। आरोपी जलील खिलजी को आज न्यायालय में पेश करेंगे।
बिना कोई सूचना दिए बेटे को ले गए
घटना के बाद जुनेद के पिता खलील ने कोतवाली पुलिस व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित सूचना देकर उसके पुत्र को बिना किसी कारण व सूचना दिए बाजार से बोलेरा वाहन में बैठाकर गुप्त स्थान पर पुलिस ले जाने की शिकायत की है। खलील ने कहा कि मुझे आशंका है कि मेरे पुत्र मोहम्मद जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटना, कारित कर सकते है या उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं।
मैंने शहर के थाना सिटी कोतवाली, थाना मोघट और थाना पदमनगर खंडवा व अन्य स्थानो पर भी अपने पुत्र की जानकारी प्राप्त करना चाही, लेकिन उनके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। मेरे बेटे का अपहरण किया गया है। यदि उसके साथ कोई भी घटना या दुर्घटना घटित होती है तो उसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। हालांकि इस मामले को लेकर खंडवा पुलिस कोई जानकारी देने या युवकों को उठाने की पुष्टि नहीं कर रही है।
]]>अलकायदा टेरर मॉडयूल केस में गुजरात एटीएस को बड़ी कामयाबी मिली है. गुजरात एटीएस ने बेंगलुरु से अलकायदा टेरर मॉड्यूल की महिला आतंकी को गिरफ्तार किया है.
कर्नाटक की रहने वाली शमा परवीन अल कायदा का पूरा मॉड्यूल चला रही थी. इस महिला आतंकी को गुजरात ATS ने कर्नाटक से गिरफ्तार किया है. इस संबंध में पूछताछ जारी है.
30 साल की शमा परवीन AQIS की मुख्य महिला आतंकी है. गिरफ्तार महिला आतंकी शमा परवीन झारखंड मूल की है. लेकिन फिलहाल बेंगलुरु में रह रही थी. उसका सोशल मीडिया अकाउंट भी रडार पर था.
शमा परवीन का झारखंड से क्या है कनेक्शन?
इससे पहले गुजरात एटीएस ने अल कायदा से जुड़े एक खतरनाक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया था. इनमें से दो को गुजरात, एक को नोएडा और एक को दिल्ली से अरेस्ट किया गया था.
अधिकारियों के अनुसार, यह मॉड्यूल पहले सामने आए आतंकी नेटवर्क से बिल्कुल अलग था. जिसकी वजह से उसे डीकोड करने में वक्त लगा. इसका कोई स्पष्ट टारगेट या हमले की तारीख नहीं थी, जिससे इसका उद्देश्य और ऑपरेशन को समझना मुश्किल हो गया था.
गिरफ्तार किए गए चारों संदिग्धों की पहचान दिल्ली निवासी मोहम्मद फैक मोहम्मद रिजवान, अहमदाबाद निवासी मोहम्मद फरदीन, मोडासा निवासी सेफुल्ला कुरैशी और नोएडा निवासी जिशान के रूप में हुई थी. ये सभी सामान्य परिवारों से ताल्लुक रखते हैं और रेस्तरां, दुकान या फर्नीचर शॉप में काम करते थे.
एटीएस अधिकारियों के मुताबिक ये मॉड्यूल किसी स्थान या व्यक्ति को निशाना बनाने के बजाय लोगों को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने के मकसद से काम कर रहा था. सोशल मीडिया पर चल रहे अभियानों के जरिए ये लोग भारत में शरिया लागू करने, लोकतंत्र खत्म करने और भड़काऊ संदेशों के ज़रिए युवाओं को उकसाते थे.
अधिकारियों ने बताया कि ये चारों आतंकी एक-दूसरे के संपर्क में थे और इनका मकसद जिहाद की बातों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना और उनको उकसाना है. पकड़े गए आतंकियों ने इंस्टाग्राम पर 5 अकाउंट्स के जरिए जिहादी विचारधारा फैलाने वाले वीडियो और पोस्ट अपलोड किए थे, जिनमें वे कहते थे कि जिहाद के लिए बम नहीं, सिर्फ चाकू ही काफी है. यह मॉड्यूल अपने संदेश के माध्यम से यह दर्शाना चाहता था कि हिंसा की शुरुआत सिर्फ धारदार हथियारों से भी की जा सकती है.
]]>पाकिस्तानी महिला के संपर्क में
जानकारी के अनुसार, ठाणे के कलवा में एक व्यक्ति फेसबुक के जरिए एक पाकिस्तानी महिला के संपर्क में था। अभी आरोपी के नाम का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों ने बताया कि एटीएस की जांच में पता चला है कि यह व्यक्ति नवंबर 2024 से मार्च 2025 तक फेसबुक के जरिए पाकिस्तानी महिला के संपर्क में था और उसने कई जगहों की जानकारी और तस्वीरें व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेजीं।
देशभर में देशद्रोहियों की तलाश शुरू
दरअसल ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में रहकर पाकिस्तान की मदद करने वाले देशद्रोहियों की तलाश शुरू कर दी गई है। देशभर में संदिग्धों की गिरफ्तारी हो रही है। एटीएस को सूचना मिली थी कि कलवा का एक व्यक्ति पाकिस्तान में कुछ लोगों के संपर्क में है। इसके अनुसार एटीएस ने 35 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसकी मदद करने वाले उसके दो साथियों को भी हिरासत में लिया गया।
आरोपी के साथ हिरासत में लिए गए 2 लोगों को छोड़ाठाणे में एटीएस ने गुप्त सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की। आरोपी के साथ हिरासत में लिए गए दो लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। हालांकि, जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार व्यक्ति मुंबई में एक महत्वपूर्ण संगठन में काम कर रहा था। एटीएस मामले की आगे की जांच कर रही है। इस बात की जांच की जा रही है कि इसमें और लोग शामिल हैं या नहीं।
]]>एटीएस का मानना है कि इन दोनों आरोपियों से देशविरोधी नेटवर्क के कई और तार जुड़ सकते हैं। इसलिए दोनों की गहन पूछताछ के लिए ATS जल्द ही कोर्ट में रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ कर और भी अहम जानकारियां सामने लाई जा सकती हैं, जिससे इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके।
यह मामला इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर देश की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने की साजिशें की जा रही हैं। ATS और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
600 से जुड़ा था तुफैल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद हारून का संपर्क पाकिस्तानी उच्चायोग से था और वह भारत की संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था। वहीं तुफैल, नफीसा नाम की एक महिला के हनी ट्रैप में फंसकर देश के संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें साझा कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, तुफैल व्हाट्सएप पर करीब 600 पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़ा हुआ था।
तुफैल उन तक संवेदनशील सूचनाएं और जानकारी पहुंचाता था। इसके अलावा, तुफैल तहरीके-लब्बैक पाकिस्तान से संबंधित सामग्री भी लोगों के बीच प्रचारित करता था, जो एक कट्टरपंथी संगठन के रूप में पहचाना जाता है।
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एटीएस का मानना है कि इन दोनों आरोपियों से देशविरोधी नेटवर्क के कई और तार जुड़ सकते हैं। इसलिए दोनों की गहन पूछताछ के लिए ATS जल्द ही कोर्ट में रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ कर और भी अहम जानकारियां सामने लाई जा सकती हैं, जिससे इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके।
यह मामला इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर देश की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने की साजिशें की जा रही हैं। ATS और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
600 से जुड़ा था तुफैल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद हारून का संपर्क पाकिस्तानी उच्चायोग से था और वह भारत की संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था। वहीं तुफैल, नफीसा नाम की एक महिला के हनी ट्रैप में फंसकर देश के संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें साझा कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, तुफैल व्हाट्सएप पर करीब 600 पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़ा हुआ था।
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में महिला सिपाही के साथ छेड़खानी और मारपीट की सनसनीखेज घटना सामने आई है. आरोप है कि इलाके के कुछ दबंगों ने सिपाही के घर में घुसकर उसके और पति के साथ बुरी तरह मारपीट की है. यहां तक कि सिपाही का कपड़ा तक फाड़ डाला है. इसके बाद उन दोनों को जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला सिपाही और उसका पति यूपी एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) में तैनात हैं. 11 नवंबर को इलाके का एक दबंग अंकित यादव अपने कुछ साथियों के साथ उनके घर में घुस गया. महिला को गाली देते हुए मारपीट करने लगा. बीच-बचाव करने आए पति को भी उन्होंने जमकर पीटा. इसके बाद आरोपी ने सिपाही के साथ छेड़खानी करते हुए कपड़े फाड़ डाले. इसी बीच कॉलोनी के लोगों के आने के बाद वो लोग घर से बाहर निकले.
इस बीच पीड़ित दंपत्ति ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करने की कोशिश भी की, लेकिन दबंग उनके दरवाजे पर बैठे रहे. उन्हें जान से मारने की धमकी देते रहे. उनके जाने के बाद पीड़ित कृष्णानगर थाने पहुंचे. उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (2), 352, 351 (2), 191 (2), 74 और 332 (सी) के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में कई जगहों पर दबिश दे रही है.
बताते चलें कि इसी साल अप्रैल में लखनऊ में ही एक महिला सिपाही के साथ छेड़खानी की घटना सामने आई थी. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इससे पहले लोगों ने उनकी जबरदस्त पिटाई भी की थी. आरोपी युवक महिला सिपाही का ड्यूटी से घर लौटते समय पीछा कर रहे थे और अश्लील इशारे कर रहे थे. विरोध करने पर महिला सिपाही को धमकाते हुए भाग रहे थे. लेकिन शोर मचाने पर राहगीरों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया.
इसके बाद उनकी जबरदस्त धुनाई कर दी. लखनऊ के बाजार खाला थाना थाने में तैनात महिला सिपाही रात में सिविल ड्रेस में स्कूटी से राजाजीपुरम स्थित अपने घर जा रही थी. इस दौरान एमआईएस चौराहे के पास बाइक सवार दो युवकों ने उस पर अश्लील कमेंट पास करना शुरू कर दिया. महिला द्वारा खुद को सिपाही बताने के बाद भी उन्होंने अपनी हरकत जारी रखी और धमकाते हुए भागने लगे. महिला सिपाही ने भी शोर मचाते हुए उनका पीछा शुरू कर दिया.
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