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ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर मुसाफिरों की बढ़ रही भीड़ का बोझ हल्का किया जाएगा। इसके लिए बिरलानगर रेलवे स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन (Satellite Station) के तौर पर तैयार करने की पहल शुरू हो रही है। इसके अलावा सिथौली और बिरला नगर के रेलवे स्टेशन का विकास का प्रस्ताव भी रेल मुख्यालय को भेजा गया है।
रेल अधिकारियों का कहना है बिरलानगर रेलवे स्टेशन (Birla Nagar Railway Station) को आने वाले दिनों में ग्वालियर का सहायक स्टेशन बनाया जाएगा। इसका ब्लू प्रिंट लगभग तैयार है। इसमें प्लेटफार्म की गिनती, ट्रैक को सुधारने, सिग्लन और रेलों के परिचालन की क्षमता बढ़ाने के साथ मुसाफिरों को जरुरी सुविधाओं का विस्तार का प्लान शामिल किया गया है। इस प्रस्ताव को रेल मुख्यालय में परखा जाएगा। इसमें सबसे अहम कड़ी जगह है। मुख्यालय यह तय करेगा कि भविष्य को देखते हुए कितनी भूमि की जरुरत होगी।
यहां पड़ेगी भूमि अधिग्रहण की जरूरत
रेल अधिकारियों की नजर में पूरे प्रोजेक्ट में बिरलानगर रेलवे स्टेशन के विस्तार के लिए जमीन की जरुरत होगी इसके लिए प्रदेश शासन के सहयोग लिया जाएगा। सिथौली रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म की गिनती और मुसाफिरों की सुविधाओं को बढ़ाने का खाका खींचा गया है। इन दोनों रेलवे स्टेशन का दायरा बढने से ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर मुसाफिरों दवाब काफी कम होगा।
मंजूरी का इंतजार
बिरलानगर और सिथौली रेलवे स्टेशन का विस्तार किया जाए इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। आने वाले दिनों में इन दोनों स्टेशन को ग्वालियर स्टेशन का वैकल्पिक और मददगार बनाने की योजना है। रेल मुख्यालय से प्रस्ताव की मंजूरी का इंतजार है।- अनिरुद्ध कुमार, मंडल रेल प्रबंधक
]]>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सदन में प्रश्नकाल के दौरान नारेबाजी करने पर विपक्षी सांसदों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से कहा कि वह अपने दल के नेताओं को समझाएं कि जनता ने उन्हें पर्चिंयां फेंकने और तख्तियां लाने के लिए नहीं भेजा है। बिरला ने यह भी कहा कि देश यह जानना चाहता है कि आखिर प्रश्नकाल को नियोजित तरीके से क्यों बाधित किया जा रहा है? कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने बिहार में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर लोकसभा में सोमवार को भी नारेबाजी जारी रखी।
सदन की बैठक प्रारंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू कराया, विपक्षी दलों के सदस्य ‘एसआईआर वापस लो’ के नारे लगाने लगे। बिरला ने कहा, ‘क्या आप सदन बाधित करना चाहते हैं, क्या ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा नहीं करना चाहते? आप लोग आए थे और कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होनी चाहिए। आखिर अब सदन क्यों नहीं चलने दे रहे?’ उन्होंने सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से कहा, ‘माननीय नेता प्रतिपक्ष, आप अपने नेताओं को समझाओ कि इन्हें सदन में पर्चिया फेंकने और तख्तियां लाने के लिए नहीं भेजा गया है।’
नारेबाजी कर रहे सांसदों को खूब सुनाया
लोकसभा अध्यक्ष ने नारेबाजी कर रहे सांसदों से कहा, ‘आप नियोजित तरीके से सदन को बाधित करते हैं। संसद की गरिमा को गिराते हैं। आप सदन में चर्चा नहीं कराना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि क्या आप नियोजित तरीके से प्रश्नकाल नहीं चलाना चाहते? बिरला ने कहा, ‘प्रश्नकाल में माननीय सदस्यों को बोलने नहीं दिया जा रहा है। यह तरीका उचित नहीं है। सदन सबका है। यह देश की 140 करोड़ जनता की अभिव्यक्ति की सर्वोच्च संस्था है।’
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