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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक बड़ी वारदात सामने आई है। जहां बेल्थरा रोड नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से 10 करोड़ रुपए की फिरौती की धमकी मिली है। उन्हें यह धमकी डाक के माध्यम से एक चिट्ठी भेजकर दी गई थी। दिनेश गुप्ता ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की है और पुलिस द्वारा मामले जांच शुरू कर दी गई है।
चिट्ठी में मांगी गई 10 करोड़ की फिरौती
बलिया के बेल्थरा रोड नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता को दो दिन पहले डाक से एक चिट्ठी प्राप्त हुई थी, जिसमें बिश्नोई गैंग से जुड़े एक व्यक्ति ने उनसे 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। चिट्ठी में यह भी कहा गया था कि यदि वह यह रकम नहीं देंगे तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद, गुप्ता ने उभांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
रसड़ा क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी (CO) मोहम्मद फहीम कुरैशी ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में बताया कि पुलिस ने इस मामले में शिकायत प्राप्त कर ली है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जानिए, कौन है दिनेश गुप्ता?
दिनेश कुमार गुप्ता एक कारोबारी हैं और उनकी पत्नी रेनू गुप्ता वर्तमान में बेल्थरा रोड नगर पंचायत की चेयरमैन हैं। दिनेश गुप्ता खुद भी दो बार इस नगर पंचायत के चेयरमैन रह चुके हैं। दोनों पति-पत्नी को बीजेपी ने नगर पंचायत के पद के लिए समर्थन दिया था। यह मामला बलिया में लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा की गई रंगदारी की एक बड़ी घटना है, जो पुलिस के लिए एक चुनौती बन गई है।
एनआईए की चार्जशीट में बताया गया कि लॉरेंस बिश्नोई और उसका टेरर सिंडिकेट नायकीय अंदाज में बढ़ा है। यह उसी तरह आगे बढ़ रहा है जैसे कि 90 के दशक में दाऊद इब्राहिम का गैंग तेजी से फैल रहा था। दाऊद इब्राहिम ने अपना नेटवर्क ड्रग्स तस्करी से बढ़ाना शुरू किया था। इसके बाद उगाही का काम शुरू हो गया। बाद में इसे डी कंपनी नाम दे दिया गया। यह गैंग पाकिस्तान के आतंकियों के साथ भी जुड़ गया। इसी तरह बिश्नोई गैंग ने भी छोटे-मोटे अपराध शुरू किए थे लेकिन अब उसका बड़ा गैंग है।
बिश्नोई गैंग में 700 शूटर
एनआईए की चार्जशीट में बताया गया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग सतविंदर सिंह उर्फ गोल्डी बरार चलाता है जो कि कनाडा पुलिस और इंडियन एजेंसियों की लिस्ट में वॉन्टेड है। इसके अलावा बिश्नोई गैंग में 700 शूटर हैं जिनमें से 300 पंजाब के हैं। गोल्डी बरार और लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीरें फेसबुक, इन्स्टाग्राम और यूट्यूब पर शेयर की जाती हैं। बिश्नोई को कोर्ट ले जाने की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करके युवाओं को गैंग में शामिल करने का प्रयास किया जाता है।
2021-21 के दौरान इस गैंग ने उगाही के जरिए करोड़ों रुपये इकट्ठा किए और इसे हवाला चैनल्स से विदेश भेज दिया। चार्जशीट में बताया गया के बिश्नोई गैंग ने हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के अन्य आपराधिक गैंगों के साथ भी गठजोड़ कर रखा है। अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आतंक पूरे उत्तर भारत में है जिसमें पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और झारखंड शामिल हैं।
विदेश भेजने का सपना दिखाकर युवाओं को लुभाता है गैंग
आरोप है कि बिश्नोई गैंग युवाओं क विदेश भेजने का लालच देता है। कनाडा जैसे देश की नागरिकता दिलवाने की लालच में गैंग उन्हें अपने लिए इस्तेमाल करने लगता है। एनआईए के मुताबिक खालिस्तानी आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंडा पाकिस्तान में बिश्नोई गैंग के शूटर्स का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों के लिए करता है।
]]>मुंबई में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है. बिश्नोई गैंग के सदस्य ने सोशल मीडिया पर सलमान खान को संबोधित कर कहा कि हम ये जंग नहीं चाहते थे, लेकिन तुमने हमारे भाई का नुकसान करवाया. गैंग की ओर से धमकी दी गई है कि जो भी सलमान खान और दाऊद गैंग की मदद करेगा, अपना हिसाब-किताब लगाकर रखना.
हालांकि आजतक इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है, वहीं मुंबई पुलिस इस पोस्ट की जांच कर रही है. इसी पोस्ट में आगे कहा गया है कि आज जो बाबा सिद्दीकी की शराफत के पुल बांध रहे हैं, ये एक समय मकोका एक्ट में दाऊद इब्राहिम के साथ था. इतना ही नहीं इसी पोस्ट में बाबा सिद्दीकी को टारगेट करने की वजह भी बताई गई है. इसमें लिखा है कि इसके मरने का कारण अनुज थापन और दाऊद को बॉलीवुड, राजनीति और प्रॉपर्टी डीलिंग से जोड़ना था. इसमें आगे लिखा है कि हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है पर जो भी सलमान खान और दाऊद गैंग की हेल्प करेगा, अपना हिसाब-किताब लगाके रखना. हमारे किसी भी भाई को कोई भी मरवाएगा तो हम प्रतिक्रिया जरूर देंगे. हमने पहले वार कभी नहीं किया.
कौन था अनुज थापन?
सोशल मीडिया पोस्ट में अनुज थापन का नाम लिखा गया है. यह वही अनुज थापन है, जिसने सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग की थी. जिसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था. हालांकि अनुज की मुंबई पुलिस की कस्टडी में मौत हो गई थी.
दो शूटर गिरफ्तार, एक फरार
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है. इनकी पहचान हरियाणा के रहने वाले गुरमैल बलजीत सिंह (23) और यूपी के बहराइच के रहने वाले धर्मराज राजेश कश्यप (19) के रूप में हुई है. जबकि तीसरा शूटर अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. उसका नाम शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा (20) है और वो भी यूपी के बहराइच का ही रहने वाला है.
यूपी के क्रिमिनल का नहीं है कोई आपराधिक रिकॉर्ड
जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने यूपी पुलिस से इनकी क्रिमिनल हिस्ट्री के लिए कॉन्टैक्ट किया तो दोनों आरोपियों के खिलाफ जिले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है. धर्मराज राजेश कश्यप और शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा बहराइच जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र के गंडारा कस्बे के रहने वाले हैं. हालांकि हरियाणा के रहने वाले गुरमैल बलजीत के खिलाफ हत्या का एक मुकदमा पहले से दर्ज है. उसने अपने सगे बड़े भाई की सुआ मारकर हत्या की थी.
यूपी के शूटर मजदूरी करने गए थे पुणे
जानकारी मिली है कि धर्मराज कश्यप और शिवकुमार उर्फ शिवा गौतम मजदूरी करने के लिए पुणे आए थे. शिवा करीब 5-6 सालो से पुणे में एक स्क्रैप व्यापारी के यहां काम करता था. शिवा ने कुछ महीनों पहले धर्मराज को भी पुणे काम के लिए बुलाया था. सुपारी देने वाले व्यक्ति ने शिवा और धर्मराज से गुरमैल की मुलाकात कराई थी. हालांकि क्राइम ब्रांच इस बात का पता लगा रही है कि ये दोनों पुणे से मुंबई कैसे पहुंचे.