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मध्य प्रदेश की बुधनी विधानसभा सीट को लेकर सियासत तेज है। यहां उपचुनाव होने हैं। शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद बुधनी विधानसभा सीट खाली हुई है। इस सीट पर बीजेपी की तरफ से कई दावेदार हैं। दावेदारों में एक नाम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का भी है। हाल ही में शिवराज सिंह चौहान ने सपरिवार पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद कई तरह की सियासी अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि शिवराज ने अपने दोनों बेटों की शादी का निमंत्रण देने के लिए पीएम मोदी के पास पहुंचे थे। बुधनी विधानसभा सीट पर बीजेपी हरियाणा वाला फॉर्म्यूला लागू कर सकती है जिससे कार्तिकेय सिंह चौहान की दावेदारी मजबूत हो सकती है। आइए जानते हैं क्या है हरियाणा का फॉर्म्यूला।
हाल ही में हरियाणा में विधानसभा के चुनाव हुए। बीजेपी ने यहां लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर सरकार बनाई है। कैबिनेट का गठन भी हो चुका है। हरियाणा चुनाव में बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी को टिकट दिया था। राव इंद्रजीत सिंह की बेटी को जीत मिली और उन्हें कैबिनेट में भी शामिल किया गया है। आरती राव को टिकट मिलने और राज्य सरकार में मंत्री बनने के बाद अब नेता पुत्रों के टिकट की दावेदारी बढ़ने की संभावना है।
बुधनी में सक्रिय हैं कार्तिकेय सिंह
कार्तिकेय सिंह चौहान, शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे हैं। वह बुधनी विधानसभा चुनाव में लंबे समय से सक्रिय हैं। बीते दो विधानसभा चुनावों से वह अपने पिता के विधानसभा क्षेत्र में प्रचार की भी कमान संभाल रहे थे। हाल ही में शिवराज सिंह चौहान को जब विदिशा संसदीय सीट से टिकट दिया गया था तब भी कार्तिकेय सिंह चौहान सक्रिय थे। वह पिता के समर्थन में नुक्कड़ सभाएं और रैलियों को संबोधित कर रहे थे।
शिवराज सिंह का गढ़ है बुधनी
बुधनी विधानसभा सीट शिवराज सिंह चौहान का गढ़ है। इस सीट पर बीजेपी बीते 21 सालों से चुनाव जीत रही है। कांग्रेस को आखिरी बार 1998 में यहां जीत मिली थी। शिवराज सिंह चौहान इस सीट से पांच बार विधायक रहे हैं। ऐसा कहा जाता है कि शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को भुनाने के लिए बीजेपी हरियाणा की तरह एमपी में भी केंद्रीय मंत्री के बेटे को चुनाव मैदान में उतार सकती है।
पूर्व सांसद भी हैं दावेदार
बुधनी विधानसभा सीट पर के दावेदारों में पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव का भी नाम शामिल है। रमाकांत भार्गव 2019 में विदिशा लोकसभा सीट से चुनाव जीते थे। 2024 में बीजेपी ने उनका टिकट काटकर शिवराज सिंह चौहान को यहां से उम्मीदवार बनाया था। अब माना जा रहा है कि शिवराज के इस्तीफे के बाद खाली हुई बुधनी विधानसभा सीट से रमाकांत भार्गव को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
13 नंवबर को होनी है वोटिंग
बुधनी विधानसभा सीट के साथ विजयपुर में भी उपचुनाव होना है। दोनों सीटों पर 13 नवंबर को वोटिंग होनी है। नामांकन प्रकिया शुरू हो गई है। वहीं, उपचुनाव का रिजल्ट 23 नवंबर को घोषित किया जाएगा।
]]>कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गढ़ बुधनी विधानसभा में उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. दरअसल, शिवराज चौहान के बुधनी विधानसभा से इस्तीफे के बाद बुधनी विधानसभा सीट रिक्त हो गई है. यहां जल्द ही उपचुनाव कराये जा सकते हैं. ऐसे में कांग्रेस सक्रिय हो गई है और चुनावों की तैयारी में जुट गई है. बुधनी विधानसभा प्रभारी जयवर्धन सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ उपचुनाव को लेकर रणनीति बनाई.
बुधनी विधानसभा को लेकर प्रभारी बनाए गए कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह और इछावर के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल रविवार को बुधनी विधानसभा क्षेत्र के सलकनपुर पहुंचे. कांग्रेस नेताओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक ली. इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे.
जयवर्धन सिंह ने ली कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक
दिग्विजय सिंह के बेटे और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और इछावर के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल को बुधनी का प्रभारी बनाया गया है. उन्होंने बुधनी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले रेहटी और भेरूंदा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की बैठक ली और चुनावी रणनीति तैयार की.
महिलाओं पर कांग्रेस का फोकस
जयवर्धन सिंह ने कहा कि लाडली बहना योजना के बाद हम सबको काम करने का तरीका बदलना होगा. हम मतदाता पुरुषों को नाम से पहचानते हैं, लेकिन महिलाओं को नहीं जानते. मैंने खुद ने अपने विधानसभा क्षेत्र में तय किया है कि आने वाले 5 सालों में हर मतदान केंद्र पर महिलाओं का संगठन खड़ा करना होग. इसी बैठक में दो-दो महिलाएं पहुंची, यही स्थिति पूरे प्रदेश में है. लेकिन हमें तय करना है कि हर बैठक में महिलाओं की सहभागिता ज्यादा से ज्यादा हो.
धन-बल के आधार पर लूटते हैं जनमत- जयवर्धन
जयवर्धन सिंह ने कहा कि जो भी सरकारी प्रक्रिया है उसमें खेल और घोटाले करेंगे, यह उनकी साजिश होती है. 17 साल से देख रहे हैं हर पद पर इनके लोग बैठते हैं. बुधनी में उनके चाहते बड़े सेठ लोगों को हर चीज ठेके दे दिए जाते हैं. वही पैसे बांटते हैं यही लोग सब कुछ चला रहे हैं. धन बल के आधार पर जनमत को लूटने का कार्य करते हैं.
जयवर्धन सिंह की चुनावी रणनीति
जयवर्धन सिंह ने कहा कि हमने तय किया है कि जहां जहां हमें कम वोट मिल रहे हैं, वहां जाकर लोगों से स्वयं चर्चा करेंगे. आने वाले समय में हमारी स्थिति बेहतर हो, इसके लिए हमें जमीन स्तर पर काम करना होगा. उत्तर प्रदेश का मतदाता जागरूक है, वह राजनीति को समझता है, लेकिन मध्य प्रदेश का मतदाता राजनैतिक नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी और शिवराज सिंह चौहान की बातों को समझ नहीं पाता है.
एक-एक मतदान केंद्र तक पहुंचना है- जयवर्धन सिंह
जयवर्धन सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें मंडल सेक्टर तक नहीं, एक-एक मतदान केंद्र तक पहुंचना है. 2023 के चुनाव में हमें बेहतर परिणाम और सरकार बनने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. लोकसभा चुनाव में यूपी, राजस्थान सब जगह कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन मध्य प्रदेश में अच्छे परिणाम नहीं मिले.
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