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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में बीती रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई. यह हादसा कसडोल थाना क्षेत्र के कलमीडीह गांव में हुआ, जहां तेज रफ्तार हाईवा ने मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को रौंद दिया. हादसे में तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई.
सूचना मिलने पर कसडोल पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर तीनों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रवाना कर आगे की कार्रवाई में जुट हुई है. जानकारी के मुताबिक, तीनों युवक की पहचान महराजी अर्जुन गांव निवासी के रूप में हुई है. मृतकों के नाम मृत युवकों में राजु कर्ष (23 वर्ष), पिता समारू कर्ष, परमेश्वर पैकरा (22 वर्ष) और दुर्गेश कर्ष ग्राम महराजी है. वे नए साल के मौके पर तुरतुरिया गए हुए थे, वहां से एक ही बाइक पर सवार होकर वे गांव लौट रहे थे. इसी दौरान रात लगभग 12 बजे यह भीषण हादसा हो गया, जिसमें तीनों की दर्दनाक मौत हो गई. प्रशासन की ओर से तत्काल सहायता के रूप में 25-25 हजार रूपए की राशि मृत युवकों के परिजनों को दी गई है.
]]>सीबीआई ने छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में डाक विभाग के दो अधिकारियों को 37,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बलौदाबाजार स्थित उप-मंडल निरीक्षक (डाक) कार्यालय के मेल ओवरसियर राजेश पटेल और उप-मंडल निरीक्षक (एसडीआईपी) विनीता मानिकपुरी शामिल हैं।
बता दें कि सीबीआई ने यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की, जो 19 नवंबर 2024 को देवासुंदरा डाकघर के शाखा डाक अधीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि 22 अक्टूबर 2024 को देवासुंदरा डाकघर का निरीक्षण करते समय मेल ओवरसियर राजेश पटेल और एसडीआईपी विनीता मानिकपुरी ने शिकायतकर्ता की कुछ त्रुटियां पाई थीं। इन त्रुटियों को दबाने और मामले को रफा-दफा करने के लिए अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से 60,000 रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर, रिश्वत की राशि को किश्तों में देने की अनुमति दी गई। पहली किश्त 40,000 रुपये तय की गई, जिसमें से 37,000 रुपये शिकायतकर्ता को 23 नवंबर यानि आज मेल ओवरसियर को देने थे। योजना के अनुसार शिकायतकर्ता आज पैसे लेकर मेल ओवरसियर के पास गया जहां सीबीआई ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा।
बता दें कि सीबीआई की टीम द्वारा रिश्वत की राशि मौके पर ही बरामद कर ली गई। इसके बाद, एसडीआईपी विनीता मानिकपुरी को भी मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को 24 नवंबर 2024 को अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही, सीबीआई की टीम आरोपियों के कार्यालय और आवासीय परिसरों की तलाशी ले रही हैं, मौके पर जांच जारी है।
]]>छत्तीसगढ़ में भारी वाहनों के तेज रफतार और बेतरतीब रख रखाव के चलते लगातार दर्दनाक सड़क हादसे देखने को मिल रहे हैं. बीती रात प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों बलौदाबाजार और रायगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई.बलौदा बाजार जिले में बीती रात सड़क दुर्घटना में घायल हुए जवान शिवकुमार कौशल की आज अस्पताल में मौत हो गई.
मृतक पुलिस कर्मी के सरल स्वभाव के चलते विभाग और न्यायलय में सभी से बहुत अच्छे संबंध थे. जवान की इस तरह अचानक हुई मौत के बाद उसके परिवार समेत पुलिस विभाग में शोक की लहर है. पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारियों ने शोक व्यक्त करते हुए इसे काफी दुखद घटना बताया और कहा कि इस दुख की घड़ी में हम सब पुलिस परिवार के साथ हैं. बता दें, पुलिस जवान शिवकुमार कौशल साल 2008 से बलौदाबाजार पुलिस में पदस्थ था और न्यायालय संबंधित कार्य सम्भालता था. बीती रात वह बलौदाबाजार-भाटापारा रोड पर केडिया राईस मिल के पास से गुजर रहा था. इसी दौरान घने अंधेरे के चलते वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन आज सुबह ही जवान ने उपचार के दौरान दम दोड़ दिया. जानकारी के अनुसार जहां पर यह घटना घटी है, वहां काफी अंधेरा रहता है. इसके साथ ही वहां सड़क किनारे ट्रक और बडी गाडियां बेतरतीब तरीके से खड़ी रहती हैं. इसी के चलते पुलिस जवान भी वहां खड़े ट्रक से जा टकराया. उसके गले में गंभीर रूप से चोट आई थी. इसके बाद जिला अस्पताल में ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
तेज रफ्तार ट्रक के टक्कर से पिकअप वाहन के चालक समेत 2 की मौत
वहीं रायगढ़ में भी बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई. घटना रायगढ़ जिले के रायगढ़ घरघोड़ा मार्ग पर लाखा गांव की है, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने मुर्गी से ले जारे पिक अप को टक्कर मार दी. इस घटना में पिकअप ट्रक के नीचे आगई और पिकअप चालक और सहचालक की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया. सूचना मिलने पर कोतवाली थाना और पूंजी पथरा थाने की पुलिस टीमें पहुंची और घंटों की मेहनत बाद दोनों शवों को निकाला. पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए रायगढ़ भेजा और आगे की कार्रवाई में जुट गई है. बता दें, इस घटना में मृतकों के शव को निकालने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी. जिसके बाद उन्हें आज सुबह 5 बजे रायगढ़ अस्पताल भेजा गया. इसके अलावा पिकअप के तेज रफ्तार ट्रक के नीचे आ जाने से 200 से अधिक मुर्गियों की भी मौत हो गई. घटना के चलते से ये मार्ग कई घंटे बाद खुला.
जिले में कबाड़ियों के पास चोरी का सामान मिलने की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कबाड़ी संचालक गोपाल साहू सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है. बलौदाबाजार स्थित शुक्ला पेट्रोल पंप के पीछे भवन निर्माण सामग्री की चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पेट्रोल पंप के पीछे भवन निर्माण सामग्री की 27 सेट्रिंग प्लेट्स, जिनकी कीमत 40,500 रुपये थी, अज्ञात चोरों ने चोरी कर ली है. इस मामले में थाना सिटी कोतवाली में अपराध दर्ज किया गया और त्वरित कार्रवाई शुरू की गई. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया, जिसमें तीन आरोपियों लखन, सोनू, और चनउ की पहचान हुई. इन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उन्होंने शुक्ला पेट्रोल पंप के पीछे से सेट्रिंग प्लेट्स चुराकर कबाड़ी संचालक गोपाल साहू को पुराना बस स्टैंड स्थित उसकी दुकान में 5000 रुपये में बेच दिया था. पुलिस ने इन सभी आरोपियों को धारा 317(2) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम –
लखन पटेल, उम्र 38 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती, बलौदाबाजार
सोनू उर्फ तरुण पटेल, उम्र 28 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती, बलौदाबाजार
चनउ मारकंडे, उम्र 25 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती, बलौदाबाजार
कबाड़ी संचालक गोपाल साहू, उम्र 42 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती, बलौदाबाजार
दुर्ग भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ गई हैं। बलौदा बाजार हिंसा मामले में विधायक देवेंद्र यादव की रिमांड अवधि 14 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। पुलिस ने चालान पेश करने के लिए और समय की मांग की जिस पर उनके वकील अनादी शंकर मिश्रा ने आपत्ति दर्ज की। कोर्ट ने विधायक की रिमांड अवधि तीन दिन बढ़ा दी गई है,
अब उनकी अभियोग पत्र पुलिस के द्वारा 14 नवंबर को पेश किया जाएगा। देवेंद्र यादव की 17 अगस्त को भिलाई से गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद से लगातार न्यायिक रिमांड बढ़ रही है। वे रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं। पुलिस का तर्क है कि, विधायक का मोबाइल जमा नहीं होने के चलते केस के प्रोग्रेस में देरी हो रही है। जिस पर देवेंद्र के वकील ने कहा कि, मोबाइल जमा कर दिया गया था। डीवीआर कॉपी करने के बाद पुलिस ने वापस लौटाया।
देवेंद्र पर भीड़ को उकसाने का आरोप
विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी बलौदाबाजार हिंसा मामले में हुई है। उन पर हिंसा भड़काने का आरोप है। इस मामले में बलौदाबाजार पुलिस ने 4 बार नोटिस जारी किया, लेकिन विधायक ने बयान देने जाने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा था कि पुलिस को बयान लेना है, तो उनके पास और लेकर जाए। हालांकि पूछताछ के लिए तीसरा नोटिस मिलने पर देवेंद्र यादव ने बलौदाबाजार जाकर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात भी की थी।
पुलिस के पास हैं पर्याप्त सबूत और गवाह
वहीं, बलौदाबाजार पुलिस के एक उच्चाधिकारी की माने तो पुलिस के पास विधायक देवेंद्र यादव के खिलाफ गवाह हैं और कुछ लोगों के बयान हैं। इसके अलावा पुलिस के पास कुछ वीडियो भी हैं। जिसको आधार बनाकर उन पर कार्रवाई की जा रही है।
3 मामलों की एक साथ चल रही है जांच
देवेंद्र यादव के खिलाफ बलौदाबाजार हिंसा का पहला मामला जांच में नहीं है, उनके खिलाफ कोयला घोटाला और कथित MMS मामले की भी जांच चल रही है। कुछ दिन पहले भिलाई नगर पुलिस ने भी उन्हें नोटिस जारी कर फोटो वीडियो के लिए थाने बुलाया था। देवेंद्र वहां भी दोबारा बयान दर्ज कराने नहीं गए। उन्होंने कहा कि, वह थाने जाकर अपना बयान एक बार दे दिए हैं। लिखित में भी दिया है कि, जांच में जो भी आगे पूछताछ या जानकारी चाहिए, उनके कार्यालय में आकर ले लें।
बलौदाबाजार वनमंडल के वन अमलों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से गश्ती की जा रही है। इसी दौरान नौ नवंबर की रात लगभग नौ बजे परिक्षेत्र अर्जुनी अंतर्गत वन क्षेत्र में गश्ती के दौरान परिक्षेत्र अर्जुनी रात्रि गश्ती टीम द्वारा कुछ लोगों को जंगल की तरफ गांजरडीह बीट में जाते हुए देखा गया। गश्ती टीम द्वारा उनका पीछा किया गया और जंगल में छिपकर उनको पकड़ने के लिए घात लगाकर बैठे रहे। सुबह तड़के करीब चार बजे शिकार के पांच आरोपियों को वन विभाग द्वारा धर दबोचा गया।
मुख्य शिकारी कमल सिंह ग्राम गांजरडीह है, जो पूर्व में भी वन्यप्राणी के शिकार केस में जेल भेजा जा चुका है और जमानत में बाहर आकर दोबारा शिकार की घटनाओं को अंजाम देता है, उक्त व्यक्ति आदतन शिकारी है एवं अन्य चार आरोपी क्रमश कुंजराम विश्वकर्मा ग्राम करमेल, कुबेर सिंह भोई ग्राम करमेल, चैनूराम भोई ग्राम करमेल एवं युधिष्ठिर भोई ग्राम करमेल है। इनके पास से शिकार सामग्री करीब 6.7 किग्रा जीआई तार एवं सेट्रींग तार जब्त किया गया, जिसे जंगल में फैलाकर लकड़ी की खुंटी लगाकर 11000 वोल्ट के विद्युत खम्भे में कनेक्शन करके वन्यप्राणी के शिकार को अंजाम देने का प्रयास कर रहे थे। उपरोक्त गश्ती टीम में गोविंद राम निषाद वनरक्षक परिसर रक्षी गांजरडीह, सनद यादव, भानु प्रसाद केंवट, तुलाराम, मनोहर सुरक्षा श्रमिक शामिल थे। साथ ही दो दिन पूर्व ही वन विभाग की टीम द्वारा गांजरडीह एवं सराईपाली के आस-पास के गांव में बाघ एवं अन्य वन्यप्राणी विचरण के संबंध में मुनादी कराया गया था ग्रामीणों को समझाईस दी गयी थी कि वन क्षेत्र में न जावें। उसके बाद भी शिकारियों द्वारा वन्यप्राणी के शिकार करने का प्रयास किया गया। हालाकि वन विभाग की टीम ने शिकार होने के पूर्व ही शिकारियों को धर दबोचा। इसके पूर्व सोनाखान परिक्षेत्र के भुसड़ीपाली बीट में भी दो बंदूकधारी शिकारियों को उनके शिकार के पूर्व ही उन्हें पकड़ लिया गया था। उक्त शिकार में संलिप्त पांच शिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत आवश्यक कार्रवाई कर जेल भेजा गया। उपरोक्त कार्रवाई में उप वन मंडलाधिकारी कसडोल हितेश कुमार ठाकुर, परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी अनिरूद्ध भोई, परिक्षेत्र सहायक सोनाखान योगेश कुमार साहू वनपाल एवं परिक्षेत्र अर्जुनी के समस्त वन अमला शामिल थे।
]]>छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सात नवंबर को जिला बलौदाबाजार में 2100 आवासहीनों को प्रधानमंत्री आवास का स्वीकृति पत्र और 51 हितग्राहियों को नए आवास की चाबी सौपेंगे। सीएम साय इस मौके पर लगभग 60.20 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 32.32 करोड़ रूपए के 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन और 27.88 करोड़ रुपये के 32 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री जिन नए कार्यों का भूमिपूजन करेंगे, उनमें मुख्य रूप से बलौदाबाजार जिले में नहरों के रिमॉडलिंग और पक्की संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए 15.11 करोड़ विभिन्न सड़कों के नवीनीकरण कार्य के लिए 6.82 करोड़ रुपये, बलौदाबाजार शहर के विभिन्न स्थानों में सीसी रोड़, बीटी रोड़, सौदर्यीकरण, पाइपलाइन विस्तार, बस स्टैण्ड भवन का उन्नयन एवं अन्य निर्माण कार्य के लिए 6.37 करोड़ रूपए, नवीन जिला परिवहन कार्यालय भवन का निर्माण के लिए 1.74 करोड़, शासकीय डीके महाविद्यालय बलौदाबाजार में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण 1.11 करोड, नवापारा में पशु चिकित्सालय भवन का निर्माण 16.66 लाख, सखी वन स्टॉप सेंटर के कार्यालय भवन निर्माण 60 लाख रुपये के कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री जिन नवनिर्मित नए कार्यों का लोकार्पण करेंगे उनमें 10.05 लाख रूप्ए की लागत से भरसेला, भरसेली, ढाबाडीह, सलोनी, शुक्लाभाठा, जांगड़ा में एकल ग्राम नलजल योजना और रसेडी, करही में रेट्रोफिटिंग नलजल प्रदाय योजना शामिल है। इसी प्रकार 9.95 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित तीन सड़क निर्माण कार्य, के साथ ही सामुदायिक रैन बसेरा, ग्राम दशरमा में उप स्वास्थ्य केन्द्र, बलौदाबाजार के अस्पताल में 74.56 लाख की लागत से 20 बेड आइसोलेशन वार्ड, अमेरा और लाहौद में जनऔषधि केन्द्र, देवरी में आंगनबाड़ी केन्द्र, भरसेला, मगरचबा, कंजी, खैरताल में सामुदायिक भवन, बलौदाबाजार शहर में कलेक्टोरेट से बस स्टैण्ड उद्यान तक बीटी रोड सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं।
]]>छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के काफिले की एक कार हादसे का शिकार हो गई. जानकारी के अनुसार, रविवार की रात सिमगा इलाके में मंत्री के काफिले की एक कार को तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी. इस हादसे में वाहन को एक साइड से नुकसान हुआ है. फिलहाल, इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
पुलिस ने घटना की जानकारी लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर विस्तृत जानकारी एकत्र कर रही है. इस मामले में पुलिस जांच कर रही है. जानकारी के अनुसार, रविवार की रात सिमगा इलाके में मंत्री के काफिले की एक कार को तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी. इस हादसे में वाहन को एक साइड से नुकसान हुआ है. फिलहाल, इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
]]>छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में फिर से एक बड़ा बवाल हुआ है. दिवाली की जश्न के बीच बीती रात कबीर पंथ के गुरु प्रकाश मुनि साहेब के आश्रम दामाखेड़ा में फटाखा फोड़ने को लेकर बड़ा विवाद हो गया. इस दौरान उपद्रवियों ने आश्रम के अंदर बम फेंका और पत्थरबाजी भी की. घटना की गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा और पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा रात में ही आश्रम पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है. वहीं सुरक्षा की दृष्टि से दामाखेड़ा आश्रम पर पुलिस बल तैनात किया गया है. यह मामला सिमगा थाना क्षेत्र का है. पुलिस के अनुसार, 1 नवंबर की रात लगभग 09:45 बजे कुछ आरोपी, जिनमें दुर्गेश देवांगन और प्रताप साहू शामिल हैं, लाठी, डंडा और बम पटाखों के साथ आश्रम में जबरदस्ती प्रवेश कर गए. आरोप है कि उन्होंने वहां जान से मारने की धमकी देते हुए अश्लील गालियां दीं और बम पटाखा फेंक दिया. इसके साथ ही पत्थरबाजी भी की गई. सिमगा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने धारा 191(2), 193(3), 190, 331, 296, 351(3), 298 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है. मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. फिलहाल, दामाखेड़ा आश्रम पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति नियंत्रण में है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. मिली जानकारी के अनुसार, प्रकाश मुनि जी की शिकायत पर पुलिस ने दामाखेड़ा के सरपंच पति सहित अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है. वहीं 11 लोगों को गिरफ्तार किया है और पुछताछ कर रही है वही घटना के बाद सरपंच पति फरार हो गया है. सरपंच पति पर पूर्व में भी संस्कृति विभाग द्वारा मेले के लिए दिये गए दस लाख रूपये गबन करने का आरोप लगा था. इस मामले में जनपद पंचायत सिमगा के तात्कालीन सीईओ और सरपंच सहित सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था. तब से विवाद की स्थिति बनी हुई थी. पुलिस ने घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस का बल लगा या है वही एडिशनल एस पी एश्वर्या चंद्राकर ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा को लेकर पुलिस बल लगाया गया है 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है. अभी स्थिति शांतिपूर्ण है तथा नियंत्रण में है.
]]>बारनावापारा वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित बटरफ्लाई मीट के दौरान छात्रों, शोधार्थियों और पर्यावरणविदों ने तितलियों की ऐसी प्रजातियों की खोज की. इन नई प्रजातियों की पहचान से अभयारण्य की पारिस्थितिक तंत्र की समृद्धि और विविधता का संकेत मिलता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई तितलियों का अध्ययन करने से पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी.
बारनावापारा वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित बटरफ्लाई मीट के दौरान छात्रों और शोधकर्ताओं की टीम ने बटरफ्लाई के जीवन चक्र को पूरा होते देखा. मीट के समापन पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीता गुप्ता, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र संचालक उदन्ती सीतानदी टायगर रिवर्ज रायपुर सातोविशा समाजदार और डीएफओ मयंक अग्रवाल शामिल हुए.
बारनवापारा अभयारण्य में बटरफ्लाई मीट के आयोजन का उद्देश्य अभ्यारण्य के पारिस्थितिकी तंत्र और तितलियों की विविधता का अध्ययन करना था. इस मीट में छात्रों, पर्यावरणविदों और शोधकर्ताओं ने मिलकर तितलियों की विभिन्न प्रजातियों का सर्वेक्षण किया. वन विभाग का लक्ष्य न केवल तितलियों की नई प्रजातियों की पहचान करना था, बल्कि उनके संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाना भी था.
मुख्य वन संरक्षक संजीता गुप्ता ने बताया कि हम प्रयास कर रहे हैं कि दिसंबर माह में बर्ड सर्वे का आयोजन हो. बारनवापारा अभ्यारण्य में पक्षी विहार बनाया गया है, जहां पर बड़ी संख्या में स्थानीय पक्षी हर समय मौजूद रहते हैं. इसके अलावा ठंड के मौसम में विदेशी पक्षियों का आगमन भी होता है, इसलिए इस बार पक्षियों की गणना भी की जाएगी. यह गणना दिसंबर और जनवरी माह के मध्य किया जाएगा. इस आयोजन में स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा. मुख्य वन संरक्षक सातोविशा समाजदार ने कहा कि जंगल को जंगल की तरह रखना जरूरी है. तितलियाँ और पक्षी वातावरण में होने वाले परिवर्तन की पहले ही सूचना दे देती है. आज पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है, जिसको बचाने के लिए जंगल का होना आवश्यक है, बगीचे से काम नहीं चलेगा. पशु-पक्षियों के साथ जंगल नितांत आवश्यक है.
बारनवापारा अभयारण्य के अधीक्षक आनंद कुदरया, परिक्षेत्र अधिकारी बारनवापारा सुनिल खोब्रागढ़े, परिक्षेत्र अधिकारी कोठारी जीवन लाल साहू, परिक्षेत्र सहायक बारनवापारा गितेश बंजारे, परिक्षेत्र सहायक रामपुर गोपाल प्रसाद वर्मा, पूर्णिमा वर्मा, नंद कुमार बघेल, नेहरू राम निषाद ने प्रतिभागियों को बारनवापारा अभयारण्य के अलग-अलग स्थानों का दौरा कराया गया.
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