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बलरामपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डीपाडीह कला और आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवली को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और मरीजों को बेहतर ईलाज उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र हासिल करने वाले दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टॉफ को बधाई दी है। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का कार्य लगातार जारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि ये अस्पताल आगे भी अपनी उत्कृष्टता बरकरार रखते हुए मरीजों की सेवा करेंगे और प्रदेश के दूसरे अस्पतालों के लिए नए प्रतिमान स्थापित करेंगे। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम द्वारा किए गए परीक्षण एवं मूल्यांकन में डीपाडीह कला को 92.80 व केवली को 90.72 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ है। यहां यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओ और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया जाता है, इनमें उपलब्ध सेवाएं, मरीजों का अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विस, क्लीनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कण्ट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल होते हैं। इन मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं।
]]>आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर नगरीय निकाय के अंतर्गत चांदो चौक के पास स्थित हनुमान मंदिर परिसर में 447.19 लाख रुपये के 27 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।
इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष बलरामपुर श्री विनय पैकरा, उपाध्यक्ष श्री भानुप्रकाश दीक्षित, गणमान्य नागरीक श्री ओमप्रकाश जायसवाल अन्य जनप्रतिनिधिगण, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री अमित श्रीवास्तव, जनपद सीईओ बलरामपुर श्री रणवीर साय, नगर पालिका अधिकारी प्रणव राय व तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भूमिपूजन में 16.92 लाख की लागत से स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत आकांक्षीय शौचालय का निर्माण, 294.90 लाख रुपये की लागत से अधोसंरचना मद अंतर्गत 05 नग पाथवे, नाली, स्ट्रीट लाइट एवं बीटी रोड का निर्माण, विधायक मद से 12.83 लाख रुपये की लागत से स्व. श्री लरंगसाय चौक का निर्माण तथा 15वें वित्त अन्तर्गत 17 नग सीसी सड़क, आरसीसी नाली एवं पाथवे का निर्माण कार्य शामिल है। इस दौरान मंत्री श्री नेताम के द्वारा स्वच्छता दीदी एवं स्वच्छता कमांडो को सम्मानित किया गया। साथ ही मंत्री श्री नेताम के द्वारा प्रधानमंत्री आवास शहरी आवास 2.0 के तहत बलरामपुर वार्ड क्रमांक 10 निवासी श्री महेंद्र कोरवा को आवास की चाबी भी सौंपा गया।
]]>बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में तेंदुआ और भालू के खाल और मांस की अवैध बिक्री करने वाले दो आरोपियों को उड़ानदस्ता टीम ने गिरफ्तार किया है. इसके अलावा वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में हाथी दांत की बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है.
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर वन मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से वन्य प्राणियों के खाल और हाथी दांत की तस्करी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. इसके बाद सरगुजा उड़नदस्ता टीम ने क्षेत्र में दबिश दी और वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो हाथी दांत की बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे थे. वहीं रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में भी उड़नदस्ता टीम ने तेंदुआ और भालू के चमड़े और मांस की अवैध बिक्री में लिप्त दो आरोपियों को पल्सर और स्कूटी वाहनों के साथ पकड़ा. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कुमार (रहवासी बभनी, जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश) और रामबचन (रहवासी पुरानीडीह, रामानुजगंज) के रूप में हुई है. उड़नदस्ता टीम ने आरोपी तस्कर अनिल कुमार से पल्सर वाहन क्रमांक UP 64 AD 0806 और रामबचन से स्कूटी क्रमांक CG 30 E 1027 को जब्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.
]]>बलरामपुर रामानुजगंज बलरामपुर विकासखंड के अंतर्गत आधा दर्जन से अधिक ग्रामवासीयों ने कलेक्टर को अंबिकापुर से गढ़वा नवीन रेल लाइन निर्माण पर रोक लगाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौपा।ग्राम वासियों ने कहां की अंग्रेज के समय में जो अंबिकापुर से बरवाडी रेल लाइन विस्तार हेतु स्वीकृति प्रदान किया गया था। जिसके लिए रेलवे का भूमि अधिग्रहण पुल पुलिया का भी निर्माण किया गया था।
इस पर निर्माण हो नवीन निर्माण होने से ग्राम वासियों को बहुत नुकसान होगा। ग्राम वासियों ने अंबिकापुर से गढ़वा झारखंड रेल लाइन सर्वे भूमि अधिग्रहण के कार्य में रोक लगवाने की मांग की। ग्राम ओबरी, भवानीपुर, खुर्रा, नवाडीह खुर्द, तुर्रीडीह आमडंडा महाराजगंज सहित अन्य गांव से अंबिकापुर से गढ़वा झारखंड रेल लाइन निर्माण हेतु वर्तमान में सर्वे का कार्य किया जा रहा है। ग्राम वासियों ने बताया कि वर्तमान में रेलवे मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा जो सर्वे कराए जा रहा है उसे बड़ी संख्या में हम सब ग्राम वासियों को नुकसान होगा रिहायशी क्षेत्र में रेल लाइन सर्वे करने से वह निर्माण होने पर ग्राम वासियों को नुकसान होगा। जो भूमि जारी है वह ग्राम वासियों की अपनी निजी भूमि है उसे भूमि के अलावा अन्य भूमि हम लोगों के पास नहीं है ऐसे में हम सबके सामने रोजी-रोटी का भी संकट उत्पन्न हो जाएगा। यदि नवीन रेल परियोजना अंबिकापुर से बरवाडीह रेल लाइन को बनाने से हमें या हमारे क्षेत्र वासियों को किसी तरह का दिक्कत नहीं है। रेल लाइन सर्वे जहां से किया जा रहा है वह घनी आबादी वाले क्षेत्र भी पड़ रहे है।ऐसे में जान माल का भी नुकसान होने का खतरा हर समय रहेगा। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
]]>बलरामपुर जिले के धनवार चेक पोस्ट ‘उपज जांच नाका’ पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है. उप निरीक्षक और उसके निजी सहयोगी पर चावल से भरी गाड़ियों को पार करने के लिए ट्रक ड्राइवरों से वसूली कर रहे हैं. मामले की जानकारी मिलने के बाद मीडिया की दखल पर मंडी उपनिरीक्षक ने 2600 रुपए वापस कर दिए.
लेकिन वसूली के इस कारनामे ने मंडी पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के मुताबिक, धनवार अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित कृषि उपज जांच नाके पर शंकर दयाल पैकरा उप निरीक्षक और उनके निजी सहयोगी सलीम लकड़ा ने चावल ले जा रहे ट्रकों से 3250 रुपए पहले तो ले लिया. इसके बाद विवाद होने पर मीडिया के दखल पर उपनिरीक्षक शंकर दयाल पैकरा ने 650 रुपए कागजात चेक करने के नाम पर रखे, और बाकि 2600 रुपए वापस किया.
चेक पोस्ट पर दैनिक कर्मचारियों की दादागिरी
सूत्रों के अनुसार, कृषि उपज जांच चेक पोस्ट पर बाहरी वाहनों से दस्तावेज जांच के नाम पर वसूली की जाती है. इसके लिए मंडी चेक पोस्टों में केवल दैनिक कर्मचारियों को ज्यादा रखा जाता है ताकि विवाद होने की स्थिति में इन्हें हटाया सके और जिम्मेदार लोगों पर कोई आंच न आये. पूर्व में भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं. बता दें, यह पहली बार नहीं है जब धनवार चेक पोस्ट से इस तरह की घटना सामने आई है. पहले भी यहां से अवैध वसूली और प्राइवेट कर्मचारियों की दादागिरी के कई वीडियो वायरल हो चुके हैं. इसके बावजूद, प्रशासन ने अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है. वहीं स्थानीय व्यापारियों और ट्रक चालकों का कहना है कि चेक पोस्ट पर अवैध वसूली की घटनाओं से उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है. कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई. उनका आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह अवैध खेल लंबे समय से चल रहा है.
अधिकारी दिन-रात एक कर अति पिछड़ी जनजाति के बीच ना केवल पहुंच रहे हैं. बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने को लेकर लगातार पसीना भी बहा रहे है. बावजूद इसके कहीं न कहीं कोई ऐसा वाकया सामने आ जाती है, जिससे पूरे किए कराए पर पानी फिर जाता है.
ऐसे ही एक मामले में सरकारी एम्बुलेंस मुक्तांजलि के ड्रायवर के खिलाफ पीड़ित पण्डो परिवार ने संभागायुक्त से शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है. दरअसल, 21 नवम्बर को सड़क दुर्घटना में ग्राम चुनापाथर निवासी अर्जुन पण्डो गंभीर रूप से घायल हो गया था. आनन-फानन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सलवाही में भर्ती कराया गया. प्रारम्भिक उपचार के बाद डाक्टर ने अर्जुन पण्डो को बेहतर इलाज के लिए अम्बिकापुर अस्पताल रिफर किया, जहां उपचार के दौरान 22 नवंबर को उसकी मौत हो गई. परिजनों के अनुसार, दूसरे दिन यानी 23 नवम्बर को अर्जुन पण्डो के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी शव वाहन मुक्तांजति से पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया. पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल ने शव को ना केवल पण्डो परिवार के हवाले किया. बल्कि नि:शुल्क सरकारी एम्बुलेंस मुक्तांजलि की व्यवस्था कर शव को घर तक पहुंचाने का निर्देश भी दिया.
नि:शुल्क सरकारी वाहन का मांगा किराया
घर पहुंचने के बाद मुक्तांजलि के चालक राहुल वर्मा ने पीड़ित परिजनों से 1000 रुपए किराया भुगतान करने को कहा. इस पर परिजनों ने एम्बुलेंस की नि:शुल्क व्यवस्था का हवाला दिया. इतना सुनते ही ड्रायवर आग बबूला हो गया, और 1000 रुपए देने के बाद ही शव को वाहन से उतारने की बात कही.
ड्राइवर को चंदा इकट्ठा कर दिया पैसा
पीड़ित पण्डो परिवार ने ड्रायवर को गरीबी का हवाला देते हुए 500 रुपए देने की पेशकश की, लेकिन ड्रायवर ने पांच सौ रुपए लेने से इंकार करते हुए गाली-गलौच करने लगा. इस पर पण्डो परिवार ने 600 रुपए देने की बात कही, लेकिन इसे भी लेने से ड्राइवर ने इंकार किया. इसके बाद पंडो परिवार ने किसी तरह से चंदा कर सात सौ रुपए की व्यवस्था करते हुए ड्राइवर को दिया, तब जाकर युवक का शव उन्हें दिया.
बलरामपुर रामानुजगंज बीती रात आठ बजे के करीब पहाड़ी कोरवा आवासीय विद्यालय के प्रभारी अधीक्षक अजीत कुमार नेताम की कार की टक्कर लाइवलीहुड कॉलेज के समीप विपरीत दिशा से आ रही पिकअप से हो गई। जिससे मौके पर ही अजीत कुमार नेताम की मौत हो गई। वहीं पिकअप ड्राइवर के पैर में गंभीर चोट लगी है।
घटना की सूचना पर तत्काल मौके पर हाईवे पेट्रोलिंग टीम और कोतवाली पुलिस पहुंची। घायल ड्राइवर को तत्काल जिला अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया। मिली जानकारी के मुताबिक, पहाड़ी कोरवा आवासीय विद्यालय के प्रभारी अधीक्षक अजीत कुमार नेताम बलरामपुर बाजार करके वापस रात्रि आठ बजे के करीब वापस अपने कार से जा रहे थे। इसी दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य धीरज सिंह देव के घर के सामने खड़ी पल्सर में कार ने टक्कर मार दी। जिसके बाद कार तेजी से चांदो रोड की ओर जाने लगी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अजीत कुमार नेताम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पिकअप ड्राइवर के पैर में गंभीर चोट लगी। घटना की सूचना मिलने पर हाईवे पेट्रोलिंग की टीम पहुंची। घायल को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। मिलनसार, व्यवहारिक एवं सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले अजीत कुमार नेताम की आकस्मिक मृत्यु से ग्राम देवगई एवं ग्राम सिंदूर में शोक की लहर है। अजीत के माता-पिता सिंदूर गांव में रहते हैं। वहीं अजीत ने अपना घर देवगई में बनाए था। जहां वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था।
]]>बलरामपुर-रामनुजगंज बीती रात बलरामपुर विकासखंड के चिलमा ग्राम के समीप सासु नदी में बना रहे पुलिया के पास क्षेत्र में हाथी आने के बाद वन विभाग की टीम के साथ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित थे। इस बीच दंपत्ति को लोगों के मना करने के बाद जंगल की ओर चल दिए। जिससे हाथी की चपेट में पति आ गया।
हाथी ने अपने सूंड से लपेटकर पति को पटक दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पत्नी भी घायल हो गई। सूचना पर तत्काल एसडीओ वन रवि शंकर श्रीवास्तव सहित वन अमला पहुंचा। जानकारी के अनुसार, पस्ता गौठान जंगल के किनारे किनारे होते हाथियों का दल चिलमा की ओर जा रहा था। क्षेत्र में हाथी आने की खबर लोगों को लगते ही ग्रामीण वन विभाग के अमले के साथ सासु नदी पुलिया के पास सैकड़ों की संख्या में एकत्रित थे। इस बीच चमरा कोरवा उम्र 60 वर्ष अपनी पत्नी के साथ देर रात जंगल की ओर जाने लगा। वन विभाग का अमला एवं ग्रामीणों के द्वारा मना किया गया। उसके बाद भी वह जंगल ओर चला गया। जिससे वह हाथी के चपेट में आ गया। पत्नी घायल है। बताया जा रहा है कि आठ हाथियों का दल है। घटना सुबह तीन की बताई जा रही है। सूचना पर एसडीओ वन रविशंकर श्रीवास्तव सहित वन अमला मौके पर पहुंचा।
]]>छत्तीसगढ़ में कोयले का अवैध परिवहन का मामला सामने आया है. इस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर राजस्व विभाग ने अवैध रूप से कोयले से भरा ओवरलोड ट्रक को जब्त किया है. यह कार्रवाई देर रात की गई. इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है.
जानकारी के अनुसार रात के अंधेरे में मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही ट्रक क्रमांक CG 15 AC 5093 से अवैध रूप से कोयले का परिवहन किया जा रहा था. सूचना के आधार पर वाड्रफनगर पुलिस एवं राजस्व की टीम ने उक्त वाहन को पकड़ा है. आगे की कार्रवाई की जा रही है. इस मामले में वाड्रफनगर नायाब तहसीलदार मोइनुद्दीन खान ने बताया कि जब्त ट्रक के चालक ने किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं दिखाया. ट्रक में भारे कोयले का तौल कराया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी.
लंबे समय से अवैध कोयला परिवहन
जानकारों की मानें तो छत्तीसगढ़ के सरहदी क्षेत्र में अवैध रूप से कोयला खपाने का खेल काफी लंबे समय से चल रहा है. कार्रवाई नहीं होने के कारण कोयला तस्कर सक्रिय हैं और उनके हौसले बुलंद हैं. वहीं खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहा है.
बलरामपुर रामनुजगंज में बलरामपुर वनमंडल वन परिक्षेत्र के मुरका गाँव में कक्ष क्रमांक पी 3492 में जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा था, जिसकी निगरानी लगातार वन विभाग की टीम कर रही थी। अचानक रात में करीब 1 बजे हाथी दल से 1 हाथी के बिछड़ने की जानकारी मिली। वन मंडल अधिकारी अशोक तिवारी के निर्देश पर वन विभाग की टीम तत्काल हाथी के पतासाजी में जुट गई।
सुबह करीब 7 बजे हाथी मृत अवस्था मे जंगल के किनारे स्थित धान के खेत मे मिला। प्रारंभिक विवेचना में पाया गया कि फसल के किनारे हाई वोल्टेज बिजली तार में कलच वायर से जोड़कर करंट लगाया गया था जिसके चपेट में आने से नर हाथी की मृत्यु हो गई। आरोपी की पतासाजी कर रामबक्स पिता बाबूलाल गोड़ निवासी मुरका को गिरफ्तार कर वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधान के तहत वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। पशु चिकित्सक की टीम द्वारा जँगली हाथी का पोस्टमार्टम कर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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