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बिलासपुर में यात्री सुविधाओं और रेलवे परिक्षेत्र में खराब सड़कों के मुद्दे पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने सुनवाई के दौरान रेलवे से पूछा इतनी ट्रेन रद्द क्यों करते हैं आप लोग? रेलवे की ओर से पक्ष रखते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने बताया कि ट्रैक के अपग्रेडेशन का कार्य चल रहा है।
एक साल में अपग्रेडेशन का काम पूरा हो जाएगा। फिर ट्रेन रद होने की समस्या कम हो जाएगी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्लेटफार्म नंबर 1 में मालगाड़ियों के खड़े रहने और यात्री ट्रेनों को अन्य प्लेफॉर्म में खड़े करने पर बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों की परेशानी के बारे पूछा। अधिवक्ता ने कहा कि जब यात्री ट्रेन आने का समय नहीं होता, तभी प्लेटफार्म 1 पर मालगाड़ियां आती हैं। बाकी समय ऐसा नहीं किया जाता। कोर्ट के पूर्व आदेश के परिपालन में बिलासपुर डीआरएम ने भी शपथपत्र में जवाब प्रस्तुत कर ट्रेनों के संबन्ध में जानकारी दी। कोर्ट ने एक अन्य रिपोर्ट के आधार पर बिलासपुर रेलवे स्टेशन से सटी सड़क की खराब हालत पर भी जवाब मांगा। रेलवे स्टेशन के पास गजरा चौक से शारदा मंदिर तक की सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस पर भी मंडल रेल प्रबंधक ने शपथपत्र दिया। साथ ही अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि शारदा मंदिर से गजरा चौक को लेकर टेंडर पहले ही कर दिया गया है। 31मई 2025 तक सड़क का काम पूरा हो जाएगा। इसके अलावा एक अन्य सड़क जो गजरा चौक से तारबाहर तक जाती है। उसका भी टेंडर हो गया है जो जून 2025 तक पूरी कर ली जाएगी। सुनने के बाद कोर्ट ने काम समय पर पूरे करने रेलवे को निर्देशित करते हुए याचिका निराकृत कर दी।
]]>छत्तीसगढ़ के एक गांव में ईसाई रीति-रिवाज से अपने पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अहम फैसला सुनाया है। यह मामला उस वक्त सामने आया था, जब रमेश बघेल ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने ईसाई रीति-रिवाज के तहत शव दफनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिस पर रमेश ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए अलग-अलग राय दी। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने इस मामले में अलग अलग मत दिया। जस्टिस नागरत्ना ने अपीलकर्ता रमेश बघेल को अपने पिता को अपनी निजी कृषि भूमि में दफनाने की अनुमति दी। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के फैसले से समाज में भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि शव को केवल ईसाइयों के लिए निर्धारित स्थान, जो कि करकापाल गांव में स्थित है, पर ही दफनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करते हुए अनुच्छेद 142 के तहत निर्णय दिया कि शव को करकापाल गांव में ईसाइयों के लिए तय किए गए स्थान पर ही दफनाया जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य सरकार ईसाइयों के लिए पूरे राज्य में कब्रिस्तान चिन्हित करेगी और यह कार्य दो महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। यह मामला तब सामने आया जब रमेश बघेल ने शिकायत की कि अधिकारियों ने उसके पिता का शव दफनाने के लिए उचित स्थान की व्यवस्था नहीं की थी। शव 7 जनवरी से शवगृह में पड़ा हुआ था, जिससे समस्या और बढ़ गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने की बात की और कहा कि इस प्रकार की स्थिति से नागरिकों को दुख नहीं होना चाहिए।
]]>सिरगिट्टी क्षेत्र में ढलाई के समय छत गिर गई। जिससे मलबे में महिला सहित कुछ मजदूर दब गये। हादसे में इलाके में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मलबा हटाकर मजदूरों को अस्पताल मे इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
दरअसल, सिरगिट्टी थाना प्रभारी ने बताया कि सेक्टर ए में एक फैक्टरी का भवन बन रहा है।
सोमवार की शाम पहले तल की छत पर ढलाई चल रही थी। इसी दौरान करीबन शाम के समय छत भसक कर नीचे गिर गई। जिसमें नीचे में काम कर रहे मजदूर राजकुमारी, मोनू ध्रुव,अशोक साहू, दुर्गेश साहू मलबे में दब गए। मजदूरों के दबने से इलाके में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। लोगों की मदद से पुलिस ने मलबा हटाकर नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकाला। उसके बाद चारों को तोरवा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल, उनकी स्थिती समान्य बताई जा रहा है। सिरगिट्टी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
]]>जिले के रतनपुर थाना अंतर्गत लिम्हा गांव में भीषण हादसा हुआ. जहां एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर बीती देर रात घर में जा घुसा. इस हादसे में एक चार वर्षीय बच्ची की मौत हो गई. वहीं चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. पुलिस ने आरोपी ट्रेलर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, कोरबा की ओर जा रहा ट्रेलर लिम्हा गांव होकर गुजर रहा था. इसी दौरान ट्रेलर का ब्रेक फेल हो गया, जिससे अनियंत्रित होकर वह सीधे एक घर में जा घुसा. हादसे के दौरान घर में परिवार मौजूद था. घर में अनियंत्रित ट्रेलर घुसने से चार वर्षीय मासूम सौम्या की मौत हो गई. वहीं चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. आरोप है कि ट्रेलर का चालाक टोल टैक्स बचाने के लिए गांव की सड़क का इस्तमाल कर रहा था. इसी दौरान ट्रेलर का ब्रेक फेल होने से बड़ा हादसा हो गया. रतनपुर पुलिस आरोपी ट्रेलर चालक को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.
]]>बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर की तस्वीर जल्द बदलने वाली है. इसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. केंद्रीय एजेंसी द्वारा बनाई गई 150 करोड़ की योजना के क्रियान्वित होने पर मंदिर परिसर का पूरी तरह कायाकल्प हो जाएगा.
रतनपुर में विराजमान मां महामाया के प्रति देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा है. लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर को 150 करोड़ की लागत से कायाकल्प किया जाएगा. इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर को काशी और उज्जैन की तर्ज पर विकसित करना है. कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए भव्य प्रवेश द्वार, सुगम आवागमन, आधुनिक पेयजल, शौचालय, पार्किंग और पर्यटकों के ठहरने की सुविधा शामिल होगी. इसके साथ ही मंदिर परिसर का सुंदरीकरण और प्रकाश व्यवस्था भी होगी.
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक
केंद्रीय शहरी एवं आवास राज्य मंत्री तोखन साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना की योजना पर चर्चा की गई. राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (NBCC) इस प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा. इस परियोजना से न केवल रतनपुर को धार्मिक पर्यटन में नई पहचान मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिलेगी.
राजा रत्नदेव प्रथम से जुड़ा है नगर का इतिहास
बिलासपुर-कोरबा मुख्य मार्ग पर स्थित रतनपुर नगर आदिशक्ति मां महामाया देवी का दिव्य धाम है. इस नगरी का गौरवशाली इतिहास राजा रत्नदेव प्रथम से जुड़ा है, जिन्होंने इसे अपनी राजधानी के रूप में स्थापित किया था. यहां स्थित महामाया मंदिर का प्राचीन वैभव और धार्मिक महत्त्व इसे देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनाता है. हर वर्ष लाखों की संख्या में भक्त और पर्यटक यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं. कॉरिडोर बनने पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
धार्मिक पर्यटन के मानचित्र में मिलेगी नई पहचान
मां महामाया मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह ने कहा कि महामाया मंदिर कॉरिडोर छत्तीसगढ़ को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान देगा. यह परियोजना न केवल आस्था का प्रतीक बनेगी, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में भी सहायक होगी.
न्यायधानी बिलासपुर के एक होटल में पुलिस ने रेड मारकर 11 रसूखदार लोगों को रंगे हाथो जुआ खेलते पकड़ा. होटल के मैनेजर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. जुआरियों के पास से 3.50 लाख रुपए नकद जब्त किया गया है. आरोपियों के खिलाफ पुलिस जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है.
जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइन पुलिस को रविवार की रात मुखबीर सूचना मिली कि होटल ईस्ट पार्क के रूम नम्बर 405 में रसूखदार लोग 52 परियों पर दांव लगा रहे हैं. जिसके बाद पुलिस की टीम ने होटल ईस्ट पार्क पहुंची, यहां रोपी प्लास्टिक क्वाईन (टोकन) का उपयोग कर जुआ खेला जा रहा था. पुलिस ने होटल में छापा मारकर 11 लोगों को गिरफ्तार किया. मौके से 3 लाख 50 हजार 300 रूपये, ताश की गड्डी और प्लास्टिक क्वाईन 350 नग को जब्त किया गया.
गिरफ्तार आरोपी —
1. तेजश्वर वर्मा, निवासी अशोक नगर सरकंडा
2. किशोर कुमार, निवासी बोदरी चकरभाठा
3. रमेश अग्रवाल, निवासी साकेत अपार्टमेंट अग्रेसन चौक
4. सुनील कुमार, चांटीडीह सरकंडा
5. पारूल राय, 27 खोली
6. हरवंश लाल, निवासी दयालबंद
7. शारदा मिश्रा, निवासी मंगला चौक
8. याशीर इकबाल, निवासी परिजात हाईट
9. केशव प्रसाद लहरे, निवासी रामालाइफ सकरी
10. प्रशांत नारंग, निवासी 27 खोली
11. राजेद्र कुमार, निवासी शुभम विहार
बिलासपुर में अरपा नदी में प्रदूषण को रोकने, संरक्षण और संवर्धन को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने सुनवाई के दौरान कोर्ट को बिना ट्रीटमेंट के 70 नालों के गंदे पानी को प्रत्यक्ष रूप से अरपा नदी में छोड़े जाने की जानकारी दी गई।
राज्य सरकार और नगर निगम की तरफ से अधिवक्ता आरएस मरहास ने अपना पक्ष रखा, जिसमें बताया गया कि 10 दिसंबर 2024 को सभी पहलुओं में शपथपत्र दाखिल कर दिया गया है। सुनवाई के दौरान नगर निगम प्रशासन का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता मरहास ने कहा कि अभी मौजूद एसटीपी के माध्यम से मार्च 2025 तक 60 प्रतिशत गंदे पानी को ट्रीट करने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। वहीं शेष 40 प्रतिशत के लिए एक पुणे की कंपनी से डीपीआर मांगा गया था, लेकिन उसे अनुमति नहीं दी गई है। फंड की कमी भी बताई गई है। जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान में शहर के 70 नालों का गंदा पानी अरपा नदी में जा रहा है, नदी के बचे हुए पानी के साथ भूमिगत जल भी प्रदूषित हो रहा है। जबकि यह जनहित याचिका 2019 से चल रही है।
]]>छत्तीसगढ़ के गुरू घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शामिल होंगे। वे दोपहर दो बजे तक अपनी धर्मपत्नी के साथ रायपुर आएंगे। यहां से हेलीकॉप्टर के जरिए बिलासपुर के लिए रवाना होंगे।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में 15 जनवरी को बिलासपुर स्थित गुरू घासीदास विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह आयोजित होगा। जारी कार्यक्रम के अनुसार उपराष्ट्रपति धनखड़ दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए अपनी धर्मपत्नी डॉ. श्रीमती सुदेश धनखड़ के साथ बिलासपुर आएंगे। उपराष्ट्रपति भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से दोपहर 12.15 बजे दिल्ली से प्रस्थान कर दोपहर दो बजे रायपुर स्थित माना एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां हेलीकॉप्टर से बिलासपुर जाएंगे। उपराष्ट्रपति दोपहर तीन बजे से चार बजे तक गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति इसके पश्चात बिलासपुर से हेलीकॉप्टर से संध्या 4.50 बजे रायपुर माना एयरपोर्ट पहुंचेंगे और पांच बजे विशेष विमान से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
]]>छत्तीसगढ़ की न्यायधानी में स्थित नैक से ए++ ग्रेड प्राप्त गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) का ग्यारहवां दीक्षांत समारोह दिनांक 15 जनवरी, 2025 को सुबह 11 बजे रजत जयंती सभागार में आयोजित होगा। ग्यारहवें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भारत गणराज्य के उपराष्ट्रपति महोदय जगदीप धनखड़ होंगे।
उपराष्ट्रपति के मुख्य आतिथ्य स्वीकार करने और विश्वविद्यालय में पधारने की सूचना से समूचे विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण निर्मित हो गया है। बता दें कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल महोदय रामेन डेका, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली और प्रो. टी.जी. सीताराम, चेयरमैन एआईसीटीई विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल द्वारा ग्यारहवें दीक्षांत समारोह की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। समिति के समन्वयकों के साथ आयोजित बैठकों में निरंतर चल रही गतिविधियों के विषय में अपडेट एवं आवश्यकता के अनुसार दिशा-निर्देश प्रदान किए जा रहे हैं।
दो सत्रों में होगा उपाधि और पदक वितरण
ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक सत्र 2022-23 एवं 2023-24 की विभिन्न परीक्षाओं (स्नातक, स्नातकोत्तर व पत्रोपाधि) में प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी शामिल होंगे। साथ ही वे शोधार्थी जो 01 जनवरी, 2023 से 31 दिसंबर, 2024 के मध्य पीएचडी उपाधि हेतु पात्र गए हैं, शामिल होंगे। दीक्षांत समारोह की रिहर्सल हेतु विद्यार्थियों को समारोह स्थल पर 11 बजे अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
279 विद्यार्थियों को मिलेंगे पदक और उपाधि
ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में 122 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि तथा 157 विद्यार्थियों को स्वर्ण मंडित पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें विश्वविद्यालय पदक, चांसलर पदक एवं गुरु घासीदास विश्वविद्यालय पदक तथा दानदाता पदक शामिल हैं।
पारंपरिक वेशभूषा में होगा उपाधि वितरण
ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में भारतीय संस्कृति के अनुरूप वेशभूषा का चयन किया गया है। ग्यारहवें समारोह में छत्तीसगढ़ की स्थानीयता को प्रदर्शित करने के लिए कोसा को विशेष रूप से शामिल किया गया है। दीक्षांत शोभायात्रा के सम्मानीय सदस्यों, स्वर्ण मंडित पदक प्राप्त करने वाले एवं पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए पृथक-पृथक वेशभूषा रखी गई है।
दीक्षांत हेतु 19 समितियों का गठन
ग्यारहवें दीक्षांत समारोह की विस्तृत तैयारियों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के सफल संपादन हेतु विभिन्न 19 समितियों का गठन किया गया है। दीक्षांत समारोह के संयोजक प्रो. मनीष श्रीवास्तव, सह-संयोजक प्रो. एम.एन. त्रिपाठी एवं डॉ. संपूर्णानंद झा को बनाया गया है।
न्यायधानी बिलासपुर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है. दरअसल, आरोपी पति और पत्नी ने खुदको रेलवे का कर्मचारी बताकर युवक डोमन राजपूत को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठ लिए. मामले में पुलिस ने आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है.
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले के बिल्हा में उमरिया निवासी डोमन राजपूत को आरोपी रूपेश रजक और उसकी पत्नी रोमा रजक ने खुद को रेलकर्मी बताया. दोनों आरोपियों ने युवक को रेलवे में लोको पायलट की नौकरी दिलाने का दिया. जिसके बाद झांसा देकर युवक से 5.40 लाख की ठगी कर ली. पीड़ित युवक ने इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपी दंपति को गिरफ्तार किया है.
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