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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2025 के अंतर्गत जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के कोतवाली मनेंद्रगढ़ में 11 जनवरी 2025 को एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का आयोजन पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रमोहन सिंह के निर्देशन में किया गया, जिसमें पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री अलेक्सियुस टोप्पो, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय), श्रीमती तरसीला टोप्पो और कोतवाली प्रभारी उप निरीक्षक श्री सुनील तिवारी ने भाग लिया। बैठक में लगभग 70 से 80 टैक्सी, ऑटो और बस चालक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। वाहन चालकों को मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन न चलाने, गति सीमा का पालन करने और सीट बेल्ट व हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के लिए कहा गया। उन्हें ओवरस्पीडिंग और मादक पदार्थों का सेवन कर वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी गई। मालवाहक वाहनों में सवारियों के परिवहन और सवारी वाहनों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने से बचने के निर्देश भी दिए गए। सड़क सुरक्षा नियमों और संकेतों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। चालकों को यह बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले गुड सेमेरिटन को पुलिस, अस्पताल और अदालत की प्रक्रियाओं से सुरक्षित रखा जाएगा। बैठक में दुर्घटनाओं में सिर की चोटों को मृत्यु का प्रमुख कारण बताते हुए हेलमेट के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
सभी वाहन चालकों को रॉन्ग साइड में वाहन न चलाने, अपने वाहनों में सुरक्षा रिफ्लेक्टर और नंबर प्लेट लगाने के निर्देश दिए गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (डव्त्ज्भ्) द्वारा नागरिकों को सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन के प्रति जागरूक करने के प्रयासों का उल्लेख भी किया गया।
]]>मनेंद्रगढ़ डीएफओ मनीष कश्यप को महुआ बचाओ अभियान के लिए नई दिल्ली में अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। नेक्स ऑफ गुड फाउंडेशन के संस्थापक अनिल स्वरूप ( रिटायर्ड IAS) और प्रकाश सिंह ( रिटायर्ड IPS, पद्मश्री विजेता) के द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया। देश के 120 विभिन्न एनजीओ और अधिकारियों ने अपने अभिनव पहल और प्रभावपूर्ण कार्यों को लेकर आवेदन किया, जिसमें से 22 को चयनित किया गया।
चयन करने के लिए यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन दीपक गुप्ता और अधिकारियों की ज्यूरी गठित की गई थी। छत्तीसगढ़ से इस वर्ष आईएफएस मनीष कश्यप और एनजीओ लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन को इसके लिए चुना गया। देश के चार IAS और दो IFS को अवार्ड से सम्मानित किया गया। शेष 16 विभिन्न संस्था और एनजीओ हैं। अब तक 47 गाँव में लगभग 4,500 ग्रामीणों के खेतों और ख़ाली पड़े ज़मीन में 30,000 महुआ के पौधे लगाये जा चुके है। ग्रामीणों में पौधे के साथ ट्रीगार्ड मिलने से इस योजना में जबरदस्त उत्साह है। छत्तीसगढ़ में संभवतः पहली बार महुआ पे इतना विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 10 वर्ष में ही महुआ परिपक्व हो जाता है। एक महुआ के पेड़ से आदिवासी परिवार औसतन 2 क्विंटल फ़ुल और 50 किलो बीज प्राप्त कर लेता है। जिसकी कीमत लगभग 10 हजार है। नये पेड़ से पुनरुत्पादन भी बढ़ेगा और महुआ का उत्पादन भी। इसके अलावा पेड़ बढ़ने से सॉइल इरोशन भी कम होगा और पर्यावरण को भी फायदा होगा। महुआ पेड़ो की घटती संख्या चिंता का विषय है। सबसे बड़ी समस्या इनकी पुनरुत्पादन की है। जंगल में तो महुआ पर्याप्त है पर आदिवासियो के द्वारा अधिक्तर महुआ का संग्रहण गांव के खाली पड़ी जमीन और खेत के मेड़ो पर लगे महुआ से होती है। अगर आप बस्तर और सरगुजा के किसी गांव में जाये तो उनके खेतों के पार और खाली जमीन में सिर्फ बड़े महुआ के पेड़ ही बचे दिखते हैं। छोटे और मध्यम आयु के पेड़ लगभग नगण्य होती हैं। ग्रामीणों के द्वारा महुआ संग्रहण से पहले जमीन साफ करने हेतु आग लगाई जाती है। उसी के कारण एक भी महुआ के पौधे जिंदा नहीं रहते। ग्रामीण महुआ के सभी बीज को भी संग्रहण कर लेते है। ये भी एक कारण है महुआ के ख़त्म होने का। आखिर बड़े महुआ पेड़ कब तक जीवित रह पायेंगे ? छत्तीसगढ़ के महुआ पेड़ बूढ़े हो रहे है। महुआ पेड़ की औसत आयु 60 वर्ष है। अगर जंगल के बाहर इनके पुनरुत्पादन पर ध्यान नहीं दिया गया तो ये जल्द ही खत्म हो जाएंगे। बस्तर और सरगुजा के आदिवासी अंचल के लिए महुआ का पेड़ विशेष महत्व रखता है। महुआ का पेड़ प्रकृति का दिया हुआ बहुमूल्य पेड़ है। भारत में कुछ समाज इसे कल्पवृक्ष भी मानते है। यह पेड़ आदिवासियों के लिए आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक रूप से महत्व रखता है। महुआ का पेड़ भारत के उत्तर, दक्षिण और मध्य के 13 राज्यो में पाया जाता है। महुआ का फूल, फल, बीज, छाल और पत्ती सभी का उपयोग है। आदिवासियों की आय का यह एक प्रमुख श्रोत है। पर पिछले कुछ समय से महुआ के उत्पादन में गिरावट आयी है और नये महुआ के पेड़ तो उग ही नहीं रहे। इसी को देखते हुए “महुआ बचाओ अभियान” की शुरुवात की गई।
]]>प्रदेश की पहली विधानसभा भरतपुर सोनहत की विधायक और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रहीं रेणुका सिंह इन दिनों चर्चा में हैं। चर्चा में रहने का कारण उनके नाम के पोस्टर हैं। भरतपुर सोनहत विधानसभा से पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने रेणुका सिंह के लापता विधायक के पोस्टर सोशल मीडिया में पोस्ट करते हुए लिखा है, बेटियों की लुट रही है अस्मत, लापता विधायक मंत्री बनने कर रही है कसरत।
गौरतलब है कि भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र के जनकपुर में कल ही शिक्षकों व डिप्टी रेंजर द्वारा एक नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर भी ये पोस्टर वायरल हो रहे हैं। वायरल हुए इन पोस्टरों में विधानसभा सत्र से उनकी अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं। रेणुका सिंह की छत्तीसगढ़ विधानसभा में सबसे कम उपस्थिति है। वह अब तक केवल 9 दिन ही विधानसभा सत्र में हिस्सा ली हैं जो प्रदेश के 90 विधायकों में से सबसे कम है।
न सदन में न सड़क में
पोस्टर में यह लिखा गया है कि न सदन में न सड़क में आखिर कहा लापता है काल्पनिक सीएम दीदी। भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र से विधायक रेणुका सिंह जी विधानसभा क्षेत्र से लापता है! जिस किसी भाई-बहन को काल्पनिक सीएम दीदी जी मिले तो भरतपुर सोनहत विधानसभा के हवाले कर देवे।
केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी जारी हुए थे पोस्टर
आपको बता दें कि विधायक बनने से पूर्व रेणुका सिंह सरगुजा लोकसभा सीट से सांसद और भारत सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री रही हैं। उस दौरान भी रेणुका सिंह के लापता सांसद के पोस्टर उनके निर्वाचन क्षेत्र सरगुजा में चस्पा हुए और थे और सोशल मीडिया में भी जमकर वायरल हुए थे।
छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले में नाबालिग से गैंगरेप मामले में 4 आरोपी सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी कर ली गई है और आगे की कार्रवाई जारी है. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने उप वन क्षेत्रपाल बनवारी सिंह को निलंबित कर दिया है.
आरोपी जनकपुर वन मंडल मनेंद्रगढ़ में पदस्थ था. यह निलंबन आदेश मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वनवृत्त अंबिकापुर से जारी हुआ है. मनेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर जनकपुर क्षेत्र में आज नाबालिग छात्रा से दरिंदगी का मामला सामने आया. शासकीय स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को प्रिंसिपल अशोक कुमार कुशवाहा (55 साल), लेक्चरर कुशल सिंह परिहार (50 साल) और हेडमास्टर (CSC) रावेन्द्र कुशवाहा (48 साल) और वनकर्मी बनवारी सिंह एक साथ मिलकर किराए के मकान में ले गए. इसके बाद सभी ने बारी-बारी से नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया. जब पीड़िता ने जब इसका विरोध किया तो दरिंदों ने उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी. साथ ही यह भी कहा कि अगर इस बात की जानकारी किसी को दोगी तो जान से मार देंगे. इस घटना से डरी सहमी छात्रा दस दिनों तक चुप रही, जिसके बाद हिम्मत कर पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी परिजनों को दी. इसके बाद परिजन छात्रा को लेकर जनकपुर थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस दी. पुलिस ने मामले की गंभीरता समझते हुए उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी. जिसके बाद मामले में कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया.
]]>मनेन्द्रगढ़ में गश्ती के दौरान बीट टामापहाड़, सर्किल देवसील, पार्क परिक्षेत्र कमर्जी अंतर्गत एक तेंदुआ की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई। घटना की पुष्टि उपरान्त क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को देर रात घटना की सूचना दी गई। उक्त घटना स्थल दुर्गम पहाड़ी, संचार साधन (नेटवर्क) विहीन क्षेत्र में स्थित है।
वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सरगुजा वन वृत्त, अम्बिकापुर, संचालक गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान, पशु चिकित्सकों की टीम, गोमर्डा अभ्यारण्य के डॉग स्क्वायड टीम एवं क्षेत्रीय कर्मचारी घटना स्थल पर पहुंचे। क्षेत्रीय कर्मचारियों एवं गोमर्डा अभ्यारण्य के डॉग स्क्वायड टीम द्वारा घटना स्थल के आस-पास के क्षेत्र में पतासाजी किया गया। स्थल निरीक्षण उपरान्त विभागीय अधिकारी/कर्मचारी, ग्रामीणों की उपस्थिति में तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल के द्वारा पोस्टमॉर्टम किया गया। पशु चिकित्सकीय टीम के परीक्षण के दौरान मृत तेंदुए की स्किन, नाखून, दांत एवं सभी अंग सुरक्षित पाये गये। मृत तेंदुए के आवश्यक सेंपल को प्रयोगशाला परीक्षण हेतु प्रीजर्व किया गया। पोस्टमार्टम कर शव का दाह संस्कार किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड टीम, स्ट्राईक फोर्स, क्षेत्रीय कर्मचारियों के संयुक्त टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपरान्त ही मृत्यु के संभावित कारणों के विषय में जानकारी प्राप्त होगी। तेंदुए के मृत्यु की सभी संभावित कारणों की विवेचना की जा रही है।
]]>सूरजपुर जिले में प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और बेटी की सोमवार को बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है. वहीं मंगलवार को मां और बेटी का जनाजा गृह ग्राम मनेंद्रगढ़ से उठाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इस दौरान पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह ने भी अंतिम यात्रा में शामिल होकर जनाजा को कंधा दिया. मनेंद्रगढ़ के मौहारपारा कब्रिस्तान में मां और बेटी के शव को सुपुर्द ए खाक किया गया. अंतिम यात्रा में सभी समुदायों के लोग उपस्थित रहे.
वहीं बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा. बता दें कि रविवार को सूरजपुर के चौपाटी में एक पुलिसकर्मी से कुलदीप साहू ने बहस किया. यह कहकर कि ‘तुम्हारी पुलिस मेरे जीना हराम कर रखी है’. जिसपर आरक्षक ने कहा ‘मैं तो एक आरक्षक हूं, वरिष्ठ अधिकारी जो कर रहे होंगे, मुझे क्या पता’ तो उसने होटल में कढ़ाई में रखा खौलते हुआ तेल फेंक दिया. उसने होटल से खौलते हुए कड़ाई भरी तेल फेंक दिया. इसमें आरक्षक पूरी तरह से जल गया. इसके बाद उसे इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया गया. मामले की जानकारी के बाद कुलदीप के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई. इस दौरान अंधेरे में वह एक कर में बैठा हुआ था इस दौरान उसने पैदल खोजबीन कर रहे पुलिस वालों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया. इसी बीच शहर से बाहर महगंवा स्थित प्रधान आरक्षक तालिब शेख के किराए के मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा तभी तालिब शेख की पत्नी ने अपने पति को कॉल किया. लेकिन बात नहीं हो पाई. उसके बाद तालिब शेख ने भी अपनी पत्नी से कांटेक्ट करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो पाई. जिसके बाद प्रधान आरक्षक को अंदेशा हुआ और घर पहुंचा. जहां प्रधान आरक्षक शेख ने देखा कि घर में खून फैला हुआ था, बीवी और बच्ची घर पर नहीं थे. वहीं घर के बाहर चाकू मिला और काफी सरगर्मी से तलाश शुरू की गई तो पत्नी और बेटी की लाश शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर मिली. फ़िलहाल, आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश कर रही है.
]]>जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर डी.राहुल वेंकट की अध्यक्षता एवं कैबिनेट मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में उच्च प्राथमिकता के 103 कार्य तथा अन्य प्राथमिकता के 22 कार्य कुल 125 कार्यों जिनमे से उच्च प्राथमिकता के 93 कार्य तथा अन्य प्राथमिकता के 22 कार्य जिसमें प्रशासकीय स्वीकृति अनुमोदन किया गया जिनमे से 10 कार्यों को निरस्त व प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी नहीं किया गया हैं।
पेयजल आपूर्ति कार्य के लिए मनेन्द्रगढ़ के कुल 12 कार्याे के लिए कुल अनुमानित राशि 23.87 , शिक्षा के कार्य मनेन्द्रगढ़ 11 व भरतपुर 9, स्वास्थ्य देखभाल के लिए 10 कार्याे के लिए स्वीकृत, कृषि एवं संबंधता 1,स्वछता कार्य 1,सतत जीविकोपार्जन कार्य 1,भरतपुर- खड़गवा-मनेन्द्रगढ़ में जनकल्याण के कुल 68 कार्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण उपाय के कुल 5 कार्य , कौशल विकास एवं रोजगार के 1 कार्य, प्रशासनिक व्यय के 1 कार्य, ऊर्जा एवं जल विभाग विकास के कुल 6 कार्य, भौतिक अधोसंरचना 9 कार्य वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु वार्षिक कार्ययोजना का स्वीकृत किया गया । बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास के सदस्यों ने राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सिंचाई के लिए अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिले में बारिश के बाद जल संसाधन विभाग को जलाशयों में जल प्रबंधन के व्यापक उपाय करने के निर्देश दिये। जिले के बाधांे में पर्याप्त जल जमाव के लिए कार्ययोजना तैयार करें। जिससे बारिश के बाद भी फसलों के लिए पानी उपलब्ध बनी रहे। उन्होंने शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों का युक्तियुकरण होना है उसे बड़ी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के करें। उन्होंने विद्युत विभाग को जिले के कॉलरी क्षेत्र में सीएसपीडीसीएल के माध्यम से विद्युत विस्तार के निर्देश दिये। विभाग के द्वारा विद्युत का विस्तार होगा तो लोग धीरे-धीरे सब कनेक्शन लेना चालू करेंगे। उन्होंने जिले के एसईसील क्षेत्र के समस्त सड़कों को मरम्मत करने के निर्देश दिये। उन्होंने अर्बन क्षेत्र को अर्बन विभाग के द्वारा तथा एसईसीएल क्षेत्र एसईसीएल के माध्यम से कार्य करने के निर्देश दिये। सरकार बनने के बाद भी जिले में अंधेरा रहता है। संबंधित नगरीय निकायों में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था हो। ग्रामीण क्षेत्र के कार्यों को भी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिये। उन्होंने आंगनबाड़ी, शिक्षा विभाग के भवनों का भौतिक सत्यापन कर कार्यों की गुणवक्तायुक्त कार्य कराने कहा। इसके साथ उन्होंने जिला अधिकारियों को जिला भ्रमण करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को जनता से सेवक के रूप में मिलने कहा।बैठक में उपस्थित जिला खनिज संस्थान न्यास के सदस्यों ने भी आवश्यक सुझाव दिए। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने कहा कि बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों के सुझाव को अमल में लाते हुए जिला खनिज संस्थान न्यास की राशि का उपयोग नियमानुसार जिले के विकास के लिए किया जायेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कोरिया श्रीमती रेणुका सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सोनमती उर्रे, जिला पंचायत सदस्य श्री दृगपाल सिंह, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, वनमण्डलाधिकारी, मनीष कश्यप, जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वडेकरगाव, जनपद पंचायत भरतपुर श्रीमती राज कुमारी बैगा सहित जिला अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
आज जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘अभियान के तहत वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग द्वारा किया गया। आयोजन में कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मियावाकी पद्धति के माध्यम से परिसर में वन महोत्सव का शुभारंभ फीता काटकर किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वनमण्डालाधिकारी ने वन महोत्सव के माध्यम से जिले में मियावाकी पद्धति के बारे में बताया। आज बड़े-बड़े मेट्रो सिटी में इस पद्धति के माध्यस से वानिकी किया जा रहा है। एक-एक मीटर के दूरी पर संघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। जिससे घना वन मिलता है। जिससे हमें शुद्ध हवा मिलता है। 30 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है। इतना ही वायु और ध्वनि प्रदूषण भी सोखता है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि हमारा मनेंद्रगढ़ अर्बन हिट आईलैण्ड बन सकता है। जिले के लोगों ने कॉॅफी मात्रा में पौधारोपण किया है। इसी प्रकार खाली स्थानों में और अधिक पौधारोपण करने की आवश्यकता है। जिससे हमें स्वस्थ पर्यावरण का लाभ मिलेगा। हमारे जिले में इस बार बारिश अच्छा हुआ है। पौधारोपण के लिए हमें पर्याप्त मात्रा में आर्द्रता और नमी मिलेगी। उन्होंने जिले जनप्रतिनिधिया, अधिकारियों, महतारी वंदन के हिग्राहियों तथा स्कूल के छात्र एवं छात्राओं को अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने वनमण्डलाधिकारी को जिले में पौधा रोपण कार्यक्रम को अभियान के मिशन मोड में करने कहा। जिससे हम अपनी आने वाली पीढ़ी को शुद्ध एवं स्वच्छ हवा प्रदान कर सके। पर्यावरण एवं वानिकी की उपलब्ध बताते उन्होंनेे कहा कि माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरूघासीदास तमोर पिंगला के रूप में जिले को बड़ा उपहार दिया है। जिसकी स्वीकृति कैबिनेट में मिल चुकी है। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। उन्होंने सभी को पौधारोपण एवं पर्यावरण की रक्षा करने के हरसंभव उपाय करने को कहा। पृथ्वी के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए वृक्षों का होना आवश्यक है। इसके लिए सभी लोगों को ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान का शुभारंभ पर्यावरण एवं जलवायु को बेहतर करने के उद्देश्य से किया गया है। अतः सभी जिलेवासी इस अभियान में शामिल होकर इसे सफल बनाएं। पौधारोपण कार्य केवल वनक्षेत्र न किया जाये बल्कि वनक्षेत्र के बाहर निजी एवं शासकीय भूमियों जैसे आंगनबाड़ी, पुलिस चौंकी, उद्यान, अस्पताल, शमशान, शासकीय परिसर, छात्रावास, स्कूल परिसरों आदि स्थानों में भी किया जावेगा। वनमण्डलाधिकारी श्री मनीष कश्यप ने मियावाकी पद्धति के बारे में बताते हुये कहा कि इस विधि का प्रयोग कर के घरों के आस-पास खाली पड़े स्थान (बैकयार्ड) को छोटे बगानों या जंगलों में बदला जा सकता है। मियावाकी पद्यति के प्रणेता जापानी वनस्पतिशास्त्री अकीरा मियावाकी हैं। इसके माध्यम से जिले के छोटे-छोटे स्थानों पर मिनी फॉरेस्ट के रूप में विकसित करना है। जिससे जिले को हिट वेव से बचाया जा सके। इस पद्धति से प्लानटेशन 3 से 4 चार में बढ़ जाता है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कोरिया श्रीमती रेणुका सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सोनमती उर्रे, जिला पंचायत सदस्य श्री दृगपाल सिंह, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, गणमान्य नागरिक अनिल केशरवानी, लखन लाल श्रीवास्त, धमेंद्र पटवा, जमुना पाण्डेय, श्रीमती राज कुमारी बैगा, आलोक जायसवाल, धीरेन्द्र विश्वकर्मा, राहुल सिंह, अंकुर जैन, वीरेंद्र राणा, रंजीत सिंह, प्रवीण निशी सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधि तथा वनविभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
]]>स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे स्व. मौजीलाल जैन को शासन द्वारा वर्ष 1974-75 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के सम्मान के रूप में जमीन दी गई थी, लेकिन आज तक उसका लाभ उनके वारिसों को नहीं मिल पाया है। अगले महीने में देश जब आजादी का पर्व मनाएगा तो मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में एक स्वतंत्रता सेनानी का परिवार स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पूर्व 14 अगस्त को आमरण अनशन पर बैठेगा।
मनेन्द्रगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे स्व. मौजीलाल जैन को शासन द्वारा वर्ष 1974-75 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के सम्मान के रूप में जमीन दी गई थी, लेकिन आज तक उसका लाभ उनके वारिसों को नहीं मिल पाया है। जिससे अब परिवार के लोग दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
]]>जिला एमसीबी के अंतर्गत आने वाले वन मंडल मनेंद्रगढ़ के मनेंद्रगढ़ वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 704 के वन भूमि पर अवैध कब्जाधारियों के घरों को खाली करने के लिए पीओआर के साथ नोटिस भी जारी किया गया था। वन भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनाए जाने को लेकर आज वन विभाग बड़ी कार्यवाही करते हुए अवैध कब्जाधारियों के अतिक्रमण कर घर बनाए बना कर रह रहे थे जिन पर वन विभाग अमला बड़ी कार्यवाही करते हुए वन भूमि पर अवैध तरीके से बने मकान पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया।
30 से 40 मकान पर बुलडोजर चलते हुए पूरे घर को गिरा दिया गया जिस पर वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि वन भूमि पर गलत तरीके से अवैध कब्जा कर मकान बनाने का काम चल रहा था कई बार समझाइए देने के साथ नोटिस भी दिया गया वन विभाग की उच्च अधिकारियों की दिशा निर्देश पालन करते हुए वन भूमि पर अवैध तरीके से कब्जाधारियों के मकान पर बुलडोजर चलते हुए जमीन को खाली कराया गया इस कार्य में वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस भी मौजूद रही। आपको बता दें कि वन परिक्षेत्र मनेंद्रगढ़ के कक्ष क्रमांक 704 वनभूमि पर लोगों के द्वारा अवैध कब्जा कर मकान बनाया जा रहा था जी को लेकर वन विभाग प्रशासन हरकत में आया और पुलिस विभाग के सहयोग साथ ही बड़ी संख्या में वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर उपस्थित होकर अवैध तरीके से वन भूमि पर कब्जाधारियों के मकान पर बुलडोजर चलते हुए वन भूमि को खाली कराया गया।
वहीं दूसरी ओर कब्जाधारियों ने भी मीडिया के सामने अपने दुख तकलीफों को रखते हुए कहा कि हम लोग 2 से 3 सालों से यहां पर रह रहे हैं और आज हम लोग को यहां से हटा दिया जा रहा है साथ ही वन भूमि पर और भी कई लोग सालों से कब्जा करके घर बनाकर रह रहे हैं उनको नहीं हटाया जा रहा है और हम लोग न्याय के लिए कलेक्टर के पास जाएंगे अब देखने वाली बात होगी कि वनभूमि पर अवैध कब्जे को लेकर आगे किस प्रकार से कार्यवाही होती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
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