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छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम खुलने से ठंड बढ़ गई है। वहीं आउटर इलाकों में सुबह के समय घने कोहरे छाए रहे। इसके साथ ही सरगुजा संभाग में शीतलहर का कहर जारी है। जहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए मौसम में राहत के संकेत दिए हैं।
सरगुजा संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान में नीचे जाने की वजह से संभाग में ठंड बढ़ गई है। अंबिकापुर और मैनपाठ इलाके में ठिठुरन बढ़ी है। प्रदेश के उत्तरी इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके साथ ही अन्य इलाकों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जहां अब राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। इसके अगले दो दिन बाद न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक वृद्धि हो सकती है। इसी के साथ ही प्रदेश में मौसम ड्राई रहेगा। फिर आगामी कुछ दिनों तक मौसम ऐसे ही रहने की संभावना है।
बताते चलें कि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम है। पेंड्रा में तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम रहा। वहीं बलरामपुर में 5.4 डिग्री रात का पारा दर्ज किया गया। वहीं सबसे ज्यादा दिन का तापमान 31.4 डिग्री के साथ सुकमा सबसे गर्म रहा।
]]>छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला में अंबिकापुर- बिलासपुर नेशनल हाईवे 130 पर उदयपुर के पास भीषण सड़क हादसा हुआ है। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है। रायपुर से अंबिकापुर की ओर जा रही कार को ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कार के परखचे उड़ गए।
कार सवार चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दम तोड़ दिया। घटना रविवार की सुबह पांच से 5:30 बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि ट्रक अंबिकापुर से बिलासपुर की ओर जा रहा था। कार चालक रायपुर से अंबिकापुर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान उदयपुर अदानी गेस्ट हाउस के पास आमने-सामने दोनों की जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक ने भागने की कोशिश की, उसके ट्रक को पीछे किया तो कार और भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। कार के परखचे उड़ गए और उसमें सवार लोग कार में ही बुरी तरह से दब गए।
जिससे सभी लोगों की मौत हो गई। कार में सवार पांचों लोग चंगोराभाठा रायपुर के रहने वाले हैं, वह घर से जगदलपुर जाने की बात कहकर निकले थे, उनका प्लान अचानक सरगुजा जिला के मैनपाट में जाने का हो गया, इसी दौरान उदयपुर अदानी गेस्ट हाउस के पास हादसा हो गया। कार में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई।
]]>स्कूल शिक्षा विभाग में गजब का खेल चल रहा है. निलंबित अधिकारी को बहाल कर फिर पोस्टिंग दे दी, उसके बाद आदेश में संशोधन करते हुए वहीं फिर से वहीं पोस्टिंग दे दी, जहां से वे निलंबित हुए थे. बात हो रही है शिक्षा विभाग में अधिकारी हेमंत उपाध्याय की, जिन्हें अस्थाई रूप से बतौर प्रभारी संयुक्त संचालक सरगुजा में आगामी आदेश पर तक पदस्थ किया गया.
जबकि उन्हें उसी पद से पदोन्नति, ट्रांसफर में आर्थिक अनियमितता करने की दोषी बताकर निलंबित किया गया था. मामले में अभी विभागीय जांच जारी है, उसके बावजूद पदस्थापना आदेश जारी कर दिया गया है.
]]>छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में छुही खदान धंसने से मलबे में दबकर दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना लखनपुर क्षेत्र के बिजोरा नाला के पास की है. बताया जा रहा कि दोनों ग्रामीण सुबह 6 बजे छुही मिट्टी निकालने गए थे. छुही मिट्टी निकालने के दौरान यह हादसा हुआ. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे हैं.
जानकारी के अनुसार दोनों ग्रामीण सुबह 6 बजे छूही मिट्टी निकालने गए थे। तभी मिट्टी निकालने के दौरान खदान धंस गई और दबने से दोनों ग्रामीणों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। घटना कुन्नी चौकी क्षेत्र के जमदरा बिजोरा नाला के पास की है। सूचना पर पहुंची पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाकर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
]]>छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के पटकुरा पंचायत के आश्रित गांव घटोन में एक बार फिर से बुनियादी सुविधाओं की कमी का गंभीर मामला सामने आया है. सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को एक शव को बांस के सहारे ढोकर घर तक ले जाना पड़ा. इस पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने खुद बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर सरकार की विकास योजनाओं और दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं. भले ही सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी देश के कई गांव बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और पानी से वंचित हैं. घटोन गांव इसका एक जीता-जागता उदाहरण है.
पहाड़ी गांव में लोगों ने खुद बनाई सड़क
पहाड़ी क्षेत्र में बसे इस गांव तक पहुंचने के लिए करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर कोई सड़क नहीं है. ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाई है, लेकिन बरसात के मौसम में यह भी खराब हो जाती है, जिससे वाहनों का पहुंचना असंभव हो जाता है. इसी कारण गांव में एंबुलेंस सेवा भी नहीं पहुंच पाती.
शव को बांस में बांधकर ले जाना पड़ा
घटना के दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी, और सड़क न होने की वजह से ग्रामीणों ने शव को बांस में बांधकर गांव तक पहुंचाया. यह पहली बार नहीं है जब इस गांव के लोगों को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा हो. पहले भी कई बार यहां के लोग शवों को इसी तरीके से ले जाने के लिए मजबूर हुए हैं. अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर शैलेंद्र गुप्ता ने बताया, "मौत के बाद हमने परिजनों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कर दी थी, लेकिन एंबुलेंस आखिरकार घर तक क्यों नहीं पहुंची, यह जांच का विषय है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी." ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके गांव तक पक्की सड़क नहीं बनाई जाती, तब तक उन्हें इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता रहेगा.
सरगुजा जिला के अंबिकापुर नगर में बदमाशों ने घर जा रहे डॉक्टर का रास्ता रोककर पिटाई कर दी। डॉक्टर की पिटाई से आक्रोशित अन्य डॉक्टर रात में ही गांधीनगर थाना पहुंचकर बदमाशों को पकड़ने व कड़ी कार्रवाई करने की मांग करने लगे। पुलिस ने मारपीट में शामिल दो नाबालिक युवकों को पकड़ा है। वहीं, की तलाश की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर नगर के केडी अस्पताल के संचालक डॉक्टर सुशील मिश्रा रविवार की रात अस्पताल से अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान गांधीनगर थाना क्षेत्र के दत्ता कॉलोनी में बदमाशों ने डॉक्टर का रास्ता रोक लिया और जमकर पिटाई कर दी। इधर डॉक्टर की पिटाई से नाराज अंबिकापुर के कई डॉक्टर रात में ही गांधीनगर थाना पहुंच गए और जब तक आरोपियों को पुलिस पकड़ नहीं लेती वह थाना से नहीं जाने की बात कही। पुलिस ने आनन-फानन में मामले में दो नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया है। पुलिस नाबालिक युवकों से पूछताछ कर ही है। पुलिस ने जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तार करने की बात कही है। बताया जा रहा है की मारपीट करने वाले सभी युवक नशे में धूत थे और किसी पुरानी रंजिश वश इस घटना को अंजाम दिया है।
]]>प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए पक्के घर बनाने और उपलब्ध कराने के लिए वर्ष जून 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की थी। इन घरों में शौचालय, बिजली, पीने का पानी, स्वच्छ ईंधन (एलपीजी) आदि जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का प्रावधान है। जब लोग सक्रिय रूप से अपने घरों के निर्माण में भाग लेते हैं और इन सुविधाओं को प्राप्त कर लेते हैं तो उनका अपने घरों से एक मजबूत रिश्ता बन जाता है और वे भावनात्मक रूप से उससे जुड़ाव महसूस करते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने देशभर के कई आवासहीन परिवारों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। बेघर परिवारों को इस योजना के माध्यम से मिल रहे पक्के मकान ने न केवल लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्थायी आवास भी प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में अधिकाधिक पात्र लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्री साय के मुख्यमंत्री बनने के बाद कैबिनेट ने सबसे पहला काम राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख मकान स्वीकृत करने का किया था और प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को लागू करने के लिए राज्य शासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाय) के अंतर्गत जगदलपुर वार्ड 30 की निवासी श्रीमती शोभा नाग का पक्का मकान बनाने का सपना साकार हो गया है। श्रीमती शोभा नाग ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट किया और कहा कि अब उनका परिवार सुरक्षित और सुविधाजनक पक्के मकान में रह सकेगा। श्रीमती नाग ने बताया कि आजीविका के लिए टिफिन बाँटने का काम करती है जिसमें तकरीबन चार हजार महीना आय प्राप्त होती है। आय कम होने से पक्का मकान बनाने में असमर्थ थे। कच्चा मकान में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत चिंता होती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अन्तर्गत मुझे योजना का लाभ पाने का अवसर मिला और अब मेरा खुद का आशियाना बन गया है।
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर नगर निगम क्षेत्र की रहने वाली श्रीमती कौशल्या राम की जिंदगी कभी आसान नहीं थी। उनके पति स्व. श्री बिरजू राम की मृत्यु बीस साल पहले हो गई थी, जब उनके पांच छोटे-छोटे बच्चे थे। उस समय, कौशल्या के पास अपना और अपने बच्चों की परवरिश के लिए कोई आय नहीं थी। उन्होंने मजदूरी कर अपने परिवार की परवरिश की। उनकी आय इतनी नहीं थी कि वे अपने बच्चों को अच्छी जिंदगी दे सकें। उनका मकान कच्चा था, जो बारिश के मौसम में छत से पानी टपकता रहता था। कौशल्या ने कभी सोचा नहीं था कि उनका भी अपना पक्का मकान बनेगा। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनकी जिंदगी को खुशियों से भर दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, कौशल्या को अपना पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता मिली जिससे उन्होंने अपना पक्का मकान बनाया। उन्होंने पक्के मकान का सपना साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री श्री साय को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले स्थित एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में पीड़ित परिवारों को कंपनी की ओर से 15-15 लाख रुपये की मुआवजा दी जाएगी। वहीं घायलों को तीन-तीन लाख रुपये की राशि मिलेगी। गुरुवार को प्रशासनिक टीम परिजनों को यह राशि सौंपेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीते रविवार को एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में पीड़ित परिवारों के साथ गहरी संवेदना जताते हुए जिला प्रशासन को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
कलेक्टर सरगुजा की ओर से इस पर एलुमिना प्लांट हादसे की जांच के लिए जांच दल का गठन कर दिया गया है। कलेक्टर एवं प्रशासनिक टीम की ओर से एलुमिना प्लांट का निरीक्षण किया गया। टीम ने सुरक्षा मानकों के पालन के लिए कड़ाई से जांच की जा रही है। बिना प्रशासन की अनुमति के प्लांट का पुनः संचालन शुरू नहीं किया जायेगा। कंपनी के अधिकारियों को हादसे में मृत और घायल परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि सौंपने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि इस औद्योगिक हादसे में प्रत्येक मृतक परिवार को 15-15 लाख रुपए और घायलों को 3-3 लाख रूपए की मुआवजा राशि कंपनी द्वारा दी जाएगी। कंपनी के अधिकारी 12 सितम्बर को प्रशासनिक टीम परिजनों को यह राशि सौंपेगी। उन्होंने बताया कि जांच दल द्वारा एलुमिना प्लांट में सुरक्षा मानकों के पालन हेतु कड़ाई से जांच की जा रही है। बिना प्रशासन की अनुमति के प्लांट का पुनः संचालन शुरू नहीं किया जायेगा।
]]>छत्तीसगढ़ में दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही है। एक के बाद एक महिला हवस का शिकार हो रही हैं। तीन दिन पहले रायगढ़ में एक मूक-बधिर महिला के साथ पड़ोसी ने ही रेप किया। इसके बाद आज शनिवार को सरगुजा से एक और मामला सामने आ गया है। सरगुजा के उदयपुर थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है।
इससे पहले बीते महीने में 10-10 के भीतर तीन अलग-अलग जिलों में रेप और गैंगरेप का मामला सामने आया था। बलत्कार के सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। महिला घर में अकेली थी। परिवार के सदस्य अन्य कामों से घर से बाहर गए हुए थे। इस दौरान मौका देखकर केदमा चौकी क्षेत्र के रहने वाले आरोपी मनीष कंवर ने महिला को घर में अकेली और असहाय पाकर उसके साथ अनाचार किया है। घटना के बाद दुष्कर्म के पीड़िता महिला ने उदयपुर थाना पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मूकबधिर युवती के साथ दुष्कर्म
इससे पहले रायगढ़ जिले में एक आदिवासी महिला के साथ हुई गैंगरेप की घटना का आक्रोश थम नहीं पाया था कि अब एक बार फिर से मूकबधिर युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया। कोतरा रोड थाना क्षेत्र में एक सितंबर की शाम 29 साल की एक मूकबधिर युवती अपने भाई के घर में थी। इस दौरान उसका भाई और भाभी किराने का सामान लेने बाजार गए थे। इस बीच सुनसान घर देख उसके पड़ोस में रहने वाला एक युवक संतोष विश्वकर्मा उसके घर में घुसा और फिर जबरदस्ती युवती के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देकर फरार हो गया। वहीं मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर महिला के साथ दुष्कर्म
राजधानी रायपुर के बस स्टैंड में 31 अगस्त को एक अधेड़ महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया, जहां आरोपी ने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। टिकरापारा थाना पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर महिला को दिया, महिला के बेसुध होने पर बस के अंदर दुष्कर्म किया। अधेड़ महिला परिवार से विवाद की वजह से पिछले तीन दिनों से घर छोड़कर रायपुर बस स्टैंड के पास रह रही थी। इस दौरान आरोपी ने अधेड़ महिला को निशाना बनाकर आबरू लूट ली। जांच पड़ताल के बाद आरोपी बस ड्राइवर सोनी लाल झरिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आदिवासी महिला को बनाया हवस का शिकार
दूसरी ओर रायगढ़ जिले में 19 अगस्त की शाम रायगढ़ आने के लिए बस का इंतजार कर रही आदिवासी महिला को कुछ युवकों ने ग्राम केसाईपाली से उठाकर पास के तालाब में ले गए। इसके बाद बारी-बारी से महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना के बारे में एक स्थानीय युवक ने बताया कि सभी आरोपियों की उम्र 18 से 21 साल है और तालाब के पास लाकर लगभग पांच घंटे तक युवकों ने बलात्कार किया। इस संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक आकाश शुक्ला ने बताया कि गैंगरेप के छह आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। वहीं एक नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म
केशकाल थाना क्षेत्र में नौ अगस्त की शाम एक युवती के साथ हुए सामूहिक अनाचार (गैंगरेप) की घटना के 20 दिन बाद मामला सामने आया। घटना के बाद बदनामी के डर से पीड़िता और उसके परिवार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई थी, लेकिन 29 अगस्त को पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ केशकाल थाना पहुँचकर पूरे मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई और न्याय की मांग की। इसके बाद पुलिस की तत्परता और संयुक्त टीम के समन्वय के चलते कुछ ही घंटों में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। लगातार इस तरह की घटनों से पूरा छत्तीसगढ़ शर्मसार हो गया है। प्रदेश के सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तरह-तरह सवाल उठने लगा है। आखिर प्रदेश की महिलाएं खुद को कब सुरक्षित महसूस करेंगी। कब सुरक्षा व्यवस्था सही होगा। महीने भर में दुष्कर्म की घटना को देखते हुए अब महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं।
लोकसभा चुनाव 2024 में छत्तीसगढ़ की सरगुजा लोकसभा सीट से चिंतामणि महाराज के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली शशि सिंह राष्ट्रीय युवा कांग्रेस की अध्यक्ष बनाई जा सकती हैं। यदि ऐसा हुआ तो उनका छत्तीसगढ़ कांग्रेस में कद बढ़ना तय है। सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा है कि शशि सिंह समेत आठ कांग्रेस नेता इस पद की दौड़ में शामिल हैं, जिनका इंटरव्यू सांसद राहुल गांधी लेंगे।
बताया जाता है कि राहुल गांधी सभी 8 कांग्रेस नेताओं से से वन-टू-वन चर्चा करने के बाद नाम तय करेंगे। शशि के अलावा हरियाणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा, राजस्थान के विधायक अभिमन्यु पूनिया और बिहार यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष शिवप्रकाश गरीबदास का राहुल गांधी साक्षात्कार लेंगे। शशि सिंह छत्तीसगढ़ से एकमात्र आदिवासी नेत्री हैं, जो यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौड़ में शामिल हैं। उनके पिता दिवगंत नेता तुलेश्वर सिंह अजीत जोगी सरकार में मंत्री थे।
चिंतामणि महाराज को दी थी कड़ी टक्कर
शशि सिंह ने सरगुजा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने इस चुनाव में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आये आदिवासी नेता चिंतामणि महाराज को कड़ी टक्कर दी थी। हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। इसके बावजूद वो पार्टी में अपनी विशेष पहचान बनाई हुई हैं।
तेज तर्रार कांग्रेस नेत्री हैं शशि
शशि सिंह को तेज तर्रार कांग्रेस नेत्री के रूप में जाना जाता है। वो गोंड जनजातीय समाज की उभरती हुई नेत्री हैं। शशि पूर्व मंत्री तुलेश्वर सिंह की पुत्री हैं। भारत जोड़ो यात्रा और भारत न्याय यात्रा के दौरान कई कार्यक्रमों में भाग लिया है। साथ ही उन्हें कई बार राहुल गांधी के साथ पदयात्रा में भी देखा गया है। अपने क्षेत्र में उन्होंने अच्छी पकड़ बनाई हुई है। यही वजह है कि कांग्रेस ने शशि सिंह को इस पद के लिये रेस में रखा है।