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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय नारी के खिलाफ अंग्रेजों और पश्चिमी देशों ने जो भ्रम फैलाया है, उसे खत्म करना जरूरी है क्योंकि भारतीय नारी विभिन्न क्षेत्रों में दक्ष और सक्षम रही है, मगर अंग्रेजों ने उनके बारे में भ्रम फैलाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 31 मई को भोपाल आगमन हो रहा है और वह यहां के जंबूरी मैदान में नारी सशक्तिकरण समागम में हिस्सा लेंगे। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को राजधानी के महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचे और उन्होंने यहां छात्राओं से संवाद किया और अपनी बात कही। इसके अलावा छात्राओं के साथ सेल्फी भी ली।
इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस कॉलेज की स्थापना 1964 में हुई थी, यह तारीख मेरे जन्म से पहले की है। यहां पढ़ने वाली बेटियां दक्षता के बल पर अपनी जिंदगी को बेहतर बनाएं और अतीत के गौरवशाली इतिहास रानी दुर्गावती, अहिल्याबाई को जानें, जो मध्य प्रदेश की बेटियां हैं, जिन्होंने अपने जीवन में शासन भी चलाया, प्रशासन की मिसाल भी पेश की और अपने जीवन के साथ-साथ समाज के जीवन को भी उत्कृष्ट बनाया।
इतना ही नहीं, सुशासन के सूत्रों को अपने हाथ में रखा और यश कीर्ति अर्जित की। इस तरह के कई उदाहरण भी स्थापित किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि मेरा मानना है कि जब सुशासन की बात आती है, नारी सशक्तिकरण की बात आती है, इसलिए नारी शक्ति को अतीत के इतिहास में ले जाना जरूरी है। अंग्रेजों और पश्चिमी देशों ने यह भ्रम फैलाया है कि हमारी बहनों की इज्जत नहीं होती, उनके जीवन में कठिनाइयां आती हैं। लगभग 300 साल पहले रानी दुर्गावती ने अकबर की सेना से मुकाबला किया था और अपने जीवन का बलिदान किया। उन्होंने 52 युद्धों में जीत दर्ज की थी। वहीं देवी अहिल्याबाई का जीवन सबके सामने है, जिनकी 300वीं जयंती मना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश की नायिकाओं को बहनों के बारे में जानना जरूरी है। उन्हें अतीत से अवगत कराना होगा।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "याद कीजिए, 20 साल पहले की स्थिति. सड़कों पर राज्य परिवहन निगम की बसें दौड़ा करती थीं. परिवहन निगम की बस सेवाओं की फिर से आवश्यकता है. हम सरकारी बस सेवाएं दोबारा शुरू करने जा रहे हैं." हालांकि, उन्होंने बस शुरू करने की समय सीमा नहीं बताई. बता दें कि दो दशक पहले मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवाओं को बंद कर दिया गया था. बस बंद होने के बाद मार्गों पर निजी ऑपरेटर्स का कब्जा हो गया है. बड़े शहरों में बस सेवा नगर निगमों की तरफ से संचालित की जाती हैं. गौरतलब है कि लोक परिवहन सेवा गरीब लोगों के सस्ती होती है.
मध्य प्रदेश की सड़कों पर फिर से दौड़ेंगी सरकारी बसें
सरकारी बसों के संचालन से मध्य प्रदेश की जनता को बुनियादी सुविधा मिलने लगेगी. आम जनता को सस्ती और सुलभ यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गठित मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को 2005 में बंद कर दिया गया था. लिहाजा, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई. यात्रियों को भारी परेशानी होने लगी. परिवहन व्यवस्था पर निजी ऑपरेटर्स ने कब्जा जमा लिया. प्राइवेट बस ऑपरेटर्स मुनाफा वाले रूट पर सेवाएं देने लगे. ग्रामीण इलाकों में यात्री बस की सुविधा नदारद हो गई. यात्रियों की असुविधा को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकारी बसों को शुरू करने ऐलान किया.
उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 दिसंबर को आईटी पार्क का भूमि पूजन करेंगे। प्रथम चरण में 46 करोड़ रुपए की लागत से आईटी पार्क निर्मित होगा। आईटी पार्क के बनने से कई बड़ी कंपनियों के ऑफिस उज्जैन में खुल सकेंगे। उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह, एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक राजेश राठौर, जिला पंचायत सीओ जयती सिंह, एडीएम अनुकूल जैन, निगम कमिश्नर आशीष पाठक ने इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बनने वाले आईटी पार्क की जमीन को देखने के लिए पहुंचे। सीएम मोहन यादव यहीं पर शनिवार को आईटी पार्क का भूमि पूजन करेंगे। इसके लिए साइट को क्लियर करवाने का काम शुरू हो चुका है।
दो फेज में आईटी पार्क का निर्माण होगा –
राजेश राठौर ने बताया कि उज्जैन शहर के लिए आईटी पार्क की सौगात बहुत ही महत्वपूर्ण है। आईटी पार्क बनने से छात्रों को बेहतरीन उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त होगी और उज्जैन शहर के लिए औद्योगिक विकास को भी निरंतर वृद्धि होगी। उज्जैन में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप आईटी पार्क का निर्माण किया जाएगा। आईटी पार्क शुरू होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था में बूम आएगा।
आवंटित भूमि में दो फेज में पार्क का निर्माण होगा। प्रथम चरण में लगभग 5400 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण किया जाएगा। जिससे लगभग 1.2 लाख वर्ग फुट आवंटन योग्य आईटी स्पेस का निर्माण किया जाएगा। लगभग 30 आईटी इंडस्ट्री अपना प्लग एंड प्ले आधारित मॉडल पर कार्य प्रारंभ कर सकेगी।
उज्जैन में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए दो साल की डेडलाइन आते की गई है।
ऐसा होगा उज्जैन का आईटी पार्क
एमपीआईडीसी के राजेश राठौर ने बताया कि हम इस आईटी पार्क में टेक कंपनियों और स्टार्टअप को सभी तरह की एडवांस सुविधाएं देंगे। यह उज्जैन का अपने आप में पहला पार्क होगा। सरकार का इस बात पर जोर है कि स्थानीय युवाओं को इसमें प्राथमिकता दी जाए।
आईटी पार्क से उज्जैन में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। आईटी पार्क 2.161 हेक्टर जमीन पर बनेगा। इसमें 11239 स्केयर मीटर में बिल्डिंग बनेगी, बिल्डिंग की ऊंचाई 31.7 मीटर होगी। जिसमें हर फ्लोर पर टॉयलेट के साथ कैफेटेरिया ड्रिंकिंग वाटर, लिफ्ट के साथ ऑफिस के लिए हाईटेक सुविधा भी मिल सकेगी। इस बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर पर 59 कार पार्क हो सकेगी।
]]>बैतूल के भैंसदेही में आयोजित लाडली बहना के आभार सह उपहार कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर कहा कि इसकी कांग्रेस ने चिंता नहीं की, उन्हें गाजा की चिंता है। इस आक्रमण पर किसी कांग्रेसी ने एक शब्द नहीं कहा। उन्हें सिर्फ वोट की चिंता है।
हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए सरकार
उन्होंने कहा कि सरकार हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए होती है, इसलिए जनहितैषी योजनाएं चलाई जा रही हैं। बहनों को रुपए देने का लोग विरोध करते हैं, लेकिन यह कभी बंद नहीं होगा। तुम्हारी पार्टी बंद हो जाएगी, लेकिन योजनाएं बंद नहीं होगीं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान पीएम मोदी की नीतियों का जमकर बखान किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश को ऐसा नेतृत्व मिला है, जिससे अमेरिका, रूस, जापान, चीन जैसे देश अपनी समस्या का समाधान कराना चाहते हैं। वे इसके लिए पीएम मोदी को याद करते हैं।
51 फीट की राखी बांध किया स्वागत
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को महिलाओं ने 51 फीट की राखी बांधी। भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह ने लाडली बहना योजना में छूट गई महिलाओं के लिए पोर्टल खुलवाने की मांग की। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री डीडी उड़के ने केंद्रीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, आमला विधायक योगेश पंडाग्रे, मुल्ताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख, नगर परिषद अध्यक्ष मौजूद थे।
]]>मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालन विभाग के अफसरों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिए हैं कि कृषि के साथ-साथ एमपी सरकार अब पशुपालन को भी बढ़ावा देगी. बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गौवंश के सम्मान और सुरक्षा के लिए सभी उपाय किए जाएं.
उन्होंने कहा कि राजमार्गों पर बैठने वाले गौवंश और अन्य मवेशियों के लिए हाइड्रोलिक वाहन व्यवस्था की जाए. बारिश के दौरान निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण एवं किसानों द्वारा खुले में छोड़े गए गौवंश से सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ राजमार्गों पर गौवंश की उपस्थिति से यातायात से जुड़ी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं.
कई जिलों में हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग व्हीकल की व्यवस्था
बैठक के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि प्रदेश में प्रथम चरण में रायसेन, विदिशा, सीहोर, देवास, राजगढ़ आदि जिलों का चयन कर हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग व्हीकल को टोल व्यवस्था के साथ जोड़कर इस समस्या के समाधान का कदम उठाया गया है. इसके लिए आवश्यक वाहन व्यवस्था की गई है.
यह वाहन गौवंश को निकट की गौशाला में टोल नाका संचालक एवं अन्य निकाय की मदद से ले जाएंगे. जल्द ही अन्य जिलों के लिए भी इस योजना का विस्तार होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनादी द्वारा पशुपालकों और किसानों को अपने मवेशी सड़क पर न छोड़ने की सलाह दी जाए.
दुग्ध उत्पादन को लेकर भी दिए निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश में दूध की खरीद सुनिश्चित करने, किसानों और पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य दिलवाने, दुग्ध संघों को सहयोग, जिलों में दुग्ध प्र-संस्करण संयंत्र लगाने, सहकारी दुग्ध समितियों को प्रोत्साहन, राज्य में बच्चों के बेहतर पोषण के लिए दुग्ध प्रदाय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विभागीय प्रयासों पर भी आवश्यक निर्देश दिए.
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