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मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए सोमवार को तुमकुरु में 50 एकड़ जमीन कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) को सौंपी। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने जिले में विकास को बढ़ावा देने के लिए परियोजना की क्षमता पर जोर दिया।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘हमने एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ को 50 एकड़ जमीन आवंटित की है। यह पहल क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि और समग्र विकास में योगदान देगी।’’ उन्होंने केएससीए से क्रिकेट प्रेमियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया।
सिद्धरमैया ने आश्वासन दिया कि मैसुरु में इसी तरह की एक और परियोजना के लिए भी भूमि आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक क्रिकेट राज्य संघ ने मैसुरु में एक स्टेडियम के लिए भूमि की मांग की है। हम इस मांग को भी पूरा करेंगे।’’ गृह मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री जी परमेश्वर समेत अन्य मंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
]]>पत्र के मुताबिक, बैठक में तय किया गया कि भूमि का स्वामित्व बदलने के लिए किसी भी सरकारी कार्यालय या प्राधिकारी की ओर से पूर्व में दिए गए सभी निर्देश वापस लिए जाते हैं। पूर्व में दिए गए सभी नोटिस भी वापस लिए गए हैं। उन जमीनों पर खेती कर रहे किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। पत्र में कहा गया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार किसानों और जमीन मालिकों को 7 नवंबर को भेजे पत्र व नोटिस वापस लिए जाते हैं।
वक्फ बोर्ड ने इन जमीनों पर जताया अपना दावा
राजेंद्र कुमार कटारिया ने अपने पत्र में कहा, ‘मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद नोटिस भेजने वाले अधिकारियों को उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’ कर्नाटक में 13 नवंबर को तीन अहम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। उसके बीच यह निर्देश जारी किया गया है। उत्तर कर्नाटक में विजयपुरा के कुछ किसानों ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि उन्हें जमीन खाली करने के नोटिस दिए गए हैं, क्योंकि वक्फ बोर्ड ने इन जमीनों पर अपना दावा जताया है। इसके बाद राज्य के कुछ अन्य हिस्सों से भी शिकायतें मिलने लगी थी।
भाजपा के नेता तेजस्वी सूर्या ने 25 अक्टूबर को गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के वक्फ मंत्री बी जेड जमीर अहमद खान ने उपायुक्तों और राजस्व अधिकारियों को 15 दिन के भीतर वक्फ बोर्ड के पक्ष में जमीनें पंजीकृत करने का निर्देश दिया था, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। सूर्या के अनुरोध पर वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने 7 नवंबर को कर्नाटक का दौरा किया। उन्होंने हुब्बली, विजयपुरा और बेलगावी जिलों के किसानों से मुलाकात की जिन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीनों को वक्फ संपत्ति के तौर पर चिह्नित किया गया है।
]]>सिद्धारमैया ने यहां पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन के उद्घाटन के बाद राज्य पुलिस से सवाल किया कि आपको बंदूकें क्यों दी जाती हैं? उपद्रवी इससे क्यों नहीं डरते? उन्होंने इस अवसर पर एक नया सॉफ्टवेयर भी जारी किया। सीएम नेे कहा कि संबंधित थानों के अधिकारियों को पता होता है कि उपद्रवी तत्व व नशे के कारोबारी कौन हैं, तो उन पर लगाम क्यों नहीं लग पा रहा है।
उन्होंने पिछले एक साल में राज्य में सांप्रदायिक दंगों के बिना कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह मंत्री परमेश्वर और कर्नाटक पुलिस को बधाई दी। सीएम ने पुलिस मैनुअल के अनुसार प्रत्येक एसपी-डीसीपी-आईजी को अपने अधिकार क्षेत्र के थानों के निरीक्षण का निर्देश दिया।
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