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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में संभाग और जिला प्रभारियों की बैठक को संबोधित किया। बैठक में पार्टी के आगामी कार्यक्रमों, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग-2026 पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यकर्ताओं की एकजुटता से ही भाजपा के उद्देश्यों की प्राप्ति संभव- डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने के लिए कार्यकर्ताओं की मेहनत और एकजुटता अनिवार्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार के विकासोन्मुखी योजनाओं को समाज के हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ जुटना है। जब तक हम सब मिलकर पार्टी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए एकजुट होकर काम नहीं करेंगे, तब तक हमारी योजनाओं में सफलता नहीं मिल सकती। पार्टी की सफलता केवल चुनावी जीत में नहीं, बल्कि समाज में भाजपा की स्थायी पहचान और सेवा की भावना से भी जुड़ी हुई है। हमें समाज के हर वर्ग से संवाद बढ़ाना होगा, उनकी समस्याओं को समझते हुए पार्टी की नीतियों का लाभ समाज तक पहुंचाना होगा। भाजपा का विचार और उसकी नीतियां समाज के हर वर्ग के हितों की रक्षा करते हुए अधिक प्रभावी बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। चुनौतियों का सामना करते हुए हमें पार्टी के उद्देश्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि यही भाजपा की असली ताकत है और यही पार्टी के भविष्य की सफलता सुनिश्चित करेगा।
संगठन के कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत – हेमंत खण्डेलवाल
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन के कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं। पार्टी की सफलता कार्यकर्ताओं की मेहनत, निष्ठा और एकजुटता पर निर्भर करती है। हमारी सरकार और संगठन की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा, ताकि भाजपा की नीतियों और योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके। भाजपा की जीत केवल चुनावी दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि समाज में पार्टी की स्थायी पहचान और सेवा की भावना से जुड़ी हुई है। पार्टी की सफलता का आधार सिर्फ चुनावी जीत नहीं है, बल्कि समाज के प्रति हमारी सेवा और भाजपा की स्थायी पहचान भी है। हमें सिर्फ चुनावी सफलता ही नहीं, बल्कि समाज में स्थायित्व और विकास के लिए सक्रिय रूप से काम करना होगा।
संगठन के संभाग और जिला प्रभारी संगठन की गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे हमारा संगठन जमीनी स्तर पर सशक्त होता है। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करना भाजपा की प्राथमिकता है। यह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा और उन्हें समाज में समान अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इस दिशा में किए गए ऐतिहासिक कदमों की सराहना करते हुए कहा कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक दूरदर्शी पहल है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग-2026 पार्टी के कार्यकर्ताओं को नई दिशा और प्रेरणा देगा, संगठन को अधिक मजबूत करेगा और हमारे कार्यकर्ताओं को पार्टी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए तैयार करेगा। बैठक में पार्टी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी एवं गौरव रणदिवे मंचासीन रहे।
]]>भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता केवल हर घर तक नल से जल पहुँचाने की ही नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि पेयजल सुविधा आने वाले वर्षों तक सतत और गुणवत्तापूर्ण रूप में उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नलजल योजनाओं के संचालन और संधारण की नीति को इस प्रकार तैयार किया जाय, जिससे हर गांव में स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था बने और किसी भी परिवार को पानी के लिए कठिनाई न उठानी पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण नीति के प्रारूप पर हुई बैठक में यह बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन योजनाओं को निर्माण कार्य तक ही सीमित न रखकर संचालन और रखरखाव की ऐसी स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे आने वाले वर्षों में भी योजनाएँ पूरी क्षमता से कार्य करती रहें। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम स्तर पर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए, जिससे ग्रामीण अपने स्तर पर भी योजनाओं की देखरेख कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ किए गए जल जीवन मिशन ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल दी है। मध्यप्रदेश ने इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा तैयार किये गये "ग्रामीण नलजल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन नीति" को सक्षम स्वीकृति उपरांत 03 वर्षों के लिये लागू किया जाये। इस नीति के लागू होने से समूह जलप्रदाय योजनाओं की भांति एकल ग्राम नलजल योजनाओं का सुचारू एवं दीर्घकालिक संचालन हो सकेगा। इस नीति के अनुसार ग्रामीण नलजल योजनाओं का संचालन, संधारण एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जायेगा।
प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि ने बताया कि प्रदेश में अगस्त 2019 तक जहाँ केवल 12.11 प्रतिशत अंतर्गत 13 लाख 53 हजार ग्रामीण परिवारों को ही नल से जल मिल रहा था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 78 लाख 64 हजार से अधिक हो गई है। इस प्रकार 70.41 प्रतिशत ग्रामीण परिवार नल से जल सुविधा से जुड़ चुके हैं। कुल 1 करोड़ 11 लाख 69 हजार परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। जल जीवन मिशन का कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। समूह नलजल की 147 इसी प्रकार कुल योजनाओं में से अब तक 52 योजनाएँ पूर्ण की जा चुकी हैं जिनसे 4 हजार 285 ग्रामों में जलापूर्ति की जा रही है। शेष 95 योजनाएँ प्रगति पर हैं।
प्रमुख सचिव श्री नरहरि द्वारा प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियान्वित हो रही नलजल योजनाओं के दीर्घकालिक एवं प्रभावी संचालन हेतु विभाग द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न स्तरों पर विचार विमर्श उपरांत तैयार की गई "ग्रामीण नलजल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन नीति" की विस्तार से जानकारी दी गई। इस नीति के प्रावधानों के अनुसार ग्रामीण नलजल योजना का संचालन पूर्व की भांति संबंधित ग्राम पंचायत के द्वारा किये जाने तथा ग्राम पंचायतों को योजना के संचालन में सहयोग देने हेतु तथा योजना संचालन की व्यवस्था को सदृढ करने के उददेश्य से योजना के संधारण से संबंधित कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से किये जाने की जानकारी दी गई।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव, वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रबंध संचालक जल निगम श्री के. वी.एस. चौधरी कोलसानी भी उपस्थित थे।
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शुक्रवार को सीएम डॉ मोहन ने भोपाल में ‘अहिल्या वाहिनी’ प्रदेशव्यापी महिला बाईक रैली को हरी झंडी दिखाई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई की फोटो पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पुलिस, प्रशासन, स्पोर्ट्स के बच्चे मौजूद रहें।
गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने में योगदान दे रही सरकार
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा कि अहिल्या वाहिनी बाइक रैली निकल रही है। 300 से 500 साल का देश का उदाहरण देखें तो लोकमाता देवी आहिल्या बाई से लेकर रानी लक्ष्मीबाई जैसे उदाहरण हैं। विपरीत परिस्थितियों में जनसेवा ऐसी की, कि लोकमाता कहलाईं। मध्य प्रदेश सरकार गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने में योगदान दे रही है।
‘अहिल्या वाहिनी’ महिला बाइक रैली को मुख्यमंत्री ने किया रवाना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली नारी शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक है, जिसमें 40 महिला बाइकर पुलिस विभाग से और शेष सिविलियन महिला बाइकर शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें हेलमेट भी भेंट किए और सुरक्षा के महत्व पर बल दिया।
‘मां तुझे प्रणाम’ योजना के तहत 90 युवतियां रवाना
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘माँ तुझे प्रणाम’ योजना के अंतर्गत ग्वालियर-चंबल संभाग की 90 युवतियों और 2 खेल अकादमियों की छात्राओं को राजधानी भोपाल के आसपास के विशेष दर्शनीय और प्रेरणास्पद स्थलों के भ्रमण के लिए रवाना किया। इस योजना का उद्देश्य युवा महिलाओं में राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में क्या बोले सीएम यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशव्यापी "अहिल्या वाहिनी" महिला बाइक रैली के शुभारंभ अवसर पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को नमन करते हुए कहा कि उनकी जयंती पर पूरे प्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में आक्रांताओं द्वारा शासन चलाया जा रहा था, उस समय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जैसी भारतीय सनातन संस्कृति की ध्वजवाहक महिलाओं ने शासन संचालन कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। पिछले 500 वर्षों में रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई लोधी, अहिल्याबाई होलकर और झांसी की रानी जैसी महान नारियों ने नारी सशक्तिकरण और सुशासन के अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किए।
सीएम ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई ने न केवल एक आदर्श शासिका के रूप में कार्य किया, बल्कि एक आदर्श बहू, मां और पत्नी के रूप में भी जीवन जिया। जब लोग उन्हें 'महारानी' कहकर संबोधित करते थे, तब वे विनम्रतापूर्वक कहती थीं, 'बेटा, मुझे 'मां' कहना ही पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अहिल्याबाई ने धैर्यपूर्वक शासन किया और कई सामाजिक कार्य किए। उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें साड़ी बुनने का काम सिखाया, कुएं खुदवाए और भील समाज की पलटन का गठन किया। उनके सभी कार्यों के मूल में राष्ट्रभक्ति की भावना थी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "स्वावलंबी महिला- सशक्त राष्ट्र" के संकल्प के साथ 'अहिल्या वाहिनी' बाइक रैली का शुभारंभ करते हुए कहा कि बहनों के प्रति हमारा सम्मान हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार "विरासत से विकास की ओर" के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, और आज हमारी पुलिस बल में बहनों की सक्रिय भागीदारी समाज में अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावशाली भूमिका निभा रही है।
सीएम ने कहा कि भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र के महानायक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी कल शनिवार को मध्यप्रदेश आगमन पर हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सहभागिता की अपील की।
विरासत से विकास अवधारणा पर कर रहे काम
उन्होंने आगे कहा कि हमारा संकल्प है, सरकार अहिल्याबाई के सुशासन के बताए मार्ग पर चल रही है। अहिल्याबाई जी का प्रशासन, रोजगार के साधन देने का मार्ग, अहिल्या शासन को हम पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं। विरासत से विकास अवधारणा पर काम कर रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन के लिए किया आमंत्रित
सीएम ने कहा कि ‘अहिल्या वाहिनी’ बाइक रैली महिला सशक्तिकरण का संदेश है। दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र के नायक दुनिया के सबसे बड़े नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (31 मई को) भोपाल की धरती पर आ रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने राजधानी भोपाल में होने वाले कार्यक्रम के लिए सभी महिलाओं को आमंत्रित भी किया हैं।
]]>शुक्रवार को सीएम डॉ मोहन ने भोपाल में ‘अहिल्या वाहिनी’ प्रदेशव्यापी महिला बाईक रैली को हरी झंडी दिखाई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई की फोटो पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पुलिस, प्रशासन, स्पोर्ट्स के बच्चे मौजूद रहें।
गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने में योगदान दे रही सरकार
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा कि अहिल्या वाहिनी बाइक रैली निकल रही है। 300 से 500 साल का देश का उदाहरण देखें तो लोकमाता देवी आहिल्या बाई से लेकर रानी लक्ष्मीबाई जैसे उदाहरण हैं। विपरीत परिस्थितियों में जनसेवा ऐसी की, कि लोकमाता कहलाईं। मध्य प्रदेश सरकार गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने में योगदान दे रही है।
‘अहिल्या वाहिनी’ महिला बाइक रैली को मुख्यमंत्री ने किया रवाना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहिल्या वाहिनी महिला बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली नारी शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक है, जिसमें 40 महिला बाइकर पुलिस विभाग से और शेष सिविलियन महिला बाइकर शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें हेलमेट भी भेंट किए और सुरक्षा के महत्व पर बल दिया।
‘मां तुझे प्रणाम’ योजना के तहत 90 युवतियां रवाना
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘माँ तुझे प्रणाम’ योजना के अंतर्गत ग्वालियर-चंबल संभाग की 90 युवतियों और 2 खेल अकादमियों की छात्राओं को राजधानी भोपाल के आसपास के विशेष दर्शनीय और प्रेरणास्पद स्थलों के भ्रमण के लिए रवाना किया। इस योजना का उद्देश्य युवा महिलाओं में राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में क्या बोले सीएम यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशव्यापी "अहिल्या वाहिनी" महिला बाइक रैली के शुभारंभ अवसर पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को नमन करते हुए कहा कि उनकी जयंती पर पूरे प्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में आक्रांताओं द्वारा शासन चलाया जा रहा था, उस समय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जैसी भारतीय सनातन संस्कृति की ध्वजवाहक महिलाओं ने शासन संचालन कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। पिछले 500 वर्षों में रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई लोधी, अहिल्याबाई होलकर और झांसी की रानी जैसी महान नारियों ने नारी सशक्तिकरण और सुशासन के अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किए।
सीएम ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई ने न केवल एक आदर्श शासिका के रूप में कार्य किया, बल्कि एक आदर्श बहू, मां और पत्नी के रूप में भी जीवन जिया। जब लोग उन्हें 'महारानी' कहकर संबोधित करते थे, तब वे विनम्रतापूर्वक कहती थीं, 'बेटा, मुझे 'मां' कहना ही पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अहिल्याबाई ने धैर्यपूर्वक शासन किया और कई सामाजिक कार्य किए। उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें साड़ी बुनने का काम सिखाया, कुएं खुदवाए और भील समाज की पलटन का गठन किया। उनके सभी कार्यों के मूल में राष्ट्रभक्ति की भावना थी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "स्वावलंबी महिला- सशक्त राष्ट्र" के संकल्प के साथ 'अहिल्या वाहिनी' बाइक रैली का शुभारंभ करते हुए कहा कि बहनों के प्रति हमारा सम्मान हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार "विरासत से विकास की ओर" के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, और आज हमारी पुलिस बल में बहनों की सक्रिय भागीदारी समाज में अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावशाली भूमिका निभा रही है।
सीएम ने कहा कि भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र के महानायक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी कल शनिवार को मध्यप्रदेश आगमन पर हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सहभागिता की अपील की।
विरासत से विकास अवधारणा पर कर रहे काम
उन्होंने आगे कहा कि हमारा संकल्प है, सरकार अहिल्याबाई के सुशासन के बताए मार्ग पर चल रही है। अहिल्याबाई जी का प्रशासन, रोजगार के साधन देने का मार्ग, अहिल्या शासन को हम पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं। विरासत से विकास अवधारणा पर काम कर रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन के लिए किया आमंत्रित
सीएम ने कहा कि ‘अहिल्या वाहिनी’ बाइक रैली महिला सशक्तिकरण का संदेश है। दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र के नायक दुनिया के सबसे बड़े नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (31 मई को) भोपाल की धरती पर आ रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने राजधानी भोपाल में होने वाले कार्यक्रम के लिए सभी महिलाओं को आमंत्रित भी किया हैं।
]]>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, सृष्टि के आरंभ से ही महत्वपूर्ण रहा है। ऐतिहासिक रूप से अलग-अलग युगों में उज्जैन के महत्व पर केंद्रित गैलरी, वीर भारत संग्रहालय में विकसित की जाए। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों पर भी गैलरी हो। देश की धरोहर के रूप में विकसित हो रहे संग्रहालय के विकास से संस्कृति, कला और स्थापत्य के विशेषज्ञों को जोड़ने के साथ-साथ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से भी सहयोग लिया जाए। उज्जैन को मूर्ति कला परम्परा के संरक्षण और विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, यहां से प्रदेश में आवश्यकता अनुसार मूर्तियां उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन बड़ी मूर्तियों को पत्थर से बनाना कठिन है, उन्हें धातुशिल्प से बनाया जाए। वीर भारत संग्रहालय से विश्वविद्यालय, अकादमिक संस्थाओं और विज्ञान के शिक्षण, प्रशिक्षण व शोध से जुड़ी संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल महालोक में विद्यमान रंगमंडप में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रद्धालुओं के लिए भी यह रूचिकर होगा। महाकाल मंदिर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों की ओर से समाज सेवा के विभिन्न कार्य आरंभ करने पर भी विचार किया जाए। प्रदेश में विद्यमान धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं का अन्य राज्यों में प्रचार-प्रसार भी किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई का त्रिशताब्दी समारोह 20 से 31 मई तक मनाया जाएगा। इस उपलक्ष में 20 मई को मंत्रि-परिषद की बैठक राजवाड़ा इंदौर में होगी। इसके साथ ही महेश्वर, इंदौर, भोपाल और उज्जैन में अन्य आयोजन भी होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्या बाई महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सुशासन की प्रतीक थीं। त्रिशताब्दी समारोह के अंतर्गत मालवा-निमाड़ क्षेत्र के महिला स्व-सहायता समूहों का विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाए। बैठक में बताया गया कि समारोह में लोकमाता देवी अहिल्या बाई के व्यक्तित्व और जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों पर प्रदर्शनी, व्याख्यान माला, महेश्वरी साड़ी सहित अन्य क्षेत्रीय सामग्री की प्रदर्शनी, पारम्परिक लोक कला, नाट्य, गायन-वादन और नृत्य पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे। समारोह में मालवा और निमाड़ क्षेत्र के क्षेत्रीय व्यंजनों को स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
बैठक में कोठी महल और परिसर के उन्नयन के लिए जारी गतिविधियां, वीर भारत न्यास के कार्यों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में वीर भारत संग्रहालय के अंतर्गत विकसित होने वाली गैलरियों की विषय-वस्तु का प्रस्तुतिकरण किया गया। उज्जैन में पत्थर, संगमरमर, ग्रेनाइट और धातु आदि के मूर्तिशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित महादेव मूर्ति कला कार्यशाला के अंतर्गत जारी गतिविधियों की भी समीक्षा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री संजय शुक्ला, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्री श्रीराम तिवारी, उज्जैन के कमिश्नर-कलेक्टर तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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बेटियों ने श्रेष्ठता सिद्ध कर प्रदेश को किया गौरवान्वित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित हाईस्कूल 10th एवं हायर सेकेण्डरी 12th परीक्षा के परिणामों को घोषित कर सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। यह सफलता लक्ष्य के प्रति समर्पण, अथक परिश्रम और लगन का सुफल व प्रमाण है।प्रदेश की प्रतिभाशाली बेटियों ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर अपने अभिभावकों, शिक्षकों के साथ मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है।”
15 सालों का टूटा रिकॉर्ड
सीएम ने आगे कहा, “इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में 76.22% एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा में 74.48% विद्यार्थियों ने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सफलता हासिल की है। हाईस्कूल में बेटी प्रज्ञा जायसवाल ने 500/500 शत प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान और हायर सेकेण्डरी में भी बेटी प्रियल द्विवेदी ने 492/500 (विज्ञान – गणित समूह) अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।”
असफल विद्यार्थियों का बढ़ाया मनोबल
सीएम ने असफल होने वाले विद्यार्थियों का मनोबल भी बढ़ाया। उन्होंने कहा, “जो विद्यार्थी आज असफल रहे, उन्हें निराश नहीं होना है, नई शिक्षा नीति 2020 के तहत असफल विद्यार्थियों को एक बार फिर परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा और जो विद्यार्थी अपना स्कोर बढ़ाना चाहते है वह भी दोबारा परीक्षा में शामिल हो सकते है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकगण एवं शिक्षकगणों को ढेर सारी बधाई।”
गौरतलब है कि आज 10वीं और 12वीं बोर्ड कक्षा का परिणाम जारी हुआ है। समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी घोषणा की है। 10वीं कक्षा में जहां 76.22 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए। वहीं 12वीं में 74.48 परीक्षार्थी पास हुए हैं।
]]>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि एवं सहकारिता में मध्यप्रदेश में बीते दशकों में लगातार काम हुआ है। खेती के साथ-साथ सिंचाई पर भी हमने काम किया है। वित्त वर्ष 2002-03 तक मध्यप्रदेश में मात्र 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित थी। आज मध्यप्रदेश की 55 लाख से अधिक कृषि हेक्टेयर भूमि को हम सिंचित क्षेत्र में लेकर आए हैं। हम किसानों को सुविधा सम्पन्न बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। अगले तीन सालों में हमारी सरकार प्रदेश के 30 लाख किसानों को न केवल सोलर पम्प देगी, वरन् उनके द्वारा उत्पादित अतिरिक्त सोलर ऊर्जा का क्रय भी करेगी। इससे किसानों को दोहरा फायदा होगा। इसके अलावा हम किसानों को मात्र 5 रूपए की राशि पर बिजली कनेक्शन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऊर्जा के मामले में भी आगे है। देश में सबसे सस्ती बिजली देने वाला प्रदेश मध्यप्रदेश है। दिल्ली मेट्रो भी मध्यप्रदेश की बिजली से चलायमान है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी), नई दिल्ली द्वारा "राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रणनीति" विषय पर आयोजित अध्ययन यात्रा के लिए मध्यप्रदेश राज्य की यात्रा के लिए आए दल ने सौजन्य भेंट की। देश के 5 मित्र देशों के प्रतिनिधि भी अध्ययन दल के साथ मध्यप्रदेश आए हैं। एनडीसी द्वारा पूरे देश के लिए ऐसे 8 अध्ययन समूह तय किए गए हैं, जिनमें से 16 सदस्यीय एक समूह मध्यप्रदेश की अध्ययन यात्रा पर है। मध्यप्रदेश आए यात्रा दल को यहां प्रदेश में 'कृषि एवं सहकारिता' अध्ययन शीर्षक दिया गया है। आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी को इस समूह को मध्यप्रदेश की अध्ययन यात्रा कराने का दायित्व मिला है।
अध्ययन यात्रा दल ने बीते दिनों मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों का फील्ड विजिट कर कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र में हुई प्रगति का अध्ययन किया और देखा कि मध्यप्रदेश ने इन दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन प्रगति हासिल की है। अध्ययन दल ने पाया कि सरकार की नीतियों से किसानों की समृद्धि बढ़ी है। वहीं स्व-सहायता समूहों के जरिए प्रदेश में आजीविका विकास विशेषकर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश आए अध्ययन दल से परिचय प्राप्त किया और दल से आग्रह किया कि उज्जैन जरूर जाइए, महाकाल के दर्शन कीजिये और देखिये कि धार्मिक पर्यटन के मामले में म.प्र. कितने आगे बढ़ा हैं। सदियों पुराने श्री महाकाल मंदिर का विकास कर हमारी सरकार ने श्री महाकाल महालोक तैयार किया। इसमें भगवान शिव की जीवंत उपस्थिति, उनका पार्वती से विवाह, सती कथा का प्रसंग सहित उनके जीवन के सभी प्रमुख पक्षों (तांडव मंत्र में दी गई 108 मुद्राओं सहित) को जीवंत कर प्रतिमाओं के रूप में उकेरा है। श्री महाकाल महालोक हमारी आस्था है, हमारी पूंजी भी है।
अध्ययन यात्रा दल के संयोजक के रूप में नेशनल डिफेंस कॉलेज के श्री मुकेश अग्रवाल, इसी कॉलेज के श्री प्रकाश प्रवीण सिद्धार्थ सहित 16 सदस्यीय अध्ययन दल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से आत्मीय चर्चा कर अपने फील्ड विजिट के जागृत अनुभव (रीयलस्टिक एक्सपीरियन्स) साझा किए। यात्रा दल के सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, यह हमने खुद देखा है। कृषि के जरिए किसानों एवं स्व-सहायता समूहों के जरिए आजीविका विकास (सहकारिता की सफलता के संदर्भ में) के लिए सरकार के प्रयास नि:संदेह प्रशंसनीय है। म.प्र. में शासन, प्रशासन की मदद से लोग खुद-ब-खुद जुड़कर अपनी आजीविका और जिंदगी की सफलता की कहानी खुद लिख रहे हैं। हमने मध्यप्रदेश में सामाजिक बदलाव (सोशल चेंज) देखा है। हम मध्यप्रदेश की सफलता से अभिभूत हैं।
बैठक में आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने अध्ययन यात्रा दल के उद्देश्यों और उनके आगामी दिनों के कार्यक्रम की जानकारी दी।
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि एवं सहकारिता में मध्यप्रदेश में बीते दशकों में लगातार काम हुआ है। खेती के साथ-साथ सिंचाई पर भी हमने काम किया है। वित्त वर्ष 2002-03 तक मध्यप्रदेश में मात्र 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित थी। आज मध्यप्रदेश की 55 लाख से अधिक कृषि हेक्टेयर भूमि को हम सिंचित क्षेत्र में लेकर आए हैं। हम किसानों को सुविधा सम्पन्न बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। अगले तीन सालों में हमारी सरकार प्रदेश के 30 लाख किसानों को न केवल सोलर पम्प देगी, वरन् उनके द्वारा उत्पादित अतिरिक्त सोलर ऊर्जा का क्रय भी करेगी। इससे किसानों को दोहरा फायदा होगा। इसके अलावा हम किसानों को मात्र 5 रूपए की राशि पर बिजली कनेक्शन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऊर्जा के मामले में भी आगे है। देश में सबसे सस्ती बिजली देने वाला प्रदेश मध्यप्रदेश है। दिल्ली मेट्रो भी मध्यप्रदेश की बिजली से चलायमान है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी), नई दिल्ली द्वारा "राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रणनीति" विषय पर आयोजित अध्ययन यात्रा के लिए मध्यप्रदेश राज्य की यात्रा के लिए आए दल ने सौजन्य भेंट की। देश के 5 मित्र देशों के प्रतिनिधि भी अध्ययन दल के साथ मध्यप्रदेश आए हैं। एनडीसी द्वारा पूरे देश के लिए ऐसे 8 अध्ययन समूह तय किए गए हैं, जिनमें से 16 सदस्यीय एक समूह मध्यप्रदेश की अध्ययन यात्रा पर है। मध्यप्रदेश आए यात्रा दल को यहां प्रदेश में 'कृषि एवं सहकारिता' अध्ययन शीर्षक दिया गया है। आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी को इस समूह को मध्यप्रदेश की अध्ययन यात्रा कराने का दायित्व मिला है।
अध्ययन यात्रा दल ने बीते दिनों मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों का फील्ड विजिट कर कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र में हुई प्रगति का अध्ययन किया और देखा कि मध्यप्रदेश ने इन दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन प्रगति हासिल की है। अध्ययन दल ने पाया कि सरकार की नीतियों से किसानों की समृद्धि बढ़ी है। वहीं स्व-सहायता समूहों के जरिए प्रदेश में आजीविका विकास विशेषकर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश आए अध्ययन दल से परिचय प्राप्त किया और दल से आग्रह किया कि उज्जैन जरूर जाइए, महाकाल के दर्शन कीजिये और देखिये कि धार्मिक पर्यटन के मामले में म.प्र. कितने आगे बढ़ा हैं। सदियों पुराने श्री महाकाल मंदिर का विकास कर हमारी सरकार ने श्री महाकाल महालोक तैयार किया। इसमें भगवान शिव की जीवंत उपस्थिति, उनका पार्वती से विवाह, सती कथा का प्रसंग सहित उनके जीवन के सभी प्रमुख पक्षों (तांडव मंत्र में दी गई 108 मुद्राओं सहित) को जीवंत कर प्रतिमाओं के रूप में उकेरा है। श्री महाकाल महालोक हमारी आस्था है, हमारी पूंजी भी है।
अध्ययन यात्रा दल के संयोजक के रूप में नेशनल डिफेंस कॉलेज के श्री मुकेश अग्रवाल, इसी कॉलेज के श्री प्रकाश प्रवीण सिद्धार्थ सहित 16 सदस्यीय अध्ययन दल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से आत्मीय चर्चा कर अपने फील्ड विजिट के जागृत अनुभव (रीयलस्टिक एक्सपीरियन्स) साझा किए। यात्रा दल के सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, यह हमने खुद देखा है। कृषि के जरिए किसानों एवं स्व-सहायता समूहों के जरिए आजीविका विकास (सहकारिता की सफलता के संदर्भ में) के लिए सरकार के प्रयास नि:संदेह प्रशंसनीय है। म.प्र. में शासन, प्रशासन की मदद से लोग खुद-ब-खुद जुड़कर अपनी आजीविका और जिंदगी की सफलता की कहानी खुद लिख रहे हैं। हमने मध्यप्रदेश में सामाजिक बदलाव (सोशल चेंज) देखा है। हम मध्यप्रदेश की सफलता से अभिभूत हैं।
बैठक में आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने अध्ययन यात्रा दल के उद्देश्यों और उनके आगामी दिनों के कार्यक्रम की जानकारी दी।
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खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस संबंध में मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने आवश्यक तैयारियों के संबंध में संबंधितों को दिशा-निर्देश दिये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि देश में प्रथम फिट इण्डिया क्लब का लोकार्पण होने जा रहा है। इसमें व्यायाम, फिटनेस, खेल गतिविधियाँ एवं स्वास्थ्य सहित पोषण आहार संबंधी कार्यक्रम होंगे। वॉकिंग ट्रेक, योग एवं मेडिटेशन केन्द्र के साथ ओपन जिम, पारम्परिक खेल जोन, लायब्रेरी एवं किड्स जोन का प्रावधान भी किया जा रहा है। साथ ही महिला फिटनेस सेंटर, मल्टीपर्पस इण्डोर हॉल एवं स्वीमिंग पूल का भूमि-पूजन किया जायेगा। यह फिट इण्डिया क्लब पूरे प्रदेश के लिये एक मॉडल होगा।
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेल अधोसंरचना के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन में प्रदेश के नागौद-सतना, बुधनी-सीहोर, हरदा, टिमरनी-हरदा और नारायणगढ़-मंदसौर में इण्डोर हॉल तथा जोबट-अलीराजपुर में आउटडोर खेल परिसर का लोकार्पण एवं शिवपुरी में हॉस्टल भवन का भूमि-पूजन किया जाना है। कार्यक्रम में खेलो-बढ़ो अभियान का शुभारंभ भी किया जायेगा। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और आम नागरिकों को खेलों से जोड़ने तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिये एक नवाचार के रूप में खेलो-बढ़ो अभियान शुरू किया जायेगा।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, खेल संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, उप सचिव श्री संजय जैन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ आयोजित किया जाएगा। इससे पहले, 2021 में उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में कुंभ मेला आयोजित किया गया था। यादव ने कहा कि ‘सिंहस्थ-2028’ की व्यवस्थाओं को सर्वोत्तम रूप देने के लिए प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ के मॉडल का भी अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘सिंहस्थ-2028 में दोनों कुंभों की तर्ज पर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को लागू करने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।’’
यादव ने अधिकारियों को सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे के साथ समन्वय के उद्देश्य से एक विशेष प्रकोष्ठ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के घाटों तक सुगम आवागमन के लिए उपयुक्त पहुंच मार्ग विकसित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन, इंदौर और देवास में किए जा रहे निर्माण कार्यों में सीवरेज, स्वच्छता और हरियाली पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए धर्मशालाओं के उन्नयन के लिए भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। यादव ने कहा कि ‘सिंहस्थ-2028’ के मद्देनजर विभागों में प्रशासनिक ढांचे का आवश्यकतानुसार तत्काल विस्तार किया जाए।
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