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स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिये विभिन्न जिलों में पहले चरण में 275 सीएम राईज स्कूल शुरू किये है। इनमें से 125 सीएम राईज स्कूलों में 70 हजार विद्यार्थियों को नि:शुल्क परिवहन सेवा की सुविधा दी जा रही है। नि:शुल्क बस परिवहन सेवा 5 से 20 किलोमीटर के दायरे में स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को दी जा रही है। प्रदेश में संचालित सीएम राईज स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास के लिये वर्ल्ड क्लास सेवायें दी जा रही है।
भोपाल संभाग के 38 सीएम राईज स्कूल के 18 हजार 399, नर्मदापुरम् संभाग के 14 स्कूल के 5 हजार 130, उज्जैन संभाग के 39 स्कूल के 30 हजार 34, इंदौर संभाग के 28 स्कूल के 12 हजार 278 विद्यार्थियों को इस नि:शुल्क बस परिवहन सेवा का लाभ दिया जा रहा है। सिंगरौली जिले के 4 स्कूलों के 2 हजार 876, कटनी के एक स्कूल के 732 और ग्वालियर जिले में डबरा के एक स्कूल के 475 विद्यार्थियों को नि:शुल्क परिवहन सेवा का लाभ मिल रहा है। नि:शुल्क परिवहन सेवा के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने संचालित बसों के लिये प्रायवेट बस ऑपरेटर्स से अनुबंध किया है। संचालित बसों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिये व्यापक इंतजाम भी किये गये हैं।
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स्कूल शिक्षा विभाग शासकीय स्कूलों में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहले चरण में 275 सीएम राइज स्कूल संचालित हो रहे हैं। दूसरे चरण में प्रदेश में 5 हजार 986 स्कूलों को सीएम राइज स्कूल के रूप में विकसित करने का कार्यक्रम तैयार किया गया है।
प्रदेश के सीएम राइज स्कूल योजना का पहला सर्व-सुविधायुक्त भवन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुलाना जिला शाजापुर में लोकार्पित हो चुका है। पहले चरण में 270 सीएम राइज स्कूलों के भवन निर्माण के प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इनमें से 247 विद्यालयों में भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 122 सीएम राइज स्कूल भवन निर्माण पूरे कर लिये जायेंगे। सीएम राइज स्कूल योजना को गुणवत्तायुक्त समावेशी शिक्षा एवं सुशासन की श्रेणी में वर्ष 2023 में राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड भी प्राप्त हो चुका है। प्रदेश में संचालित सीएम राइज स्कूल में बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने के लिये नि:शुल्क परिवहन सेवा भी प्रारंभ की गई है।
32 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती
प्रदेश में पिछले तीन शिक्षा सत्र में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं अन्य पदों पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 32 हजार 82 शिक्षकों की भर्ती की गई है।
नि:शुल्क साइकिल वितरण
प्रदेश में बच्चे स्कूल सुविधाजनक तरीके से पहुँच सकें, इसके लिये वर्ष 2024-25 में 4 लाख 50 हजार पात्र छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल प्रदान की जायेंगी। नवीन शिक्षक आवास योजना के अंतर्गत शैक्षणिक व्यवस्था में और अधिक गुणवत्ता लाने के लिये ग्रामीण शिक्षकों को आवास योजना की स्वीकृति दी गई है। कक्षा एक और दो के बच्चों के लिये राज्य सरकार ने दक्षता फ्रेमवर्क भी तैयार किया है। इसमें निधार्रित लर्निंग आउटकम्स के आधार पर हिन्दी, अंग्रेजी एवं गणित की अभ्यास पुस्तिकाएँ एवं लर्निंग किट तैयार कर वितरित किये गये हैं।
सेनिटेशन एवं हाइजीन योजना
प्रदेश में सेनिटेशन एवं हाइजीन योजना में कक्षा 7 से 12 में अध्ययनरत 19 लाख छात्राओं के बैंक खातों में 57 करोड़ रूपये की राशि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई है।
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प्रदेश के जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और इनके सर्वांगीण विकास के लिये राज्य सरकार कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। जनजातीय वर्ग के बच्चे शिक्षा के मामले में किसी से भी पीछे या कमतर न रहें, इसके लिये सरकार ने जनजातीय बहुल अंचलों/जिलों में इन बच्चों की बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की चिंता की है। इसके लिये सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में 94 सीएम राइज स्कूल्स स्थापित करने का निर्णय लेकर इस पर काम भी प्रारंभ कर दिया है। इन विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को शैक्षणिक व शारीरिक विकास सहित खेल एवं अन्य विधाओं की शिक्षा भी दी जाएगी।
जनजातीय क्षेत्रों में स्थापित होने वाले 94 सीएम राइज स्कूल्स में से वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में 38 सीएम राइज स्कूलों का निर्माण कार्य पूरा कर इनमें जल्द से जल्द पढ़ाई भी प्रारंभ कर दी जाएगी। इसके लिये युद्ध स्तर पर स्कूलों का निर्माण एवं अन्य जरूरीविकासकार्य किये जा रहे हैं। जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये सरकार ने जारी वर्ष के सालाना बजट में 667 करोड़ रूपये आरक्षित कर दिये हैं। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना, प्रोत्साहक परिवेश एवं अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये सरकार ने सीएम राइज स्कूलों की स्थापना कर प्रदेश का शैक्षणिक परिदृश्य बदलने का बीड़ा उठाया है। प्रदेश में सीएम राइज स्कूलों की स्थापना के लिये सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में 2 हजार 738 करोड़ रूपये प्रावधानित किये हैं।
पहले चरण में 275 प्रारंभ, आगामी 10 साल में 9200 सीएम राईज स्कूल खोलने की योजना
सरकारी स्कूलों में सर्व-सुविधायुक्त वातावरण के साथ विद्यार्थियों को रोचक एवं आनंददायक शिक्षा देने के लिये सरकार ने सीएम राइज स्कूल्स की स्थापना की है। पहले चरण में 275 सीएम राइज स्कूल प्रारंभ किये जा चुके हैं। आगामी 10 सालों में प्रदेश में 9 हजार 200 सीएम राइज स्कूल्स शुरू करने की सरकार की योजना है। इन सीएम राइज स्कूल में के.जी. से कक्षा 12वीं तक संचालन की व्यवस्था के साथ अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिये डिजिटल कक्षा, पूर्ण रूप से सुसज्जित प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय, कला, नृत्य, संगीत एवं योग शिक्षा की पढ़ाई की व्यवस्था भी की गई है।
स्कूलों में परिवहन की व्यवस्था
सीएम राइज स्कूलों में दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा देने की मंशा से परिवहन की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे स्कूल के आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। सीएम राइज स्कूल में बेहतर नेतृत्व प्रदान करने की दृष्टि से इन स्कूलों के प्राचार्यों को भारतीय प्रबंधन संस्थान, इंदौर में विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है। साथ ही प्राचार्यों को राष्ट्रीय स्तर के ख्याति-प्राप्त विद्यालयों में एक्सपोजर विजिट भी कराई गई है।
प्राचार्य हैण्ड-बुक
सीएम राइज स्कूलों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को वैश्विक-मानकों के अनुरूप पूरा करने के लिये प्राचार्यों और शिक्षकों के लिये अलग-अलग हैण्ड-बुक तैयार की गई हैं। विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति के लिये सीएम राइज स्कूलों में स्टूडेन्ट डायरी भी तैयार की गई है। विद्यार्थियों के विचार, चिंतन, मंथन एवं प्रभावी शिक्षण के लिये आवश्यक टूल्स को डायरी के पृष्ठों में शामिल किया गया है। इसके जरिये विद्यार्थियों की रचनात्मक गतिविधियाँ एवं उनकी शैक्षणिक प्रगति पालकों/अविभावकों को भी बताई जाएगी।
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