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वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सिस्टम का असर खत्म होते ही मध्य प्रदेश में सर्दी ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। उत्तरी हवाओं के तेज होने से दिन में ठिठुरन बढ़ गई है, वहीं रात का तापमान कई इलाकों में 10 डिग्री से नीचे चला गया। ओले-बारिश से मिली राहत के बाद अब ठंड और कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।मौसम विभाग के मुताबिक, बीते एक हफ्ते से सक्रिय सिस्टम के कमजोर पड़ते ही गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत 8 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा, जबकि 30 से ज्यादा जिलों में हलके से घने कोहरे ने सुबह की रफ्तार थाम दी।
एमपी में अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने 7 फरवरी को प्रदेश में हल्का कोहरा रहने का अनुमान जताया है लेकिन बारिश की कोई चेतावनी नहीं है. इस बीच तेज ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के ऊपर बना रहेगा. इसके साथ ही 8 फरवरी को कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है. इस दिन भी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
8 फरवरी से नया मौसम सिस्टम होगा सक्रिय, फिर गिरेगा मावठा
मौसम वैज्ञानिक डॉ दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा. इसके असर से प्रदेश के मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है. 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना जताई गई है.
राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार शुक्रवार को राजगढ़ में सबसे कम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसके बाद रीवा में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, दमोह और सतना में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ है. वहीं पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री रहा है.
बड़े शहरों में भी ठंड का असर, गिरा न्यूनतम तापमान
भोपाल और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा इंदौर में 13.2 डिग्री, जबलपुर में 13.5 डिग्री और ग्वालियर में 9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ.
न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज
प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। रीवा में 7.2, खजुराहो में 8.2, दतिया में 8.4, दमोह और सतना में 9.6 डिग्री तथा पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और उज्जैन में 13 डिग्री, इंदौर में 13.2 और जबलपुर में 13.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर में पारा 9 डिग्री तक लुढ़क गया।
सुबह-सुबह कोहरे की चादर
शुक्रवार सुबह ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में हलका से मध्यम कोहरा छाया रहा। कोहरे का असर परिवहन पर भी दिखा। दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित हुई है। मालवा, सचखंड और शताब्दी जैसी ट्रेनों के यात्री देरी से परेशान नजर आए।
अगले दो दिन का मिजाज
7 फरवरी: हलका कोहरा, बारिश का अलर्ट नहीं, ठंड बनी रहेगी।
8 फरवरी: कई जिलों में हलका से मध्यम कोहरा, फिलहाल बारिश नहीं।
फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग का कहना है कि 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखेगा और 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है। यानी ठंड के साथ बारिश का दौर एक बार फिर लौट सकता है।
छत्तीसगढ़ में ठंड ने अचानक तेवर तीखे कर लिए हैं। हिमालय की ओर से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश के बड़े हिस्से में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों के लिए कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सरगुजा संभाग इस समय सबसे अधिक प्रभावित है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी के सबसे निचले स्तरों में से एक है। वहीं बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में रात का तापमान 1 से 2 डिग्री के बीच बना हुआ है। यहां खुले खेतों और पराल पर जमी ओस की बूंदें बर्फ की तरह जमती देखी गईं, जिससे ग्रामीण इलाकों में कड़ाके की ठंड का असर साफ नजर आ रहा है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कई अन्य जिलों में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रातें ज्यादा सर्द हो रही हैं, जिससे सुबह और देर शाम लोगों को घरों से निकलने में कठिनाई हो रही है।
सिनोप्टिक सिस्टम के चलते बढ़ेगी ठंड
पश्चिमी विक्षोभ हिमालय और उत्तर भारत से ठंडी हवाओं को नीचे की ओर धकेलता है। वहीं तेज जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत की तरफ आगे बढ़ा देती है, नतीजा यह होता है कि उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक पहुंचने लगती है।
इसी वजह से रात का तापमान तेजी से गिरता है। सुबह-शाम ठंड ज्यादा महसूस होती है, कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति बन जाती है। उदाहरण के साथ समझाया जाए तो मान लीजिए जैसे फ्रिज का दरवाजा खुला रह जाए और पंखा चलने लगे तो ठंडी हवा दूर तक फैल जाती है।
यहां पश्चिमी विक्षोभ फ्रिज है और जेट स्ट्रीम पंखा, जो ठंडी हवा को छत्तीसगढ़ तक पहुंचा रहा है।
यात्री प्रतीक्षालय में ठंड से मौत
7 जनवरी को कोरबा के सरई सिंगार निवासी हरप्रसाद भैना (55) की मौत ठंड लगने से हो गई। उनकी लाश कसईपाली के यात्री प्रतीक्षालय में मिली। हरप्रसाद मंगलवार को रलिया गांव में छठी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पैदल घर लौट रहे थे।
रात की ठंड में थकान के कारण वे प्रतीक्षालय में सो गए थे। बुधवार सुबह लोगों ने उनकी लाश देखी। शव की स्थिति और मौके की परिस्थिति देखकर उनकी ठंड से मौत होने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि इस ठंड की मुख्य वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और तेज जेट स्ट्रीम है। पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र से ठंडी हवा को दक्षिण की ओर धकेल रहा है, जबकि जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत तक पहुंचा रही है। इसी प्रक्रिया के चलते उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक फैल रही है और शीतलहर जैसी स्थिति बन रही है।
ठंड के इस दौर का मानवीय असर भी सामने आ रहा है। हाल ही में कोरबा जिले में एक 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत की आशंका ठंड लगने से जताई गई है। उनका शव एक यात्री प्रतीक्षालय में मिला था। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से रात के समय खुले स्थानों पर न रुकने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रैन बसेरों और अस्थायी आश्रयों की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक शीतलहर का असर बना रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने पर तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन फिलहाल छत्तीसगढ़ को सर्दी की इस परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।
]]>प्रदेश में उत्तर से आती ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर तेज कर दिया है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सीजन के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। भोपाल में नवंबर की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश के बड़े हिस्से में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को तीव्र शीतलहर की स्थिति रहेगी। इसके अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी प्रभावी है।
भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में मंगलवार को सीवियर कोल्ड वेव यानी तीव्र शीतलहर का अलर्ट है। वहीं, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, सीहोर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और शहडोल में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है।
इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने 18 नवंबर से स्कूलों की टाइमिंग सुबह 9 बजे से करने के आदेश जारी किए हैं। भोपाल में भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 8वीं तक की कक्षा सुबह 8:30 बजे से पहले नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं।
ग्वालियर, देवास, झाबुआ, छिंदवाड़ा, सागर, शहडोल और खंडवा में भी स्कूल लगने के समय में बढ़ोतरी की जा चुकी है। वहीं, जबलपुर-उज्जैन समेत अन्य जिलों में बच्चों को राहत नहीं मिल पाई है।
भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि भोपाल में नवंबर का रात का तापमान ब्रेक हो गया है। रविवार-सोमवार की रात में पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। इससे पहले साल 1941 में 6.1 डिग्री तापमान रहा था। वर्तमान में प्रदेश में मौसम साफ है। इस वजह से उत्तरी हवाओं का असर ज्यादा बना रहेगा।
22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है।
राजगढ़ सबसे ठंडा, पारा 5.8 डिग्री सोमवार-मंगलवार की रात राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में तापमान 6.4 डिग्री रहा। उमरिया में 7.6 डिग्री, नौगांव में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, धार में 8.8 डिग्री, मलाजखंड में 8.9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.5 डिग्री, खरगोन-मंडला में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारे में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार-सोमवार की रात यहां तापमान रिकॉर्ड 5.2 डिग्री सेल्सियस था। इससे नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड ब्रेक हो गया था। इसके बाद तापमान 8.2 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 7.7 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
]]>देश में मौसम का तेजी से बदलता मिजाज परेशानी बढ़ा रहा है। उत्तर और मध्य भारत शीतलहर, कोहरे और गिरते पारे की चपेट में हैं, जबकि दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून के असर से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे स्वास्थ्य, खेती, यातायात और बिजली आपूर्ति पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर और मध्य भारत में ठंड का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। 16 और 17 नवंबर को शीतलहर की स्थिति सबसे अधिक दिखने की संभावना है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे सुबह और रात के समय सर्दी का असर बेहद तीखा रहेगा।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पाला पड़ने से ठिठुरन काफी बढ़ गई है। तड़के कड़क सर्दी, दोपहर में हल्की धूप और शाम ढलते ही फिर से बढ़ती ठंड के साथ मौसम तेजी से अपना रंग बदल रहा है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है। तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से लोगों में सर्दी-जुकाम और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़नी शुरू हो गई हैं।
हिमाचल प्रदेश-जम्मू-कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी ठंड ने रिकॉर्ड स्तर छू लिए हैं। ताबो का तापमान माइनस 5.3, कुकुमसेरी माइनस 4.1, केलांग माइनस 3.6 और कल्पा 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा, हालांकि रात के समय ठंड और तेजी पकड़ सकती है। इसके विपरीत ऊना में कल 28.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया।
कोहरा और दृश्यता में कमी का खतरा
अगले 5 दिनों तक उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, पश्चिम मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है। कई इलाकों में सुबह के समय दृश्यता 500 मीटर तक सीमित हो गई है। विशेषज्ञों ने सड़क और रेल यातायात के दौरान गति नियंत्रित रखने, हेडलाइट-फॉग लाइट का उपयोग करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है ताकि दुर्घटनाओं के जोखिम कम हों।
दक्षिण भारत: भारी बारिश का अलर्ट जारी
दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय है और बारिश का दौर जारी है। श्रीलंका के दक्षिणी क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार तथा बांग्लादेश के आसपास मौजूद दूसरा चक्रवात नमी के परिवहन को बढ़ा रहे हैं, जिसके कारण भारी बारिश की परिस्थितियां बन रही हैं। आगामी दिनों में तमिलनाडु, केरल और द्वीप समूहों में भारी बारिश की आशंका है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश देखी जा सकती है।
तीन दिन बाद रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, शुक्रवार को भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, नौगांव एवं शिवपुरी में शीतलहर का और इंदौर में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा। रात का सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस तापमान शिवपुरी में रिकॉर्ड किया गया। दिन का सबसे अधिक 30.8 तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया।
तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है
मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे के मुताबिक, अभी तीन दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। उसके बाद रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है।
हालांकि राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से हवाओं का रुख उत्तरी होने के साथ ही बीच-बीच में पूर्वी भी होने लगा है। इसके चलते शनिवार से कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने लगेगी। दो दिन बाद हवाओं का रुख पूर्वी होने की भी संभावना है। इसके चलते रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।
]]>एमपी के कई इलाकों में बुधवार-गुरुवार की रात पारा 1 से 2 डिग्री तक गिर गया। राजगढ़ सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इंदौर में 7.6 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, और जबलपुर में 9.9 डिग्री तापमान रहा। ग्वालियर 11.4 डिग्री और उज्जैन 10.7 डिग्री तक पहुंचा। शहडोल के कल्याणपुर में सबसे कम 6.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। पचमढ़ी, जो प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है, वहां तापमान 13.4 डिग्री दर्ज किया गया।
बुधवार-गुरुवार की रात मध्य प्रदेश के कई शहरों के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इंदौर में 7.6 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री तो जबलपुर में पारा 9.9 डिग्री रहा। ग्वालयर में 11.4 डिग्री और उज्जैन में 10.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे ठंडा राजगढ़ रहा। यहां तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
वहीं, उमरिया और छतरपुर के नौगांव में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 9.8 डिग्री, मंडला में 10.1 डिग्री, बैतूल-छिंदवाड़ा में 10.2 डिग्री और दतिया में तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में भी पारा लुढ़का रहा। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पहाड़ी राज्यों से आ रही बर्फीली हवा मौसम विशेषज्ञ पीके शाह ने बताया- इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक सप्ताह पहले ही एक्टिव हो गए। इस वजह से जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी हो रही है। उत्तर से दक्षिण की ओर बहने वाली हवा का असर एमपी में भी पड़ रहा है। जिससे ठंड का असर तेज हो गया है।
मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, कोल्ड डे तब होता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम होता है और अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री से अधिक गिर जाता है।
इस बार 25 साल का रिकॉर्ड टूटा मध्य प्रदेश में नवंबर के दूसरे ही सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कई शहरों में रिकॉर्ड टूट गए हैं। राजधानी भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पहुंच चुका है, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है।
इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा चुका है। इंदौर में पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है, जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था।
दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। मंगलवार को ज्यादातर शहरों में पारा 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा। मौसम विशेषज्ञ शाह ने बताया कि दिन में धूप निकलने से पारा बढ़ा है। धूप न निकलने की स्थिति में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है।
नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।
भोपाल में 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन था। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा।
नवंबर में ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड का असर बढ़ेगा। हुआ भी वैसा ही। पारे में खासी गिरावट देखने को मिल रही है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां तापमान और भी लुढ़केगा। ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है।
जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम…
भोपाल: 10 साल में 3 बार बारिश हो चुकी नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार भी दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से लुढ़केगा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था।
यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।
अगले चार दिन भी रहेगा ठंड का असर
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले चार से पांच दिन तेज ठंड और शीतलहर का असर जारी रहेगा। गुरुवार को जिन जिलों में अलर्ट जारी है। उनमें भोपाल, इंदौर, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, उमरिया और सिवनी शामिल है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से बड़ी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सामान्य से एक सप्ताह पहले सक्रिय हो गया। इससे पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी हो रही है। इसी वजह से उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश की ओर आ रही हैं, जिससे दिन और रात दोनों में ठंडक बढ़ गई है।
25 साल में पहली बार नवंबर में इतनी ठंड
राजधानी भोपाल में नवंबर का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पहुंच गया है, जो पिछले 10 सालों में सबसे कम है। वहीं इंदौर में पारा 7 डिग्री तक गिरा, यह पिछले 25 साल में नवंबर का सबसे ठंडा तापमान है। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में नवंबर का अब तक का न्यूनतम रिकॉर्ड 1938 में 5.6 डिग्री रहा था।
दिन में भी नहीं मिली राहत
इस बार दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, अगर बादल छाए रहे और धूप नहीं निकली तो दिन में भी कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है।
समय से पहले आई शीतलहर
आमतौर पर मध्य प्रदेश में नवंबर के मध्य या आखिरी सप्ताह में ठंड शुरू होती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही शीतलहर का असर दिखने लगा है। पिछले 50 सालों के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में तापमान आमतौर पर 6-7 डिग्री तक महीने के अंत में गिरता है, मगर इस बार पहले ही पखवाड़े में यह स्तर देखने को मिल रहा है।
ठंड से स्कूलों के समय में बदलाव
बढ़ती ठंड को देखते हुए अनूपपुर, रीवा और देवास जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। प्रशासन ने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सुबह के समय की छुट्टियां देर से शुरू करने का निर्देश दिया है।
]]>प्रदेश में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है. अम्बिकापुर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर चल रही है. अम्बिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. इधर, राजधानी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस और माना में 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में एक-दो क्षेत्रों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है.
मंगलवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 29.5 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 28.2 डिग्री, पेंड्रारोड में 26.8 डिग्री, अम्बिकापुर में 26.2 डिग्री, जगदलपुर में 30.7 डिग्री और दुर्ग में 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रायपुर में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 12.6 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 12.6 डिग्री, पेंड्रारोड में 9 डिग्री, अम्बिकापुर में 7.6 डिग्री, जगदलपुर में 16.4 डिग्री, दुर्ग में 10.2 डिग्री और राजनांदगांव में 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
रायपुर में बुधवार को आकाश साफ रहने और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
]]>मध्य प्रदेश में नवंबर के पहले हफ्ते से ही ठिठुरन का दौर जारी है। दिन में सर्द हवाएं चल रही हैं, जबकि सुबह और रात में पारा तेजी से गिर रहा है। भोपाल और इंदौर में तो 25 साल का रिकॉर्ड तक टूट गया है। बीती रात प्रदेश के 11 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक शीतलहर (Cold Wave) का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को भोपाल, इंदौर समेत कुल 23 जिलों में शीतलहर की चेतावनी दी गई है।
स्कूलों के समय में बदलाव
ठंड बढ़ने के चलते देवास जिले में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। अब नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के स्कूल सुबह 10 बजे से पहले नहीं खुलेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
हिमालय में बर्फबारी का असर एमपी तक
मौसम विशेषज्ञ पी.के. शाह ने बताया कि इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक सप्ताह पहले ही सक्रिय हो गए हैं। इसके कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। उत्तर से दक्षिण की ओर बहने वाली ठंडी हवाओं का असर मध्य प्रदेश में भी दिख रहा है, जिससे ठंड का असर तेजी से बढ़ा है।
पूर्वी हिस्सों में भी बढ़ी सर्दी
अब तक सर्दी का असर मुख्य रूप से पश्चिमी मध्य प्रदेश—भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग—में ज्यादा था। लेकिन अब इसका असर पूर्वी हिस्सों, यानी जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग तक पहुंच गया है।
नवंबर में टूटा 25 साल का रिकॉर्ड
इस बार ठंड ने नवंबर में ही पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल और इंदौर में पारा 25 साल में सबसे नीचे चला गया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सामान्य से एक सप्ताह पहले सक्रिय हो गया। इसी कारण जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी हो रही है, और उत्तरी हवा के रुख के चलते ठंडी लहरों का असर मध्यप्रदेश तक पहुंच गया है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में भी दिखने लगा असर
अब तक ठंड का असर मुख्य रूप से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में था, लेकिन अब जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल जैसे पूर्वी इलाकों में भी कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है। सोमवार-मंगलवार की रात जबलपुर में सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज हुई, जहां पारा 9.7 डिग्री रहा। भोपाल में 8.3, इंदौर में 8.4, ग्वालियर में 11 और उज्जैन में 11.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां पारा 8 डिग्री तक गिर गया।
प्रदेश के शहर हिमाचल-उत्तराखंड से भी ठंडे
हैरानी की बात यह है कि जहां हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फ गिर रही है, वहीं मध्यप्रदेश के कई शहरों में तापमान शिमला, मसूरी और देहरादून से भी नीचे है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात में तापमान 13.8 डिग्री और दिन में 23.6 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल, धार, रायसेन, सीधी और मलाजखंड में भी दिन का तापमान 27 डिग्री से कम रहा।
कहां है तेज शीतलहर का असर?
मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, शहडोल और जबलपुर में तेज शीतलहर का असर महसूस किया जा रहा है। वहीं, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, रीवा, बालाघाट और छतरपुर जैसे जिलों में ठंडी हवाएं चलेगी। बालाघाट जिले के मालाजखंड क्षेत्र में बुधवार को Cold Day का अनुभव होने की संभावना है।
ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं ने MP को नवंबर में ही सर्दियों के आगोश में ला दिया है। दिन में भी ठंडी हवाएं चल रही हैं और रात का तापमान तेजी से गिरने से लोगों को ठिठुरन महसूस हो रही है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात में तापमान 13.8 डिग्री और दिन में 23.6 डिग्री दर्ज किया गया।
पचमढ़ी में रात का पारा ज्यादा, दिन में कम प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात में ठंड का असर जरूर कम है, लेकिन दिन में यहां सर्दी है। सोमवार-मंगलवार की रात में पचमढ़ी का तापमान 13.8 डिग्री रहा, लेकिन मंगलवार को दिन का तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बैतूल, धार, रायसेन, सीधी, मलाजखंड में पारा 27 डिग्री से कम ही दर्ज किया गया।
कई शहरों के तापमान में गिरावट
बीती रात MP के कई शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे गिर गया।
इंदौर: 8.3डिग्री
भोपाल: 8.0डिग्री
उज्जैन: 11.5डिग्री
ग्वालियर: 10.7डिग्री
जबलपुर: 9.8डिग्री
शहडोल: 7.5डिग्री
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान
मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि वर्तमान में उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है जिसके प्रभाव से MP में ठंडी हवाएं बनी हुई हैं। साथ ही एक ट्रफ भी सक्रिय है, जो ठंड को और बढ़ा रहा है।
मौसम विभाग की सलाह
ठंड से बचने के लिए सभी नागरिक सावधानी बरतें।
सुबह की वॉक सूरज निकलने के बाद ही करें।
बुजुर्ग और बच्चों के लिए ऊनी कपड़ों का उपयोग जरूरी है।
राजगढ़ रहा सबसे ठंडा शहर
सोमवार-मंगलवार की रात को कई शहरों में सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। जबलपुर में तापमान 9.7 डिग्री, भोपाल में 8.3 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 11 डिग्री और उज्जैन में 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव और उमरिया में 8.5 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंड का प्रभाव और बढ़ेगा।
पिछले 10 साल से नवंबर में ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इसमें औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।
वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा।
अब जानिए, नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड का असर बढ़ेगा। हुआ भी वैसा ही। पारे में खासी गिरावट देखने को मिल रही है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा और भी लुढ़केगा।
ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।
नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम…
भोपाल: 10 साल में 3 बार बारिश हो चुकी नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था।
इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में नवंबर महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।
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पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश पर साफ दिख रहा है। राजधानी भोपाल में तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि इंदौर में 7.9 डिग्री तक लुढ़क गया। तुलना करें तो शिमला में पारा 8.8 डिग्री, मसूरी में 8.6 डिग्री और देहरादून में 11.7 डिग्री दर्ज हुआ। यानी, इंदौर इन हिल स्टेशनों से भी ज्यादा ठंडा हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान से आ रही ठंडी हवाओं का असर मंगलवार से और बढ़ेगा। शाजापुर, सीहोर, बैतूल, छतरपुर, पन्ना और रीवा-सतना आदि जिलों में भी शीतलहर चलने की आशंका है। आज भोपाल, राजगढ़ और इंदौर में तीव्र शीतलहर चल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक फिलहाल ग्वालियर संभाग में तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं हुई है, क्योंकि इस दिशा से अभी उत्तर की बर्फीली हवाएं नहीं पहुंची हैं।
जैसे ही ये हवाएं आएंगी, तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि वर्तमान में कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिसके कारण प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, एमपी के उत्तरी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय है। इसकी वजह से उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं पूरे प्रदेश में सर्दी बढ़ा रही हैं। मंगलवार को भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में सीवियर कोल्ड वेव, जबकि शाजापुर, सीहोर, देवास, बैतूल, नर्मदापुरम, मंडला, रीवा, शहडोल जैसे जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है।
पिछले तीन दिनों से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में तेज ठंड का असर था, लेकिन अब पूर्वी जिलों में भी पारा रिकॉर्ड स्तर तक गिरा है। शहडोल का कल्याणपुर इस समय सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 7.2 डिग्री तक पहुंच गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार ठंड का सीजन ज्यादा लंबा चलेगा। सामान्यत: नवंबर के अंत से जनवरी तक तेज सर्दी रहती है, लेकिन इस बार हिमालयी क्षेत्रों में जल्दी एक्टिव हुए विक्षोभ के कारण नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही ठिठुरन शुरू हो गई है। अनुमान है कि इस बार सर्दी 80 से 85 दिन तक चल सकती है।
एमपी के शहरों में शिमला जैसी ठंड रविवार को बड़े शहरों में भोपाल में तापमान 8.8 डिग्री, इंदौर में 7.9 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में ही शिमला में पारा 8.8 डिग्री दर्ज किया गया। यानी, जितना शिमला में रात का तापमान था, उतना भोपाल में भी रहा। वहीं, इंदौर में पारा 7.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इस हिसाब से देहरादून (11.7 डिग्री), मसूरी (8.6 डिग्री) और शिमला (8.8 डिग्री) इंदौर से पीछे रहे।
इस बार ज्यादा दिन तक पड़ेगी तेज सर्दी मौसम विशेषज्ञ पीके शाह ने बताया- पहाड़ों की बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश में देखने को मिल रहा है। इस वजह से ही पारे में खासी गिरावट हुई है। आम तौर पर प्रदेश में तेज सर्दी का असर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होता है, जो जनवरी के आखिरी तक रहता है, लेकिन इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक सप्ताह पहले ही एक्टिव हो गए। इस वजह से नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया।
यदि वेस्टर्न डिस्टरबेंस ऐसे ही एक्टिव रहते हैं तो प्रदेश में तेज सर्दी 75 दिन की बजाय 80 से 85 दिन तक रह सकती है।
इस बार 25 साल का रिकॉर्ड टूटा नवंबर के दूसरे ही सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कई शहरों में रिकॉर्ड टूट गए हैं। राजधानी भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पहुंच चुका है, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा चुका है। इंदौर में पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है, जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था।
दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। सोमवार को ज्यादातर शहरों में पारा 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा। मौसम विशेषज्ञ शाह ने बताया कि दिन में धूप निकलने से पारा बढ़ा है। धूप न निकलने की स्थिति में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है।
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मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान से आ रही ठंडी हवाओं का असर मंगलवार से और बढ़ेगा। शाजापुर, सीहोर, बैतूल, छतरपुर, पन्ना और रीवा-सतना आदि जिलों में भी शीतलहर चलने की आशंका है। आज भोपाल, राजगढ़ और इंदौर में तीव्र शीतलहर चल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक फिलहाल ग्वालियर संभाग में तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं हुई है, क्योंकि इस दिशा से अभी उत्तर की बर्फीली हवाएं नहीं पहुंची हैं।
जैसे ही ये हवाएं आएंगी, तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि वर्तमान में कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिसके कारण प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, एमपी के उत्तरी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय है। इसकी वजह से उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं पूरे प्रदेश में सर्दी बढ़ा रही हैं। मंगलवार को भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में सीवियर कोल्ड वेव, जबकि शाजापुर, सीहोर, देवास, बैतूल, नर्मदापुरम, मंडला, रीवा, शहडोल जैसे जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है।
पिछले तीन दिनों से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में तेज ठंड का असर था, लेकिन अब पूर्वी जिलों में भी पारा रिकॉर्ड स्तर तक गिरा है। शहडोल का कल्याणपुर इस समय सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 7.2 डिग्री तक पहुंच गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार ठंड का सीजन ज्यादा लंबा चलेगा। सामान्यत: नवंबर के अंत से जनवरी तक तेज सर्दी रहती है, लेकिन इस बार हिमालयी क्षेत्रों में जल्दी एक्टिव हुए विक्षोभ के कारण नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही ठिठुरन शुरू हो गई है। अनुमान है कि इस बार सर्दी 80 से 85 दिन तक चल सकती है।
एमपी के शहरों में शिमला जैसी ठंड रविवार को बड़े शहरों में भोपाल में तापमान 8.8 डिग्री, इंदौर में 7.9 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में ही शिमला में पारा 8.8 डिग्री दर्ज किया गया। यानी, जितना शिमला में रात का तापमान था, उतना भोपाल में भी रहा। वहीं, इंदौर में पारा 7.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इस हिसाब से देहरादून (11.7 डिग्री), मसूरी (8.6 डिग्री) और शिमला (8.8 डिग्री) इंदौर से पीछे रहे।
इस बार ज्यादा दिन तक पड़ेगी तेज सर्दी मौसम विशेषज्ञ पीके शाह ने बताया- पहाड़ों की बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश में देखने को मिल रहा है। इस वजह से ही पारे में खासी गिरावट हुई है। आम तौर पर प्रदेश में तेज सर्दी का असर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होता है, जो जनवरी के आखिरी तक रहता है, लेकिन इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक सप्ताह पहले ही एक्टिव हो गए। इस वजह से नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया।
यदि वेस्टर्न डिस्टरबेंस ऐसे ही एक्टिव रहते हैं तो प्रदेश में तेज सर्दी 75 दिन की बजाय 80 से 85 दिन तक रह सकती है।
इस बार 25 साल का रिकॉर्ड टूटा नवंबर के दूसरे ही सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कई शहरों में रिकॉर्ड टूट गए हैं। राजधानी भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पहुंच चुका है, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा चुका है। इंदौर में पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है, जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था।
दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। सोमवार को ज्यादातर शहरों में पारा 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा। मौसम विशेषज्ञ शाह ने बताया कि दिन में धूप निकलने से पारा बढ़ा है। धूप न निकलने की स्थिति में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है।
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