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अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) द्वारा संचालित मुंद्रा बंदरगाह से रविवार को 'मेड इन इंडिया' एक्टिव फ़ार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) की 90 टन की खेप क्यूबा के लिए रवाना हुई।
क्यूबा को भारत की मानवीय सहायता के हिस्सेे के रूप में एपीआई का उपयोग क्यूबा के दवा निर्माताओं द्वारा पुरानी संक्रामक बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक टैबलेट, कैप्सूल, सिरप और इंजेक्शन के रूप में एंटीबायोटिक्स बनाने के लिए किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, "क्यूबा को भेजी गई यह सहायता फार्मेसी के क्षेत्र में भारत की मजबूत स्थिति की पुष्टि करती है और क्यूबा के साथ भारत की ऐतिहासिक मित्रता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।"
भारत कुछ वर्षों से क्यूबा में आए तूफान और कोविड-19 महामारी के दौरान हुई तबाही के मद्देनजर उसे आपदा राहत सहायता प्रदान करता रहा है। नई दिल्ली ने नवंबर 2020 में क्यूबा को जीवन रक्षक दवाओं के 524 डिब्बे दान किए और 2022-23 के दौरान अल्पकालिक ऋण व्यवस्था के तहत चावल की आपूर्ति की।
भारत ने कृषि, कृषि-खाद्य और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में क्यूबा सरकार को 243 मिलियन डॉलर का कर्ज प्रदान किया है।